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“मत्स्य क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश: बजट में ऐतिहासिक प्रावधानों से मछुआ समाज को नई उड़ान” लखनऊ/उत्तर प्रदेश। वित्तीय वर्ष के बजट भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ द्वारा मत्स्य विभाग की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और बजट प्रावधानों पर दिया गया वक्तव्य न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस रोडमैप भी प्रस्तुत करता है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मत्स्य क्षेत्र को कृषि के समानांतर एक सशक्त आर्थिक स्तंभ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक हैचरी प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज वितरण तथा तालाबों के पुनर्जीवन जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी खुले हैं। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में विभाग ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। विभाग का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मछुआ समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। मत्स्य पालकों को अनुदान, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, शीत भंडारण सुविधा और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी आय में प्रत्यक्ष वृद्धि संभव हो रही है। तर्कसंगत रूप से देखा जाए तो मत्स्य क्षेत्र का विकास कई स्तरों पर लाभकारी सिद्ध हो रहा है— ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय होने के कारण मत्स्य पालन छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय का प्रभावी साधन बन रहा है। रोजगार सृजन: मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सहायक उद्योगों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पोषण सुरक्षा: मछली प्रोटीन का सस्ता और सुलभ स्रोत है, जिससे आमजन के पोषण स्तर में सुधार हो रहा है। निर्यात की संभावनाएं: उत्पादन बढ़ने से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के अवसर सृजित हो रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों के समय उपेक्षित रहे इस क्षेत्र को वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया है। बजट में किए गए प्रावधान यह संकेत देते हैं कि आगामी वर्षों में मत्स्य विभाग को और अधिक संसाधन, तकनीक और संरचनात्मक समर्थन मिलेगा। इससे प्रदेश में ‘नीली क्रांति’ को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि मत्स्य विभाग का उत्थान और मछुआ समाज का सम्मान केवल नारा नहीं, बल्कि नीतिगत प्राथमिकता है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और प्रदेश मत्स्य उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।

9 hrs ago
user_TEESRI AANKHEN
TEESRI AANKHEN
अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

“मत्स्य क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश: बजट में ऐतिहासिक प्रावधानों से मछुआ समाज को नई उड़ान” लखनऊ/उत्तर प्रदेश। वित्तीय वर्ष के बजट भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ द्वारा मत्स्य विभाग की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और बजट प्रावधानों पर दिया गया वक्तव्य न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस रोडमैप भी प्रस्तुत करता है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मत्स्य क्षेत्र को कृषि के समानांतर एक सशक्त आर्थिक स्तंभ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक हैचरी प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज वितरण तथा तालाबों के पुनर्जीवन जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी खुले हैं। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में विभाग ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। विभाग का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मछुआ समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। मत्स्य पालकों को अनुदान, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, शीत भंडारण सुविधा और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी आय में प्रत्यक्ष वृद्धि संभव हो रही है। तर्कसंगत रूप से देखा जाए तो मत्स्य क्षेत्र का विकास कई स्तरों पर लाभकारी सिद्ध हो रहा है— ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय होने के कारण मत्स्य पालन छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय का प्रभावी साधन बन रहा है। रोजगार सृजन: मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सहायक उद्योगों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पोषण सुरक्षा: मछली प्रोटीन का सस्ता और सुलभ स्रोत है, जिससे आमजन के पोषण स्तर में सुधार हो रहा है। निर्यात की संभावनाएं: उत्पादन बढ़ने से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के अवसर सृजित हो रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों के समय उपेक्षित रहे इस क्षेत्र को वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया है। बजट में किए गए प्रावधान यह संकेत देते हैं कि आगामी वर्षों में मत्स्य विभाग को और अधिक संसाधन, तकनीक और संरचनात्मक समर्थन मिलेगा। इससे प्रदेश में ‘नीली क्रांति’ को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि मत्स्य विभाग का उत्थान और मछुआ समाज का सम्मान केवल नारा नहीं, बल्कि नीतिगत प्राथमिकता है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और प्रदेश मत्स्य उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।

