पश्चिम चंपारण की धरती पर उगाई जा रही 'अरुणिमा' आम की एक अनोखी किस्म इन दिनों किसानों और आम प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह विशेष किस्म अगस्त के अंत से सितंबर के मध्य तक बाजार में उपलब्ध रहती है, जब आमतौर पर आम गायब हो जाते हैं, और लोगों की स्वाद की चाहत को पूरा करती है। अपनी मिठास, आकर्षक रंग और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण यह आम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव निवासी प्रगतिशील किसान शिशिर दुबे ने इस किस्म की व्यावसायिक बागवानी कर इसे एक नई पहचान दी है। उनका कहना है कि 'अरुणिमा' आम अन्य किस्मों की तुलना में देर से पकता है और इसकी कटाई भी काफी बाद में होती है। यही वजह है कि ऑफ-सीजन में बाजार में इसकी मांग बहुत बढ़ जाती है और व्यापारी इसे अच्छी कीमत पर खरीदते हैं, जिससे किसानों को कम समय में बेहतर मुनाफा और व्यापारियों को भी लाभ का अच्छा अवसर मिलता है। 'अरुणिमा' आम की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वाद और गुणवत्ता है। यह पूरी तरह गूदेदार और रेशा रहित होता है, जबकि इसकी गुठली छोटी होती है। एक आम का वजन लगभग आधे किलो से लेकर एक किलो तक होता है। पकने के बाद इसका गुलाबी और हरे रंग का आकर्षक मिश्रण इसे देखने में बेहद खूबसूरत बना देता है, और रस तथा मिठास से भरपूर यह आम हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आम न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि बाजार में इसकी उपलब्धता भी इसे खास बनाती है क्योंकि यह तब बिकता है जब अधिकांश अन्य आम की किस्में खत्म हो चुकी होती हैं। सितंबर के मध्य तक इसकी खरीद-बिक्री जारी रहती है और इसकी कीमत आमतौर पर 300 से 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है। देर से तैयार होने वाली यह विशेष किस्म पश्चिम चंपारण के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन रही है, और स्वाद, सुंदरता तथा बाजार में ऊंची कीमत के कारण 'अरुणिमा' आम अब जिले की पहचान बनने की ओर अग्रसर है, साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी में नए अवसर तलाशने की प्रेरणा भी दे रहा है।
पश्चिम चंपारण की धरती पर उगाई जा रही 'अरुणिमा' आम की एक अनोखी किस्म इन दिनों किसानों और आम प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह विशेष किस्म अगस्त के अंत से सितंबर के मध्य तक बाजार में उपलब्ध रहती है, जब आमतौर पर आम गायब हो जाते हैं, और लोगों की स्वाद की चाहत को पूरा करती है। अपनी मिठास, आकर्षक रंग और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण यह आम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव निवासी प्रगतिशील किसान शिशिर दुबे ने इस किस्म की व्यावसायिक बागवानी कर इसे एक नई पहचान दी है। उनका कहना है कि 'अरुणिमा' आम अन्य किस्मों की तुलना में देर से पकता है और इसकी कटाई भी काफी बाद में होती है। यही वजह है कि ऑफ-सीजन में बाजार में इसकी मांग बहुत बढ़ जाती है और व्यापारी इसे अच्छी कीमत पर खरीदते हैं, जिससे किसानों को कम समय में बेहतर मुनाफा और व्यापारियों को भी लाभ का अच्छा अवसर मिलता है। 'अरुणिमा' आम की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वाद और गुणवत्ता है। यह पूरी तरह गूदेदार और रेशा रहित होता है, जबकि इसकी गुठली छोटी होती है। एक आम का वजन लगभग आधे किलो से लेकर एक किलो तक होता है। पकने के बाद इसका गुलाबी और हरे रंग का आकर्षक मिश्रण इसे देखने में बेहद खूबसूरत बना देता है, और रस तथा मिठास से भरपूर यह आम हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आम न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि बाजार में इसकी उपलब्धता भी इसे खास बनाती है क्योंकि यह तब बिकता है जब अधिकांश अन्य आम की किस्में खत्म हो चुकी होती हैं। सितंबर के मध्य तक इसकी खरीद-बिक्री जारी रहती है और इसकी कीमत आमतौर पर 300 से 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है। देर से तैयार होने वाली यह विशेष किस्म पश्चिम चंपारण के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन रही है, और स्वाद, सुंदरता तथा बाजार में ऊंची कीमत के कारण 'अरुणिमा' आम अब जिले की पहचान बनने की ओर अग्रसर है, साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी में नए अवसर तलाशने की प्रेरणा भी दे रहा है।
