दिनांक 9 जून, 2026 मंगलवार को कस्बे में आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन अंता के सदस्यों ने नगर अध्यक्ष दिलकुश मीणा के नेतृत्व में उन्हें श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बिरसा मुंडा की जीवनी पर भी प्रकाश डाला गया। भीम आर्मी के राकेश गोडाला ने जानकारी देते हुए बताया कि बिरसा मुंडा ने 1886 से 1890 के बीच चाईबासा में ब्रिटिश विरोधी और मिशनरी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्हें 3 मार्च, 1900 को ब्रिटिश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष 9 जून को 25 वर्ष की आयु में रांची जेल में उनका निधन हो गया था। तभी से इस दिन को उनके महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में भीम आर्मी राजस्थान के प्रदेश मीडिया प्रभारी एडवोकेट प्रेम शंकर शांत ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को 'धरती आबा' (धरती पिता) के नाम से भी जाना जाता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषण के विरुद्ध आदिवासी समाज का नेतृत्व किया और 'उलगुलान' का आह्वान किया था। भीम आर्मी आईटी सेल के प्रदेश सदस्य देवी शंकर मेघवाल ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा को उनके स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार कार्यों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। विधि सलाहकार एडवोकेट देश राज मेहरा ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी अधिकारों और संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई। श्रद्धांजलि सभा के दौरान संभाग मीडिया प्रभारी भुवनेश रेगर, जिला सचिव जितेंद्र गोडाला, नगर सचिव सोनू रेगर, राजू तम्बोली, कपिल गोडाला सहित अन्य कई सदस्य उपस्थित रहे।
दिनांक 9 जून, 2026 मंगलवार को कस्बे में आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन अंता के सदस्यों ने नगर अध्यक्ष दिलकुश मीणा के नेतृत्व में उन्हें श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बिरसा मुंडा की जीवनी पर भी प्रकाश डाला गया। भीम आर्मी के राकेश गोडाला ने जानकारी देते हुए बताया कि बिरसा मुंडा ने 1886 से 1890 के बीच चाईबासा में ब्रिटिश विरोधी और मिशनरी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्हें 3 मार्च, 1900 को ब्रिटिश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष 9 जून को 25 वर्ष की आयु में रांची जेल में उनका निधन हो गया था। तभी से इस दिन को उनके महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता
है। कार्यक्रम में भीम आर्मी राजस्थान के प्रदेश मीडिया प्रभारी एडवोकेट प्रेम शंकर शांत ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को 'धरती आबा' (धरती पिता) के नाम से भी जाना जाता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषण के विरुद्ध आदिवासी समाज का नेतृत्व किया और 'उलगुलान' का आह्वान किया था। भीम आर्मी आईटी सेल के प्रदेश सदस्य देवी शंकर मेघवाल ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा को उनके स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार कार्यों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। विधि सलाहकार एडवोकेट देश राज मेहरा ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी अधिकारों और संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई। श्रद्धांजलि सभा के दौरान संभाग मीडिया प्रभारी भुवनेश रेगर, जिला सचिव जितेंद्र गोडाला, नगर सचिव सोनू रेगर, राजू तम्बोली, कपिल गोडाला सहित अन्य कई सदस्य उपस्थित रहे।
- दिनांक 9 जून, 2026 मंगलवार को कस्बे में आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन अंता के सदस्यों ने नगर अध्यक्ष दिलकुश मीणा के नेतृत्व में उन्हें श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बिरसा मुंडा की जीवनी पर भी प्रकाश डाला गया। भीम आर्मी के राकेश गोडाला ने जानकारी देते हुए बताया कि बिरसा मुंडा ने 1886 से 1890 के बीच चाईबासा में ब्रिटिश विरोधी और मिशनरी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्हें 3 मार्च, 1900 को ब्रिटिश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष 9 जून को 25 वर्ष की आयु में रांची जेल में उनका निधन हो गया था। तभी से इस दिन को उनके महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में भीम आर्मी राजस्थान के प्रदेश मीडिया प्रभारी एडवोकेट प्रेम शंकर शांत ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को 'धरती आबा' (धरती पिता) के नाम से भी जाना जाता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषण के विरुद्ध आदिवासी समाज का नेतृत्व किया और 'उलगुलान' का आह्वान किया था। भीम आर्मी आईटी सेल के प्रदेश सदस्य देवी शंकर मेघवाल ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा को उनके स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार कार्यों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। विधि सलाहकार एडवोकेट देश राज मेहरा ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी अधिकारों और संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई। श्रद्धांजलि सभा के दौरान संभाग मीडिया प्रभारी भुवनेश रेगर, जिला सचिव जितेंद्र गोडाला, नगर सचिव सोनू रेगर, राजू तम्बोली, कपिल गोडाला सहित अन्य कई सदस्य उपस्थित रहे।2