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  • “मत्स्य क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश: बजट में ऐतिहासिक प्रावधानों से मछुआ समाज को नई उड़ान” लखनऊ/उत्तर प्रदेश। वित्तीय वर्ष के बजट भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ द्वारा मत्स्य विभाग की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और बजट प्रावधानों पर दिया गया वक्तव्य न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस रोडमैप भी प्रस्तुत करता है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मत्स्य क्षेत्र को कृषि के समानांतर एक सशक्त आर्थिक स्तंभ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक हैचरी प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज वितरण तथा तालाबों के पुनर्जीवन जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी खुले हैं। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में विभाग ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। विभाग का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मछुआ समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। मत्स्य पालकों को अनुदान, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, शीत भंडारण सुविधा और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी आय में प्रत्यक्ष वृद्धि संभव हो रही है। तर्कसंगत रूप से देखा जाए तो मत्स्य क्षेत्र का विकास कई स्तरों पर लाभकारी सिद्ध हो रहा है— ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय होने के कारण मत्स्य पालन छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय का प्रभावी साधन बन रहा है। रोजगार सृजन: मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सहायक उद्योगों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पोषण सुरक्षा: मछली प्रोटीन का सस्ता और सुलभ स्रोत है, जिससे आमजन के पोषण स्तर में सुधार हो रहा है। निर्यात की संभावनाएं: उत्पादन बढ़ने से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के अवसर सृजित हो रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों के समय उपेक्षित रहे इस क्षेत्र को वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया है। बजट में किए गए प्रावधान यह संकेत देते हैं कि आगामी वर्षों में मत्स्य विभाग को और अधिक संसाधन, तकनीक और संरचनात्मक समर्थन मिलेगा। इससे प्रदेश में ‘नीली क्रांति’ को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि मत्स्य विभाग का उत्थान और मछुआ समाज का सम्मान केवल नारा नहीं, बल्कि नीतिगत प्राथमिकता है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और प्रदेश मत्स्य उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।
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    “मत्स्य क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश: बजट में ऐतिहासिक प्रावधानों से मछुआ समाज को नई उड़ान”
लखनऊ/उत्तर प्रदेश।
वित्तीय वर्ष के बजट भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ द्वारा मत्स्य विभाग की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और बजट प्रावधानों पर दिया गया वक्तव्य न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस रोडमैप भी प्रस्तुत करता है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मत्स्य क्षेत्र को कृषि के समानांतर एक सशक्त आर्थिक स्तंभ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक हैचरी प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज वितरण तथा तालाबों के पुनर्जीवन जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी खुले हैं।
मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में विभाग ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। विभाग का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मछुआ समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। मत्स्य पालकों को अनुदान, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, शीत भंडारण सुविधा और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी आय में प्रत्यक्ष वृद्धि संभव हो रही है।
तर्कसंगत रूप से देखा जाए तो मत्स्य क्षेत्र का विकास कई स्तरों पर लाभकारी सिद्ध हो रहा है—
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय होने के कारण मत्स्य पालन छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय का प्रभावी साधन बन रहा है।
रोजगार सृजन: मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सहायक उद्योगों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
पोषण सुरक्षा: मछली प्रोटीन का सस्ता और सुलभ स्रोत है, जिससे आमजन के पोषण स्तर में सुधार हो रहा है।
