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किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं, जिससे उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। मंगलवार को टेढ़ागाछ बस स्टैंड से अररिया रेलवे स्टेशन जाने वाले दर्जनों मजदूरों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। इनमें मनोज कुमार सिंह, कमल सोरेन, सूरज कुमार मांझी, अभिषेक कुमार सिंह, जनार्दन पासवान, दिलीप मांझी, शंकर मांझी, महेश शर्मा, योगेंद्र मंडल, ऋषिदेव मंडल, भोला ऋषिदेव और महेश ऋषिदेव जैसे मजदूर शामिल थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें रोजगार के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों और रोजगार के साधनों की कमी इस पलायन का मुख्य कारण है। मजदूरों का कहना है कि घर-परिवार छोड़कर दूर-दराज के राज्यों में काम करना कठिन होता है, लेकिन परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए यह उनकी मजबूरी बन गई है। इस पलायन से न केवल परिवारों पर सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के विकास पर भी प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है। उनकी मांग है कि मनरेगा, स्वरोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, साथ ही स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग, कुटीर उद्योग और कृषि आधारित रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रखंड में रोजगार के स्थायी साधन उपलब्ध कराए जाएं तो मजदूरों का पलायन काफी हद तक रुक सकता है और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। फिलहाल, रोजगार की तलाश में मजदूरों का दूसरे राज्यों की ओर पलायन लगातार जारी है।

7 hrs ago
user_Vijay Kumar  press repoter
Vijay Kumar press repoter
तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
7 hrs ago

किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं, जिससे उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। मंगलवार को टेढ़ागाछ बस स्टैंड से अररिया रेलवे स्टेशन जाने वाले दर्जनों मजदूरों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। इनमें मनोज कुमार सिंह, कमल सोरेन, सूरज कुमार मांझी, अभिषेक कुमार सिंह, जनार्दन पासवान, दिलीप मांझी, शंकर मांझी, महेश शर्मा, योगेंद्र मंडल, ऋषिदेव मंडल, भोला ऋषिदेव और महेश ऋषिदेव जैसे मजदूर शामिल थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें रोजगार के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों और रोजगार के साधनों की कमी इस पलायन का मुख्य कारण है। मजदूरों का कहना है कि घर-परिवार छोड़कर दूर-दराज के राज्यों में काम करना कठिन होता है, लेकिन परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए यह उनकी मजबूरी बन गई है। इस पलायन से न केवल परिवारों पर सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के विकास पर भी प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है। उनकी मांग है कि मनरेगा, स्वरोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, साथ ही स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग, कुटीर उद्योग और कृषि आधारित रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रखंड में रोजगार के स्थायी साधन उपलब्ध कराए जाएं तो मजदूरों का पलायन काफी हद तक रुक सकता है और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। फिलहाल, रोजगार की तलाश में मजदूरों का दूसरे राज्यों की ओर पलायन लगातार जारी है।

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  • किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं, जिससे उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। मंगलवार को टेढ़ागाछ बस स्टैंड से अररिया रेलवे स्टेशन जाने वाले दर्जनों मजदूरों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। इनमें मनोज कुमार सिंह, कमल सोरेन, सूरज कुमार मांझी, अभिषेक कुमार सिंह, जनार्दन पासवान, दिलीप मांझी, शंकर मांझी, महेश शर्मा, योगेंद्र मंडल, ऋषिदेव मंडल, भोला ऋषिदेव और महेश ऋषिदेव जैसे मजदूर शामिल थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें रोजगार के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों और रोजगार के साधनों की कमी इस पलायन का मुख्य कारण है। मजदूरों का कहना है कि घर-परिवार छोड़कर दूर-दराज के राज्यों में काम करना कठिन होता है, लेकिन परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए यह उनकी मजबूरी बन गई है। इस पलायन से न केवल परिवारों पर सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के विकास पर भी प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है। उनकी मांग है कि मनरेगा, स्वरोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, साथ ही स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग, कुटीर उद्योग और कृषि आधारित रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रखंड में रोजगार के स्थायी साधन उपलब्ध कराए जाएं तो मजदूरों का पलायन काफी हद तक रुक सकता है और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। फिलहाल, रोजगार की तलाश में मजदूरों का दूसरे राज्यों की ओर पलायन लगातार जारी है।
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    किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं, जिससे उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। मंगलवार को टेढ़ागाछ बस स्टैंड से अररिया रेलवे स्टेशन जाने वाले दर्जनों मजदूरों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। इनमें मनोज कुमार सिंह, कमल सोरेन, सूरज कुमार मांझी, अभिषेक कुमार सिंह, जनार्दन पासवान, दिलीप मांझी, शंकर मांझी, महेश शर्मा, योगेंद्र मंडल, ऋषिदेव मंडल, भोला ऋषिदेव और महेश ऋषिदेव जैसे मजदूर शामिल थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें रोजगार के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जाना पड़ता है।

