अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के धनामा गांव में एक सरकारी पोखर की जमीन पर अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। इस मुद्दे पर सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है, जिन्होंने स्थानीय विधायक और प्रशासन को लिखित आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तालाब को जल्द अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों द्वारा दिए गए सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन में बताया गया है कि गांव में स्थित इस सार्वजनिक पोखर की जमीन पर कुछ लोगों ने धीरे-धीरे कब्जा कर लिया है। अतिक्रमणकारियों को कई बार कहने के बावजूद उन्होंने जमीन खाली नहीं की, जिससे गांव के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पोखर गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और वर्षों से आम लोग इसका उपयोग जल संरक्षण, जल निकासी और पशुओं के पानी पीने के लिए करते आ रहे हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पोखर का कुछ हिस्सा पहले ही अतिक्रमित हो चुका है, जिससे इसका क्षेत्रफल लगातार कम हो रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यह पोखर पूरी तरह समाप्त हो सकता है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि संबंधित विभाग द्वारा पोखर की जमीन की सरकारी स्तर पर मापी कराई जाए तथा अतिक्रमण हटाकर पोखर की सफाई एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस आवेदन की प्रतिलिपि डीसीएलआर जमुई एवं सीओ अलीगंज को भी भेजी गई है। रविवार को तालाब के समीप जमा हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि तालाब गांव के जल संरक्षण का मुख्य स्रोत है और इसकी जमीन बचाना गांव के हित में बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए दोहराया कि यह सार्वजनिक संपत्ति है और इसे बचाना आवश्यक है। इस मौके पर अंजनि कुमार, मृत्युंजय कुमार, मदन महतो कलेश्वर् महतो, अरुण कुमार, बिपिन कुमार, मुकेश प्रसाद, अभिषेक कुमार, धर्मेंद्र कुशवाहा, सुभाष प्रसाद, पुतुल् महतो, कृष्ण देव महतो, शैलेश प्रसाद, राहुल कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के धनामा गांव में एक सरकारी पोखर की जमीन पर अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। इस मुद्दे पर सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है, जिन्होंने स्थानीय विधायक और प्रशासन को लिखित आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तालाब को जल्द अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों द्वारा दिए गए सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन में बताया गया है कि गांव में स्थित इस सार्वजनिक पोखर
की जमीन पर कुछ लोगों ने धीरे-धीरे कब्जा कर लिया है। अतिक्रमणकारियों को कई बार कहने के बावजूद उन्होंने जमीन खाली नहीं की, जिससे गांव के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पोखर गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और वर्षों से आम लोग इसका उपयोग जल संरक्षण, जल निकासी और पशुओं के पानी पीने के लिए करते आ रहे हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पोखर का कुछ हिस्सा पहले ही अतिक्रमित हो चुका
है, जिससे इसका क्षेत्रफल लगातार कम हो रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यह पोखर पूरी तरह समाप्त हो सकता है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि संबंधित विभाग द्वारा पोखर की जमीन की सरकारी स्तर पर मापी कराई जाए तथा अतिक्रमण हटाकर पोखर की सफाई एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस आवेदन की प्रतिलिपि डीसीएलआर जमुई एवं सीओ अलीगंज को भी भेजी गई है। रविवार को तालाब के समीप जमा हुए सैकड़ों
ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि तालाब गांव के जल संरक्षण का मुख्य स्रोत है और इसकी जमीन बचाना गांव के हित में बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए दोहराया कि यह सार्वजनिक संपत्ति है और इसे बचाना आवश्यक है। इस मौके पर अंजनि कुमार, मृत्युंजय कुमार, मदन महतो कलेश्वर् महतो, अरुण कुमार, बिपिन कुमार, मुकेश प्रसाद, अभिषेक कुमार, धर्मेंद्र कुशवाहा, सुभाष प्रसाद, पुतुल् महतो, कृष्ण देव महतो, शैलेश प्रसाद, राहुल कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
- अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के धनामा गांव में एक सरकारी पोखर की जमीन पर अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। इस मुद्दे पर सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है, जिन्होंने स्थानीय विधायक और प्रशासन को लिखित आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तालाब को जल्द अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों द्वारा दिए गए सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन में बताया गया है कि गांव में स्थित इस सार्वजनिक पोखर की जमीन पर कुछ लोगों ने धीरे-धीरे कब्जा कर लिया है। अतिक्रमणकारियों को कई बार कहने के बावजूद उन्होंने जमीन खाली नहीं की, जिससे गांव के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पोखर गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और वर्षों से आम लोग इसका उपयोग जल संरक्षण, जल निकासी और पशुओं के पानी पीने के लिए करते आ रहे हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पोखर का कुछ हिस्सा पहले ही अतिक्रमित हो चुका है, जिससे इसका क्षेत्रफल लगातार कम हो रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यह पोखर पूरी तरह समाप्त हो सकता है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि संबंधित विभाग द्वारा पोखर की जमीन की सरकारी स्तर पर मापी कराई जाए तथा अतिक्रमण हटाकर पोखर की सफाई एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस आवेदन की प्रतिलिपि डीसीएलआर जमुई एवं सीओ अलीगंज को भी भेजी गई है। रविवार को तालाब के समीप जमा हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि तालाब गांव के जल संरक्षण का मुख्य स्रोत है और इसकी जमीन बचाना गांव के हित में बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए दोहराया कि यह सार्वजनिक संपत्ति है और इसे बचाना आवश्यक है। इस मौके पर अंजनि कुमार, मृत्युंजय कुमार, मदन महतो कलेश्वर् महतो, अरुण कुमार, बिपिन कुमार, मुकेश प्रसाद, अभिषेक कुमार, धर्मेंद्र कुशवाहा, सुभाष प्रसाद, पुतुल् महतो, कृष्ण देव महतो, शैलेश प्रसाद, राहुल कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।4
- नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड के राजोबिगहा गाँव में 521 कलशों के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ है। इस दौरान 'जय श्रीराम' के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।1
- भारत में सड़क सुरक्षा के लिए 'संजीवनी' मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत अब मात्र 1 रुपये में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम देश में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और आपातकालीन स्थितियों में तेजी से सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही, अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें दूसरों के साथ साझा करके कमाई करने का अवसर पाने के लिए 'शुरू ऐप' डाउनलोड करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।1
- महुली थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे की हालत में हंगामा कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान महुली गांव निवासी विरसु मांझी, पिता स्वर्गीय गेंधारी मांझी के रूप में की गई है। यह कार्रवाई तब हुई जब महुली थाना पुलिस क्षेत्र में नियमित गश्ती और जांच अभियान चला रही थी, उसी दौरान विरसु मांझी को शराब के नशे में पकड़ा गया। पुलिस द्वारा जांच करने पर उनके शराब सेवन की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। महुली थानाध्यक्ष रामप्रवेश भारती ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मद्य निषेध अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में शराब का सेवन करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने जनता से शराबबंदी कानून का पालन करने और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। गिरफ्तार आरोपी को रविवार की शाम 4 बजे न्यायालय भेज दिया गया।