बाढ़ अनुमंडल के मोकामा स्थित नौरंगा जलालपुर गांव में कथित सोनू मोनू गैंग द्वारा की गई फायरिंग के बाद जब पुलिस उनके घर छापेमारी करने पहुंची, तो एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। सोनू के घर की तलाशी लेने से पहले, सोनू के आदमियों ने पुलिस कर्मियों की ही तलाशी ली। इस दौरान पुलिस और सोनू मोनू के परिजनों के बीच काफी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण अब तूल पकड़ गया है। वायरल वीडियो में पुलिस कर्मियों के साथ हाथीदह प्रभारी को भी जांच करवाते देखा गया है। इस गंभीर घटना पर बाढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसटीपीओ) 1 रामकृष्ण का बयान आया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कानून के नियमों के अनुसार ही कार्रवाई कर रही थी, लेकिन सोनू मोनू के गुर्गों द्वारा पुलिस की तलाशी ली गई। इस मामले में वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
बाढ़ अनुमंडल के मोकामा स्थित नौरंगा जलालपुर गांव में कथित सोनू मोनू गैंग द्वारा की गई फायरिंग के बाद जब पुलिस उनके घर छापेमारी करने पहुंची, तो एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। सोनू के घर की तलाशी लेने से पहले, सोनू के आदमियों ने पुलिस कर्मियों की ही तलाशी ली। इस दौरान पुलिस और सोनू मोनू के परिजनों के बीच काफी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण अब तूल पकड़ गया है। वायरल वीडियो में पुलिस कर्मियों के साथ हाथीदह प्रभारी को भी जांच करवाते देखा गया है। इस गंभीर घटना पर बाढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसटीपीओ) 1 रामकृष्ण का बयान आया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कानून के नियमों के अनुसार ही कार्रवाई कर रही थी, लेकिन सोनू मोनू के गुर्गों द्वारा पुलिस की तलाशी ली गई। इस मामले में वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
- बाढ़ अनुमंडल के मोकामा स्थित नौरंगा जलालपुर गांव में कथित सोनू मोनू गैंग द्वारा की गई फायरिंग के बाद जब पुलिस उनके घर छापेमारी करने पहुंची, तो एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। सोनू के घर की तलाशी लेने से पहले, सोनू के आदमियों ने पुलिस कर्मियों की ही तलाशी ली। इस दौरान पुलिस और सोनू मोनू के परिजनों के बीच काफी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण अब तूल पकड़ गया है। वायरल वीडियो में पुलिस कर्मियों के साथ हाथीदह प्रभारी को भी जांच करवाते देखा गया है। इस गंभीर घटना पर बाढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसटीपीओ) 1 रामकृष्ण का बयान आया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कानून के नियमों के अनुसार ही कार्रवाई कर रही थी, लेकिन सोनू मोनू के गुर्गों द्वारा पुलिस की तलाशी ली गई। इस मामले में वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।1
- समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बथुआ बुजुर्ग में कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गश्ती के दौरान Dial 112 के कुछ अधिकारी शराब के नशे में गांव पहुंचे और विरोध करने पर लोगों को धमकाने लगे।1
- मुकेश सहनी ने निषाद समाज के आरक्षण और अधिकारों को लेकर छेड़ा बड़ा आंदोलन, 25 जुलाई से उत्तर प्रदेश में निकलेगी 101 दिन की ‘संकल्प यात्रा’* विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के अधिकार, सम्मान और आरक्षण को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की ‘संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसमें निषाद समाज के लोग हाथ में गंगाजल लेकर यह संकल्प लेंगे कि यदि 2027 के चुनाव से पहले भाजपा निषाद समाज को आरक्षण लागू नहीं करती है तो समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी आज यूपी के गाजीपुर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थी। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि वे लगातार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों का दौरा कर रहे हैं और पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब जाग चुका है और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को वर्तमान में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, इसलिए समाज एससी/एसटी आरक्षण की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में मल्लाह, बिंद और केवट समाज को आरक्षण मिल रहा है, तो उत्तर प्रदेश और बिहार में निषाद समाज के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश का संविधान और प्रधानमंत्री एक हैं, तो अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवस्था अन्यायपूर्ण है। मुकेश सहनी ने डॉ. संजय निषाद से अपील करते हुए कहा कि वे भाजपा सरकार पर दबाव बनाकर निषाद समाज को आरक्षण दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा छह महीने के भीतर आरक्षण लागू नहीं करती है तो डॉ. संजय निषाद को सत्ता छोड़कर समाज के आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद भाजपा छोड़कर आंदोलन में शामिल होते हैं, तो वीआईपी पार्टी और इंडिया गठबंधन उनका पूरा समर्थन करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने निषाद समाज को सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि समाज को बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन आज भी समाज आरक्षण और अधिकारों से वंचित है। उन्होंने कहा कि अब समाज समझ चुका है और आने वाले समय में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। वीआईपी के मुकेश सहनी ने कहा कि वे इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं और देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने के लिए वीआईपी पार्टी पूरी ताकत से काम करेगी। उन्होंने बिहार सरकार और केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि आज बिहार में रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाई जा रही है और बड़े उद्योगपतियों के इशारे पर फैसले हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं, गरीबों, किसानों और पिछड़े वर्गों की समस्याओं से ध्यान हटाकर सिर्फ सत्ता बचाने की राजनीति कर रही है। मुकेश सहनी ने कहा कि देश का युवा तेजी से जागरूक हो रहा है और आने वाले समय में जनता भाजपा को जवाब देगी। उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी सामाजिक न्याय, आरक्षण और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी तथा निषाद समाज को उसका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी एक आंदोलन से निकली पार्टी है और समाज के अधिकारों की लड़ाई ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने निषाद समाज से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग उपस्थित रहे। 1
- पाकिस्तान के क्वेटा शहर में रेलवे ट्रैक के पास हुए भीषण धमाके में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज़्यादा घायल हुए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक रिपोर्ट इसे आतंकी हमला मान रही हैं और सुरक्षा बलों ने जांच शुरू कर दी है।2
- पटना के घोसुवरी गाँव में सड़क निर्माण के लिए खोदा गया एक गड्ढा कई दिनों से खुला पड़ा है। इसके कारण घरों के पास भारी गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी हो रही है।1
- बिहार के मोकामा में एक वायरल वीडियो में हथिदाह और पंचमहला थाने के पुलिसकर्मियों की तलाशी लेते दिखाया गया है। यह घटना एक फायरिंग के बाद जांच के दौरान हुई, जिसने कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- बिहार के पटोरी थाने के एसएचओ पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई है, जिससे राज्य में पुलिस के आचरण पर सवाल उठ रहे हैं।1
- बाढ़ थाना क्षेत्र के मासूमगंज गांव में लगभग 25 वर्षीय युवक परशुराम पांडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ बाढ़-1 रामकृष्ण और थाना प्रभारी बृजकिशोर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि गांव के एक व्यक्ति के साथ लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था, जिसके कारण लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते युवक की हत्या कर शव को फेंक दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया है। एसडीपीओ रामकृष्ण ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा, फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।1