स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों और रोजगार के साधनों की कमी इस पलायन का मुख्य कारण है। मजदूरों का कहना है कि घर-परिवार छोड़कर दूर-दराज के राज्यों में काम करना कठिन होता है, लेकिन परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए यह उनकी मजबूरी बन गई है। इस पलायन से न केवल परिवारों पर सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के विकास पर भी प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है।

स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है। उनकी मांग है कि मनरेगा, स्वरोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, साथ ही स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग, कुटीर उद्योग और कृषि आधारित रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रखंड में रोजगार के स्थायी साधन उपलब्ध कराए जाएं तो मजदूरों का पलायन काफी हद तक रुक सकता है और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। फिलहाल, रोजगार की तलाश में मजदूरों का दूसरे राज्यों की ओर पलायन लगातार जारी है।
    user_Vijay Kumar  press repoter
    Vijay Kumar press repoter
    तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
    7 hrs ago
  • राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनता की जनसमस्याओं और सरकार की नीतियों के विरोध में, राजद कार्यकर्ताओं ने पूरे बिहार में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इसी क्रम में, अररिया के जोकीहाट प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस मौके पर राजद नेताओं ने राज्य में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और विकास योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर आम जनता की परेशानी को उजागर किया। उन्होंने सरकार पर गरीब, किसान, मजदूर, छात्र और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। राजद नेताओं ने सरकार से जनहित के मुद्दों पर तत्काल ठोस कदम उठाने और जनता से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की। धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम के अंत में, राजद प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रखंड प्रशासन को सौंपा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो राजद आगे भी चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा।
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    राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनता की जनसमस्याओं और सरकार की नीतियों के विरोध में, राजद कार्यकर्ताओं ने पूरे बिहार में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इसी क्रम में, अररिया के जोकीहाट प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

इस मौके पर राजद नेताओं ने राज्य में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और विकास योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर आम जनता की परेशानी को उजागर किया। उन्होंने सरकार पर गरीब, किसान, मजदूर, छात्र और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।

राजद नेताओं ने सरकार से जनहित के मुद्दों पर तत्काल ठोस कदम उठाने और जनता से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की। धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम के अंत में, राजद प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रखंड प्रशासन को सौंपा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो राजद आगे भी चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा।
    user_Zarjish Bablu
    Zarjish Bablu
    Journalist Jokihat, Araria•
    5 hrs ago
  • भारत-नेपाल सीमा पर, पिलर संख्या 174 के पास, सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए नेपाल एसएसबी और भारत एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से एक फ्लाइंग मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च में ग्रामीण भी शामिल हुए, जिनका उद्देश्य सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। इस दौरान, सीमा से सटे नागरिकों को आश्वासन दिया गया और उनसे भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की गई। सुरक्षा बलों ने बताया कि आजकल सीमा पार से घुसपैठ काफी बढ़ गई है, और नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारी मात्रा में सूखा नशा भी तस्करी किया जा रहा है। इसलिए, इन चुनौतियों से निपटने के लिए सभी से सहयोग मांगा गया।
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    भारत-नेपाल सीमा पर, पिलर संख्या 174 के पास, सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए नेपाल एसएसबी और भारत एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से एक फ्लाइंग मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च में ग्रामीण भी शामिल हुए, जिनका उद्देश्य सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था।

