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जौरा रोड स्थित मुंगावली पेट्रोल पंप पर कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जहाँ बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों में धड़ल्ले से पेट्रोल और डीजल भरा जा रहा है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने हाल ही में एक टीएल बैठक में यह आदेश जारी किया था कि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक नंबर प्लेट विहीन वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराएगा। इस आदेश को प्रशासन द्वारा समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक भी किया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालक लगातार बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में ईंधन भर रहे हैं और वाहनों की कोई जाँच-पड़ताल भी नहीं की जा रही है। जानकारों का कहना है कि ऐसे वाहन कई बार अवैध कार्यों में इस्तेमाल होते हैं, जिससे इस तरह नियमों की अनदेखी न केवल प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन है, बल्कि अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती है। यह स्थिति संबंधित पेट्रोल पंप संचालक की मनमानी को उजागर करती है। अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि कलेक्टर के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा है, और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद, लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

7 hrs ago
user_Mahesh singh
Mahesh singh
Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

जौरा रोड स्थित मुंगावली पेट्रोल पंप पर कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जहाँ बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों में धड़ल्ले से पेट्रोल और डीजल भरा जा रहा है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने हाल ही में एक टीएल बैठक में यह आदेश जारी किया था कि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक नंबर प्लेट विहीन वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराएगा। इस आदेश को प्रशासन द्वारा समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक भी किया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालक लगातार बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में ईंधन भर रहे हैं और वाहनों की कोई जाँच-पड़ताल भी नहीं की जा रही है। जानकारों का कहना है कि ऐसे वाहन कई बार अवैध कार्यों में इस्तेमाल होते हैं, जिससे इस तरह नियमों की अनदेखी न केवल प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन है, बल्कि अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती है। यह स्थिति संबंधित पेट्रोल पंप संचालक की मनमानी को उजागर करती है। अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि कलेक्टर के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा है, और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद, लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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  • जौरा रोड स्थित मुंगावली पेट्रोल पंप पर कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जहाँ बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों में धड़ल्ले से पेट्रोल और डीजल भरा जा रहा है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने हाल ही में एक टीएल बैठक में यह आदेश जारी किया था कि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक नंबर प्लेट विहीन वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराएगा। इस आदेश को प्रशासन द्वारा समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक भी किया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालक लगातार बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में ईंधन भर रहे हैं और वाहनों की कोई जाँच-पड़ताल भी नहीं की जा रही है। जानकारों का कहना है कि ऐसे वाहन कई बार अवैध कार्यों में इस्तेमाल होते हैं, जिससे इस तरह नियमों की अनदेखी न केवल प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन है, बल्कि अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती है। यह स्थिति संबंधित पेट्रोल पंप संचालक की मनमानी को उजागर करती है। अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि कलेक्टर के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा है, और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद, लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    जौरा रोड स्थित मुंगावली पेट्रोल पंप पर कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जहाँ बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों में धड़ल्ले से पेट्रोल और डीजल भरा जा रहा है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने हाल ही में एक टीएल बैठक में यह आदेश जारी किया था कि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक नंबर प्लेट विहीन वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराएगा। इस आदेश को प्रशासन द्वारा समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक भी किया गया था।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालक लगातार बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में ईंधन भर रहे हैं और वाहनों की कोई जाँच-पड़ताल भी नहीं की जा रही है। जानकारों का कहना है कि ऐसे वाहन कई बार अवैध कार्यों में इस्तेमाल होते हैं, जिससे इस तरह नियमों की अनदेखी न केवल प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन है, बल्कि अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती है। यह स्थिति संबंधित पेट्रोल पंप संचालक की मनमानी को उजागर करती है।

अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि कलेक्टर के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा है, और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद, लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को सिरे से नकारते हुए चुनाव आयोग के फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के साथ, सुप्रीम कोर्ट ने कथित तौर पर राहुल गांधी के झूठे दावों की पोल खोल दी है।
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    सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को सिरे से नकारते हुए चुनाव आयोग के फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के साथ, सुप्रीम कोर्ट ने कथित तौर पर राहुल गांधी के झूठे दावों की पोल खोल दी है।
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों का पालन करते हुए, बुधवार को धौलपुर के जिला कारागृह का मासिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मागो और सचिव रेखा यादव ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान, न्यायिक अधिकारियों ने नालसा द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, उनके मुकदमों की स्थिति, अधिवक्ताओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। संबंधित अधिवक्ताओं और जेल प्रशासन को बंदियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार न हो और उन्हें उनके विधिक अधिकारों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, कारागृह के रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया ताकि बंदियों को दिए जाने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की जांच हो सके। न्यायिक अधिकारियों ने जिला कारागृह में संचालित लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने हेल्प डेस्क पर तैनात अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स से बातचीत कर यह समझा कि प्रतिदिन आने वाले फरियादियों की समस्याओं का पंजीकरण और निस्तारण किस प्रकार किया जा रहा है। यह भी सुनिश्चित किया गया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। हेल्प डेस्क पर संधारित रजिस्टरों और अभिलेखों की भी जांच की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों और अधिकार मित्रों को यह निर्देश दिए गए कि सभी प्रविष्टियां नियमानुसार और प्रतिदिन अपडेट रखी जाएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। इस मासिक निरीक्षण के अवसर पर प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डण्डौतिया, चीफ एलएडीसी अमित कमठान, डिप्टी चीफ एलएडीसी पप्पू सिंह गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी दीपक सिकरवार और आराधना शर्मा सहित कारागृह स्टाफ एवं बंदीजन उपस्थित रहे।
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    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों का पालन करते हुए, बुधवार को धौलपुर के जिला कारागृह का मासिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मागो और सचिव रेखा यादव ने संयुक्त रूप से किया।

