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छत पर बंदरों के बीच मिला नव जात शिशु । रात में छत पर बंदरों के झुंड के बीच मिला नवजात शिशु, रोने की आवाज से हुई जानकारी । हम आपको बता दें कि यह पूरा मामला बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तारापुर का है जहाँ बुधवार रात में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान की छत पर नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। मकान मालिक छाया ने बताया कि छत से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वह छत पर पहुंची तो वहां बंदरों के झुंड के बीच एक नवजात शिशु रोता हुआ मिला। यह दृश्य देखकर वह दंग रह गई और तत्काल बंदरों को भगाकर नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। वही दो दिन तक छाया के परिवार में नवजात शिशु मिलने से खुशी का माहौल वना हुआ था और खुशी में ढोल नगाड़े भी बजवाए गए थे वहीं तीसरे दिन ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया। डॉक्टरों ने बच्चे का मेडिकल परीक्षण किया। फिलहाल चिकित्सकों के अनुसार नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है। आशंका है कि किसी अज्ञात महिला ने जन्म के बाद बच्चे को छत पर छोड़ दिया था। गांव में नवजात शिशु मिलने से तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।

2 hrs ago
user_Vijay Gautam
Vijay Gautam
बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

छत पर बंदरों के बीच मिला नव जात शिशु । रात में छत पर बंदरों के झुंड के बीच मिला नवजात शिशु, रोने की आवाज से हुई जानकारी । हम आपको बता दें कि यह पूरा मामला बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तारापुर का है जहाँ बुधवार रात में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान की छत पर नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। मकान मालिक छाया ने बताया कि छत से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वह छत पर पहुंची तो वहां बंदरों के झुंड के बीच एक नवजात शिशु रोता हुआ मिला। यह दृश्य देखकर वह दंग रह गई और तत्काल

बंदरों को भगाकर नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। वही दो दिन तक छाया के परिवार में नवजात शिशु मिलने से खुशी का माहौल वना हुआ था और खुशी में ढोल नगाड़े भी बजवाए गए थे वहीं तीसरे दिन ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया। डॉक्टरों ने बच्चे का मेडिकल परीक्षण किया। फिलहाल चिकित्सकों के अनुसार नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है। आशंका है कि किसी अज्ञात महिला ने जन्म के बाद बच्चे को छत पर छोड़ दिया था। गांव में नवजात शिशु मिलने से तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।

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  • रात में छत पर बंदरों के झुंड के बीच मिला नवजात शिशु, रोने की आवाज से हुई जानकारी । हम आपको बता दें कि यह पूरा मामला बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तारापुर का है जहाँ बुधवार रात में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान की छत पर नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। मकान मालिक छाया ने बताया कि छत से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वह छत पर पहुंची तो वहां बंदरों के झुंड के बीच एक नवजात शिशु रोता हुआ मिला। यह दृश्य देखकर वह दंग रह गई और तत्काल बंदरों को भगाकर नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। वही दो दिन तक छाया के परिवार में नवजात शिशु मिलने से खुशी का माहौल वना हुआ था और खुशी में ढोल नगाड़े भी बजवाए गए थे वहीं तीसरे दिन ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया। डॉक्टरों ने बच्चे का मेडिकल परीक्षण किया। फिलहाल चिकित्सकों के अनुसार नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है। आशंका है कि किसी अज्ञात महिला ने जन्म के बाद बच्चे को छत पर छोड़ दिया था। गांव में नवजात शिशु मिलने से तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।
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    रात में छत पर बंदरों के झुंड के बीच मिला नवजात शिशु, रोने की आवाज से हुई जानकारी ।
हम आपको बता दें कि यह पूरा मामला बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तारापुर का है जहाँ बुधवार रात में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान की छत पर नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। मकान मालिक छाया ने बताया कि छत से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वह छत पर पहुंची तो वहां बंदरों के झुंड के बीच एक नवजात शिशु रोता हुआ मिला। यह दृश्य देखकर वह दंग रह गई और तत्काल बंदरों को भगाकर नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। वही दो दिन तक छाया के परिवार में नवजात शिशु मिलने से खुशी का माहौल वना हुआ था और खुशी में ढोल नगाड़े भी बजवाए गए थे वहीं तीसरे दिन ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया। डॉक्टरों ने बच्चे का मेडिकल परीक्षण किया। फिलहाल चिकित्सकों के अनुसार नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है। आशंका है कि किसी अज्ञात महिला ने जन्म के बाद बच्चे को छत पर छोड़ दिया था। गांव में नवजात शिशु मिलने से तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।
    user_Vijay Gautam
    Vijay Gautam
    बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बदायूं। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के कस्बा रुदायन में स्कूटी को साइड न मिलने पर युवक ने बुजुर्ग समेत तीन लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया। घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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    बदायूं। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के कस्बा रुदायन में स्कूटी को साइड न मिलने पर युवक ने बुजुर्ग समेत तीन लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया। घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
    user_सचिन बाबू जिला संवाददाता
    सचिन बाबू जिला संवाददाता
    Reporter बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रायबरेली में एक कुम्हार को जीएसटी विभाग ने एक करोड़ से ज्यादा का नोटिस भेजा है। पीड़ित का कहना है कि तीन पुश्तों से तो मैं बर्तन बना रहा हूं। इसके अलावा कोई काम नहीं किया। खुद को बेच भी दूं तो इतने पैसे नहीं जुटा पाऊंगा। अगर नोटिस न वापस हुआ तो मैं परिवार समेत आत्महत्या कर लूंगा। अनपढ़ कुम्हार को गांव वालों ने जीएसटी का नोटिस पढ़कर बताया। इसमें कुम्हार मोहम्मद शाहिद के नाम पर बिहार में 6 फर्में रजिस्टर्ड हैं। इन पर अलग-अलग लाखों रुपए का जीएसटी चोरी का आरोप है। वहीं विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कुम्हार के साथ साइबर फ्रॉड करके ये रजिस्ट्रेशन किया गया है। मोहम्मद शाहिद पिछली तीन पुश्तों से कुम्हार का काम कर रहे हैं। वह जिला मुख्यालय से करीब 27 किमी दूर हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगंज बाजार के रहने वाले हैं। मिट्टी के घड़े-सुराही बनाकर जैसे-तैसे पत्नी और तीन बच्चों को पालते हैं। शाहिद ने बताया- 16 फरवरी को उनके पते पर एक डाक आई। अंदर एक लेटर था। पढ़ा-लिखा न होने के कारण उन्हें कुछ समझ नहीं आया। गांव के शिक्षित लोगों ने बताया- यह GST विभाग का नोटिस है। उनके ऊपर 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपए की जीएसटी चोरी का आरोप है। नोटिस में एक महीने का समय दिया गया है। 16 मार्च तक उन्हें संबंधित कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखना है। कोई रकम जमा नहीं करनी है,
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    रायबरेली में एक कुम्हार को जीएसटी विभाग ने एक करोड़ से ज्यादा का नोटिस भेजा है। पीड़ित का कहना है कि तीन पुश्तों से तो मैं बर्तन बना रहा हूं। इसके अलावा कोई काम नहीं किया। खुद को बेच भी दूं तो इतने पैसे नहीं जुटा पाऊंगा। अगर नोटिस न वापस हुआ तो मैं परिवार समेत आत्महत्या कर लूंगा।
अनपढ़ कुम्हार को गांव वालों ने जीएसटी का नोटिस पढ़कर बताया। इसमें कुम्हार मोहम्मद शाहिद के नाम पर बिहार में 6 फर्में रजिस्टर्ड हैं। इन पर अलग-अलग लाखों रुपए का जीएसटी चोरी का आरोप है। वहीं विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कुम्हार के साथ साइबर फ्रॉड करके ये रजिस्ट्रेशन किया गया है। 
मोहम्मद शाहिद पिछली तीन पुश्तों से कुम्हार का काम कर रहे हैं। वह जिला मुख्यालय से करीब 27 किमी दूर हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगंज बाजार के रहने वाले हैं। मिट्टी के घड़े-सुराही बनाकर जैसे-तैसे पत्नी और तीन बच्चों को पालते हैं। शाहिद ने बताया- 16 फरवरी को उनके पते पर एक डाक आई। अंदर एक लेटर था। पढ़ा-लिखा न होने के कारण उन्हें कुछ समझ नहीं आया।
गांव के शिक्षित लोगों ने बताया- यह GST विभाग का नोटिस है। उनके ऊपर 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपए की जीएसटी चोरी का आरोप है। नोटिस में एक महीने का समय दिया गया है। 16 मार्च तक उन्हें संबंधित कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखना है। कोई रकम जमा नहीं करनी है,
    user_Ankur Pathak
    Ankur Pathak
    Local News Reporter बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • स्थान: रुदयां, बदायूं, उत्तर प्रदेश दिनांक: 15 फरवरी अक्षय सिंह ने सड़क पर तीन मुस्लिम पुरुषों, जिनमें दो बुजुर्ग भी शामिल थे, पर बेरहमी से हमला किया। पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए भागे। क्या आपको लगता है कि अक्षय ने इसलिए हमला किया क्योंकि सड़क पर उसके स्कूटर को रास्ता नहीं दिया गया था
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    स्थान: रुदयां, बदायूं, उत्तर प्रदेश
दिनांक: 15 फरवरी
अक्षय सिंह ने सड़क पर तीन मुस्लिम पुरुषों, जिनमें दो बुजुर्ग भी शामिल थे, पर बेरहमी से हमला किया। पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए भागे। क्या आपको लगता है कि अक्षय ने इसलिए हमला किया क्योंकि सड़क पर उसके स्कूटर को रास्ता नहीं दिया गया था
    user_MOHD ASIF ABBAS
    MOHD ASIF ABBAS
    Voice of people Aonla, Bareilly•
    3 hrs ago
  • अलीगंज पुलिस ने 19 फरवरी को दो अफीम तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 820 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। यह गिरफ्तारी चंदनपुर कब्रिस्तान के पास गश्त के दौरान हुई।
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    अलीगंज पुलिस ने 19 फरवरी को दो अफीम तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 820 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। यह गिरफ्तारी चंदनपुर कब्रिस्तान के पास गश्त के दौरान हुई।
