मोहन बड़ोदिया के ग्राम सरसोदिया स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी भक्ति-भाव से कथा का श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त किया। कथावाचक पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने कृष्ण-रुक्मणी विवाह की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। कथा के दौरान हुए भजन-कीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। आयोजकों ने बताया है कि बुधवार को इस कथा का अंतिम दिन रहेगा। समापन के अवसर पर पूर्णाहुति के साथ महाप्रसादी का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
मोहन बड़ोदिया के ग्राम सरसोदिया स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी भक्ति-भाव से कथा का श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त किया। कथावाचक पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने कृष्ण-रुक्मणी विवाह की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। कथा के दौरान हुए भजन-कीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। आयोजकों ने बताया है कि बुधवार को इस कथा का अंतिम दिन रहेगा। समापन के अवसर पर पूर्णाहुति के साथ महाप्रसादी का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम सरसोदिया स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी भक्ति-भाव से कथा का श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त किया। कथावाचक पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने कृष्ण-रुक्मणी विवाह की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। कथा के दौरान हुए भजन-कीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। आयोजकों ने बताया है कि बुधवार को इस कथा का अंतिम दिन रहेगा। समापन के अवसर पर पूर्णाहुति के साथ महाप्रसादी का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।1
- मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों ने, जिनमें शाजापुर के संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं, अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए एक मार्मिक रास्ता अपनाया है। मंगलवार, 9 जून 2026 को दोपहर 12.51 बजे, उन्होंने अपने खून से एक भावुक पत्र लिखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की पुरजोर मांग की। इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि 'संविदा कर्मी का निवेदन, सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।' कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना जैसी भीषण महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों जिंदगियां बचाईं और प्रदेश की सेवा में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे, जब आम जनता घरों में थी। अस्पतालों, जांच केंद्रों और टीकाकरण केंद्रों पर 24 घंटे लगातार ड्यूटी देकर इन 'कोरोना योद्धाओं' ने हजारों मरीजों को मौत के मुंह से निकाला था। हालांकि, महामारी का दौर बीत जाने के बाद उन्हें लग रहा है कि सरकार उनके त्याग और बलिदान को भूल गई है, जिसके चलते वे अब असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। संविदा कर्मियों का आरोप है कि वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग में निष्ठावान सेवा देने के बावजूद उनके भविष्य पर अनिश्चितता की तलवार लटकी हुई है। समान कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तुलना में बहुत कम वेतन मिलता है, और लगातार छंटनी का डर तथा भविष्य की चिंता ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस कदम को कर्मचारियों की घोर हताशा का परिणाम बताया है। संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि स्वास्थ्य सेवाओं को अनवरत चलाने वाले इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से नियमित कर उनका जायज हक दिया जाए, ताकि उन्हें भविष्य में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े।2
- Post by मंगल भिलाला1
- राजगढ़ जिले के तलेन में नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अरुण यादव ने जनता को संबोधित करते हुए एक विशेष साक्षात्कार में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिसमें क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से बंद पड़ी लाइट व्यवस्था को अगले दो से तीन दिनों के भीतर सुधार लिया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने तलेन में पानी की किल्लत के जल्द ही स्थायी समाधान का भी भरोसा दिलाया, जिससे क्षेत्र की जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अरुण यादव ने अपने इस साक्षात्कार में इन दो प्रमुख समस्याओं के अलावा भी कई अन्य बड़ी घोषणाएं कीं। इन आश्वासनों और घोषणाओं के माध्यम से उन्होंने जनता को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि नगर परिषद उनके मुद्दों के प्रति गंभीर है। इस इंटरव्यू को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।1
- जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं एवं1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर स्थित माणा टोल प्लाजा पर एक कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मौत का सच क्या है। इस बीच, घटना से संबंधित एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- नरसिंहगढ़ नगर के थावरिया वार्ड क्रमांक-1 निवासी युवा विशाल कुंभकार (पिता कैलाश कुंभकार) की 5 जून शाम को हुई असामयिक और संदेहास्पद मृत्यु के मामले में अब न्याय की मांग तेज हो गई है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है, जहाँ परिजनों और समाज के लोगों का मानना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि इसके पीछे गंभीर कारण और परिस्थितियाँ छिपी हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है। मंगलवार को प्रजापति समाज के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में समाजजन और स्थानीय लोग नरसिंहगढ़ थाने पहुंचे। प्रजापति समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आर.एस. कुंभकार और जिला अध्यक्ष दिनेश प्रजापति के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समय रहते इस मामले की गहराई से जांच नहीं की गई, तो समाज चुप नहीं बैठेगा। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दोषियों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रजापति समाज द्वारा भोपाल CM हाउस का घेराव और चक्का जाम जैसा बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा। समाज ने पुलिस से विशाल कुंभकार की मृत्यु की परिस्थितियों की गहन और निष्पक्ष जांच करने, किसी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को समय रहते पुलिस जांच रिपोर्ट से अवगत कराने की मांग की। इस संवेदनशील मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रजापति समाज के साथ अन्य स्थानीय संगठन भी एकजुट होते दिख रहे हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है ताकि परिवार को न्याय मिल सके और संभावित बड़े आंदोलन को टाला जा सके। पूरे क्षेत्र की नजरें पुलिस की आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।3
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम ईमलाखेड़ी में रविवार को श्री हनुमान झंडा मंडल और समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में एक विशाल एवं भव्य झंडा सम्मेलन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जहाँ सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी और देर रात तक भक्ति का माहौल बना रहा। ग्रामीण रमेश चंद राजपूत ने बताया कि इस सम्मेलन में आसपास के गांवों से कुल 72 झंडा एवं भजन मंडलियों ने हिस्सा लिया। सभी मंडलियों ने मंच पर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल, मंजीरे, झांझ और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुन के बीच प्रस्तुत किए गए भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिससे श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन का आनंद लेते हुए भगवान की भक्ति में लीन रहे। सम्मेलन के दौरान ग्राम जामलाय की झंडा मंडली ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए आयोजन समिति द्वारा उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भगवान हनुमान, राधा-कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान किया गया, जबकि मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिसने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। इस आयोजन को सफल बनाने में ग्रामीणों, युवाओं और समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर समिति ने सभी भजन मंडलियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक संस्कारों को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।1