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नरसिंहपुर के गोटीगांव में रेलवे स्टेशन के पास शनिदेव मंदिर परिसर में खिचड़ी का महाप्रसाद बांटा गया। जन एकता गौसेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कई स्थानीय लोग शामिल हुए।
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नरसिंहपुर के गोटीगांव में रेलवे स्टेशन के पास शनिदेव मंदिर परिसर में खिचड़ी का महाप्रसाद बांटा गया। जन एकता गौसेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कई स्थानीय लोग शामिल हुए।
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- नरसिंहपुर के गोटीगांव में रेलवे स्टेशन के पास शनिदेव मंदिर परिसर में खिचड़ी का महाप्रसाद बांटा गया। जन एकता गौसेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कई स्थानीय लोग शामिल हुए।2
- झारखंड के हजारीबाग जिले में इंसान और जानवर के अटूट प्रेम की एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ अपने मालिक की मृत्यु के बाद एक वफादार बछड़ा रस्सी तुड़ाकर श्मशान घाट पहुँच गया और अंतिम संस्कार की रस्मों में एक पुत्र की तरह शामिल हुआ। इस मार्मिक दृश्य को देख वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। यह घटना चौपारण प्रखंड के चैथी गांव की है, जहाँ निवासी मेवालाल ठाकुर का हाल ही में निधन हो गया था। मेवालाल नि:संतान थे और अपने पशुओं से बच्चों जैसा प्यार करते थे। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने करीब तीन महीने पहले अपने एक बछड़े को दूसरे गांव के एक व्यक्ति को बेच दिया था। मेवालाल की अंतिम यात्रा जैसे ही श्मशान घाट पहुँची, वह बछड़ा, जिसे तीन महीने पहले बेचा गया था, अचानक वहाँ आ गया। बताया जा रहा है कि बछड़ा खूंटे से अपनी रस्सी तुड़ाकर सीधे श्मशान घाट तक पहुँचा। शुरुआत में उपस्थित लोगों ने उसे आवारा पशु समझकर भगाने का प्रयास किया, लेकिन बछड़ा बार-बार शव के पास आने लगा। जब लोगों ने बछड़े को शव के पास जाने दिया, तो उसने मृतक के चेहरे को चूमा और जोर-जोर से रंभाने (रोने) लगा। ग्रामीणों ने बताया कि बछड़े ने न केवल अर्थी की परिक्रमा की, बल्कि मुखाग्नि के समय भी वह चिता के पास अडिग खड़ा रहा। जब तक पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन नहीं हो गया, वह बेजुबान वहीं मौजूद रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मेवालाल ठाकुर के निस्वार्थ प्रेम का ही नतीजा है कि एक पशु तीन महीने बाद भी अपने मालिक को नहीं भूला और उन्हें अंतिम विदाई देने सही समय पर पहुँच गया।1
- नर्मदा नदी में दो युवक डूब गए थे, जिसके बाद स्थानीय नाविकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें सकुशल बाहर निकाला। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले के बरमान स्थित बरमान घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब नर्मदा नदी में नहाने आए एक युवक को डूबते समय स्थानीय नाविकों ने समय रहते बचा लिया। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नाविकों की तत्परता स्पष्ट दिखाई दे रही है, और यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया गया है कि रविवार होने के कारण घाट पर भारी भीड़ थी। युवक उथले पानी में नहा रहा था, लेकिन कुछ ही कदम आगे बढ़ते ही वह अचानक गहराई में चला गया और डूबने लगा, जिसके बाद आसपास मौजूद नाविकों ने तुरंत रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई। चिंता की बात यह है कि पिछले 12 दिनों में बरमान घाट पर यह छठी घटना है। इन पूर्व की घटनाओं में अब तक दो युवकों की मौत भी हो चुकी है, जबकि अन्य मामलों में लोगों को समय रहते बचा लिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घाट पर पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिसका अंदाजा बाहरी लोगों को नहीं लग पाता, और इसी वजह से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद न तो प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और न ही लोग सावधानी बरत रहे हैं।1
- भेरुंदा नगर में विश्वकर्मा युवा वाहिनी चैरिटेबल ट्रस्ट ने अपने चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का संयोजन ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष दीपक विश्वकर्मा और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती माधवी विश्वकर्मा द्वारा किया गया।1
- नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट पर पिछले मात्र 12 दिनों के भीतर यह छठवां हादसा है, जहाँ एक युवक को नर्मदा नदी में डूबने से बचाया गया। यह घटना रेत घाट पर हुई, जब एक युवक नदी में नहाने आया और डूबने लगा। उसकी जान बचाने के लिए नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पानी से बाहर निकाला।1
- नरसिंहपुर के बरमान रेत घाट पर जागरूक युवाओं ने मां नर्मदा को प्रदूषित कर रहे लोगों को समझाइश दी और नदी में वाहन धोने से रोका। उन्होंने लोगों को बताया कि नर्मदा करोड़ों की आस्था का केंद्र है और इसे स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। करेली बस्ती के इन युवाओं की इस पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है।1
- मध्य प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत, नरसिंहपुर जिले की संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह और जिला सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश ने आदिवासी ग्राम पंचायत ढिलवार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नरवर शाह डेलन शाह जी के स्मारक से शुरू होकर पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने जल संवर्धन के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नदी, तालाब, कुएं और बावड़ी सहित सभी जल स्रोतों में पानी का संरक्षण कैसे किया जाए, इस पर मध्य प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि आज तेंदूखेड़ा तहसील के अंतर्गत ढिलवार ग्राम में बने तालाबों का भी निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि इस क्षेत्र में पानी का वाटर लेवल अक्सर नीचे चला जाता है, जिसके समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। श्रीमती रजनी सिंह पूरे जिले में जल संवर्धन और संरक्षण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी कर रही हैं।1