निर्यात की संभावनाएं: उत्पादन बढ़ने से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के अवसर सृजित हो रहे हैं।
पूर्ववर्ती सरकारों के समय उपेक्षित रहे इस क्षेत्र को वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया है। बजट में किए गए प्रावधान यह संकेत देते हैं कि आगामी वर्षों में मत्स्य विभाग को और अधिक संसाधन, तकनीक और संरचनात्मक समर्थन मिलेगा। इससे प्रदेश में ‘नीली क्रांति’ को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि मत्स्य विभाग का उत्थान और मछुआ समाज का सम्मान केवल नारा नहीं, बल्कि नीतिगत प्राथमिकता है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और प्रदेश मत्स्य उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।
    user_TEESRI AANKHEN
    TEESRI AANKHEN
    अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बेलघाट प्राचीन दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के प्रांगण में कथा व्यास श्री रवीश महाराज ने राक्षसों का संहार करने के लिए राजा दशरथ राम लक्ष्मण को मांगने के लिए अयोध्या आए हुए हैं राम के अलावा राक्षसों का संहार और कौन कर सकता है। राम सर्व समर्थ है ऐसा सोचकर गांधी पुत्र विश्वामित्र सर्व समर्थ होते हुए भी एक याचक की भांति राजा दशरथ से यज्ञ रक्षा के लिए राम की याचना कर रहे हैं ‌
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    बेलघाट प्राचीन दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के प्रांगण में कथा व्यास श्री रवीश महाराज ने राक्षसों का संहार करने के लिए राजा दशरथ राम लक्ष्मण को मांगने के लिए अयोध्या आए हुए हैं राम के अलावा राक्षसों का संहार और कौन कर सकता है। राम सर्व समर्थ है ऐसा सोचकर गांधी पुत्र विश्वामित्र सर्व समर्थ होते हुए भी एक याचक की भांति राजा दशरथ से यज्ञ रक्षा के लिए राम की याचना कर रहे हैं ‌
    user_S R Pandey
    S R Pandey
    उत्तर प्रदेश न्यूज़ ब्यूरो चीफ संत कबीर Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    9 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देशन में थानाध्यक्ष महुली द्वारा थाना महुली अन्तर्गत कस्बा नाथनगर में किया गया पैदल गश्त • *सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु आमजन से किया गया संवाद* • *दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठानों पर CCTV कैमरे लगाने हेतु किया गया प्रोत्साहित* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक *श्री सुशील कुमार सिंह* के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभयनाथ मिश्र* के मार्गदर्शन में थानाध्यक्ष महुली *श्री दुर्गेश पाण्डेय* द्वारा थाना महुली क्षेत्रान्तर्गत सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं जनता में सुरक्षा की भावना को बढ़ाने हेतु कस्बा नाथनगर में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त किया गया । पैदल गश्त के दौरान आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया । थानाध्यक्ष महुली द्वारा गश्त के दौरान बाजार एवं मुख्य मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के साथ मनाने हेतु प्रेरित किया गया। सभी से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही, सड़क किनारे अतिक्रमण न फैलाने एवं सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध न करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए। अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी गई कि सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में सतत गश्त एवं निगरानी की जा रही है, जिससे आमजन को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। थानाध्यक्ष महुली द्वारा आम जनमानस को यातायात जागरुकता के नियमों के बारें में जागरुक करते हुए वाहन चलाते समय तीन सवारी न बैठने, बिना नम्बर प्लेट लगी वाहन न चलाने, नशे की हालत में गाड़ी न चलाने, वाहन को ओवर स्पीड से न चलाने के साथ लोगों से अपील भी किया गया कि वे अपने परिवार वालों एवं रिश्तेदारों तथा आसपास के लोगों को वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रयोग करने हेतु प्रेरित करें ।
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    पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देशन में थानाध्यक्ष महुली द्वारा थाना महुली अन्तर्गत कस्बा नाथनगर में किया गया पैदल गश्त
•	*सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु आमजन से किया गया संवाद*
•	*दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठानों पर CCTV कैमरे लगाने हेतु किया गया प्रोत्साहित*
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक *श्री सुशील कुमार सिंह* के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभयनाथ मिश्र* के मार्गदर्शन में थानाध्यक्ष महुली *श्री दुर्गेश पाण्डेय* द्वारा थाना महुली क्षेत्रान्तर्गत सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं जनता में सुरक्षा की भावना को बढ़ाने हेतु कस्बा नाथनगर में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त किया गया । पैदल गश्त के दौरान आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया । थानाध्यक्ष महुली द्वारा गश्त के दौरान बाजार एवं मुख्य मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के साथ मनाने हेतु प्रेरित किया गया। सभी से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