इस दौरान, सीमा से सटे नागरिकों को आश्वासन दिया गया और उनसे भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की गई। सुरक्षा बलों ने बताया कि आजकल सीमा पार से घुसपैठ काफी बढ़ गई है, और नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारी मात्रा में सूखा नशा भी तस्करी किया जा रहा है। इसलिए, इन चुनौतियों से निपटने के लिए सभी से सहयोग मांगा गया।
    user_Kalam Khan media
    Kalam Khan media
    Electronic Store Kursakanta, Araria•
    16 hrs ago
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कोडरमा के तत्वावधान में मंगलवार को दोपहर 12 बजे चंदवारा प्रखंड के बड़की धमराय पंचायत भवन में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 90 दिवसीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान का हिस्सा था। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता और आमजनों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिवक्ता नवल किशोर ने भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसमें महिला एवं बाल अधिकार, साइबर अपराध, नशा मुक्ति, बाल विवाह निषेध और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाएँ शामिल थीं। इस जागरूकता शिविर में पीएलवी सुमन रानी, रेखा देवी, रोहित बहादुर थापा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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    जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कोडरमा के तत्वावधान में मंगलवार को दोपहर 12 बजे चंदवारा प्रखंड के बड़की धमराय पंचायत भवन में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 90 दिवसीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान का हिस्सा था। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता और आमजनों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अधिवक्ता नवल किशोर ने भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसमें महिला एवं बाल अधिकार, साइबर अपराध, नशा मुक्ति, बाल विवाह निषेध और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाएँ शामिल थीं। इस जागरूकता शिविर में पीएलवी सुमन रानी, रेखा देवी, रोहित बहादुर थापा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_झारखंड news
    झारखंड news
    Court reporter कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    9 hrs ago
  • एक व्यक्ति ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट फ्रीज होने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह अकाउंट फ्रीज होने से खिलाड़ियों के लाखों रुपये, जैसे ₹1 लाख या ₹2 लाख तक की राशि, उसमें फंस सकती है। उन्होंने इस प्रथा को तुरंत बंद करने की मांग की है, जिसे वे अपना 'न्याय' बताते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से 'जेन्युइन गेमिंग' खेलने का आग्रह किया है और इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है ताकि अन्य लोग भी इस खतरे के प्रति सतर्क हो सकें।
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    एक व्यक्ति ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट फ्रीज होने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह अकाउंट फ्रीज होने से खिलाड़ियों के लाखों रुपये, जैसे ₹1 लाख या ₹2 लाख तक की राशि, उसमें फंस सकती है। उन्होंने इस प्रथा को तुरंत बंद करने की मांग की है, जिसे वे अपना 'न्याय' बताते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से 'जेन्युइन गेमिंग' खेलने का आग्रह किया है और इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है ताकि अन्य लोग भी इस खतरे के प्रति सतर्क हो सकें।
    user_Kalam vlogger
    Kalam vlogger
    कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    10 hrs ago
  • अररिया जिले के किस्मत खावासुर स्थित वार्ड नंबर 18 के भागपुरेनी इलाके में कचरा जमा होने की जानकारी मिली है।
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    अररिया जिले के किस्मत खावासुर स्थित वार्ड नंबर 18 के भागपुरेनी इलाके में कचरा जमा होने की जानकारी मिली है।
    user_Yoginder Kumar
    Yoginder Kumar
    कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    10 hrs ago
  • जिला परिवहन पदाधिकारी विजय सोनी ने मंगलवार सुबह 7 बजे एक विशेष अभियान चलाकर कोडरमा-गिरिडीह मुख्य मार्ग स्थित पहाड़पुर के समीप से दो हाइवा जब्त किए। मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों हाइवा गिरिडीह जिले से बोल्डर लादकर डोमचांच की ओर जा रहे थे। पदाधिकारी ने पहाड़पुर के पास इन दोनों हाइवा चालकों से परिवहन से संबंधित कागजात प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, चालकों द्वारा कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दोनों हाइवा में क्षमता से अधिक बोल्डर लोड था। इसी के चलते जिला परिवहन पदाधिकारी ने दोनों हाइवा को जब्त कर लिया। अग्रसर कार्रवाई के लिए इन्हें नवलशाही थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
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    जिला परिवहन पदाधिकारी विजय सोनी ने मंगलवार सुबह 7 बजे एक विशेष अभियान चलाकर कोडरमा-गिरिडीह मुख्य मार्ग स्थित पहाड़पुर के समीप से दो हाइवा जब्त किए। मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों हाइवा गिरिडीह जिले से बोल्डर लादकर डोमचांच की ओर जा रहे थे।

पदाधिकारी ने पहाड़पुर के पास इन दोनों हाइवा चालकों से परिवहन से संबंधित कागजात प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, चालकों द्वारा कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दोनों हाइवा में क्षमता से अधिक बोल्डर लोड था। इसी के चलते जिला परिवहन पदाधिकारी ने दोनों हाइवा को जब्त कर लिया। अग्रसर कार्रवाई के लिए इन्हें नवलशाही थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
    user_झारखंड news
    झारखंड news
    Court reporter कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    9 hrs ago
  • बिहार के छातापुर में एक 19 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसकी शादी करीब तीन माह पूर्व ही हुई थी। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही नवविवाहिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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    बिहार के छातापुर में एक 19 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसकी शादी करीब तीन माह पूर्व ही हुई थी। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही नवविवाहिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
    user_Crime Darpan News
    Crime Darpan News
    Social Media Manager Araria, Bihar•
    12 hrs ago
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