छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर थाना क्षेत्र के कोसीर ग्राम के मड़वापारा में एक 28 वर्षीय युवक नितेश कुमार बंजारे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 21 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे की है, जब युवक अपने घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मौके पर नितेश के हाथ और पैर जंजीरों से बंधे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई और तत्काल जांच में जुट गई। ASP एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय के मार्गदर्शन और SDOP स्नेहिल साहू के निर्देश पर थाना प्रभारी सुनीता नाग बंजारे को इस मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया गया था। प्रारंभिक जांच में परिजनों ने युवक के पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में मामले की परतें खुलती गईं। खुलासा हुआ कि मृतक को उसके दो भाइयों रोशन बंज, सतीश बंज और भाभी अश्वनी बंज (रोशन की पत्नी) ने मानसिक और शारीरिक रूप से इस हद तक प्रताड़ित किया था कि उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि पिता के देहांत के बाद मृतक के खाते में आए पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण तीनों आरोपी मृतक को मानसिक बीमार बताते हुए दो महीने से उसके हाथ-पैर जंजीरों में बांधकर कमरे में ताला लगाकर रखते थे। उसे खाना भी नहीं दिया जाता था और लगातार गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी, जिससे तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया। इस हृदय विदारक घटना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने मृतक के दोनों भाई रोशन बंज और सतीश बंज के साथ उनकी भाभी अश्वनी बंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर थाना क्षेत्र के कोसीर ग्राम के मड़वापारा में एक 28 वर्षीय युवक नितेश कुमार बंजारे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 21 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे की है, जब युवक अपने घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मौके पर नितेश के हाथ और पैर जंजीरों से बंधे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई और तत्काल जांच में जुट गई। ASP एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय के मार्गदर्शन और SDOP स्नेहिल साहू के निर्देश पर थाना प्रभारी सुनीता नाग बंजारे को इस मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया गया था। प्रारंभिक जांच में परिजनों ने युवक के पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में मामले की परतें खुलती गईं। खुलासा हुआ कि मृतक को उसके दो भाइयों रोशन बंज, सतीश बंज और भाभी अश्वनी बंज (रोशन की पत्नी) ने मानसिक और शारीरिक रूप से इस हद तक प्रताड़ित किया था कि उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि पिता के देहांत के बाद मृतक के खाते में आए पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण तीनों आरोपी मृतक को मानसिक बीमार बताते हुए दो महीने से उसके हाथ-पैर जंजीरों में बांधकर कमरे में ताला लगाकर रखते थे। उसे खाना भी नहीं दिया जाता था और लगातार गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी, जिससे तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया। इस हृदय विदारक घटना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने मृतक के दोनों भाई रोशन बंज और सतीश बंज के साथ उनकी भाभी अश्वनी बंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
- छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर थाना क्षेत्र के कोसीर ग्राम के मड़वापारा में एक 28 वर्षीय युवक नितेश कुमार बंजारे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 21 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे की है, जब युवक अपने घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मौके पर नितेश के हाथ और पैर जंजीरों से बंधे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई और तत्काल जांच में जुट गई। ASP एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय के मार्गदर्शन और SDOP स्नेहिल साहू के निर्देश पर थाना प्रभारी सुनीता नाग बंजारे को इस मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया गया था। प्रारंभिक जांच में परिजनों ने युवक के पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में मामले की परतें खुलती गईं। खुलासा हुआ कि मृतक को उसके दो भाइयों रोशन बंज, सतीश बंज और भाभी अश्वनी बंज (रोशन की पत्नी) ने मानसिक और शारीरिक रूप से इस हद तक प्रताड़ित किया था कि उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि पिता के देहांत के बाद मृतक के खाते में आए पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण तीनों आरोपी मृतक को मानसिक बीमार बताते हुए दो महीने से उसके हाथ-पैर जंजीरों में बांधकर कमरे में ताला लगाकर रखते थे। उसे खाना भी नहीं दिया जाता था और लगातार गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी, जिससे तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया। इस हृदय विदारक घटना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने मृतक के दोनों भाई रोशन बंज और सतीश बंज के साथ उनकी भाभी अश्वनी बंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।1
- छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित नेहरू नगर के मारुति सुजुकी शोरूम में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के CEO पर छेड़छाड़ और गलत हरकत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब CEO पुलिस अधिकारियों के साथ ऑफिस के भीतर पहुँचे, तभी एक महिला कर्मचारी ने अचानक उनके सामने आकर चेहरे और शर्ट पर स्याही फेंकी। स्याही फेंकने के बाद महिला का गुस्सा और बढ़ गया, और वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उसने CEO को थप्पड़ भी मारा और लात भी चला दी। मौके पर मौजूद पुरुष पुलिस अधिकारी बीच-बचाव का प्रयास करते रहे, लेकिन महिला लगातार आक्रोश जताती रही। इस दौरान शोरूम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, और अन्य महिला कर्मचारी घटना देखती रहीं लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। यह आरोप केवल एक महिला कर्मचारी का नहीं है, बल्कि शोरूम में काम करने वाली तीन से चार अन्य महिला कर्मचारियों ने भी CEO के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों में कहा गया है कि CEO का व्यवहार लंबे समय से महिला स्टाफ के प्रति ठीक नहीं था, जिससे कई कर्मचारी परेशान थीं। घटना के बाद पुलिस ने CEO को हिरासत में ले लिया है, और सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े इस पूरे मामले की जांच CSP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। यह घटना भिलाई में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।1
- सक्ती जिले के करही में हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ‘ऑपरेशन हंट’ चलाकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पिस्टल व बाइक बरामद हुई।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बहू अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर ढोकर हर महीने 9 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचती है ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। पहले घर पर ही पेंशन मिलती थी, लेकिन अब बैंक में उपस्थिति अनिवार्य होने से यह हृदय विदारक स्थिति बनी है, जो राज्य की लचर व्यवस्था को दर्शाती है।1
- छत्तीसगढ़ में लॉन्गेशिया ग्रुप द्वारा एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जहाँ डॉलर में निवेश का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।1
- जांजगीर-चांपा में एक महीने पुराने करही गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 'ऑपरेशन हंट' के तहत अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।1
- कोरबा जिले के केराकछार में कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनीं। इस दौरान, उन्होंने 163 आवेदनों का तुरंत निराकरण किया, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिली। यह पहल छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदायों के मुद्दों को तेजी से हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- सारंगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वाहन का शुभारंभ किया गया। यह वैन घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर जांच प्रक्रिया को तेज करेगी, जिससे न्याय में होने वाली देरी कम होगी।1