देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, जो वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, अपनी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण को लेकर आमजन के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। मई 2026 में देवरिया के जिलाधिकारी का कार्यभार संभालने के बाद से, उन्होंने लगातार ऐसे कार्य किए हैं जो प्रशासनिक सेवा में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। हाल ही में, शनिवार को शहर में लगे भारी ट्रैफिक जाम के दौरान जब सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग परेशान होने लगे, तब जिलाधिकारी हुल्गी स्वयं अपनी गाड़ी से उतरकर सड़क पर आ गए। उन्होंने तेज धूप या अपने उच्च पद का कोई अहंकार दिखाए बिना, एक साधारण ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तरह दौड़-दौड़कर वाहनों को दिशा निर्देश दिए और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में सक्रियता से जुटे रहे। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने जिलाधिकारी की इस सहजता और कर्मठता की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि प्रशासनिक अधिकारी इसी प्रकार जनता के बीच उतरकर कार्य करें, तो आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। नागरिकों ने श्री हुल्गी को केवल आदेश देने वाला नहीं, बल्कि स्वयं मैदान में उतरकर जिम्मेदारी निभाने वाला अधिकारी बताया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहला अवसर नहीं है जब जिलाधिकारी ने इस प्रकार स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई हो; वे अक्सर जनहित से जुड़े कार्यों में बिना औपचारिकता के सीधे शामिल होते हैं, यह संदेश देते हुए कि पद केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी है। देवरिया की जनता का मानना है कि ऐसे संवेदनशील और कर्मयोगी अधिकारियों की उपस्थिति समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करती है। लोगों ने यह भी कहा कि जब जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी स्वयं जनता की सुविधा के लिए सड़क पर उतर सकता है, तो समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भी अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होना चाहिए। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की यह कार्यशैली आज युवाओं और प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है।
देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, जो वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, अपनी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण को लेकर आमजन के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। मई 2026 में देवरिया के जिलाधिकारी का कार्यभार संभालने के बाद से, उन्होंने लगातार ऐसे कार्य किए हैं जो प्रशासनिक सेवा में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। हाल ही में, शनिवार को शहर में लगे भारी ट्रैफिक जाम के दौरान जब सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग परेशान होने लगे, तब जिलाधिकारी हुल्गी स्वयं अपनी गाड़ी से उतरकर सड़क पर आ गए। उन्होंने तेज धूप या अपने उच्च पद का कोई अहंकार दिखाए बिना, एक साधारण ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तरह दौड़-दौड़कर वाहनों को दिशा निर्देश दिए और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में सक्रियता से जुटे रहे। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने जिलाधिकारी की इस सहजता और कर्मठता की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि प्रशासनिक अधिकारी इसी प्रकार जनता के बीच उतरकर कार्य करें, तो आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। नागरिकों ने श्री हुल्गी को केवल आदेश देने वाला नहीं, बल्कि स्वयं मैदान में उतरकर जिम्मेदारी निभाने वाला अधिकारी बताया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहला अवसर नहीं है जब जिलाधिकारी ने इस प्रकार स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई हो; वे अक्सर जनहित से जुड़े कार्यों में बिना औपचारिकता के सीधे शामिल होते हैं, यह संदेश देते हुए कि पद केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी है। देवरिया की जनता का मानना है कि ऐसे संवेदनशील और कर्मयोगी अधिकारियों की उपस्थिति समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करती है। लोगों ने यह भी कहा कि जब जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी स्वयं जनता की सुविधा के लिए सड़क पर उतर सकता है, तो समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भी अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होना चाहिए। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की यह कार्यशैली आज युवाओं और प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है।
- देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, जो वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, अपनी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण को लेकर आमजन के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। मई 2026 में देवरिया के जिलाधिकारी का कार्यभार संभालने के बाद से, उन्होंने लगातार ऐसे कार्य किए हैं जो प्रशासनिक सेवा में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। हाल ही में, शनिवार को शहर में लगे भारी ट्रैफिक जाम के दौरान जब सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग परेशान होने लगे, तब जिलाधिकारी हुल्गी स्वयं अपनी गाड़ी से उतरकर सड़क पर आ गए। उन्होंने तेज धूप या अपने उच्च पद का कोई अहंकार दिखाए बिना, एक साधारण ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तरह दौड़-दौड़कर वाहनों को दिशा निर्देश दिए और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में सक्रियता से जुटे रहे। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने जिलाधिकारी की इस सहजता और कर्मठता की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि प्रशासनिक अधिकारी इसी प्रकार जनता के बीच उतरकर कार्य करें, तो आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। नागरिकों ने श्री हुल्गी को केवल आदेश देने वाला नहीं, बल्कि स्वयं मैदान में उतरकर जिम्मेदारी निभाने वाला अधिकारी बताया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहला अवसर नहीं है जब जिलाधिकारी ने इस प्रकार स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई हो; वे अक्सर जनहित से जुड़े कार्यों में बिना औपचारिकता के सीधे शामिल होते हैं, यह संदेश देते हुए कि पद केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी है। देवरिया की जनता का मानना है कि ऐसे संवेदनशील और कर्मयोगी अधिकारियों की उपस्थिति समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करती है। लोगों ने यह भी कहा कि जब जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी स्वयं जनता की सुविधा के लिए सड़क पर उतर सकता है, तो समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भी अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होना चाहिए। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की यह कार्यशैली आज युवाओं और प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है।1
- मायावती और आकाश आनंद लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की आगामी चुनावी रणनीति पर गहन विचार-विमर्श करना था।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बड़हलगंज स्थित तिवारीपुर से दिनदहाड़े अवैध खनन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में खनन माफिया खुलेआम रील बनाते हुए प्रशासन को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे पता चलता है कि अवैध खनन गतिविधियां बिना किसी डर के बेधड़क जारी हैं।1
- राजू डेकोरेशन तिलक, विवाह, मुंडन और अन्य सभी शुभ कार्यक्रमों के लिए सजावट सेवाएँ प्रदान करता है। यदि कोई व्यक्ति अपने कार्यक्रम को राजू डेकोरेशन की सेवाओं से सफल बनाना चाहता है, तो वह मोबाइल नंबर 8922088240 पर संपर्क कर सकता है। यह सेवा कम कीमत में अच्छी और बेहतर सजावट प्रदान करने का दावा करती है, जिससे कार्यक्रमों की खुशियाँ और भी खुशनुमा बन सकें। राजू डेकोरेशन के अंतर्गत कम पैसों में बेहतर सेवाएँ दी जाती हैं।3
- गोरखपुर के कैंपियरगंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर किसानों को डीजल नहीं दिया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, कैंपियरगंज के इस पेट्रोल पंप पर किसानों को डीजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।1
- गोरखपुर में अंश मौर्या की मौत रहस्य बन गई है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है कि यह हादसा था या हत्या कर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।1
- अयोध्या में सरयू नदी में नहाते समय एक मां-बेटी गहरे पानी में डूबने लगीं। मौके पर मौजूद जल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जल पुलिस की सतर्कता और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया, जिसके लिए परिजनों और श्रद्धालुओं ने आभार व्यक्त किया।3
- गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र में अवैध खनन जोरों पर है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। रात को मिट्टी चोरी के कारण उड़ती धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सांस लेने और नींद में आ रही दिक्कतों को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है।2