महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है। आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है। आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
- भीलवाड़ा नगर निगम के वार्ड नंबर 27 में मुख्य मार्ग पर, एक पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर, पीने के पानी की पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। 9 जून को सामने आई जानकारी के अनुसार, हर रोज़ पानी की सप्लाई होने के बावजूद, इन लीकेज के कारण हज़ारों लीटर पीने का पानी बेकार जा रहा है और नालियों में बह रहा है। इस समस्या के संबंध में जिला प्रशासन और चंबल परियोजना भीलवाड़ा को कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। विशेष रूप से, 15 दिन पूर्व की गई शिकायत का भी अब तक समाधान नहीं हुआ है। आरोप है कि संबंधित विभाग अपनी नैतिक जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते मूल्यवान पेयजल की बर्बादी लगातार जारी है।2
- चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में कथित जेरोफिक्स औद्योगिक अपशिष्ट डंपिंग मामले को लेकर जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन और सरकार स्तर पर जहां जांच और समाधान के प्रयास जारी हैं, वहीं आंदोलनकारी संगठनों ने संघर्ष को निर्णायक चरण में ले जाने की घोषणा की है। इसी क्रम में सोमवार को बड़ीसादड़ी बंद का व्यापक असर दिखा, जहां बाजार पूरी तरह बंद रहे और नगर में सन्नाटा पसरा रहा। मामले की गंभीरता के चलते बड़ीसादड़ी एवं डूंगला अभिभाषक संघ ने राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्णय लिया है कि वे दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की ओर से कोई मुकदमा नहीं लड़ेंगे। उधर, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सहकारिता मंत्री गौतम दक, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल, हिंदुस्तान जिंक के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रकाश चौधरी ने दोषियों पर कार्रवाई और क्षेत्र के जलाशयों की वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई, जिस पर सहकारिता मंत्री गौतम दक ने निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में अपशिष्ट सामग्री हटाने के लिए 15 दिन का समय मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई। सांसद सी.पी. जोशी ने भी प्रदूषण नियंत्रण तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अनुमति प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक केवल लगभग 10 प्रतिशत अपशिष्ट सामग्री ही हटाई गई है। इसे लेकर आंदोलन का एक धड़ा आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय कर चुका है, जिसके तहत डॉ. विमल कुमार नागौरी, हेमंत बागड़, विनोद रांका और जगदीश धाकड़ ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। इस पूरे प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के निरीक्षण प्रतिवेदन में कथित "अवैध डंपिंग" का उल्लेख और दूसरी ओर रेलवे एम्बैंकमेंट निर्माण के लिए जेरोफिक्स के नियंत्रित उपयोग की वैधानिक अनुमति का जारी होना है, जो एक बड़ा विरोधाभास प्रस्तुत करता है। फिलहाल बड़ीसादड़ी का यह जेरोफिक्स विवाद पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही का एक अहम मुद्दा बन चुका है। अब सबकी निगाहें संयुक्त विभागीय जांच, वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- BPSC अध्यापिका गुंजन के कथित प्रेमी से हुई बातचीत के बाद वीणा माधवी का उल्लेख सामने आया है।1
- चित्तौड़गढ़ में धर्म, संगठन और छात्र राजनीति से जुड़ी कई गतिविधियां सामने आईं। इन प्रमुख घटनाओं में महाकाल सेना में नई नियुक्तियां की गईं, लक्ष्मीनाथ मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और एनएसयूआई (NSUI) ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।1
- राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा मंगलवार को बेगूं उपखंड क्षेत्र के उत्थन कलां गांव में जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) देने के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे। मेसर्स जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा बेगूं उपखंड क्षेत्र के चन्दाखेडी, ढोरिया, ठुकराई, परख्या खेडी, पालका, उत्थन कला, धारला, शादी और रायता गांवों में प्रस्तावित लाइम स्टोन उत्पादन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मांगी गई है। यह जनसुनवाई परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय प्रभावों और ग्रामीणों की चिंताओं को सुनने के उद्देश्य से आयोजित हुई। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, रोजगार और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार के साथ आर ओ आरएसपीसीबी चित्तौड़गढ़ आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर, बीडीओ सुरेश गिरी गोस्वामी सहित आसपास क्षेत्र के सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।2
- भीलवाड़ा के आकोला क्षेत्र में आमल्दा से चैनपुरा माइन्स तक करीब 4 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं और आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। यह सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो महीने पहले सड़क पर पैचवर्क का काम शुरू किया गया था, लेकिन ठेकेदार ने इसे अधूरा छोड़ दिया। काम केवल आमल्दा चौराहे से महलों का मानपुरा तक ही किया गया, और बाकी सड़क पर काम पूरा नहीं हो सका। कुछ जगहों पर तो गड्ढे इतने बड़े हो गए हैं कि दुर्घटनाओं का खतरा और भी बढ़ गया है, खासकर रात के समय वाहन चालकों को आवागमन में विशेष दिक्कतें आती हैं। यह महत्वपूर्ण मार्ग क्षेत्र के लगभग 8 से 10 गांवों को जोड़ता है, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी बदहाल सड़क से गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण बाइक सवारों सहित अन्य सभी वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा करवाने की पुरजोर मांग की है।4
- चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी क्षेत्र में अपशिष्ट पदार्थों को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। 8 जून, सोमवार को सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन मंत्री गौतम दक की मौजूदगी में जिला प्रशासन, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के अधिकारियों और संघर्ष समिति के सदस्यों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जनस्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया कि वर्षा ऋतु से पहले कैचमेंट क्षेत्र को पूरी तरह से साफ किया जाएगा। मंत्री गौतम दक ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपशिष्ट पदार्थ हटाने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार से ही डंपरों की संख्या बढ़ाकर मलबे को युद्धस्तर पर हटाया जाए, क्योंकि यह आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसकी नियमित निगरानी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और वर्षा प्रारंभ होने से पहले कैचमेंट एरिया से मलबा हटाने को पहली प्राथमिकता देने को कहा। बैठक में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों, जिनमें डॉ. विमल नागौरी, निवर्तमान पालिका उपाध्यक्ष मुस्तफा अली बोहरा, रणजीत झाला, प्रवीण दक और पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी शामिल थे, ने अपनी चिंताओं और सुझावों से प्रशासन को अवगत कराया, जिस पर मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने समाधानात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने भी हिंदुस्तान जिंक की टीम को मंगलवार से अधिकतम संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचकर अपशिष्ट हटाने का काम तेज करने के निर्देश दिए और समिति को लगातार निगरानी व प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, जहां एक ओर मंत्री गौतम दक ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने आरोप लगाए हैं और 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' में अभी भी संशय बना हुआ है।1
- जो लोग कुछ नया पाने की चाह में अपना घर-परिवार और बच्चों का भविष्य दाँव पर लगा रहे हैं, उन्हें सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।1
- शहर के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह को लेकर चल रहा दो परिवारों के बीच का विवाद सोमवार रात्रि करीब 10 बजे खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान एक युवक को बातचीत के बहाने बहला-फुसलाकर बुलाया गया और उस पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सदर भवानी सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू करवाई। घायलों को उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवकों में से एक के परिजन मोहम्मद असलम ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बताया कि उनके भतीजे नदीम ने कुछ समय पहले प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद से ही दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। सोमवार की रात दूसरे पक्ष के लोगों ने नदीम को बातचीत के लिए बुलाया था और उसके साथ उनका बेटा फरीन भी गया था। वहां पहुंचते ही घात लगाए बैठे आरोपियों ने दोनों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां नदीम की हालत अत्यधिक गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे ट्रॉमा वार्ड से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।1