- शाहाबाद उपखंड के मझारी गांव स्थित बिजासन माता मंदिर में ११ कुण्डी शिवशक्ति महायज्ञ और श्रीराम कथा का भव्य आयोजन एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया है। यह कलश यात्रा मझारी के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं और बच्चियां अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। इस दौरान डीजे की धुन पर लोग नाचते हुए नजर आए और कलश यात्रा का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। श्रीराम कथा का वाचन श्रीधाम वृन्दावन की आचार्य डॉ. दिव्या ज्योति अपने मुखारविंद से करेंगी। कथा के साथ-साथ आयोजित हो रहे ११ कुंडी महायज्ञ के मुख्य यजमान रामकरण मेहता हैं। इस यज्ञ में यज्ञ पुरोहित महाराज श्री मानस मंथन सत्यानंद जी महाराज हरिद्वार, यज्ञ कर्ता श्री सुरेशानंद जी महाराज बनारस, बाल योगी नागाजी करनाल, गंगापुरी महाराज हिंगोनिया इंदौर, यज्ञ संचालक राहुल गिरी महाराज विलासपुर छत्तीसगढ़ और मुक्तानंदजी महाराज विलासपुर छत्तीसगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संत-महात्मा मौजूद रहेंगे। श्रीराम कथा और महायज्ञ का यह पावन आयोजन 14 जून तक चलेगा।2
- कोटा नगर निगम ने आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे शहर में अवैध होर्डिंग्स, फ्लेक्स और बैनरों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, शहर के प्रमुख मार्गों, डिवाइडरों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति लगाए गए सभी विज्ञापनों को हटा दिया गया और उन्हें जब्त कर लिया गया। निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर जुर्माना भी लगाया है। निगम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति या संस्था फिर से अवैध विज्ञापन लगाते हुए पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में जोन-1 के अतिक्रमण प्रभारी अजहर और हेड कांस्टेबल संजीव कुमार सहित नगर निगम की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही।1
- कोटा, राजस्थान के भाग्येश गौतम ने उन लोगों के लिए एक विशेष ज्योतिषीय उपाय सुझाया है जो बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाते हैं, लेकिन चिकित्सा जांच रिपोर्टों में कोई विशेष कारण सामने नहीं आता। ज्योतिषीय दृष्टि से ऐसी स्थिति को कुछ ग्रहों के प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है, जो व्यक्ति को बार-बार अस्पताल से जोड़ते हैं। इसके समाधान के तौर पर उन्होंने सलाह दी है कि ऐसे व्यक्ति अपने आसपास के किसी अस्पताल में कुछ समय के लिए जाकर बैठें। यदि संभव हो तो किसी जरूरतमंद मरीज या उनके परिजनों की छोटी-मोटी सहायता करें। साथ ही, अस्पताल का पानी पिएं और यदि संभव हो तो एक बोतल में भरकर घर भी ले आएं। भाग्येश गौतम के अनुभव के अनुसार, इस उपाय से वे ग्रह जो व्यक्ति को बार-बार अस्पताल जाने के लिए मजबूर कर रहे होते हैं, उनकी कठोरता धीरे-धीरे कम होने लगती है और राहत का अनुभव होता है। गौतम ने आग्रह किया है कि इस जानकारी को जरूरतमंद लोगों तक अवश्य पहुंचाया जाए, क्योंकि उनका मानना है कि एक साझाकरण किसी के जीवन में राहत का कारण बन सकता है। उनका संदेश है कि ग्रहों को अपनी समस्या की भयावहता बताने के बजाय, उन्हें यह दिखाएं कि आप उनके संकेतों को समझ चुके हैं।1
- राज्य सरकार द्वारा बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, कोटा के प्राचीन खड़े गणेश जी मंदिर में प्रातः 8:30 बजे एक विशेष पूजा-अर्चना आयोजित होगी। इसमें शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर भगवान खड़े गणेश जी की आरती कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु एवं स्वास्थ्य की मंगल कामना करेंगे। इस विशेष पूजा में जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया सहित विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इस आयोजन के अतिरिक्त, शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर दोपहर 3 बजे भगवान महावीर खुला विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्री डीएलएड परीक्षा का परिणाम जारी करेंगे।1
- कोटा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महाराव भीमसिंह अस्पताल में कार्यरत संविदा कर्मियों ने वेतन का भुगतान न होने पर विरोध दर्ज कराया। इस मुद्दे को लेकर संविदा कर्मियों ने दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। यह हड़ताल कोटा एमबीएस अस्पताल में की गई।1
- कोटा के नान्ता थाना क्षेत्र में केशवरायपाटन रोड स्थित साईनाथ रेस्टोरेंट के पास मंगलवार रात करीब 10:30 बजे एक तेज रफ्तार थार ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भारी गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने थार गाड़ी में आग लगा दी। वहीं, गाड़ी का ड्राइवर घटना स्थल से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुए दोनों युवक बूंदी जिले के बिनायका गांव के रहने वाले हैं, जो कोटा बॉर्डर पर स्थित है। यह हादसा उनके गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर दूर हुआ।1