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कोटा के राजकीय पशु चिकित्सालय में जानवरों की दयनीय स्थिति सामने आई है, जहाँ बीमार गौवंश और अन्य पशुओं को आवारा जानवर आकर खा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। इस मामले में समाजसेवी हिम्मत सिंह ने कैथूनीपोल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मोखापाड़ा स्थित इस राजकीय अस्पताल में पशुओं की इस दनीय स्थिति के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में प्रमुख माँगें रखी गई हैं। इसमें अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त केयरटेकर की उपलब्धता सुनिश्चित करने, और कोटा राजकीय पशु चिकित्सालय के संबंधित कार्मिकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
Journalist Harish Yadav
कोटा के राजकीय पशु चिकित्सालय में जानवरों की दयनीय स्थिति सामने आई है, जहाँ बीमार गौवंश और अन्य पशुओं को आवारा जानवर आकर खा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। इस मामले में समाजसेवी हिम्मत सिंह ने कैथूनीपोल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मोखापाड़ा स्थित इस राजकीय अस्पताल में पशुओं की इस दनीय स्थिति के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में प्रमुख माँगें रखी गई हैं। इसमें अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त केयरटेकर की उपलब्धता सुनिश्चित करने, और कोटा राजकीय पशु चिकित्सालय के संबंधित कार्मिकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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- कोटा नगर निगम ने आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे शहर में अवैध होर्डिंग्स, फ्लेक्स और बैनरों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, शहर के प्रमुख मार्गों, डिवाइडरों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति लगाए गए सभी विज्ञापनों को हटा दिया गया और उन्हें जब्त कर लिया गया। निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर जुर्माना भी लगाया है। निगम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति या संस्था फिर से अवैध विज्ञापन लगाते हुए पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में जोन-1 के अतिक्रमण प्रभारी अजहर और हेड कांस्टेबल संजीव कुमार सहित नगर निगम की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही।1
- कोटा, राजस्थान के भाग्येश गौतम ने उन लोगों के लिए एक विशेष ज्योतिषीय उपाय सुझाया है जो बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाते हैं, लेकिन चिकित्सा जांच रिपोर्टों में कोई विशेष कारण सामने नहीं आता। ज्योतिषीय दृष्टि से ऐसी स्थिति को कुछ ग्रहों के प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है, जो व्यक्ति को बार-बार अस्पताल से जोड़ते हैं। इसके समाधान के तौर पर उन्होंने सलाह दी है कि ऐसे व्यक्ति अपने आसपास के किसी अस्पताल में कुछ समय के लिए जाकर बैठें। यदि संभव हो तो किसी जरूरतमंद मरीज या उनके परिजनों की छोटी-मोटी सहायता करें। साथ ही, अस्पताल का पानी पिएं और यदि संभव हो तो एक बोतल में भरकर घर भी ले आएं। भाग्येश गौतम के अनुभव के अनुसार, इस उपाय से वे ग्रह जो व्यक्ति को बार-बार अस्पताल जाने के लिए मजबूर कर रहे होते हैं, उनकी कठोरता धीरे-धीरे कम होने लगती है और राहत का अनुभव होता है। गौतम ने आग्रह किया है कि इस जानकारी को जरूरतमंद लोगों तक अवश्य पहुंचाया जाए, क्योंकि उनका मानना है कि एक साझाकरण किसी के जीवन में राहत का कारण बन सकता है। उनका संदेश है कि ग्रहों को अपनी समस्या की भयावहता बताने के बजाय, उन्हें यह दिखाएं कि आप उनके संकेतों को समझ चुके हैं।1
- राज्य सरकार द्वारा बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, कोटा के प्राचीन खड़े गणेश जी मंदिर में प्रातः 8:30 बजे एक विशेष पूजा-अर्चना आयोजित होगी। इसमें शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर भगवान खड़े गणेश जी की आरती कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु एवं स्वास्थ्य की मंगल कामना करेंगे। इस विशेष पूजा में जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया सहित विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इस आयोजन के अतिरिक्त, शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर दोपहर 3 बजे भगवान महावीर खुला विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्री डीएलएड परीक्षा का परिणाम जारी करेंगे।1
- कोटा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महाराव भीमसिंह अस्पताल में कार्यरत संविदा कर्मियों ने वेतन का भुगतान न होने पर विरोध दर्ज कराया। इस मुद्दे को लेकर संविदा कर्मियों ने दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। यह हड़ताल कोटा एमबीएस अस्पताल में की गई।1
- पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर के मीरपुर में बड़ी संख्या में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। यह विरोध-प्रदर्शन पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई गोलीबारी के खिलाफ है, जिसमें कल 26 आम नागरिकों की जान चली गई थी और 190 लोग घायल हुए थे।1
- कोटा शहर के एक निजी अस्पताल, सुधा अस्पताल, में प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पीड़ित परिवार का कहना है कि गर्भवती महिला की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य थीं और डॉक्टरों ने भी डिलीवरी पूरी तरह सामान्य होने की बात कही थी। परिजनों के अनुसार 7 जून 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे प्रसूता को लेबर रूम में ले जाया गया था और उन्हें जल्द ही सामान्य प्रसव होने की जानकारी दी गई थी। परिवार ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आस्था अग्रवाल और अन्य स्टाफ ने समय पर उचित उपचार प्रदान नहीं किया, जिसके कारण नवजात की मौत हो गई। परिजनों का दृढ़ विश्वास है कि यदि डॉक्टरों ने पूरी गंभीरता से प्रयास किए होते तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति खराब थी तो उन्हें पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और न ही किसी ऑपरेशन की आवश्यकता के बारे में बताया गया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इस घटनाक्रम के दौरान, अस्पताल के सुरक्षा गार्ड शंकर पर भी परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि गार्ड ने अस्पताल परिसर में महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया। पीड़ित धीरज धोबी पुत्र उदलाल धोबी (उम्र 26 वर्ष), निवासी नमनोहरा, कोटा ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- कोटा के नान्ता थाना क्षेत्र में केशवरायपाटन रोड स्थित साईनाथ रेस्टोरेंट के पास मंगलवार रात करीब 10:30 बजे एक तेज रफ्तार थार ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भारी गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने थार गाड़ी में आग लगा दी। वहीं, गाड़ी का ड्राइवर घटना स्थल से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुए दोनों युवक बूंदी जिले के बिनायका गांव के रहने वाले हैं, जो कोटा बॉर्डर पर स्थित है। यह हादसा उनके गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर दूर हुआ।1