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कटिहार जिले के अहमदाबाद दुर्गापुर पंचायत में सड़कों की गंभीर समस्या बनी हुई है। यह मुद्दा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण परेशानी का कारण है।
Mahesh Kumar Singh
कटिहार जिले के अहमदाबाद दुर्गापुर पंचायत में सड़कों की गंभीर समस्या बनी हुई है। यह मुद्दा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण परेशानी का कारण है।
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- बिहार के कटिहार स्थित मणिपुर चौक से मन्नू कुमार के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके मन्नू कुमार से संपर्क किया जा सकता है। उपलब्ध कराए गए नंबर 6397484192 और 6202437112 हैं।4
- कटिहार जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र का कौवा बारी गांव इन दिनों मक्खियों के भीषण आतंक से जूझ रहा है, जहां न कोई महामारी है और न ही कोई प्राकृतिक आपदा, फिर भी पूरा गांव परेशान है। सुबह आँख खुलते ही लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ता है। पहली नज़र में सामान्य दिखने वाले इस गांव के घरों के अंदर कदम रखते ही दीवारों, बर्तनों और खाने-पीने की चीज़ों पर हज़ारों मक्खियों का झुंड मंडराता नज़र आता है। ग्रामीण पिछले दो से ढाई वर्षों से इस गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे खाना बनाना, खाना खाना और यहाँ तक कि घर में बैठना भी मुश्किल हो गया है, जिसका सबसे ज़्यादा ख़ामियाज़ा छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पास चल रहे एक मुर्गी फार्म से निकलने वाली गंदगी इन मक्खियों की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। करीब 100 से अधिक घरों और हजारों की आबादी वाले इस गांव के लोगों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आख़िर उन्हें इस मक्खियों के आतंक से कब राहत मिलेगी, और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करेगा? कौवा बारी गांव की यह परेशानी अब केवल असुविधा नहीं रही, बल्कि यह स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। ग्रामीणों को इंतज़ार है कि प्रशासन उनकी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक उन्हें इस मक्खियों के आतंक से मुक्ति मिल पाती है।1
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- लगातार पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।1
- एक पत्रकार द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए पैसों के स्रोत पर सवाल उठाए जाने के बाद, खान सर ने इसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के निर्माण के लिए राज शमानी के प्लेटफॉर्म पर लोगों ने सहयोग राशि एकत्र की थी। जब यह राशि उन्हें भेजने की बात आई, तो खान सर ने इसे लेने से मना कर दिया और स्पष्ट कहा कि इन पैसों को उन्हें न भेजा जाए, बल्कि किसी ज़रूरतमंद के काम में लगाया जाए। यह कार्य ऐसे समय में बहुत बड़ी बात है जब लोग हर अवसर को कमाई के ज़रियए के रूप में देखते हैं, वहीं खान सर ने अपने लिए आई सहायता को भी ज़रूरतमंदों के नाम कर दिया। यही कारण है कि लाखों छात्र उन्हें केवल एक शिक्षक नहीं मानते। उन्होंने शिक्षा को गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों तक पहुँचाया, कम फीस में पढ़ाया, और बार-बार यह साबित किया कि समाज के लिए कुछ करने की नीयत ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। जबकि आरोप लगाना और सवाल उठाना आसान है, यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्षों से लाखों छात्रों का विश्वास जीतना आसान नहीं होता। अन्य सभी आरोप-प्रत्यारोपों का फैसला अदालत और कानून करेंगे, लेकिन किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों और समाज के लिए किए गए योगदान को भी याद रखा जाना चाहिए। इसी भरोसे और योगदान के चलते लाखों छात्र आज भी खान सर के साथ खड़े हैं।1
- कटिहार के कुरसेला थाना क्षेत्र में अवैध गैस सिलेंडर कारोबार का मामला अब गंभीर रूप ले रहा है। NH 31 पर पुलिस पिकेट पर एक टेंपो से 10 संदिग्ध कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने संदिग्ध भारत गैस एजेंसी संचालक मुकेश चौधरी, गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों, टेंपो मालिक और सिलेंडर की डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए गैस की आपूर्ति श्रृंखला, खरीद-बिक्री की प्रक्रिया और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग, रीपैकिंग और फर्जी तरीके से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। बरामद 10 सिलेंडरों में इंडेन और एचपी कंपनी के सिलेंडर शामिल थे, जबकि गिरफ्तार व्यक्ति ने भारत गैस एजेंसी की 8 कमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग पर्ची एक ही व्यक्ति के नाम पर प्रस्तुत की थी। जांच में विभिन्न कंपनियों के सिलेंडरों पर दूसरी कंपनी की सील और पहचान चिह्न मिलने से आशंका है कि गैस भरकर उन पर भारत गैस का रैपर लगाकर बाजार में बेचा जा रहा था। इसी आधार पर भारत गैस एजेंसी संचालक मुकेश चौधरी पर