भीलवाड़ा के आकोला क्षेत्र में आमल्दा से चैनपुरा माइन्स तक करीब 4 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं और आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। यह सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो महीने पहले सड़क पर पैचवर्क का काम शुरू किया गया था, लेकिन ठेकेदार ने इसे अधूरा छोड़ दिया। काम केवल आमल्दा चौराहे से महलों का मानपुरा तक ही किया गया, और बाकी सड़क पर काम पूरा नहीं हो सका। कुछ जगहों पर तो गड्ढे इतने बड़े हो गए हैं कि दुर्घटनाओं का खतरा और भी बढ़ गया है, खासकर रात के समय वाहन चालकों को आवागमन में विशेष दिक्कतें आती हैं। यह महत्वपूर्ण मार्ग क्षेत्र के लगभग 8 से 10 गांवों को जोड़ता है, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी बदहाल सड़क से गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण बाइक सवारों सहित अन्य सभी वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा करवाने की पुरजोर मांग की है।
भीलवाड़ा के आकोला क्षेत्र में आमल्दा से चैनपुरा माइन्स तक करीब 4 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं और आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। यह सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों
का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो महीने पहले सड़क पर पैचवर्क का काम शुरू किया गया था, लेकिन ठेकेदार ने इसे अधूरा छोड़ दिया। काम केवल आमल्दा चौराहे से महलों का मानपुरा तक ही किया गया, और बाकी सड़क पर काम पूरा नहीं हो सका। कुछ
जगहों पर तो गड्ढे इतने बड़े हो गए हैं कि दुर्घटनाओं का खतरा और भी बढ़ गया है, खासकर रात के समय वाहन चालकों को आवागमन में विशेष दिक्कतें आती हैं। यह महत्वपूर्ण मार्ग क्षेत्र के लगभग 8 से 10 गांवों को जोड़ता है, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी बदहाल
सड़क से गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण बाइक सवारों सहित अन्य सभी वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा करवाने की पुरजोर मांग की है।
- महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है। आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।1
- राजस्थान पुलिस द्वारा बाल श्रम से मुक्ति हेतु भीलवाड़ा में चलाए जा रहे 'उमंग 7' अभियान के अंतर्गत, टंकी के बालाजी मंदिर क्षेत्र से चार बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया है। बचाव के बाद, इन बच्चों को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चंद्रकला ओझा और सदस्य विनोद राव के सामने प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात्, बाल कल्याण समिति ने बच्चों को आश्रय प्रदान करते हुए 'एवरेस्ट शेल्टर' में रखवाया। इस संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी विरोधी इकाई के उप निरीक्षक ओम प्रकाश सैन, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर सिंह और कांस्टेबल किशन सिंह ने अहम भूमिका निभाई। साथ ही, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशानुसार, चाइल्डलाइन (1098) के परियोजना समन्वयक हेमंत सिंह सिसोदिया, सुपरवाइजर आनंद कुमार सुमनारिया, नवाचार संस्थान के जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह तोमर और रेड एंड रेस्क्यू ऑफिसर भगवत सिंह चारण ने भी इस अभियान में सहयोग किया। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी भीलवाड़ा चाइल्ड हेल्पलाइन के हेमंत ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रदान की।1
- भीलवाड़ा ज़िले के कांवाखेड़ा वार्ड 27 में 9 जून को चम्बल परियोजना की पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। कांवाखेड़ा नाले की पुलिया से गुज़र रही इस पाइपलाइन से हर रोज़ सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, क्योंकि एक तरफ जहाँ घरेलू नल कनेक्शनों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता, वहीं दूसरी ओर बेवजह पानी व्यर्थ बह रहा है। इस समस्या को लेकर चम्बल जल परियोजना अधिकारी से फोन पर संपर्क कर शिकायत भी की गई थी, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। कांग्रेस कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ, भीलवाड़ा (शहर) के ज़िला उपाध्यक्ष राकेश देसाई ने संगठन के तत्वावधान में मांग की है कि इस समस्या का अतिशीघ्र समाधान किया जाए ताकि वार्ड वासियों को राहत मिल सके।1
- भीलवाड़ा नगर निगम की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई गई है, जहाँ कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं दिखते। लोगों द्वारा बार-बार शिकायतें दर्ज कराने, ज्ञापन देने और निगम के सचिव व अन्य अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से कई बार अनुरोध करने के बावजूद, कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। शहर में नालियाँ इतनी भर गई हैं कि आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जब स्थिति इतनी बिगड़ गई, तब जाकर दो कर्मचारी मौके पर आते हैं। हालाँकि, उनकी कार्रवाई भी अधूरी रहती है, क्योंकि वे कचरा निकालकर सड़कों पर ही छोड़कर चले जाते हैं। विशेष रूप से यूआईटी की 2013 की नगर विकास न्यास कॉलोनी में, जहाँ 20 फीट चौड़ी सड़कें हैं, वहाँ भी यह कचरा सड़कों पर ही पड़ा रहता है। कुल मिलाकर, नगर निगम की ओर से कभी कोई उचित कार्रवाई नहीं होती। चाहे लोग कितने भी परेशान क्यों न हों, उन्हें निगम से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।1
- 'जहर मुक्त 'बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के आह्वान पर बड़ीसादड़ी में पूर्ण बंद सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह बंद हिन्दुस्तान जिंक के 'जेरोफिक्स अपशिष्ट पदार्थ' से जुड़े मामले के विरोध में किया गया था। इस सफल बंद के दौरान, मेडिकल स्टोर जैसी आवश्यक सेवाएं भी ठप रहीं।1
- आज सांवरिया सेठ जी के मनमोहक दर्शन हुए, जिसके बाद भक्त ने अपनी गहरी भावनाएँ साझा कीं। भक्त ने सांवरिया सेठ जी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक सबका बहुत साथ दिया और बहुत निभा लिया है, लेकिन अब वे स्वयं के लिए जीने का इरादा रखते हैं।1
- महिला विकास मंच की वीणा माधवी ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिवारों को बचाना है।1
- भीलवाड़ा/आकोला क्षेत्र के चांदगढ़ गांव में मंगलवार दोपहर एक तेज रफ्तार वाहन ने जमकर कहर बरपाया। बड़लियास की ओर से तेज गति से आ रही एक गाड़ी अनियंत्रित होकर चांदगढ़ निवासी भगवान लाल ओड के मकान से जा टकराई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि घर के बाहर बना लोहे का छपरा क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी टीन की चादरें नीचे गिर गईं। इस घटना में मकान के बाहर बैठी एक गाय वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मर गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि वाहन चालक नशे की हालत में था। दुर्घटना में चालक भी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही बड़लियास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और क्षेत्र में यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाने की मांग की है।2