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत भारतीय जनगणना 2027 का लगभग 98% कार्य पूरा हो चुका है। यह कार्य पिछले 1 मई से जारी है, जिसमें घर-घर जाकर मकानों की गणना की जा रही है। प्रखंड विकास पदाधिकारी सह चार्ज पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत परगणकों द्वारा घरों में जनगणना मार्किंग की गई और घर के मुखिया से 33 प्रश्न पूछे गए। इस दौरान उनके साथ फ्यूल प्रशिक्षक वीरेंद्र कुमार और परगणक रामबोद शर्मा, नोखेलाल महतो, ईश्वर पासवान सहित अन्य भी उपस्थित थे। प्रखंड विकास पदाधिकारी के अनुसार, रामगढ़ चौक प्रखंड में कुल 20,725 मकानों की गणना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से 20,310 मकानों की गणना पूरी हो चुकी है, जो कुल कार्य का लगभग 98% है। इस कार्य के लिए रामगढ़ चौक में 158 परगणक और 27 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। वहीं, जिला नोडल सह जिला सांख्यिकी पदाधिकारी राम विनोद यादव ने रामगढ़ चौक प्रखंड में चल रहे मकान गणना कार्य को संतोषजनक बताया। उन्होंने स्वयं कई घरों का दौरा कर जनगणना मार्किंग का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की, जिससे उन्हें परगणकों द्वारा किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण कार्य का पता चला। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि बकरीद के त्योहार के कारण कुछ लोग अपने घरों में मौजूद नहीं थे, जिस कारण शत-प्रतिशत जनगणना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, लेकिन शेष कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।1
- बिहार के लखीसराय जिले के शरमा गांव में मकान निर्माण को लेकर हुए विवाद के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई है। इस घटना में दोनों पक्षों से कुल दो व्यक्ति घायल हो गए हैं।1
- भारत में सड़क हादसों में घायल लोगों को अब सिर्फ ₹1 में हेलीकॉप्टर एयर एंबुलेंस मिलेगी। 'हेलमेट मैन ऑफ इंडिया' राघवेंद्र कुमार का यह 'संजीवनी बूटी मिशन' 2027 में उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे से शुरू होगा। इस क्रांतिकारी पहल से हर साल हजारों जिंदगियां बचाई जा सकेंगी, जिसमें एयर इंडिया और भारतीय सेना का सहयोग मिलेगा।1
- अलीगंज प्रखंड के धनामा गाँव में शनिवार को तालाब की खुदाई के दौरान एक प्राचीन मूर्ति मिलने से इलाके में खासा उत्साह और चर्चा का माहौल है। यह खुदाई लघु एवं सिंचाई विभाग योजना के तहत चल रही थी, तभी मजदूरों को मिट्टी के अंदर से पत्थर की एक पुरानी मूर्ति मिली। इस खबर के फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और कई लोगों ने इसे ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व की मूर्ति बताते हुए पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी। स्थानीय प्रशासन, जिसमें चंद्रदीप थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, अंचलाधिकारी रंजन कुमार दिवाकर और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल थे, सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुँचे। प्रतिमा को करीब से देखने पर यह मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती (उमा-महेश्वर) की युगल प्रतिमा प्रतीत होती है, जिसमें भगवान शिव के दाहिने हाथ में त्रिशूल है और माता पार्वती उनकी बाईं गोद में बैठी हैं। अंचलाधिकारी ने बताया कि पुरातत्व की भाषा में इसे उमा-महेश्वर आलिंगन प्रतिमा कहा जाता है। काले पत्थर पर तराशी गई इस प्रतिमा के पीछे एक सुंदर नक्काशीदार प्रभामंडल है, जिसके शीर्ष पर कीर्तिमुख या कोई मांगलिक चिह्न जैसी आकृति बनी है। धनामा गाँव के शिक्षाविदों के अनुसार, क्षेत्र में इस तरह की कलात्मक काली मूर्तियाँ अक्सर पाल काल (8वीं-12वीं शताब्दी) की होती हैं, जिससे इस प्रतिमा की उम्र लगभग 900 से 1200 वर्ष होने का अनुमान है। इससे पहले, 2019 में भी इसी गाँव में तालाब की खुदाई के दौरान भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की ऐतिहासिक मूर्ति मिली थी। ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों में इस मूर्ति के मिलने से खुशी का माहौल है, और इसकी चमक को देखकर कुछ लोग इसकी कीमत करोड़ों में होने का अनुमान लगा रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके गाँव के धर्मस्थलों या शिवालयों से पहले भी मूर्तियाँ गायब हो चुकी हैं, और उनकी यह माँग है कि इस नई प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया जाए। चंद्रदीप थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने जानकारी दी कि प्रतिमा को सुरक्षित रखवा दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।4