निरीक्षण के दौरान, न्यायिक अधिकारियों ने नालसा द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, उनके मुकदमों की स्थिति, अधिवक्ताओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। संबंधित अधिवक्ताओं और जेल प्रशासन को बंदियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार न हो और उन्हें उनके विधिक अधिकारों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, कारागृह के रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया ताकि बंदियों को दिए जाने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की जांच हो सके।

न्यायिक अधिकारियों ने जिला कारागृह में संचालित लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने हेल्प डेस्क पर तैनात अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स से बातचीत कर यह समझा कि प्रतिदिन आने वाले फरियादियों की समस्याओं का पंजीकरण और निस्तारण किस प्रकार किया जा रहा है। यह भी सुनिश्चित किया गया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। हेल्प डेस्क पर संधारित रजिस्टरों और अभिलेखों की भी जांच की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों और अधिकार मित्रों को यह निर्देश दिए गए कि सभी प्रविष्टियां नियमानुसार और प्रतिदिन अपडेट रखी जाएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे।

इस मासिक निरीक्षण के अवसर पर प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डण्डौतिया, चीफ एलएडीसी अमित कमठान, डिप्टी चीफ एलएडीसी पप्पू सिंह गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी दीपक सिकरवार और आराधना शर्मा सहित कारागृह स्टाफ एवं बंदीजन उपस्थित रहे।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सबलगढ़ में पिछले 20 दिनों से सत्याग्रह जारी है। इसके बावजूद, संबंधित अधिकारी इस मामले पर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण सबलगढ़ की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
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    सबलगढ़ में पिछले 20 दिनों से सत्याग्रह जारी है। इसके बावजूद, संबंधित अधिकारी इस मामले पर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण सबलगढ़ की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
    user_धर्मेद्र गौड़
    धर्मेद्र गौड़
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • धौलपुर में नौतपा की भीषण गर्मी और आग उगलती दोपहरी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों की पीड़ा को समझते हुए एडवोकेट, पत्रकार और आमजन ने मिलकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार निभाया है। मई-जून की तपती गर्मी से पक्षियों के गले सूख रहे हैं और आवारा पशु पानी की तलाश में भटक रहे हैं, ऐसे में शहर के अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था का बीड़ा उठाया है। इस पहल के तहत, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और आमजन द्वारा शहर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पेड़ों पर मिट्टी के परिंडे बांधे जा रहे हैं, जिनमें रोजाना ताजा पानी भरा जाता है ताकि चिड़िया, कबूतर और अन्य पक्षी अपनी प्यास बुझा सकें। वहीं, सड़कों, मंदिरों के पास और सुनसान इलाकों में बेसहारा गाय, कुत्ते, बंदर जैसे जानवरों के लिए लोगों ने अपनी ओर से बड़ी पानी की टंकियां रखवाई हैं। इन टंकियों में भी रोजाना पानी भरा जाता है, जिससे सैकड़ों बेजुबान जानवरों को बड़ी राहत मिल रही है। पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल ने इस अवसर पर कहा कि न्यायालय में हम इंसानों के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन प्रकृति और उसके जीवों का भी हम पर उतना ही हक है, और नौतपा में एक बर्तन पानी रख देना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने बताया कि कानून हमें दया और करुणा सिखाता है, और जब इंसान अपने स्वार्थ में अंधा होता है, तो ये बेजुबान जानवर सबसे पहले पीड़ित होते हैं। उन्होंने इस संयुक्त प्रयास को समाज को नई दिशा देने वाला बताया और हर नागरिक से अपने स्तर पर एक परिंडा लगाने का आह्वान किया। अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नौतपा के 9 दिन धरती का तापमान सबसे अधिक होता है, जिससे प्रकृति और जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाता है। उनका मानना है कि प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था करे। आमजन से भी अपील की गई है कि वे अपने घर की छत, बालकनी, दुकान या मोहल्ले में एक मिट्टी का बर्तन पानी से भरकर रखें, क्योंकि एक छोटा सा प्रयास किसी पक्षी की जान बचा सकता है। स्थानीय युवा, अधिवक्ता, पत्रकार और आमजन प्रतिदिन सुबह-शाम परिंडे और टंकियों की सफाई कर उन्हें फिर से भर रहे हैं, और यह सेवा अभियान गर्मी कम होने तक लगातार जारी रहेगा। रमा पंडित, सचिन पाराशर, सार्थक उपाध्याय, हिमांशु, धीरेंद्र कुशवाह, मीनेश मीना, अनिल मीणा, हेमंत सिंह, अनुराग कटारा, अजीत, रजित शर्मा, रमाकांत शर्मा, अजीत परिहार, हरवीर शर्मा और भानु शर्मा सहित कई लोग इस कार्य में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जो नौतपा की इस तपिश में पशु-पक्षियों के लिए जीवनदान और इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन रहा है।
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    धौलपुर में नौतपा की भीषण गर्मी और आग उगलती दोपहरी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों की पीड़ा को समझते हुए एडवोकेट, पत्रकार और आमजन ने मिलकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार निभाया है। मई-जून की तपती गर्मी से पक्षियों के गले सूख रहे हैं और आवारा पशु पानी की तलाश में भटक रहे हैं, ऐसे में शहर के अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था का बीड़ा उठाया है।

