संभल जिले के नकासा थाना क्षेत्र के कशेरुआ गांव में एक करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किए जाने का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर DM को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिरोज खान ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि कशेरुआ गांव की यह मस्जिद लगभग 100 वर्ष पुरानी है और सरकारी रिकॉर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस और गहन जांच के, इस मस्जिद को अतिक्रमण करार देकर ढहा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद वक्फ की जमीन पर बनी है और 100 साल से मौजूद है, तो इसे अतिक्रमण कैसे माना जा सकता है, तथा प्रशासन को ध्वस्तीकरण से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी। पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस कार्रवाई में कोई गलती पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और मस्जिद के पुनर्निर्माण पर भी विचार किया जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी निर्णय लेते समय सभी पक्षों को सुना जाए ताकि जिले का सांप्रदायिक माहौल खराब न हो। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान फिरोज खान के साथ अन्य समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
संभल जिले के नकासा थाना क्षेत्र के कशेरुआ गांव में एक करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किए जाने का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर DM को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिरोज खान ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि कशेरुआ गांव की यह मस्जिद लगभग 100 वर्ष पुरानी है और सरकारी रिकॉर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस और गहन जांच के, इस मस्जिद को अतिक्रमण करार देकर ढहा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद वक्फ की जमीन पर बनी है और 100 साल से मौजूद है, तो इसे अतिक्रमण कैसे माना जा सकता है, तथा प्रशासन को ध्वस्तीकरण से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी। पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस कार्रवाई में कोई गलती पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और मस्जिद के पुनर्निर्माण पर भी विचार किया जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी निर्णय लेते समय सभी पक्षों को सुना जाए ताकि जिले का सांप्रदायिक माहौल खराब न हो। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान फिरोज खान के साथ अन्य समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
- संभल जिले के नकासा थाना क्षेत्र के कशेरुआ गांव में एक करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किए जाने का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर DM को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिरोज खान ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि कशेरुआ गांव की यह मस्जिद लगभग 100 वर्ष पुरानी है और सरकारी रिकॉर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस और गहन जांच के, इस मस्जिद को अतिक्रमण करार देकर ढहा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद वक्फ की जमीन पर बनी है और 100 साल से मौजूद है, तो इसे अतिक्रमण कैसे माना जा सकता है, तथा प्रशासन को ध्वस्तीकरण से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी। पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस कार्रवाई में कोई गलती पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और मस्जिद के पुनर्निर्माण पर भी विचार किया जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी निर्णय लेते समय सभी पक्षों को सुना जाए ताकि जिले का सांप्रदायिक माहौल खराब न हो। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान फिरोज खान के साथ अन्य समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- जनपद संभल की कैला देवी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से आ रहे एक कंटेनर को संभल की तरफ उतरते समय खिरनी के नजदीक जिओ पेट्रोल पंप पर रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर से 6 कुंटल 28 किलोग्राम (628 किलो) मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹1.68 करोड़ बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नखासा थाना क्षेत्र के लखोरी गांव निवासी मदनपाल पुत्र हरिश्चंद्र, नखासा के ही कालाखेड़ा निवासी मोहम्मद नाजिम पुत्र अब्दुल रशीद, बरेली के फतेहगंज थाना अंतर्गत बिटौली गांव निवासी राजपाल पुत्र तोताराम और बदायूं के सहसवान थाना अंतर्गत शोएब पुत्र शफीक चौधरी के रूप में हुई है। बंद बॉडी कंटेनर में ट्रांसपोर्ट के सामान के बीच एसिडिक एनहाइड्राइड नामक मादक पदार्थ छिपाकर तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने कंटेनर ट्रक के साथ ही 9 प्लास्टिक के नीले रंग के छोटे ड्रम, एक सफेद ड्रम जिसमें मादक पदार्थ भरा था, 200 बॉक्स और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इस मादक पदार्थ का उपयोग स्मैक और हेरोइन बनाने में करते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे सस्ते दामों में संयुक्त रूप से पैसा लगाकर इसे खरीदते हैं और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ट्रकों में छिपाकर लाते हैं। कैला देवी थाना पुलिस ने सभी चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।2