- मझौलिया प्रखंड के रतनमाला पंचायत के खोड़वा गांव निवासी नेक मोहम्मद मियां के 19 वर्षीय पुत्र इरफान अंसारी की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुखद खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई इस्राफील अंसारी ने बताया कि इरफान सोमवार को अपने मित्र अफजल अंसारी के साथ बाइक पर सवार होकर किसी काम से गोपालपुर थाना क्षेत्र के घोघा गांव गए थे। इसी दौरान, एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित मिट्टी से लदे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे इरफान और अफजल दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायल युवकों को तुरंत इलाज के लिए बेतिया जीएमसीएच पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह इरफान अंसारी ने गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि उनका मित्र अफजल इलाजरत है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और बाद में अस्पताल प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया। युवक के असमय निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में है और गांव में भी मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से दोषी ट्रैक्टर चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। गोपालपुर थाना पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।4
- पश्चिम चंपारण की धरती पर उगाई जा रही 'अरुणिमा' आम की एक अनोखी किस्म इन दिनों किसानों और आम प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह विशेष किस्म अगस्त के अंत से सितंबर के मध्य तक बाजार में उपलब्ध रहती है, जब आमतौर पर आम गायब हो जाते हैं, और लोगों की स्वाद की चाहत को पूरा करती है। अपनी मिठास, आकर्षक रंग और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण यह आम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव निवासी प्रगतिशील किसान शिशिर दुबे ने इस किस्म की व्यावसायिक बागवानी कर इसे एक नई पहचान दी है। उनका कहना है कि 'अरुणिमा' आम अन्य किस्मों की तुलना में देर से पकता है और इसकी कटाई भी काफी बाद में होती है। यही वजह है कि ऑफ-सीजन में बाजार में इसकी मांग बहुत बढ़ जाती है और व्यापारी इसे अच्छी कीमत पर खरीदते हैं, जिससे किसानों को कम समय में बेहतर मुनाफा और व्यापारियों को भी लाभ का अच्छा अवसर मिलता है। 'अरुणिमा' आम की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वाद और गुणवत्ता है। यह पूरी तरह गूदेदार और रेशा रहित होता है, जबकि इसकी गुठली छोटी होती है। एक आम का वजन लगभग आधे किलो से लेकर एक किलो तक होता है। पकने के बाद इसका गुलाबी और हरे रंग का आकर्षक मिश्रण इसे देखने में बेहद खूबसूरत बना देता है, और रस तथा मिठास से भरपूर यह आम हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आम न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि बाजार में इसकी उपलब्धता भी इसे खास बनाती है क्योंकि यह तब बिकता है जब अधिकांश अन्य आम की किस्में खत्म हो चुकी होती हैं। सितंबर के मध्य तक इसकी खरीद-बिक्री जारी रहती है और इसकी कीमत आमतौर पर 300 से 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है। देर से तैयार होने वाली यह विशेष किस्म पश्चिम चंपारण के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन रही है, और स्वाद, सुंदरता तथा बाजार में ऊंची कीमत के कारण 'अरुणिमा' आम अब जिले की पहचान बनने की ओर अग्रसर है, साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी में नए अवसर तलाशने की प्रेरणा भी दे रहा है।1