इस पहल के तहत, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और आमजन द्वारा शहर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पेड़ों पर मिट्टी के परिंडे बांधे जा रहे हैं, जिनमें रोजाना ताजा पानी भरा जाता है ताकि चिड़िया, कबूतर और अन्य पक्षी अपनी प्यास बुझा सकें। वहीं, सड़कों, मंदिरों के पास और सुनसान इलाकों में बेसहारा गाय, कुत्ते, बंदर जैसे जानवरों के लिए लोगों ने अपनी ओर से बड़ी पानी की टंकियां रखवाई हैं। इन टंकियों में भी रोजाना पानी भरा जाता है, जिससे सैकड़ों बेजुबान जानवरों को बड़ी राहत मिल रही है।

पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल ने इस अवसर पर कहा कि न्यायालय में हम इंसानों के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन प्रकृति और उसके जीवों का भी हम पर उतना ही हक है, और नौतपा में एक बर्तन पानी रख देना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने बताया कि कानून हमें दया और करुणा सिखाता है, और जब इंसान अपने स्वार्थ में अंधा होता है, तो ये बेजुबान जानवर सबसे पहले पीड़ित होते हैं। उन्होंने इस संयुक्त प्रयास को समाज को नई दिशा देने वाला बताया और हर नागरिक से अपने स्तर पर एक परिंडा लगाने का आह्वान किया।

अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नौतपा के 9 दिन धरती का तापमान सबसे अधिक होता है, जिससे प्रकृति और जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाता है। उनका मानना है कि प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था करे। आमजन से भी अपील की गई है कि वे अपने घर की छत, बालकनी, दुकान या मोहल्ले में एक मिट्टी का बर्तन पानी से भरकर रखें, क्योंकि एक छोटा सा प्रयास किसी पक्षी की जान बचा सकता है। स्थानीय युवा, अधिवक्ता, पत्रकार और आमजन प्रतिदिन सुबह-शाम परिंडे और टंकियों की सफाई कर उन्हें फिर से भर रहे हैं, और यह सेवा अभियान गर्मी कम होने तक लगातार जारी रहेगा। रमा पंडित, सचिन पाराशर, सार्थक उपाध्याय, हिमांशु, धीरेंद्र कुशवाह, मीनेश मीना, अनिल मीणा, हेमंत सिंह, अनुराग कटारा, अजीत, रजित शर्मा, रमाकांत शर्मा, अजीत परिहार, हरवीर शर्मा और भानु शर्मा सहित कई लोग इस कार्य में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जो नौतपा की इस तपिश में पशु-पक्षियों के लिए जीवनदान और इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन रहा है।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • पोस्ट में यह बताया गया है कि "मोदी जी" हर पीढ़ी की पहली पसंद हैं। इसमें विशेष रूप से "जेन Z" और "जेन अल्फा" का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इन युवा पीढ़ियों के लोग भी 'मोदी जी' को ही अपनी प्राथमिक पसंद मानते हैं।
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    पोस्ट में यह बताया गया है कि "मोदी जी" हर पीढ़ी की पहली पसंद हैं। इसमें विशेष रूप से "जेन Z" और "जेन अल्फा" का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इन युवा पीढ़ियों के लोग भी 'मोदी जी' को ही अपनी प्राथमिक पसंद मानते हैं।
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के सोने का गुर्जा थाना क्षेत्र के नया गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। इस दौरान एक पक्ष की मां और बेटे पर दूसरे पक्ष के करीब आधा दर्जन लोगों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मां और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल महिला ने सोने का गुर्जा थाने में इस पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया गया है कि इस झगड़े का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। सोने का गुर्जा के एसएचओ कैलाश सामरी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
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    धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के सोने का गुर्जा थाना क्षेत्र के नया गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। इस दौरान एक पक्ष की मां और बेटे पर दूसरे पक्ष के करीब आधा दर्जन लोगों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मां और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल महिला ने सोने का गुर्जा थाने में इस पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया गया है कि इस झगड़े का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। सोने का गुर्जा के एसएचओ कैलाश सामरी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
    user_रोहित वर्मा
    रोहित वर्मा
    Farmer बारी, धौलपुर, राजस्थान•
    52 min ago
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