- मुरादाबाद में धमाका! 50 लाख की 'TFC क्लासिक' बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का होने जा रहा है आयोजन 🏆 मुरादाबाद में धमाका! 50 लाख की 'TFC क्लासिक' बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का होने जा रहा है आयोजन 🏆 JAN PRIME MEDIA NEWS 9528040101 93584701011
- अमरोहा के गजरौला में अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रविंद्र शुक्ला ने एक प्रेस नोट जारी कर कुछ व्यक्तियों पर उनकी जान से मारने की साजिश रचने और कथित तौर पर हत्या की सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने शासन, प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। अपने प्रेस नोट में डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट किया कि वह कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि कानून, संविधान और न्याय की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. रविंद्र शुक्ला ने अपने ऊपर पूर्व में लगाए गए विभिन्न आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित मामलों में उन्हें न्यायालय और जांच एजेंसियों से पहले ही राहत मिल चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह केवल न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और किसी से भी उनकी कोई निजी दुश्मनी नहीं है।3
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले से कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 12 साल की मासूम बच्ची को बंदूक की नोक पर अगवा कर जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने असलहे के बल पर नाबालिग का अपहरण किया और जंगल में इस हैवानियत को अंजाम दिया। काफी खोजबीन के बाद बच्ची को एक स्थानीय व्यक्ति के घर से बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर पीड़ित पक्ष में भारी आक्रोश है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस ने बेहद 'चुपचाप' और गोपनीय तरीके से आरोपियों को जेल भेजा ताकि मामला तूल न पकड़े। इसके साथ ही, जिस व्यक्ति के घर से बच्ची को बरामद किया गया था, उस मकान मालिक या शरणदाता पर पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके बीच असंतोष गहरा गया है। इस आधी-अधूरी कार्रवाई से नाराज पीड़ित पक्ष ने अब सीधे प्रशासन के सामने खड़े होकर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई के तरीकों पर तीखे सवाल दागे हैं। न्याय की मांग कर रहे परिवार ने प्रशासन से पूछा है कि अगर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी मुसलमान होते, तब भी क्या पुलिस इसी तरह चुपचाप और शांत तरीके से उन्हें जेल भेजती, या तब तक उनका एनकाउंटर कर दिया गया होता और उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया होता? पीड़ित परिवार ने कार्रवाई के इन दोहरे पैमानों पर गहरी नाराजगी जताते हुए मांग की है कि घटना में शामिल सभी सह-आरोपियों और अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, और मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।1
- एक संदेश में 'मदरलैंड' कहने वालों को नसीहत दी गई है। इस संदेश में उन लोगों को 'अंधभक्त' बताया गया है जो भारत को 'मदरलैंड' मानते हैं।1
- संभल जिले के नकासा थाना क्षेत्र के गांव कशेरुआ में एक सौ साल पुरानी मस्जिद को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने इस मामले में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर DM से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। फिरोज खान ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि कशेरुआ गांव की यह मस्जिद करीब 100 वर्ष पुरानी है और सरकारी रिकॉर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है, बावजूद इसके इसे बिना किसी ठोस जांच के अतिक्रमण बताकर ढहा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद वक्फ की जमीन पर बनी है और 100 साल से मौजूद है, तो इसे अतिक्रमण कैसे माना जा सकता है। खान ने प्रशासन से ध्वस्तीकरण से पहले सभी दस्तावेजों की गहन जांच करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। फिरोज खान ने यह भी कहा कि यदि कोई गलती पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और मस्जिद के पुनर्निर्माण पर भी विचार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशासन से अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी कदम उठाने से पहले सभी पक्षों को सुना जाए ताकि जिले का माहौल खराब न हो। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान फिरोज खान के साथ अन्य सपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। ज्ञापन स्वीकार करने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।1
- मुरादाबाद सम्भल रोड पर स्थित ग्लोबल डिज़ाइन मेटल और स्टील फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई है, जिससे पूरे स्थानीय इलाके में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए हैं। आग की भयावहता इतनी अधिक है कि आसमान में काले धुएं का एक विशाल गुबार साफ देखा जा सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना मैनाठेर पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुँच गईं। फायर ब्रिगेड कर्मी लगातार आग को बुझाने और उसे आसपास फैलने से रोकने के काम में जुटे हुए हैं, जबकि स्थानीय पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राहत कार्य में मदद के लिए मुस्तैद है। फिलहाल, फैक्ट्री में आग लगने के मुख्य कारणों का पता नहीं चल पाया है, और शार्ट सर्किट या अन्य संभावित वजहों की जांच की जा रही है।1