राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा मंगलवार को बेगूं उपखंड क्षेत्र के उत्थन कलां गांव में जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) देने के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे। मेसर्स जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा बेगूं उपखंड क्षेत्र के चन्दाखेडी, ढोरिया, ठुकराई, परख्या खेडी, पालका, उत्थन कला, धारला, शादी और रायता गांवों में प्रस्तावित लाइम स्टोन उत्पादन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मांगी गई है। यह जनसुनवाई परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय प्रभावों और ग्रामीणों की चिंताओं को सुनने के उद्देश्य से आयोजित हुई। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, रोजगार और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार के साथ आर ओ आरएसपीसीबी चित्तौड़गढ़ आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर, बीडीओ सुरेश गिरी गोस्वामी सहित आसपास क्षेत्र के सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा मंगलवार को बेगूं उपखंड क्षेत्र के उत्थन कलां गांव में जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) देने के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे। मेसर्स जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा बेगूं उपखंड क्षेत्र के चन्दाखेडी, ढोरिया, ठुकराई, परख्या खेडी, पालका, उत्थन कला, धारला, शादी और रायता गांवों में प्रस्तावित लाइम स्टोन उत्पादन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मांगी गई है। यह जनसुनवाई परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय प्रभावों और ग्रामीणों की
चिंताओं को सुनने के उद्देश्य से आयोजित हुई। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, रोजगार और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार के साथ आर ओ आरएसपीसीबी चित्तौड़गढ़ आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर, बीडीओ सुरेश गिरी गोस्वामी सहित आसपास क्षेत्र के सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
- BPSC अध्यापिका गुंजन के कथित प्रेमी से हुई बातचीत के बाद वीणा माधवी का उल्लेख सामने आया है।1
- नीमच में आयोजित आरोह 2026 की ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का जबरदस्त उत्साह और जोश देखने को मिला। इस प्रतियोगिता में कुल 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जहाँ कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 68 पदक वितरित किए गए। यह आयोजन खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन और ऊर्जा से भरपूर था।1
- यह एक छात्र के जीवन और उसके संघर्ष की कहानी है, जो बताता है कि कैसे उसने अपने प्रयासों से टॉप रैंकर का मुकाम हासिल किया।1
- राजस्थान पुलिस द्वारा बाल श्रम से मुक्ति हेतु भीलवाड़ा में चलाए जा रहे 'उमंग 7' अभियान के अंतर्गत, टंकी के बालाजी मंदिर क्षेत्र से चार बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया है। बचाव के बाद, इन बच्चों को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चंद्रकला ओझा और सदस्य विनोद राव के सामने प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात्, बाल कल्याण समिति ने बच्चों को आश्रय प्रदान करते हुए 'एवरेस्ट शेल्टर' में रखवाया। इस संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी विरोधी इकाई के उप निरीक्षक ओम प्रकाश सैन, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर सिंह और कांस्टेबल किशन सिंह ने अहम भूमिका निभाई। साथ ही, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशानुसार, चाइल्डलाइन (1098) के परियोजना समन्वयक हेमंत सिंह सिसोदिया, सुपरवाइजर आनंद कुमार सुमनारिया, नवाचार संस्थान के जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह तोमर और रेड एंड रेस्क्यू ऑफिसर भगवत सिंह चारण ने भी इस अभियान में सहयोग किया। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी भीलवाड़ा चाइल्ड हेल्पलाइन के हेमंत ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रदान की।1
- मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला, जहाँ न्याय की उम्मीद में एक पीड़ित किसान कलेक्ट्रेट पहुँच गया। इस किसान ने न्याय की आस में अपने गले में जूतों की माला पहन रखी थी, और इसी अवस्था में वह कलेक्ट्रेट में मौजूद रहा।1
- चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी क्षेत्र में अपशिष्ट पदार्थों को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। 8 जून, सोमवार को सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन मंत्री गौतम दक की मौजूदगी में जिला प्रशासन, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के अधिकारियों और संघर्ष समिति के सदस्यों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जनस्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया कि वर्षा ऋतु से पहले कैचमेंट क्षेत्र को पूरी तरह से साफ किया जाएगा। मंत्री गौतम दक ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपशिष्ट पदार्थ हटाने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार से ही डंपरों की संख्या बढ़ाकर मलबे को युद्धस्तर पर हटाया जाए, क्योंकि यह आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसकी नियमित निगरानी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और वर्षा प्रारंभ होने से पहले कैचमेंट एरिया से मलबा हटाने को पहली प्राथमिकता देने को कहा। बैठक में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों, जिनमें डॉ. विमल नागौरी, निवर्तमान पालिका उपाध्यक्ष मुस्तफा अली बोहरा, रणजीत झाला, प्रवीण दक और पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी शामिल थे, ने अपनी चिंताओं और सुझावों से प्रशासन को अवगत कराया, जिस पर मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने समाधानात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने भी हिंदुस्तान जिंक की टीम को मंगलवार से अधिकतम संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचकर अपशिष्ट हटाने का काम तेज करने के निर्देश दिए और समिति को लगातार निगरानी व प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, जहां एक ओर मंत्री गौतम दक ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने आरोप लगाए हैं और 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' में अभी भी संशय बना हुआ है।1
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- चित्तौड़गढ़ पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत, जिले के चार महत्वपूर्ण सर्किलों में नए अधिकारियों की तैनाती हुई है।1
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