    user_SURAJ SAGAR
    SURAJ SAGAR
    Local News Reporter आँवला, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जनपद संभल की उपनगरी सरायतरीन में हड्डी एवं सींग से बने उत्पाद विदेशों में भी बना रहे अपनी एक अलग पहचान।
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    जनपद संभल की उपनगरी सरायतरीन में हड्डी एवं सींग से बने उत्पाद विदेशों में भी बना रहे अपनी एक अलग पहचान।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सम्भल में आज सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फिरोज़ खाँ के नेतृत्व में अम्बेडकर पार्क सम्भल बहजोई पर यादव जी की लव स्टोरी फ़िल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन किया हिंदुस्तान
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    सम्भल में आज सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फिरोज़ खाँ के नेतृत्व में अम्बेडकर पार्क सम्भल बहजोई पर यादव जी की लव स्टोरी फ़िल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन किया
हिंदुस्तान
    user_Eslam Ali
    Eslam Ali
    Chandausi, Sambhal•
    8 hrs ago
  • बता दें कि भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) लागू के पूर्ण समर्थन में उपजिलाधिकारी की गैर मौजूदगी में नायव तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई कि उक्त नियमों को किसी भी परिस्थिति में वापस न लिया जाए तथा देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों, विशेषकर IIT और IIM में भी तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को जमीन पर उतारने की दिशा में यह नियम एक ऐतिहासिक और आवश्यक कदम है। संगठन का आरोप है कि देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, महिलाओं और दिव्यांग छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और शैक्षणिक बहिष्कार की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2012 में भी भेदभाव रोकने हेतु नियम बनाए गए थे, लेकिन उनका प्रभावी पालन नहीं हो सका। मुख्य मांगों में प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय में “समता समिति” का गठन, UGC स्तर पर 24×7 राष्ट्रीय हेल्पलाइन की शुरुआत, सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में SC/ST/OBC वर्ग के उपकुलपतियों की जनसंख्या अनुपात में नियुक्ति तथा लंबित आरक्षित पदों को तत्काल भरने की मांग शामिल है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वर्तमान में देश के 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से केवल 7 में ही SC/ST/OBC वर्ग से उपकुलपति नियुक्त हैं। साथ ही आरोप लगाया गया कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्ग के हजारों पद वर्षों से खाली हैं। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नियमों को वापस लेने का प्रयास किया गया तो इसे सामाजिक न्याय के विरुद्ध कदम माना जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि UGC के नए नियमों को देश के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, IIT और IIM सहित प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए।
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    बता दें कि भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) लागू के पूर्ण समर्थन में उपजिलाधिकारी की गैर मौजूदगी में नायव तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई कि उक्त नियमों को किसी भी परिस्थिति में वापस न लिया जाए तथा देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों, विशेषकर IIT और IIM में भी तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को जमीन पर उतारने की दिशा में यह नियम एक ऐतिहासिक और आवश्यक कदम है। संगठन का आरोप है कि देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, महिलाओं और दिव्यांग छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और शैक्षणिक बहिष्कार की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2012 में भी भेदभाव रोकने हेतु नियम बनाए गए थे, लेकिन उनका प्रभावी पालन नहीं हो सका। मुख्य मांगों में प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय में “समता समिति” का गठन, UGC स्तर पर 24×7 राष्ट्रीय हेल्पलाइन की शुरुआत, सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में SC/ST/OBC वर्ग के उपकुलपतियों की जनसंख्या अनुपात में नियुक्ति तथा लंबित आरक्षित पदों को तत्काल भरने की मांग शामिल है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वर्तमान में देश के 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से केवल 7 में ही SC/ST/OBC वर्ग से उपकुलपति नियुक्त हैं। साथ ही आरोप लगाया गया कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्ग के हजारों पद वर्षों से खाली हैं।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नियमों को वापस लेने का प्रयास किया गया तो इसे सामाजिक न्याय के विरुद्ध कदम माना जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि UGC के नए नियमों को देश के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, IIT और IIM सहित प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए।
    user_Ankur Pathak
    Ankur Pathak
    Local News Reporter बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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