- बेतिया के नौतन थाना क्षेत्र के डवरिया पंचायत निवासी मिथिलेश चौधरी के 25 वर्षीय पुत्र साजन कुमार चौधरी का क्षत-विक्षत शव रविवार को गंडक नदी किनारे से बरामद किया गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, साजन कुछ दिन पहले शिवराजपुर पंचायत स्थित गंडक नदी क्षेत्र में गया था और उसके बाद से लापता था। उसके लापता होने के बाद एसडीआरएफ और नौतन पुलिस की संयुक्त टीम ने नदी में व्यापक तलाश अभियान चलाया था, लेकिन उस समय उन्हें कोई सफलता नहीं मिली थी। रविवार को नदी किनारे उसका शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता मिथिलेश चौधरी ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ लोग साजन को गंडक नदी क्षेत्र में बुलाकर ले गए थे और उसकी सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी। वहीं, साजन की बहन रीता देवी ने भी इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए बताया कि उसके भाई की शादी आगामी नवंबर माह में तय हुई थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। एसडीपीओ-2 रजनीकांत प्रियदर्शी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत डूबने से हुई है या उसकी हत्या की गई है। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।1
- एक विरोध प्रदर्शन अपडेट में, "कॉकक्रोच जनता पार्टी" के खिलाफ तीखा प्रदर्शन दर्ज किया गया है। इस प्रदर्शन के दौरान एक लड़की ने माहौल को ऊर्जावान बना दिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह स्पष्ट मांग की गई है कि अब राजनीति केवल पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ही केंद्रित होनी चाहिए।1
- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) एक बड़े बदलाव की योजना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है। इस बड़े अपडेट का असर टीम प्रबंधन और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर भी पड़ सकता है। पीसीबी के इस निर्णय से जुड़ी नवीनतम क्रिकेट समाचार और अपडेट के लिए एक संबंधित शॉर्ट वीडियो देखने की सलाह दी गई है। दर्शकों को क्रिकेट से जुड़े और अधिक अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, खिलाड़ियों की कहानियों और दुनिया भर के मैच हाईलाइट्स के लिए बने रहने का आह्वान किया गया है।1
- जगदीशपुर थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर बीती रात एक साथ तीन दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद तीन घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुँची, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का सवाल है कि थाने के इतने करीब ऐसी घटना कैसे हो सकती है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह इस क्षेत्र में हुई अब तक की पाँचवीं चोरी की घटना है।1
- नरकटियागंज अनुमंडल के बलथर और भंगहा थाना क्षेत्रों में पुलिस ने रविवार को मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। विभिन्न स्थानों पर की गई इस अभियान में कुल 116.87 क्विंटल गांजा जब्त किया गया है, और मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलथर चौक के पास पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकेबंदी की और एक वैगनआर कार को रोककर तलाशी ली। कार की डिक्की से गांजे के आठ बड़े बंडल बरामद हुए, जिनका कुल वजन 111.440 क्विंटल था। इस दौरान गोपालपुर थाना क्षेत्र के घोघा वार्ड नंबर 6 निवासी मनमोहन कुमार (35) नामक एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी मनमोहन कुमार ने बताया कि उसने गांजे की यह खेप मैनाटांड के रमपुरवा गांव के उत्तर नहर के पास से कार में लोड की थी और इसे आगे कहीं सप्लाई किया जाना था। उसने यह भी खुलासा किया कि यह गांजा नेपाल के परसा जिले के पीपरारी गांव निवासी अरमान का मियां से संबंधित था और इसे भाड़े पर ढोया जा रहा था। इसी क्रम में, भंगहा थाना पुलिस ने सिसवा राधे कृष्ण मंदिर के पास भी छापेमारी कर 5.430 किलो गांजा बरामद किया और भंगहा थाना क्षेत्र के कोटवा गांव निवासी मोतीलाल मांझी को गिरफ्तार किया। एसडीपीओ जय प्रकाश सिंह ने इस पूरी कार्रवाई के बारे में बताया कि गुप्त सूचनाओं के आधार पर दोनों जगहों पर त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप मादक पदार्थों की इतनी बड़ी खेप पकड़ी जा सकी। दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किए गए तस्करों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस सफल अभियान में बलथर थानाध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्ता, एसआई शमशाद आलम, भंगहा थानाध्यक्ष रौशन कुमार, एसआई कमल कुमार सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे।1
- आज नौतन के मौसम में भीषण गर्मी महसूस की गई, जिससे लोगों में काफी बेचैनी थी। कुछ देर बाद आसमान में बादल छा गए और फिर बारिश हुई, जिसने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की।1