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मधुबनी जिला के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, सलहा बेनीपट्टी की छात्राओं ने भीषण गर्मी और लू से बचाव के संबंध में अपने शानदार अभिनय के माध्यम से एक जागरूकता संदेश दिया है। विद्यालय की छात्राएं आकृति (कक्षा-5), अस्मिता (कक्षा-3) और मनीषा (कक्षा-10) ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से लोगों को तेज धूप और लू से बचने के उपाय समझाए। इन नन्हीं प्रतिभाओं का संदेश था कि दोपहर की तेज धूप से बचा जाए, पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जाए, बाहर निकलते समय सिर ढका जाए और स्वस्थ रहा जाए। बच्चों की इस प्रेरणादायक पहल को समाज को जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया गया है।
तेज नारायण ब्रम्हर्षी
मधुबनी जिला के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, सलहा बेनीपट्टी की छात्राओं ने भीषण गर्मी और लू से बचाव के संबंध में अपने शानदार अभिनय के माध्यम से एक जागरूकता संदेश दिया है। विद्यालय की छात्राएं आकृति (कक्षा-5), अस्मिता (कक्षा-3) और मनीषा (कक्षा-10) ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से लोगों को तेज धूप और लू से बचने के उपाय समझाए। इन नन्हीं प्रतिभाओं का संदेश था कि दोपहर की तेज धूप से बचा जाए, पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जाए, बाहर निकलते समय सिर ढका जाए और स्वस्थ रहा जाए। बच्चों की इस प्रेरणादायक पहल को समाज को जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया गया है।
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- मधुबनी जिला के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, सलहा बेनीपट्टी की छात्राओं ने भीषण गर्मी और लू से बचाव के संबंध में अपने शानदार अभिनय के माध्यम से एक जागरूकता संदेश दिया है। विद्यालय की छात्राएं आकृति (कक्षा-5), अस्मिता (कक्षा-3) और मनीषा (कक्षा-10) ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से लोगों को तेज धूप और लू से बचने के उपाय समझाए। इन नन्हीं प्रतिभाओं का संदेश था कि दोपहर की तेज धूप से बचा जाए, पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जाए, बाहर निकलते समय सिर ढका जाए और स्वस्थ रहा जाए। बच्चों की इस प्रेरणादायक पहल को समाज को जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया गया है।1
- बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल, बिस्फी अंचल, पतौना थाना के जगबन गाँव, वार्ड नंबर 5 से बिहार सरकार के माननीय श्री सम्राट चौधरी साहब जी से एक महत्वपूर्ण निवेदन किया गया है। यह निवेदन बिहार की सबसे बड़ी समस्या, भू माफियाओं के बढ़ते दबदबे से संबंधित है, जिनके कारण असली खतियानी रैयत मुनेश्वर लाल और गनेश्वर लाल जैसे लोगों की जमीनें अवैध रूप से कब्जा की जा रही हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह जमीनें अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारी की मिलीभगत से फर्जी जमाबंदी कायम करके हड़पी गई हैं। इस मामले में सीओ संतोष कुमार, सीओ नशीन कुमार निशांत, सीओ प्रभात कुमार, और कर्मचारी नीलेश कुमार, विक्रम कुमार, रविंदर कुमार पर मिलकर गलत म्यूटेशन करने का सीधा आरोप है। यह भी बताया गया है कि मुनेश्वर लाल और गनेश्वर लाल के नाम से कई खाता खेसरा दर्ज हैं। इस पूरी घटना को बिहार सरकार का कारनामा बताया गया है, जो जमीन संबंधी समस्याओं में इस तरह की धांधली को उजागर करती है।4
- बेनीपट्टी में 'कॉकक्रोच जनता पार्टी' अचानक 'डिलीट' हो गई है। आखिर कैसे और किन कारणों से यह पार्टी खत्म हुई, इस वीडियो में जानें।1
- मधुबनी जिले के विस्फी थाना क्षेत्र के नूरचक गाँव स्थित एक गड्ढे में डूबने से 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई है।1
- एक महिला का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया है, जिसके बाद उसके मायके वालों ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतिका के भाई का दावा है कि उसकी बहन की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने कथित तौर पर दो लाख रुपये नहीं दिए थे। इस घटना के बाद से मृतिका का पति घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।1
- बिहार के मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड की देवधा मध्य पंचायत में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घटना के विस्तृत विवरण की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसे एक गंभीर और विचलित करने वाली घटना बताया गया है।1
- मुंबई की चकाचौंध में एक बार फिर बिहार के एक श्रमिक परिवार का सपना टूट गया है, जब दरभंगा के एक मजदूर की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इस घटना को एक सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। उन्होंने प्रशासन पर न्याय न मिलने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। दरभंगा के बेहेड़ी थाना क्षेत्र के सिरुआ गाँव के निवासी फूलचंद झा मुंबई में एक निर्माण कार्य स्थल पर सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार के अनुसार, 17 मई की दोपहर के बाद से फूलचंद से उनका संपर्क टूट गया था और अगले ही दिन उन्हें उनकी मौत की दुखद खबर मिली। परिवार का दावा है कि मुंबई जाकर शव देखने पर उन्हें शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले, जो किसी दुर्घटना के बजाय किसी हमले की ओर इशारा कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस मामले को पुलिस और निर्माण कार्य से जुड़े प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है और अपनी शिकायत की एफआईआर कॉपी तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की माँग कर रहा है। यह मामला बिहार भवन नई दिल्ली और स्थानीय प्रशासन तक पहुँच चुका है। फिलहाल, परिवार की एकमात्र माँग एक निष्पक्ष जाँच और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाना है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एक गरीब मजदूर को न्याय मिल पाएगा, या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में यह मामला भी दबा दिया जाएगा।1
- बिहार के मुख्यमंत्री ने काम नहीं करने वाले अधिकारियों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करेंगे, उन्हें सबसे पहले 10 दिन में पहला नोटिस मिलेगा। इसके बाद, यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो 20 दिन में दूसरा नोटिस और 25 दिन में तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों नोटिसों के बाद भी यदि काम पूरा नहीं होता या सुधार नहीं दिखता, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से सीधे निलंबन का आदेश जारी कर दिया जाएगा।1