मैहर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम जरियारी के ग्रामीण भीषण गर्मी के दौरान सप्लाई के गंदे पानी को पीने के लिए विवश हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दूषित पानी के सेवन के कारण लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। इस गंभीर दुर्दशा पर सीईओ श्री अशोक तिवारी जी के उदासीन रवैये पर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं। पोस्ट में कहा गया है कि नौतपा की भयंकर गर्मी में, जब शुद्ध पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, ऐसे में एक जिम्मेदार अधिकारी का यह रवैया समझ से परे है। लापरवाही की हद यह है कि एक तरफ पूरा गांव भयंकर पानी के संकट से जूझ रहा है और प्यासा तड़प रहा है, वहीं दूसरी तरफ जनता को पानी बांटने के बजाय, पानी के टैंकर को नाली निर्माण के काम में लगा दिया गया है। प्रशासन पर आरोप लगाया गया है कि उसे जनता के प्यासी मरने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पोस्ट ग्राम जरियारी के ग्रामीणों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होने और जनपद सीईओ अशोक तिवारी जी की इस मामले में चुप्पी पर गहरा आक्रोश व्यक्त करती है।
मैहर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम जरियारी के ग्रामीण भीषण गर्मी के दौरान सप्लाई के गंदे पानी को पीने के लिए विवश हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दूषित पानी के सेवन के कारण लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। इस गंभीर दुर्दशा पर सीईओ श्री अशोक तिवारी जी के उदासीन रवैये पर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं। पोस्ट में कहा गया है कि नौतपा की भयंकर गर्मी में, जब शुद्ध पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, ऐसे में एक जिम्मेदार अधिकारी का यह रवैया समझ से परे है।
लापरवाही की हद यह है कि एक तरफ पूरा गांव भयंकर पानी के संकट से जूझ रहा है और प्यासा तड़प रहा है, वहीं दूसरी तरफ जनता को पानी बांटने के बजाय, पानी के टैंकर को नाली निर्माण के काम में लगा दिया गया है। प्रशासन पर आरोप लगाया गया है कि उसे जनता के प्यासी मरने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पोस्ट ग्राम जरियारी के ग्रामीणों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होने और जनपद सीईओ अशोक तिवारी जी की इस मामले में चुप्पी पर गहरा आक्रोश व्यक्त करती है।
- मुकुंदपुर के युवाओं ने 12 साल के लंबे इंतजार के बाद, जब जिला प्रशासन मैहर कागजों में ही उलझा रहा, तो जन सहयोग और अपने अटूट हौसले से गाँव में खेल का मैदान बनाने की जिम्मेदारी खुद उठा ली है। नौतपा की भीषण गर्मी और तपती धूप में भी, जब लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं, मुकुंदपुर के युवा मैदान को समतल करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। यह पहल किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने हक और गाँव की खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए की जा रही है। युवाओं और खिलाड़ियों ने शासन-प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मुकुंदपुर के खिलाड़ियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस खेल मैदान के लिए आधिकारिक रूप से जगह और स्वीकृति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है। युवाओं का मानना है कि यदि ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही सम्मान और मैदान मिल जाए, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरी मुकुंदपुर युवा टीम और क्षेत्र के खिलाड़ी इस सहयोग के लिए जीवन भर आभारी रहने की बात कह रहे हैं, साथ ही यह चीत्कार भी कर रहे हैं कि "कोई तो सुने मुकुंदपुर के युवाओं की चीत्कार।"1
- मैहर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई इन दिनों सरकारी संवेदनशीलता की कमी का अनोखा नमूना पेश कर रही है। जहां एक ओर अधिकारी वर्ग वातानुकूलित कमरों में आराम से आवेदन सुन रहा है, वहीं जिलेभर से पहुंचे बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भीषण गर्मी में कार्यालय के बाहर पसीना बहाने को मजबूर हैं। करीब 43-44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में आवेदक लंबी कतारों में पंखों की हवा को भी तरस रहे हैं, न्याय से पहले उन्हें धूप की परीक्षा देनी पड़ रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि इंतजार कर रहे आवेदक पानी पीने के लिए भी नहीं जा सकते। हालांकि