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मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम में एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहाँ कुछ प्यासे बंदरों ने पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
Dharmendra sahu
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम में एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहाँ कुछ प्यासे बंदरों ने पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
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- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम में एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहाँ प्यासे बंदरों ने पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। इस पूरे दृश्य का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखने वाले हर व्यक्ति का दिल छू गया है।1
- सागर के देवरी में गैस सिलेंडरों की किल्लत जारी है, जिसके चलते लोग घंटों तक लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं। इस समस्या के कारण कई दिहाड़ी मजदूर अपनी रोज की मजदूरी छोड़कर गैस भरवाने के लिए लाइन में खड़े होने को विवश हैं। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार साबित हो रही है, जहाँ एक ओर महंगाई का बोझ है, वहीं दूसरी ओर गैस की बढ़ती कीमतें और काम का नुकसान उन्हें बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। यह आज की एक बड़ी समस्या बन गई है, जिससे आम आदमी की हालत खराब है और वे समझ नहीं पा रहे कि इस विकट स्थिति में क्या करें।1
- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के मूनलाइट मैरिज गार्डन के सामने सोमवार को एक भव्य घोड़ा दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने क्षेत्र के लोगों को रोमांच से भर दिया। इस रोमांचक मुकाबले में दिलबर की चाल और सन्जाब की दौड़ ने जीत हासिल की, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मालगुजार परिवार के सुपुत्र काजिम खान द्वारा आयोजित यह अनोखा और पारंपरिक कार्यक्रम आसपास के क्षेत्रों से आए खेल प्रेमियों और आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रतियोगिता में कुल 10 चुनिंदा और प्रशिक्षित घोड़ों ने हिस्सा लिया, और दौड़ शुरू होते ही मैदान का माहौल पूरी तरह से बदल गया।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम परिसर में भीषण गर्मी के बीच एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ प्यासे बंदरों ने नगर पालिका परिषद द्वारा रखे गए पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। यह घटना उजागर करती है कि इस प्रचंड गर्मी के मौसम में केवल इंसान ही नहीं, बल्कि मूक पशु-पक्षी भी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इन बेजुबान जीवों को पानी की तलाश में भटकते देखा गया, जिन्हें टैंकर के सहारे कुछ राहत मिली। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मुक्तिधाम सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में बंदर और अन्य जीव-जंतु विचरण करते हैं, जिन्हें गर्मी के मौसम में पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए, नागरिकों ने प्रशासन से इन स्थानों पर पानी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि इन जीवों को गर्मी से राहत मिल सके।1
- एक गरीब किसान प्रतिदिन सुबह शिव मंदिर जाता था, जहाँ वह भगवान भोलेनाथ को चढ़ाने के लिए दूध, फल या मिठाई जैसी कोई वस्तु नहीं ले जाता था। इसके बजाय, वह सिर्फ एक लोटा पानी और सच्चे मन से "ॐ नमः शिवाय" का जाप करता था। गाँव के लोग उसका उपहास करते थे और पूछते थे कि इतनी साधारण पूजा से भोलेनाथ कैसे प्रसन्न होंगे। इस पर किसान मुस्कुराते हुए जवाब देता था कि भोलेनाथ को चढ़ावे की वस्तुएँ नहीं, बल्कि भक्त का सच्चा भाव प्रिय होता है। एक वर्ष गाँव में भयंकर सूखा पड़ा, जिसके कारण सभी के खेत सूख गए। हालाँकि, उस गरीब किसान का छोटा सा खेत आश्चर्यजनक रूप से हरा-भरा रहा। जब लोग हैरान होकर उससे इसका कारण पूछने लगे, तो किसान ने विनम्रतापूर्वक बताया कि यह उसकी मेहनत का फल नहीं, बल्कि भोलेनाथ की कृपा है। उसने स्पष्ट किया कि जिसने भी भगवान को सच्चे मन से याद किया है, उन्होंने कभी उसका साथ नहीं छोड़ा। इस कहानी से यह महत्वपूर्ण सीख मिलती है कि भगवान शिव को किसी भी प्रकार का दिखावा या भौतिक वस्तुएँ नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और निष्कलंक भक्ति ही सबसे प्रिय है। हर-हर महादेव!1
- नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम बारहा बड़ा में, वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई। गांव वालों ने बताया कि पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से रघुवर कुशवाहा उमर नदी तक और कंछेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी वाले के मकान तक की सड़कें पूरी तरह खराब और कीचड़ भरी हैं। यह सिर्फ खराब सड़क नहीं, बल्कि कच्चे और दलदली रास्ते हैं। इन बदहाल और कीचड़ भरी सड़कों के कारण, खासकर मानसून के मौसम में, बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है, जिससे वे स्कूल का बहिष्कार करने को मजबूर हैं। लगभग 40 से 50 परिवार और अनुमानित 40 से 50 बच्चे इस समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर सड़क का 1.5 किलोमीटर का हिस्सा अत्यधिक दलदली और मुश्किल है। इस गंभीर स्थिति के चलते माता-पिता ने सामूहिक रूप से यह फैसला लिया है कि जब तक सड़क ठीक नहीं हो जाती, वे आगामी मानसून में अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे, क्योंकि इन खतरनाक रास्तों से बच्चों का गुजरना जोखिम भरा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई सालों से अच्छी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात अनसुनी की गई। पिछले 49 दिनों से वे लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सड़क, पानी, बिजली और घर जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया गया है, लेकिन सड़क बनाने की उनकी मुख्य मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। इस उपेक्षा से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है, क्योंकि वे स्कूल जाने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों को प्राथमिकता से ठीक करने का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन वार्डों में सही सड़क के अभाव में बच्चों, माता-पिता या परिवारों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी।3
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम में एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहाँ कुछ प्यासे बंदरों ने पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- नरसिंहपुर में हुए एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई मारपीट की घटना को कोतवाली पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।1