पूर्वी चंपारण जिले की छपरा पंचायत के मधुमालती गांव में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर अपने अद्भुत और दुर्लभ पंचमुखी शिवलिंग के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। हिंदू धर्म में पंचमुखी शिवलिंग को भगवान शिव के पांच स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है, जो सामान्यतः बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलता है, जिससे इस मंदिर का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। गांव के बुजुर्गों द्वारा सुनाई गई एक कथा के अनुसार, वर्षों पहले कुछ लोग इस शिवलिंग को कहीं और से चुराकर ले जा रहे थे। पूरी रात यात्रा करने के बाद जब सुबह होने लगी, तो वे इसी स्थान पर पहुंच गए। मान्यता है कि शिवलिंग का भार अचानक इतना बढ़ गया कि उसे आगे ले जाना असंभव हो गया। इसके बाद, चोर शिवलिंग को यहीं स्थापित कर भाग गए, और तभी से यह स्थान श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से बाबा के दरबार में जल चढ़ाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। सावन माह, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह शिवलिंग अत्यंत अनोखा है और आसपास के क्षेत्रों में ऐसा पंचमुखी शिवलिंग कहीं और देखने को नहीं मिलता। मंदिर की प्राचीनता, शिवलिंग की अद्भुत कथा और लोगों की अटूट आस्था इस स्थल को एक विशेष धार्मिक पहचान प्रदान करती है। आज भी मधुमालती गांव का यह प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विश्वास, भक्ति और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।
पूर्वी चंपारण जिले की छपरा पंचायत के मधुमालती गांव में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर अपने अद्भुत और दुर्लभ पंचमुखी शिवलिंग के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। हिंदू धर्म में पंचमुखी शिवलिंग को भगवान शिव के पांच स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है, जो सामान्यतः बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलता है,
जिससे इस मंदिर का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। गांव के बुजुर्गों द्वारा सुनाई गई एक कथा के अनुसार, वर्षों पहले कुछ लोग इस शिवलिंग को कहीं और से चुराकर ले जा रहे थे। पूरी रात यात्रा करने के बाद जब सुबह होने लगी, तो वे इसी स्थान पर पहुंच गए। मान्यता है कि शिवलिंग का भार अचानक इतना बढ़ गया कि उसे आगे ले जाना
असंभव हो गया। इसके बाद, चोर शिवलिंग को यहीं स्थापित कर भाग गए, और तभी से यह स्थान श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से बाबा के दरबार में जल चढ़ाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। सावन माह, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्रामीणों के
अनुसार, यह शिवलिंग अत्यंत अनोखा है और आसपास के क्षेत्रों में ऐसा पंचमुखी शिवलिंग कहीं और देखने को नहीं मिलता। मंदिर की प्राचीनता, शिवलिंग की अद्भुत कथा और लोगों की अटूट आस्था इस स्थल को एक विशेष धार्मिक पहचान प्रदान करती है। आज भी मधुमालती गांव का यह प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विश्वास, भक्ति और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।
- पूर्वी चंपारण जिले की छपरा पंचायत के मधुमालती गांव में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर अपने अद्भुत और दुर्लभ पंचमुखी शिवलिंग के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। हिंदू धर्म में पंचमुखी शिवलिंग को भगवान शिव के पांच स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है, जो सामान्यतः बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलता है, जिससे इस मंदिर का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। गांव के बुजुर्गों द्वारा सुनाई गई एक कथा के अनुसार, वर्षों पहले कुछ लोग इस शिवलिंग को कहीं और से चुराकर ले जा रहे थे। पूरी रात यात्रा करने के बाद जब सुबह होने लगी, तो वे इसी स्थान पर पहुंच गए। मान्यता है कि शिवलिंग का भार अचानक इतना बढ़ गया कि उसे आगे ले जाना असंभव हो गया। इसके बाद, चोर शिवलिंग को यहीं स्थापित कर भाग गए, और तभी से यह स्थान श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से बाबा के दरबार में जल चढ़ाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। सावन माह, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह शिवलिंग अत्यंत अनोखा है और आसपास के क्षेत्रों में ऐसा पंचमुखी शिवलिंग कहीं और देखने को नहीं मिलता। मंदिर की प्राचीनता, शिवलिंग की अद्भुत कथा और लोगों की अटूट आस्था इस स्थल को एक विशेष धार्मिक पहचान प्रदान करती है। आज भी मधुमालती गांव का यह प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विश्वास, भक्ति और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।4
- कटगेनवा में कृषिसुगौली एचपीसीएल बायो फ्यूल्स लिमिटेड इकाई द्वारा किसान गन्ना ग्राम गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।1
