बैतूल जिला चिकित्सालय में बीती रात करीब दो घंटे तक बिजली व्यवस्था ठप रहने से स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिजली बाधित रहने के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी गहन चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला तब और गरमा गया जब अस्पताल की बिजली समस्या की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने वाले पत्रकार नितिन अग्रवाल को कथित तौर पर अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा सरेआम जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप सामने आया। इस घटना से जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। आक्रोशित पत्रकारों ने कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन से दोषी कर्मचारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों को धमकाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और ऐसे प्रकरणों में सख्त कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इस बीच, घटना को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और पत्रकार की सुरक्षा को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
बैतूल जिला चिकित्सालय में बीती रात करीब दो घंटे तक बिजली व्यवस्था ठप रहने से स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिजली बाधित रहने के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी गहन चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला तब और गरमा गया जब अस्पताल की बिजली समस्या की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने वाले पत्रकार नितिन अग्रवाल को कथित तौर पर अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा सरेआम जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप सामने आया। इस घटना से जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। आक्रोशित पत्रकारों ने कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन से दोषी कर्मचारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों को धमकाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और ऐसे प्रकरणों में सख्त कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इस बीच, घटना को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और पत्रकार की सुरक्षा को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
- बैतूल जिला चिकित्सालय में बीती रात करीब दो घंटे तक बिजली व्यवस्था ठप रहने से स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिजली बाधित रहने के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी गहन चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला तब और गरमा गया जब अस्पताल की बिजली समस्या की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने वाले पत्रकार नितिन अग्रवाल को कथित तौर पर अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा सरेआम जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप सामने आया। इस घटना से जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। आक्रोशित पत्रकारों ने कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन से दोषी कर्मचारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों को धमकाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और ऐसे प्रकरणों में सख्त कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इस बीच, घटना को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और पत्रकार की सुरक्षा को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- आमला में जल संरक्षण और पानी बचाने के बड़े-बड़े दावों के बीच नगर पालिका की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने स्थित एक सार्वजनिक नल पिछले कई दिनों से लगातार बह रहा है, जिससे प्रतिदिन हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बर्बाद हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका परिसर के सामने होने के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध नहीं ली है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका ने लगभग 45 दिन पहले ही पुराने नल को हटाकर एक नया नल लगाया था। हालांकि, इस नए नल की गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि कुछ ही दिनों में यह खराब हो गया और इससे लगातार पानी बहने लगा। इस घटना से न केवल पेयजल की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली और उसके द्वारा करवाए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि एक तरफ नगर पालिका जल संकट और पानी की कमी का हवाला देकर लोगों से पानी बचाने की अपील करती है, वहीं दूसरी ओर उसकी आंखों के सामने ही हजारों लीटर पानी रोजाना नालियों में बहता रहता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते खराब नल को ठीक कर दिया जाता, तो इस पानी की बर्बादी को आसानी से रोका जा सकता था। लगातार बहते पानी के कारण नल के आसपास का क्षेत्र भी हमेशा गीला और गंदा बना रहता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भी काफी असुविधा हो रही है। नागरिकों का यह भी कहना है कि जब नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने की स्थिति इतनी खराब है, तो शहर के अन्य क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी किस प्रकार हो रही होगी, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और संबंधित विभाग से तुरंत खराब नल को बदलने और पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने भविष्य में घटिया सामग्री का उपयोग करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। जनता सवाल उठा रही है कि जब जल संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था ही पानी की बर्बादी रोकने में गंभीर नहीं है, तो आम नागरिकों से जल बचाने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।2
- जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने एसडीएम से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है, जिसमें उसने गांव में बेखौफ चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है। यह दूसरी बार है जब महिला इसी शिकायत को लेकर अधिकारियों के पास पहुंची है, जो समस्या की निरंतरता को दर्शाता है। महिला ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि गांव में अवैध शराब का धंधा बिना किसी भय के फल-फूल रहा है। स्थिति यह है कि शराब माफिया खुलेआम लोगों को धमकी दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। महिला की यह अपील गांव में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उठाती है।1
- बैतूल से मुलताई जाने की हड़बड़ी में गलत ट्रेन संघमित्रा एक्सप्रेस में सवार हुई एक मां और उसकी बेटी चिचोली के पास एक हादसे का शिकार हो गईं। ट्रेन के मुलताई में न रुकने की जानकारी मिलने पर घबराहट में चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में सरिता दुबे (49) और उनकी पुत्री अक्षरा दुबे (15) गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना में सरिता दुबे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें नागपुर रेफर कर दिया है। वहीं, उनकी पुत्री अक्षरा दुबे का उपचार पांढुर्णा सिविल अस्पताल में जारी है। रेलवे और जीआरपी पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घायलों को मेमो ट्रेन से पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पहुंचाया। वहाँ से उन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए पांढुर्णा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस द्वारा घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।1
- खेड़ीसावलीगढ़ के इंदिरा कॉलोनी निवासी राजू पवार के पुत्र आयुष पवार की पत्नी दीक्षा पवार पर अपने ससुराल वालों को फंसाने के लिए अस्पताल में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगा है। सोमवार रात करीब 8 बजे दीक्षा पवार का अपनी सास संध्या पवार से झगड़ा हुआ, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर 122 पर फोन कर अस्पताल में भर्ती होकर अपने पति आयुष पवार और सास संध्या पवार पर मारपीट करने का झूठा आरोप लगाया। हालांकि, आयुष पवार का कहना है कि उन्होंने और उनकी माँ संध्या ने दीक्षा से किसी तरह की मारपीट नहीं की। आयुष के अनुसार, विवाद केवल एक अंगूठी को लेकर था, जिसे उन्होंने पैसों की ज़रूरत पड़ने पर गिरवी रखा था और बाद में वापस ले लिया था। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार में दीक्षा का किसी और से कोई झगड़ा नहीं हुआ था और उसकी सोने की चेन भी उसे वापस दे दी गई थी। परिवार का आरोप है कि उन्हें झूठी रिपोर्ट दर्ज कर फंसाया जा रहा है। एक संवाददाता द्वारा सच्चाई जानने की कोशिश करने पर पड़ोसियों ने भी झगड़े की बात से इनकार किया है। मामले में पुलिस से सच्चाई जानने की मांग की गई है।1
- आठनेर पुलिस को ट्रेक्टर और कृषि मशीनरी की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो ट्रेक्टर बरामद किए हैं। यह गिरोह फर्जी इकरारनामा और छल-पूर्वक किसानों के ट्रेक्टर हड़पने का काम करता था। टेमनी पाटादा निवासी विजय उईके ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राजेश विजयकर और उसके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका ट्रेक्टर अपने कब्जे में ले लिया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने ट्रेक्टर को विभिन्न लोगों को बेच दिया था और किसान को लगातार गुमराह किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की और जितेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी किसानों के उपकरण गिरवी रखकर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस फिलहाल और पूछताछ कर रही है, जिसमें अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस ने यह भी बताया है कि पूरे गिरोह की तलाश जारी है।1
- बैतूल के विनोबा वार्ड स्थित शिवराज परिहार के निवास पर पुरुषोत्तम मास के शुभ अवसर पर एक शानदार कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष आयोजन के तहत '11 दोहे रामायण पाठ' का पाठ किया गया, जिसे बड़े उत्साह और भक्ति के साथ पूरा किया गया।1
- मल्टी नगर में नगर पालिका की अनदेखी के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इन कचरे के ढेरों में मवेशी भोजन की तलाश करते हैं, जिसके चलते वे कचरे में मिली पन्नी खा लेते हैं। पन्नी खाने की वजह से मवेशियों की मौत हो रही है, जो नगर पालिका की लापरवाही का एक गंभीर परिणाम है।1