मामला दर्ज किया गया है और एजेंसी की संभावित मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन अवैध सिलेंडरों की आपूर्ति होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक की जा रही थी। यह भी बताया गया है कि कुरसेला पुलिस पिकेट से मात्र 50 मीटर की दूरी पर गैस कटिंग का कारोबार भी संचालित हो रहा था, जिस पर दो माह पूर्व प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी किंचित कुमार ने दो लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था। विशेषज्ञों ने अवैध गैस रीफिलिंग और रीपैकिंग को न केवल कानूनी अपराध बताया है, बल्कि इसे आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा करार दिया है। सुरक्षा मानकों का पालन न करने से सिलेंडरों में रिसाव, आग और विस्फोट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे नेटवर्क के अन्य पहलुओं की भी जांच की बात कही है, क्योंकि बड़े पैमाने पर ऐसे कारोबार में कई स्तरों पर लोगों की संलिप्तता हो सकती है। गिरफ्तार लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्ध ठिकानों की भी जांच कर रही है और इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गैस कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। इस बीच, क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर थी कि अवैध सिलेंडरों से लदे टेंपो के साथ पकड़े गए दोनों व्यक्तियों को रात में ही छोड़ दिया गया था। हालांकि, थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने इन चर्चाओं का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि अवैध गैस सिलेंडर बरामदगी मामले में संदिग्ध भारत गैस एजेंसी संचालक, दोनों युवकों, वाहन मालिक और गैस सिलेंडर प्राप्त करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पकड़े गए दोनों युवकों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और जैसे-जैसे अनुसंधान आगे बढ़ेगा, मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य और नाम सामने आ सकते हैं। प्रशासन ने अवैध गैस कारोबार में शामिल किसी को भी न बख्शने और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का दावा किया है।3
- कटिहार जिले के हसनगंज में बिजली पोल के एक बॉक्स में खराबी आने से उपभोक्ता परेशान थे, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इस समस्या के समाधान के लिए, एक मिस्त्री ने मौके पर पहुँचकर उस खराबी को दुरुस्त किया। मिस्त्री द्वारा मरम्मत किए जाने के बाद, क्षेत्र में बिजली सेवा बहाल कर दी गई।1
- खान सर को कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा मिल गई है, जिससे उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। यह जानकारी खान सर के वकील द्वारा दी गई है, जिन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में केस डायरी और एंटीसीडेंट की मांग की है। इस कानूनी राहत के बाद, खान सर अब जहां चाहें आ और जा सकते हैं, और उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। कोर्ट के इस आदेश के चलते वे अब निर्बाध रूप से अपनी गतिविधियों को जारी रख सकते हैं।1
- कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड अंतर्गत एसएच 98 आबादपुर-बारसोई मुख्य सड़क पर सकपान ग्राम के पास सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार, अनियंत्रित और ओवरलोड ईंटों से भरा ट्रक पुल की रेलिंग से टकराकर नीचे गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और चालक तथा खलासी दोनों ही वाहन के अंदर फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए, मदद के लिए पुकारने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एक जेसीबी बुलाई और उसकी मदद से ट्रक का दरवाजा तोड़कर चालक व खलासी को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक के शरीर से खून बह रहा था और उसके कई अंगों की पसलियां टूट चुकी थीं। ग्रामीणों ने आबादपुर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई में भर्ती कराया। अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने ट्रक चालक को पूर्णिया रेफर कर दिया। डॉक्टर करमचंद उरांव ने बताया कि चालक की हालत अत्यंत नाजुक है, उसका दायां पैर टूट गया है और शरीर व माथे पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक की पहचान मुशर्रफ और खलासी की पहचान हुमायूं के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के हरिश्चन्द्रपुर थाना क्षेत्र स्थित मिलनगर के निवासी हैं। वे पश्चिम बंगाल निर्मित 'रेजा' ब्रांड की ईंटें आबादपुर की ओर ले जा रहे थे। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल क्षेत्र से अक्सर 'रेजा', 'हीरो' और 'शक्ति' ब्रांड की बंगाल निर्मित ईंटों से लदे ओवरलोड ट्रक बिना किसी रोक-टोक के चलते रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान होता है, साथ ही सड़क हादसों और राहगीरों के जान-जोखिम का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने अनुमंडल प्रशासन से इस अवैध परिचालन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।2