साथ ही, सड़क किनारे अतिक्रमण न फैलाने एवं सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध न करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए। अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी गई कि सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में सतत गश्त एवं निगरानी की जा रही है, जिससे आमजन को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
थानाध्यक्ष महुली द्वारा आम जनमानस को यातायात जागरुकता के नियमों के बारें में जागरुक करते हुए वाहन चलाते समय तीन सवारी न बैठने, बिना नम्बर प्लेट लगी वाहन न चलाने, नशे की हालत में गाड़ी न चलाने, वाहन को ओवर स्पीड से न चलाने के साथ लोगों से अपील भी किया गया कि वे अपने परिवार वालों एवं रिश्तेदारों तथा आसपास के लोगों को वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रयोग करने हेतु प्रेरित करें ।
    user_Ramesh Dubey
    Ramesh Dubey
    पत्रकारिता Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    10 hrs ago
  • जिले में 100 बेड के कई अस्पताल हैं अवैध... फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ होगी गुंडा एक्ट की कार्रवाई - एक साथ नौ ब्लॉक में छाप मार करवाई -स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर आफत Ambedkarnagar_news
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    जिले में 100 बेड के कई अस्पताल हैं अवैध... फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ होगी गुंडा एक्ट की कार्रवाई - एक साथ नौ ब्लॉक में  छाप मार करवाई -स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर आफत Ambedkarnagar_news
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • एक बचा चोर फिर पकड़ाया है उसने बताया क्या करते है बचा पकड़े के बाद किस प्रकार की जाती है तस्करी पुलिस प्रशासन की बोहत बड़ी लापरवाही बोलते है अकवाहा है सब
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    एक बचा चोर फिर पकड़ाया है उसने बताया क्या करते है बचा पकड़े के बाद किस प्रकार की जाती है तस्करी पुलिस प्रशासन की  बोहत बड़ी लापरवाही बोलते है अकवाहा है सब
    user_Al hikma pharmacy
    Al hikma pharmacy
    Video Creator अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • आकाशवाणी 20 02 2026 ई0 "काफिर" इस्लाम के धर्मगुरु कहते हैं ,"इस्लाम शांति का प्रतीक है "! कुरान शांति का संदेश देता है ,लेकिन यह कड़वा सच है कि इस्लाम शांति का प्रतीक होता तो कुरान में " काफीर " शब्द का प्रयोग नहीं होता । कुरान में काफिरों अर्थात गैर मुसलमानो को मारने का भी तौर तरीका बताया गया है। इस्लाम भी कबीर की पूजा करता है। कबीर ही अल्लाह है ! कबीर्देव ( कबीर ) ही अल्लाह है । ऐसा कुरान में लिखा हुआ है! कुरान में यह भी लिखा है! ऐ बंदे , तुम कुरान में लिखी हुई बातों का मानना और काफिर लोगों की बातों को मत मानना। उनसे दूर रहना । उनकी हत्या करना।
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    आकाशवाणी
20  02 2026  ई0
"काफिर" 
इस्लाम के धर्मगुरु कहते हैं ,"इस्लाम शांति का प्रतीक है "!
कुरान शांति का संदेश देता है ,लेकिन यह कड़वा सच है कि इस्लाम शांति का प्रतीक होता तो कुरान में " काफीर " शब्द का प्रयोग नहीं होता । 
कुरान में काफिरों अर्थात गैर मुसलमानो को मारने का भी तौर तरीका बताया गया है। 
इस्लाम भी कबीर की पूजा करता है। 
कबीर  ही अल्लाह है !
कबीर्देव ( कबीर  ) ही अल्लाह है । 
ऐसा कुरान में लिखा हुआ है! 
कुरान में यह भी लिखा है! ऐ बंदे , तुम कुरान में लिखी हुई बातों का मानना और  काफिर लोगों की बातों को मत मानना। उनसे दूर रहना । 
उनकी हत्या करना।
    user_Kamalakant tiwari
    Kamalakant tiwari
    Journalist खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देश पर थानाध्यक्ष महुली द्वारा थाना महुली अंतर्गत कस्बा नाथनगर में पैदल गश्त किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने बाजार, मुख्य चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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    पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देश पर थानाध्यक्ष महुली द्वारा थाना महुली अंतर्गत कस्बा नाथनगर में पैदल गश्त किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने बाजार, मुख्य चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
    user_Vipin Times Khlilabad
    Vipin Times Khlilabad
    Local News Reporter खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रसोई गैस से लगी आग... दो महिला समेत चार लोग बुरी तरह से झूलसे - अस्पताल में हुए भर्ती Ambedkarnagar_news
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    रसोई गैस से लगी आग... दो महिला समेत चार लोग बुरी तरह से झूलसे - अस्पताल में हुए भर्ती Ambedkarnagar_news
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
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