Shuru
Apke Nagar Ki App…
मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना का कार्य रविवार को संपन्न हो गया। कान्हा नेशनल पार्क के क्षेत्र प्रबंधक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 22 से 24 मई तक चली इस गणना के तीसरे और अंतिम दिन कान्हा, मुक्की, सरही एवं किसली परिक्षेत्रों में कुल 263 गिद्ध दर्ज किए गए। प्रशिक्षित अमले द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई इस गणना में भारतीय गिद्ध और सफेद पीठ वाले गिद्ध जैसी दो प्रमुख प्रजातियों की पहचान की गई। विशेषज्ञ दल के अवलोकन के अनुसार, इन 263 गिद्धों में 242 वयस्क और 21 अवयस्क गिद्ध शामिल हैं। इस गणना से प्राप्त आंकड़े कान्हा में गिद्धों के आवासीय व्यवहार को समझने, उनके संरक्षण और भविष्य की रणनीतियों को सुदृढ़ बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
Prahlad Kachhwaha
मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना का कार्य रविवार को संपन्न हो गया। कान्हा नेशनल पार्क के क्षेत्र प्रबंधक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 22 से 24 मई तक चली इस गणना के तीसरे और अंतिम दिन कान्हा, मुक्की, सरही एवं किसली परिक्षेत्रों में कुल 263 गिद्ध दर्ज किए गए। प्रशिक्षित अमले द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई इस गणना में भारतीय गिद्ध और सफेद पीठ वाले गिद्ध जैसी दो प्रमुख प्रजातियों की पहचान की गई। विशेषज्ञ दल के अवलोकन के अनुसार, इन 263 गिद्धों में 242 वयस्क और 21 अवयस्क गिद्ध शामिल हैं। इस गणना से प्राप्त आंकड़े कान्हा में गिद्धों के आवासीय व्यवहार को समझने, उनके संरक्षण और भविष्य की रणनीतियों को सुदृढ़ बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों को CDV वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पार्क प्रबंधन इस गंभीर खतरे को देखते हुए पूरी तरह से अलर्ट पर है ताकि जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- डिंडोरी जिले में कलेक्टर अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में, खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने मां नर्मदा नदी के तट पर पुल के पास एक विशेष संडे डांस एरोबिक्स का आयोजन किया। यह गतिविधि "आरोह-2026" ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा थी, जिसे 5 मई से 5 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष संडे एक्टिविटी के तहत एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियां शामिल थीं, जिनमें बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारजनों और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना को विकसित करना रहा, ताकि सभी बच्चे, खिलाड़ी और आमजन मानसिक एवं शारीरिक सद्भावना से परिपूर्ण होकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें।1
- डिंडौरी नगर के वार्ड क्रमांक 11 में रविवार, 24 मई 2026 को एक बेल अचानक गहरे गड्ढे में गिर गई, जिससे आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद शत्रुघ्न पाराशर जी ने तत्काल युवा शक्ति टीम को सूचित किया, जिसके बाद टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुँची। युवा शक्ति टीम ने काफी मशक्कत के बाद बेल को सुरक्षित गड्ढे से बाहर निकाला। इस बचाव कार्य में टीम के सदस्य रोहित कांसकार और यीशु गवले ने मौके पर मौजूद रहकर सक्रिय भूमिका निभाई। टीम की इस त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई। स्थानीय लोगों ने युवा शक्ति टीम के इस सराहनीय कार्य की खूब प्रशंसा की और कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं।1
- डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के तहत एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से इस रविवार को पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह पूरे कर लिए। इस खास अवसर पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू; आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया और आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू; योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू; डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू; पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेन्द्र कुड़ापे सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह जानकारी दिनांक 24/05/2026 की है।2
- जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदमारी इलाके से एक पुलिसकर्मी द्वारा अवैध वसूली का वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस पुलिसकर्मी का नाम राकेश पांडे है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवक राकेश पांडे को पैसे दे रहा है। आरोप है कि यह पुलिसकर्मी अवैध कामों में लिप्त या ऐसे काम छोड़ चुके लोगों से रोजाना वसूली करने पहुँच जाता है। पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस खुद अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है और उनका "हफ्ता" (साप्ताहिक वसूली) बंधा हुआ है। पैसे न देने पर थाने में बंद करने की धमकी भी दी जाती है।1
- जबलपुर की एक 8 दिन की बच्ची, जिसके दिल में जन्मजात छेद था, उसे विशेष उपचार के लिए मुंबई भेजा गया था। जानकारी के अनुसार, यह बच्ची अब सुरक्षित है।1
- मध्य प्रदेश के मंडला जिले के अमवार गाँव में जल जीवन मिशन करोड़ों खर्च के बाद भी बुरी तरह विफल रहा है। बैगा आदिवासी परिवार आज भी नदी-नालों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिसके कारण कई मौतें भी हुई हैं। ग्रामीण आक्रोशित हैं और जल्द से जल्द स्वच्छ जल की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के अंजनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर करोड़ों खर्च हुए और उसका लोकार्पण भी कर दिया गया। नेता-मंत्री पहुंचे, फीता कटा, लेकिन विडंबना यह कि अस्पताल आज भी मरीजों के लिए बंद है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 7 स्थित पुल घाट पर आज जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन सहित प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर डिंडोरी अंजू पवन भदोरिया के निर्देशन पर 'मैया अभियान' के तहत संपन्न हुआ। 'मैया अभियान' के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह के रविवार को आयोजित होने वाला यह श्रमदान कार्यक्रम स्वच्छता की एक मिसाल बन रहा है। लगातार तीन वर्षों से जारी इस 'मैया अभियान' की यह यात्रा अपनी कहानी खुद बयां कर रही है, जो निरंतर स्वच्छता के प्रयासों और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।1