उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री संदीप कुमार ने हाल ही में नेतरहाट क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेतरहाट स्थित पशु चिकित्सालय और प्रस्तावित नए बस स्टैंड हेतु चिन्हित भूमि का जायजा लिया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में, उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नेतरहाट जिले का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, और इसलिए यहां आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने विभिन्न पर्यटन स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने, साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण अभियान के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री संदीप कुमार ने हाल ही में नेतरहाट क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेतरहाट स्थित पशु चिकित्सालय और प्रस्तावित नए बस स्टैंड हेतु चिन्हित भूमि का जायजा लिया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में, उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नेतरहाट जिले का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, और इसलिए यहां आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने विभिन्न पर्यटन स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने, साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण अभियान के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
- लातेहार के मनिका थाना परिसर में रविवार को ईद उल अजहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी श्री प्रभात कुमार दास ने की, जिन्होंने इसे भाईचारे का पर्व बताया और सभी से आपसी प्रेम व सौहार्द के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया। थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कुर्बानी निर्धारित स्थलों पर ही की जाए और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैले, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह न फैलाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। पर्व के दौरान थाना क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात करने की जानकारी भी दी गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बिजली, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने का आग्रह किया, जिस पर थाना प्रभारी ने संबंधित विभागों से समन्वय कर सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने सभी से शांति-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि असामाजिक तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने ईद उल अजहा पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनीका अंचलाधिकारी श्री अमन कुमार, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष दरोगी यादव, प्रखंड विश्व सूत्री अध्यक्ष श्री विश्वनाथ पासवान, पूर्व कांग्रेसी नेता सुरेंद्र पासवान, जिला परिषद सदस्य बलवंत सिंह, मनिका मुखिया सतेंद्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार, संदीप कुमार, तस्लीम अंसारी, गुलाब अंसारी, अरुण सिंह, बिशु रॉय, हैदर अली, सूरज देव सिंह सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।1
- झारखंड की राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने लातेहार जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कार्यों की सराहना की है। डीजीपी ने इस अवसर पर कहा कि जिले में अच्छा काम हो रहा है।1
- आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में मनाने के उद्देश्य से बरवाडीह थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। रविवार को अंचलाधिकारी लवकेश सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य विषय पर्व के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखना था, जिस पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक का आयोजन विशेष रूप से बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए किया गया।1
- झारखंड के लातेहार में पुलिस ने 5 लाख के इनामी नक्सली शिवनारायण सिंह उर्फ शिवा को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के एरिया कमांडर सुकुलदेव उरांव को भी दबोचा गया है।3
- चंदवा के चकला-बाना स्थित रेशमी मेटेलिक्स प्लांट गेट के सामने रविवार से मैनपावर कर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने नौकरी नियमितीकरण, लंबित भुगतान और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि 14 जनवरी से कई कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया है, और वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। अपनी मांगों को लेकर, प्रदर्शनकारियों ने एक सात सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिसमें नौकरी नियमित करने, लंबित पीएफ-वीडीए भुगतान, भूमि मुआवजा देने और विस्थापित परिवारों को रोजगार या एन्युटी का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे जिला प्रशासन को सूचना देकर कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद करा देंगे। इस संबंध में, कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।4
- लातेहार के बालूमाथ प्रखंड स्थित पिंडारकोम गांव में रविवार को NTPC, CCL और PNM कंपनियों के खिलाफ बसिया पंचायत के ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक ग्राम सभा का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और कंपनियों की कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपने जल, जंगल, जमीन और हक-अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामकुमार यादव ने की, जिसमें बसिया पंचायत की मुखिया बिमला देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, और मंच संचालन गंगेश्वर यादव ने किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के फ़ायरब्रांड नेता सौरभ श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NTPC, CCL और PNM कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी कर रही हैं, जबकि वे अपने हाइवा वाहन चलाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि CCL द्वारा वर्ष 1962 में अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा आज तक नहीं मिला है, और सेक्शन 9 लगाकर उनकी जमीनों पर नियंत्रण किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को रोजगार भी नहीं दिया जा रहा, बल्कि हाइवा परिचालन के माध्यम से उन्हें बेरोजगार करने की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि CCL और PNM कंपनी ने मिलकर लगभग 700 स्थानीय ट्रकों को काम से बाहर कर दिया है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के पास अपने ट्रक होने के बावजूद बाहरी हाइवा वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उनके सामने दाल-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। बैठक में हाइवा परिचालन को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार हाइवा वाहनों से लगातार बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं के खतरे पर चिंता जताई, खासकर बच्चों के स्कूल आने-जाने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेलने के दौरान। साथ ही, हाइवा से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न शिकायतें भी सामने आईं, जो ट्रकों की तुलना में कहीं अधिक थीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव में हाइवा परिचालन नहीं होने दिया जाएगा और स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उपस्थित ग्रामीणों ने भगवान और धरती माता को साक्षी मानकर हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे अपने जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और किसी भी परिस्थिति में दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। मुखिया बिमला देवी ने जोर देकर कहा कि गांव की सहमति के बिना कोई भी कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती, और जल, जंगल, जमीन गांव की पहचान हैं जिनकी हर हाल में रक्षा की जाएगी। झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के हक और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कंपनियों को स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। ग्राम सभा ने स्थानीय हित में चौदह बिंदुओं का एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें ग्राम सभा को प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्णय लिए गए हैं। इस प्रस्ताव में CCL के सीएमडी से मिलकर कोलियरी को पूर्व की तर्ज़ पर खोलने की प्रमुख मांग शामिल है। ग्रामीणों की भारी उपस्थिति और एकजुटता, तथा सौरभ श्रीवास्तव की हुंकार को देखते हुए, बालुमाथ क्षेत्र के तेतरियाखाँड़ की इस लड़ाई में पलड़ा ग्रामीणों के पक्ष में झुकने की चर्चा सरेआम है, और CCL पर बंद पड़े खदान को ग्रामीणों की मांग के अनुरूप तत्काल खोलने का दबाव भी बढ़ा है।3
- कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में भटकल के पास एक नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मरने वालों में सात महिलाएं शामिल थीं। यह घटना तब हुई जब ये लोग नदी में सीपियां चुन रहे थे।1
- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री संदीप कुमार ने हाल ही में नेतरहाट क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेतरहाट स्थित पशु चिकित्सालय और प्रस्तावित नए बस स्टैंड हेतु चिन्हित भूमि का जायजा लिया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में, उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नेतरहाट जिले का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, और इसलिए यहां आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने विभिन्न पर्यटन स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने, साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण अभियान के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।1