महाभंडारा के साथ श्रीविष्णु महायज्ञ की हुई पूर्णाहुति। यज्ञ, हवन का फल देर से जीव को मिलता है। वह अनंत फलदाई होता है: -देवराहाशिवनाथदासजी आरा। भारत के महाविभूति अंतरराष्ट्रीय महायोगी ब्रम्हलीन श्रीदेवराहा बाबाजी महाराज की पुण्यतिथि पर बिहिया चौरास्ता स्थित जीओ पेट्रोल पंप के पीछे दोघरा में त्रिकालदर्शी, परमसिद्ध संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज के सानिध्य में हो रहे श्रीविष्णु महायज्ञ की आज पूर्णाहुति हो गई। काशी के प्रसिद्ध यज्ञाचार्य पंडित डॉक्टर भूपेन्द्र पांडेय और उनके सहयोगियों के द्वारा वेदमंत्रों से ग्यारह लाख आहुतियां यजमानों से हवनकुण्ड में दिलाई गई।वहीं लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं ने संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज से गुरुदीक्षा ली। इसके बाद संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे बरगद का बीज शुरू में बहुत छोटा दिखता है परंतु जब उसे रोपा जाता है और उसकी सेवा की जाती है तो धीरे-धीरे वह विशालकाय वृक्ष बन जाती है। ठीक इसी प्रकार यज्ञ,हवन, पूजन और सत्कर्म का फल जीव को धीरे-धीरे मिलता है और वह अनंतकाल तक जीव के लिए सुखदाई होता है। अर्थात जीव को मोक्ष की प्राप्ति करा देता है। वहीं जब लौका, नेनुआ के बीज को रोपित किया जाता है तो वह बहुत जल्द विकसित होता है और भरा होकर भरपूर मात्रा में उसमें से फल आता है और चार -पांच महीने के अंदर वह मुरझा कर खत्म हो जाता है। वहीं हाल कमोवेश बुरे कर्म करने वाले के साथ होता है।संतश्रीदेवराहाशिवनाथ दासजी महाराज ने आगे कहा कि सारे जप-तप निष्फल हो जाते हैं, तब यज्ञ ही सब प्रकार से रक्षा करता है। सृष्टि के आदिकाल से प्रचलित यज्ञ सबसे पुरानी पूजा पद्धति है। आज आवश्यकता है यज्ञ को समझने की। वेदों में अग्नि परमेश्वर के रूप में वंदनीय है। यज्ञ को श्रेष्ठतम कर्म माना गया है। समस्त भुवन का नाभि केंद्र यज्ञ ही है। यज्ञ की किरणों के माध्यम से संपूर्ण वातावरण पवित्र व देवगम बनता है। वेदों का संदेश है कि शाश्वत सुख और समृद्धि की कामना करने वाले मनुष्य यज्ञ को अपना नित्य कर्तव्य अवश्य समझें। भगवान श्रीकृष्ण श्रीमद्भगवत गीता में अर्जुन से कहते हैं, हे अर्जुन! जो यज्ञ नहीं करते हैं, उनको परलोक तो दूर यह लोक भी प्राप्त नहीं होता है। जिन्हें स्वर्ग की कामना हो, जिन्हें जीवन में आगे बढ़ने की आकांक्षा हो उन्हें यज्ञ अवश्य करना चाहिए। यज्ञ कुंड से अग्नि की उठती हुई लपटें जीवन में ऊंचाई की तरह उठने की प्रेरणा देती हैं। यज्ञ करने वाले बड़भागी होते हैं। इस लोक में उनका दु:ख-दारिद्रय तो मिटता ही है, साथ ही परलोक में भी सद्गति की प्राप्ति होती है।वहीं लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं ने महायज्ञ का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं बिहार सहित झारखंड, नेपाल, बंगाल, पंजाब, हरियाणा, नयी दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु भक्त पहुंचे थे।वहीं काशी, हरिद्वार, अयोध्या, वृंदावन से हजारों संत इस महायज्ञ में भाग लिए। जिला प्रशासन, मीडिया बंधु,सहित संपूर्ण ग्रामीणों का अद्भुत सहयोग रहा।
महाभंडारा के साथ श्रीविष्णु महायज्ञ की हुई पूर्णाहुति। यज्ञ, हवन का फल देर से जीव को मिलता है। वह अनंत फलदाई होता है: -देवराहाशिवनाथदासजी आरा। भारत के महाविभूति अंतरराष्ट्रीय महायोगी ब्रम्हलीन श्रीदेवराहा बाबाजी महाराज की पुण्यतिथि पर बिहिया चौरास्ता स्थित जीओ पेट्रोल पंप के पीछे दोघरा में त्रिकालदर्शी, परमसिद्ध संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज के सानिध्य में हो रहे श्रीविष्णु महायज्ञ की आज पूर्णाहुति हो गई। काशी के प्रसिद्ध यज्ञाचार्य पंडित डॉक्टर भूपेन्द्र पांडेय और उनके सहयोगियों के द्वारा वेदमंत्रों से ग्यारह लाख आहुतियां यजमानों से हवनकुण्ड में दिलाई गई।वहीं लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं ने संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज से गुरुदीक्षा ली। इसके बाद संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे बरगद का बीज शुरू में बहुत छोटा