- मझौलिया प्रखंड के लालसरैया स्थित गोडा पुल सोमवार को अचानक ध्वस्त हो गया। बखारिया चौक एनएच-727 से लालसरैया होते हुए करमवा और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण पुल, जिसका लगभग 10 फीट हिस्सा टूटकर धनौती नदी में समा गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पुल पिछले लगभग छह माह से जर्जर अवस्था में था, जिसके बीचों-बीच गड्ढा बन गया था और इसकी रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। लोगों का आरोप है कि जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के बावजूद प्रशासन को कई बार इसकी सूचना दी गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। करमवा पंचायत के मुखिया पति मोहन गुप्ता ने जानकारी दी कि धनौती नदी पर बना यह पुल लगभग 35 वर्ष पुराना था और इसकी खराब स्थिति को लेकर दो माह पूर्व जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी गई थी, फिर भी मरम्मत या जीर्णोद्धार की दिशा में कोई पहल नहीं हुई, जिससे यह हादसा हुआ। पुल ध्वस्त होने के कारण आधा दर्जन पंचायतों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिमी चंपारण को पूर्वी चंपारण से जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और सब्जी विक्रेताओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग पुल के किनारे से नदी पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने और नए पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है, ताकि क्षेत्र में आवागमन सुचारु रूप से बहाल हो सके।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने आगरा में तालाब में डूब रही एक युवती की जान बचाकर साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया है। घटना के अनुसार, युवती तालाब में डूब रही थी और वहाँ मौजूद लोग मदद के लिए शोर मचा रहे थे। इसी दौरान, पुलिसकर्मी दीपक सोलंकी तुरंत मौके पर पहुँचे और बिना किसी देरी के तालाब में छलांग लगा दी। युवती बेहोशी की हालत में थी, लेकिन सिपाही ने उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। इस बचाव कार्य में स्थानीय युवाओं ने भी सहयोग किया, जिन्होंने कपड़ों का इस्तेमाल कर रस्सी बनाई। आगरा पुलिस कमिश्नर ने सिपाही दीपक सोलंकी की इस बहादुरी और कर्तव्यपरायणता की सराहना करते हुए उन्हें सलाम किया और सम्मानित भी किया।1
- बेतिया जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक लगातार समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में, 7 और 8 जून की रात पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक यातायात और पुलिस उपाधीक्षक रक्षित पुलिस केंद्र ने बैरिया, नौतन, जगदीशपुर, बलथर, सिकटा, पुरुषोत्तमपुर और इनरवा थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस औचक जांच के दौरान, कई थानों के रात्रि गश्ती दल, ओडी पदाधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह पाए गए। गश्ती, निगरानी और अन्य पुलिस कार्यों के निर्वहन में गंभीर शिथिलता सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित थानों के कुल 14 पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, 26 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया है कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता या जनता से जुड़े मामलों में उदासीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, तत्परता और जवाबदेही के साथ करने का सख्त निर्देश दिया है।1
- एक विरोध प्रदर्शन अपडेट में, "कॉकक्रोच जनता पार्टी" के खिलाफ तीखा प्रदर्शन दर्ज किया गया है। इस प्रदर्शन के दौरान एक लड़की ने माहौल को ऊर्जावान बना दिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह स्पष्ट मांग की गई है कि अब राजनीति केवल पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ही केंद्रित होनी चाहिए।1
- यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि खान सर के एक छात्र ने उनके बारे में ऐसा क्या कह दिया, जिसके कारण हंगामा खड़ा हो गया।1
- नेपाल के इटहरी में स्थानीय प्रशासन ने मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फलों की बिक्री रोकने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इटहरी में पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की एक टीम ने संयुक्त रूप से भारत से आयातित आमों की एक बड़ी खेप को जब्त कर नष्ट कर दिया, जिन्हें रसायनों का उपयोग करके जबरन पकाया गया था। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और यह व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो में सुरक्षाकर्मी एक बड़े ट्रक से आमों से भरे प्लास्टिक के क्रेट्स उतारते और उन्हें जमीन पर फेंकते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में इन आमों में प्रतिबंधित रसायनों और कीटनाशकों की अत्यधिक मात्रा पाई गई, जिन्हें मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताया गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, प्रशासन ने इन 'जहरीले आमों' को बाजार में पहुँचने से पहले ही सफलतापूर्वक रोका और उन्हें एक गड्ढे में दफन कर दिया। यह जानकारी सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के आधार पर है, जिसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।1