Shuru
Apke Nagar Ki App…
जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं एवं
Manoj Kumar
जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं एवं
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं एवं1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर स्थित माणा टोल प्लाजा पर एक कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मौत का सच क्या है। इस बीच, घटना से संबंधित एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- माचलपुर स्थित परोंडा बालाजी मंदिर में राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में कथावाचक भरत जी हिनौती द्वारा राम कथा का वाचन किया जाएगा।1
- Post by Manish Dhakd1
- जीवन में सभी को सदैव प्रसन्न रहना चाहिए, क्योंकि मनुष्य का जीवन बार-बार प्राप्त नहीं होता है।1
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम सरसोदिया स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी भक्ति-भाव से कथा का श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त किया। कथावाचक पंडित सुरेश कृष्ण शास्त्री ने कृष्ण-रुक्मणी विवाह की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। कथा के दौरान हुए भजन-कीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। आयोजकों ने बताया है कि बुधवार को इस कथा का अंतिम दिन रहेगा। समापन के अवसर पर पूर्णाहुति के साथ महाप्रसादी का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।1
- मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों ने, जिनमें शाजापुर के संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं, अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए एक मार्मिक रास्ता अपनाया है। मंगलवार, 9 जून 2026 को दोपहर 12.51 बजे, उन्होंने अपने खून से एक भावुक पत्र लिखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की पुरजोर मांग की। इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि 'संविदा कर्मी का निवेदन, सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।' कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना जैसी भीषण महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों जिंदगियां बचाईं और प्रदेश की सेवा में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे, जब आम जनता घरों में थी। अस्पतालों, जांच केंद्रों और टीकाकरण केंद्रों पर 24 घंटे लगातार ड्यूटी देकर इन 'कोरोना योद्धाओं' ने हजारों मरीजों को मौत के मुंह से निकाला था। हालांकि, महामारी का दौर बीत जाने के बाद उन्हें लग रहा है कि सरकार उनके त्याग और बलिदान को भूल गई है, जिसके चलते वे अब असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। संविदा कर्मियों का आरोप है कि वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग में निष्ठावान सेवा देने के बावजूद उनके भविष्य पर अनिश्चितता की तलवार लटकी हुई है। समान कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तुलना में बहुत कम वेतन मिलता है, और लगातार छंटनी का डर तथा भविष्य की चिंता ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस कदम को कर्मचारियों की घोर हताशा का परिणाम बताया है। संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि स्वास्थ्य सेवाओं को अनवरत चलाने वाले इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से नियमित कर उनका जायज हक दिया जाए, ताकि उन्हें भविष्य में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े।2
- मोड़ी में हजारों भगवा ध्वजों के साथ एक भव्य झंडा सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे वातावरण में 'जय श्रीराम' के जयकारे गूंज उठे, जिससे माहौल अत्यंत उत्साहपूर्ण हो गया।1