ठंडे पानी की व्यवस्था तो दिखती है, लेकिन वहां गिलास गायब हैं, जिसके चलते लोग मजबूरन कटे हुए पानी के डिब्बों का इस्तेमाल सरकारी गिलास के तौर पर कर रहे हैं। बताया गया है कि इंडियन बैंक ने वाटर कूलर दान किया है, लेकिन गिलास और पंखे अभी भी प्रशासनिक फाइलों में मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इस असंवेदनशील स्थिति को देखते हुए, नगर के व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों से अपील की जा रही है कि वे कलेक्टर कार्यालय के लिए कुछ पंखे, कूलर और गिलास दान करें। इसका उद्देश्य यह है कि जनता कम से कम बेहोश हुए बिना अपनी शिकायतें दर्ज करा सके। लोग तंज कस रहे हैं कि मैहर में जनसुनवाई का अर्थ शायद यही है कि 'जनता गर्मी सहे और सिस्टम ठंडक में शासन चलाए'।3
- सतना के टिकुरिया टोला स्थित गली नम्बर 1 में एक ई-रिक्शा नाले में जा गिरा। इस घटना की विस्तृत जानकारी प्रतीक्षा में है।1
- कोटा ग्रामीण पुलिस ने 27 मई 2026 को अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। चेचट थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक XUV 300 कार (नंबर GJ02EC1561) से 2 करोड़ 24 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। यह राशि वाहन में सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों के कब्जे से जब्त की गई। पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में अवैध गतिविधियों, मादक पदार्थों और अवैध शराब तस्करी पर रोकथाम हेतु चलाए जा रहे एक विशेष अभियान का हिस्सा थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन और वृताधिकारी रामगंजमंडी धर्मराज मीणा के निर्देशन में थाना चेचट पुलिस द्वारा इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, थाना चेचट पुलिस ने चेचट रोड पर लाडपुरा तिराहा मोड़ के पास नाकाबंदी शुरू की। इस दौरान संदिग्ध XUV 300 को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वाहन चालक ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को घेरकर रोक लिया। तलाशी लेने पर, चालक और सहचालक सीट के नीचे रखे दो गत्ते के बॉक्स से कुल 2 करोड़ 24 लाख रुपये नकद मिले। पुलिस ने दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और बरामद राशि के संबंध में अग्रिम जांच जारी है।3
- अनूपपुर कोतमा के मुख्य बाजार में एक ट्रक चालक ने भारी कोहराम मचा दिया। इस घटना के कारण व्यापारियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। ट्रक की चपेट में आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद, ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।1
- सतना जिले के भाजपा सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस को अपने कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती देते हुए कहा कि जिस मजाकिया लहजे में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का उच्चारण किया गया, उसे भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।1
- मैहर कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी से एक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। मांगकर्ताओं ने जोर दिया है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के साथ-साथ इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।1
- मैहर के नादन थाना क्षेत्र के ग्राम जरियारी के सिगटाहा टोला में एक जमीन विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब एक महिला को छत से नीचे फेंकने का गंभीर आरोप सामने आया। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक, ममता पटेल अपनी माता के साथ घर का कामकाज कर रही थीं, इसी दौरान जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि रमेश पटेल नामक व्यक्ति ने गुस्से में आकर ममता पटेल को छत से धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिरकर घायल हो गईं। घटना के बाद गाँव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने घायल महिला को संभालकर पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। नादन थाना पुलिस इस वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जाँच में जुटी हुई है। पुलिस ने बताया है कि जाँच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- पानी और बिजली की गंभीर समस्या को लेकर आम जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इस जनआक्रोश के बीच, आम आदमी पार्टी ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।1