उत्तर प्रदेश के संभल जिले से कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 12 साल की मासूम बच्ची को बंदूक की नोक पर अगवा कर जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने असलहे के बल पर नाबालिग का अपहरण किया और जंगल में इस हैवानियत को अंजाम दिया। काफी खोजबीन के बाद बच्ची को एक स्थानीय व्यक्ति के घर से बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर पीड़ित पक्ष में भारी आक्रोश है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस ने बेहद 'चुपचाप' और गोपनीय तरीके से आरोपियों को जेल भेजा ताकि मामला तूल न पकड़े। इसके साथ ही, जिस व्यक्ति के घर से बच्ची को बरामद किया गया था, उस मकान मालिक या शरणदाता पर पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके बीच असंतोष गहरा गया है। इस आधी-अधूरी कार्रवाई से नाराज पीड़ित पक्ष ने अब सीधे प्रशासन के सामने खड़े होकर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई के तरीकों पर तीखे सवाल दागे हैं। न्याय की मांग कर रहे परिवार ने प्रशासन से पूछा है कि अगर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी मुसलमान होते, तब भी क्या पुलिस इसी तरह चुपचाप और शांत तरीके से उन्हें जेल भेजती, या तब तक उनका एनकाउंटर कर दिया गया होता और उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया होता? पीड़ित परिवार ने कार्रवाई के इन दोहरे पैमानों पर गहरी नाराजगी जताते हुए मांग की है कि घटना में शामिल सभी सह-आरोपियों और अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, और मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले से कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 12 साल की मासूम बच्ची को बंदूक की नोक पर अगवा कर जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने असलहे के बल पर नाबालिग का अपहरण किया और जंगल में इस हैवानियत को अंजाम दिया। काफी खोजबीन के बाद बच्ची को एक स्थानीय व्यक्ति के घर से बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर पीड़ित पक्ष में भारी आक्रोश है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस ने बेहद 'चुपचाप' और गोपनीय तरीके से आरोपियों को जेल भेजा ताकि मामला तूल न पकड़े। इसके साथ ही, जिस व्यक्ति के घर से बच्ची को बरामद किया गया था, उस मकान मालिक या शरणदाता पर पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके बीच असंतोष गहरा गया है। इस आधी-अधूरी कार्रवाई से नाराज पीड़ित पक्ष ने अब सीधे प्रशासन के सामने खड़े होकर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई के तरीकों पर तीखे सवाल दागे हैं। न्याय की मांग कर रहे परिवार ने प्रशासन से पूछा है कि अगर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी मुसलमान होते, तब भी क्या पुलिस इसी तरह चुपचाप और शांत तरीके से उन्हें जेल भेजती, या तब तक उनका एनकाउंटर कर दिया गया होता और उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया होता? पीड़ित परिवार ने कार्रवाई के इन दोहरे पैमानों पर गहरी नाराजगी जताते हुए मांग की है कि घटना में शामिल सभी सह-आरोपियों और अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, और मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक दुष्कर्म पीड़िता महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने तीन साल के मासूम बच्चे के साथ लगभग 80 से 100 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़कर प्रदर्शन किया। यह घटना गोंडा के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित रघुकुल विद्यापीठ परिसर के पास हुई, जहाँ महिला ने अपने बच्चे को साड़ी के सहारे अपनी कमर से बांध रखा था। प्रशासन को इस महिला और बच्चे को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगभग छह घंटे की भारी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः प्रशासन द्वारा ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद ही महिला बच्चे सहित टॉवर से सुरक्षित नीचे उतरी।1
- देश में आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के अनुसार, जनता से पहले एक साल तक सोना न खरीदने और कम खाना खाने की बात कही गई थी, लेकिन अब माता-बहनों से जबरदस्ती सोना बिकवाया जा रहा है। दावा किया गया है कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झोली में पैसा पहुँच सके। यह भी कहा गया है कि देश में एक आर्थिक तूफान आने वाला है, जिसके चलते सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों सारा का सारा त्याग केवल जनता ही करे।1
- पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने मंगलवार शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तेलंगाना से चुराए गए 12 करोड़ रुपये के जीवराज की चोरी के संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों आरोपी नेपाल के निवासी हैं और इन्हें थाना बिलासपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किया गया माल बरामद कर लिया है।1
- रामपुर जिले की टांडा तहसील में ग्राम झब्बूपूरा से झल्लूस नगर को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद जर्जर और कच्ची है। इस मार्ग पर गहरे गड्ढे बन गए हैं और हल्की बारिश में भी भारी जलभराव हो जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह खराब सड़क रोजाना सैकड़ों ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के आवागमन का मुख्य जरिया है, और इसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बीमारी या आपातकाल की स्थिति में एंबुलेंस तथा अन्य वाहनों का इस मार्ग तक पहुँचना अत्यंत कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मार्ग की स्थिति की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- अमरोहा के गजरौला में अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रविंद्र शुक्ला ने एक प्रेस नोट जारी कर कुछ व्यक्तियों पर उनकी जान से मारने की साजिश रचने और कथित तौर पर हत्या की सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने शासन, प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। अपने प्रेस नोट में डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट किया कि वह कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि कानून, संविधान और न्याय की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. रविंद्र शुक्ला ने अपने ऊपर पूर्व में लगाए गए विभिन्न आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित मामलों में उन्हें न्यायालय और जांच एजेंसियों से पहले ही राहत मिल चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह केवल न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और किसी से भी उनकी कोई निजी दुश्मनी नहीं है।3
- जनपद अमरोहा बार एसोसिएशन ने अपने वार्षिक चुनाव 2026-2027 की चुनाव कमेटी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अध्यक्ष कपिल चिकारा एडवोकेट ने कहा कि वे अपने चुनावी वादों को पूरा करने का हर संभव प्रयास करेंगे।1
- मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र स्थित ग्राम चंदुपुरा मुस्ताबाद मौजा में झाड़ी वाले बाबा के प्राचीन धाम पर आयोजित त्रिदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का मंगलवार को विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन में चंदुपुरा, सुल्तानपुर खादर, चावड़ और गोपालपुर सहित दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े, जिन्होंने प्रसाद ग्रहण किया और सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान रविंद्र पाल सिंह, छोटे सिंह सैनी और भगवान दास सहित कई गणमान्य भक्त व सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इन सभी ने भंडारे को सफल बनाने में अपना विशेष सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान, सेवा समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन से आश्रम तक जाने वाली सड़क के निर्माण की मांग की।1
- एक हालिया घटना में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक पत्रकार के सवाल से निरुत्तर होकर माइक फेंककर भाग गए। इस वाकये को 'असली पत्रकारिता और लोकतंत्र' का सच्चा उदाहरण बताया जा रहा है, जहाँ एक पत्रकार बेबाकी से सवाल पूछता है और एक 'सुपर पावर अमेरिकी राष्ट्रपति' जवाब दिए बिना भाग खड़ा होता है।1
- मंगलवार शाम 6 बजे पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि तेलंगाना में हुई 12 करोड़ रुपये के जीवराज की चोरी के संबंध में बिलासपुर थाना क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों आरोपी नेपाल के निवासी हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया है। हालांकि, तेलंगाना में 12 करोड़ की चोरी करने वाले आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को क्या इनाम मिला, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।1