दिखता है परंतु जब उसे रोपा जाता है और उसकी सेवा की जाती है तो धीरे-धीरे वह विशालकाय वृक्ष बन जाती है। ठीक इसी प्रकार यज्ञ,हवन, पूजन और सत्कर्म का फल जीव को धीरे-धीरे मिलता है और वह अनंतकाल तक जीव के लिए सुखदाई होता है। अर्थात जीव को मोक्ष की प्राप्ति करा देता है। वहीं जब लौका, नेनुआ के बीज को रोपित किया जाता है तो वह बहुत जल्द विकसित होता है और भरा होकर भरपूर मात्रा में उसमें से फल आता है और चार -पांच महीने के अंदर वह मुरझा कर खत्म हो जाता है। वहीं हाल कमोवेश बुरे कर्म करने वाले के साथ होता है।संतश्रीदेवराहाशिवनाथ दासजी महाराज ने आगे कहा कि सारे
जप-तप निष्फल हो जाते हैं, तब यज्ञ ही सब प्रकार से रक्षा करता है। सृष्टि के आदिकाल से प्रचलित यज्ञ सबसे पुरानी पूजा पद्धति है। आज आवश्यकता है यज्ञ को समझने की। वेदों में अग्नि परमेश्वर के रूप में वंदनीय है। यज्ञ को श्रेष्ठतम कर्म माना गया है। समस्त भुवन का नाभि केंद्र यज्ञ ही है। यज्ञ की किरणों के माध्यम से संपूर्ण वातावरण पवित्र व देवगम बनता है। वेदों का संदेश है कि शाश्वत सुख और समृद्धि की कामना करने वाले मनुष्य यज्ञ को अपना नित्य कर्तव्य अवश्य समझें। भगवान श्रीकृष्ण श्रीमद्भगवत गीता में अर्जुन से कहते हैं, हे अर्जुन! जो यज्ञ नहीं करते हैं, उनको परलोक तो दूर यह लोक भी प्राप्त नहीं
होता है। जिन्हें स्वर्ग की कामना हो, जिन्हें जीवन में आगे बढ़ने की आकांक्षा हो उन्हें यज्ञ अवश्य करना चाहिए। यज्ञ कुंड से अग्नि की उठती हुई लपटें जीवन में ऊंचाई की तरह उठने की प्रेरणा देती हैं। यज्ञ करने वाले बड़भागी होते हैं। इस लोक में उनका दु:ख-दारिद्रय तो मिटता ही है, साथ ही परलोक में भी सद्गति की प्राप्ति होती है।वहीं लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं ने महायज्ञ का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं बिहार सहित झारखंड, नेपाल, बंगाल, पंजाब, हरियाणा, नयी दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु भक्त पहुंचे थे।वहीं काशी, हरिद्वार, अयोध्या, वृंदावन से हजारों संत इस महायज्ञ में भाग लिए। जिला प्रशासन, मीडिया बंधु,सहित संपूर्ण ग्रामीणों का अद्भुत सहयोग रहा।
- भोजपुर जिले के पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा बिहिया थानान्तर्गत बेलवनिया में नई पुलिस TOP (अस्थायी चौकी) का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। बेलवनिया क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से बेलवनिया बाजार में इस पुलिस TOP की स्थापना की गई है। अब क्षेत्रवासियों को छोटी-बड़ी समस्याओं, शिकायतों एवं आपात स्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। इस नई पहल से क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था एवं सामुदायिक पुलिसिंग को भी मजबूती मिलेगी। पुलिस अधीक्षक महोदय ने आम जनता से अपील की कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि नई पुलिस चौकी के संचालन से क्षेत्र में सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।1
- पुण्यतिथी आत्मा परमात्म महामंत्र जप अंखड सकिर्तन चमकीलि कोठी आरा1
- 20 फरवरी को जिला पदाधिकारी भोजपुर तनय सुल्तानिया के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त गुंजन सिंह भोजपुर की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय सभागार में बाल विवाह मुक्त भारत विषय पर कार्यशाला सह शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर ICDS अंतर्गत नवाचार कार्यक्रम मिशन बाल पोषण सुरक्षा का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला परियोजना प्रबंधक एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।उप विकास आयुक्त ने “मिशन बाल पोषण सुरक्षा” कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य SAM/MAM श्रेणी के बच्चों की विशेष निगरानी एवं समुचित देखभाल कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाना है। इसके लिए बच्चों की लंबाई, ऊँचाई एवं अन्य पोषण मापदंडों के आधार पर सतत अनुश्रवण किए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला प्रशासन की पहल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत “बेटी जन्मोत्सव–कन्या रत्न” कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके तहत बालिका जन्म के साथ ही कन्या शिशु एवं उनके परिवार को 25 जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बाल विवाह को सामाजिक बुराई एवं कानूनी अपराध बताते हुए उपस्थित पदाधिकारियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं छात्राओं को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई।कार्यक्रम में श्रीमती सुनीता कुमारी, सचिव दिशा – एक प्रयास द्वारा पीपीटी के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं उसकी रोकथाम पर विस्तार से जानकारी दी गई। वहीं जिला प्रबंधक पिरामल फाउंडेशन ने बाल विवाह की सूचना प्रशासन को देने की अपील करते हुए इसके कानूनी दंड की जानकारी दी। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ICDS एवं जिला परियोजना प्रबंधक महिला एवं बाल विकास निगम ने भी बाल विवाह को सामाजिक कुप्रथा बताया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का लोगो युक्त टी-शर्ट का वितरण किया गया।1
- आरा। आरा में एक CBSE इंटरमीडिएट की छात्रा ने पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। परिजनों के मुताबिक, आत्महत्या के बाद छात्रा के गले पर काले रंग के निशान भी मिले हैं। मृतका की पहचान रेलवे कर्मचारी सतीश कुमार पांडेय की पुत्री अनन्या कुमारी (18) के तौर पर हुई है। आज उसका फिजिक्स का पेपर था। घटना नवादा थाना क्षेत्र के क्लब रोड मोहल्ले की गुरुवार देर रात की है। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपनी बीमारी का जिक्र किया है। नोट में छात्रा लिखा- " मेरे से अब नहीं हो रहा है, मैं एग्जाम नहीं दे पाऊंगी, मेरी तबीयत ही खराब रहती है हमेशा। सब मेरी गलती है, मेरे चलते मेरे परिवार वाले परेशान हैं। बहुत हो गया, अब और नहीं, मैं जा रही हूं। किसी के चलते नहीं, खुद से जा रही हूं। मम्मी-डैडी अपना ध्यान रखिएगा। दीदी, अंश, तुम भी अपना ध्यान रखना... बाय अनन्या / गौरी चाचा गुड्डू पांडेय ने बताया, 'CBSE बोर्ड से इंटर का परीक्षा दे रही थी और आज शुक्रवार को उसका फिजिक्स का पेपर उसे जोंडिस हो गया था और वह बीमार भी चल रही थी। गुरुवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने गई। इस बीच देर रात कमरे का दरवाजा बंद कर उसने गले में दुपट्टा बांध पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली। जब परिजनों ने कमरे में झांककर देखा तो वह पंखे से लटक रही थी। जिसके बाद इसकी सूचना नवादा थाना पुलिस को दी।' सूचना पाकर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार वह बराबर बीमार रहती थी। पढ़ाई में उसका मन भी नहीं लगता था। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है। मृत छात्रा तीन भाई-बहन में दूसरे नंबर पर थी। पिता सतीश कुमार पांडेय रेलवे विभाग में सिग्नल सुपरवाइजर हैं। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।3
- सारण JDU में बड़ा चुनावी मुकाबला! कौन बनेगा जिला अध्यक्ष?1
- संगठन पुनर्निर्माण के तहत जन सुराज के साथियों के साथ संवाद की कुछ झलकियां! 🗓️ दिनांक: 19 फरवरी 📍 स्थान: सिवान1
- छपरा के हथुआ मार्केट में दुकान में लगा भीषण आग, आग से बर्बाद हुए दुकानदारों का दर्द । #follwer #CrimeNews #follwers #localnewspaper #2026 #NewsUpdate #BBN #bbnmedialive #nonfollowers #bbnaijaupdates #BiharNews #news1
- भोजपुर के आरा शहर के जगदेव नगर, बाजार समिति में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित राहुल राज रेस्टोरेंट का शुभारंभ हो चुका है। यह रेस्टोरेंट बैंक्विट हॉल की सुविधा के साथ किटी पार्टी, बर्थडे पार्टी, एनिवर्सरी, वेडिंग एवं हर प्रकार के पारिवारिक और सामाजिक समारोहों के लिए एक बेहतरीन स्थान बनकर उभरा है। रेस्टोरेंट के प्रोपराइटर राहुल मिश्रा हैं। यहां बाहर से आए अनुभवी कारीगरों द्वारा स्वादिष्ट और लजीज व्यंजन तैयार किए जाते हैं। साउथ इंडियन, चाइनीज़ और इंडियन सहित सभी प्रकार के व्यंजन यहां उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों को खास स्वाद का अनुभव कराते हैं। रेस्टोरेंट के मैनेजर एवं कारीगरों ने बताया कि यहां गुणवत्तापूर्ण भोजन और बेहतर सेवा देना उनकी प्राथमिकता है। एक बार यहां का स्वाद चखेंगे तो बार-बार आने का मन करेगा। 📍 पता: जगदेव नगर, बाजार समिति, आरा (भोजपुर) 📞 मोबाइल नंबर: 61823 13930 तो देर किस बात की? अपने खास अवसर को यादगार बनाने के लिए एक बार अवश्य संपर्क करें — राहुल राज रेस्टोरेंट।1