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उत्तर प्रदेश में पिछले 'टोटीचोर' राज के दौरान मुख्यमंत्री केवल नाममात्र के थे, क्योंकि उस समय आजम खान, मुख्तार अंसारी और अतीक जैसे कुख्यात गुंडे राज करते थे। यह भी बताया गया है कि आजम खान ने एक आईपीएस अधिकारी से अपने जूते साफ करवाए थे, जो उस शासन में गुंडों के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाता है। अब, योगीजी ने इन्हीं सभी गुंडों को कानून की भाषा और उसके अधिकार समझाए हैं। परिणामस्वरूप, कुछ सीधे 'यमलोक' पहुंच गए हैं, जबकि कुछ जेलों में 'चक्की पीस रहे' हैं। इस कार्रवाई से वर्तमान में उत्तर प्रदेश गुंडों और उनके गुर्गों से पूरी तरह मुक्त हो गया है, जिसके लिए योगीजी की प्रशंसा की गई है।
दौलत राम शर्मा शास्त्री
उत्तर प्रदेश में पिछले 'टोटीचोर' राज के दौरान मुख्यमंत्री केवल नाममात्र के थे, क्योंकि उस समय आजम खान, मुख्तार अंसारी और अतीक जैसे कुख्यात गुंडे राज करते थे। यह भी बताया गया है कि आजम खान ने एक आईपीएस अधिकारी से अपने जूते साफ करवाए थे, जो उस शासन में गुंडों के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाता है। अब, योगीजी ने इन्हीं सभी गुंडों को कानून की भाषा और उसके अधिकार समझाए हैं। परिणामस्वरूप, कुछ सीधे 'यमलोक' पहुंच गए हैं, जबकि कुछ जेलों में 'चक्की पीस रहे' हैं। इस कार्रवाई से वर्तमान में उत्तर प्रदेश गुंडों और उनके गुर्गों से पूरी तरह मुक्त हो गया है, जिसके लिए योगीजी की प्रशंसा की गई है।
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- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत जयपुर वासियों को स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सौगात देते हुए नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने जोर दिया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जयपुर में आधुनिक सुविधाओं से लैस इलेक्ट्रिक बसों का संचालन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। नई ई-बसों में जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं भी इलेक्ट्रिक बस में सफर किया।1
- जयपुर पश्चिम जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस दौरान पुलिस ने देश के चर्चित और कुख्यात अपराधी सतपाल फौजी के साथ उसके साथी पवन कुमार तंवर को भी गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी से झोटवाड़ा क्षेत्र में एक सूने फ्लैट से हुई करीब 40 लाख रुपये की चोरी का खुलासा हुआ है, जिसमें आरोपियों ने ₹38.66 लाख नकद और सोना-चांदी के आभूषण चुराए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 1000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इस गिरोह तक पहुँचने में सफलता हासिल की। जाँच में सामने आया कि सतपाल फौजी हरियाणा के मानेसर थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है, जो हत्या, फायरिंग और नकबजनी सहित छह दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित रहा है। वह उदयपुर जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद एक बार फिर सक्रिय हो गया था। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि सतपाल फौजी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना हुलिया बदलने की तैयारी कर रहा था, और इसके लिए उसने कथित तौर पर दो लाख रुपये खर्च कर एक नकली चेहरा बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। जयपुर पुलिस की इस कार्रवाई को कुख्यात सतपाल फौजी गैंग के भंडाफोड़ में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।1
- जयपुर पुलिस आयुक्त श्री सचिन मित्तल ने शनिवार को जामडोली थाने में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आमजन की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित तथा प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में कई परिवादियों को मौके पर ही तत्काल राहत भी प्रदान की गई। जनसुनवाई में आदर्श नगर सर्किल के जवाहर नगर, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर और जामडोली थाना क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें सीधे पुलिस आयुक्त के समक्ष रखीं। इसमें आपसी मुकदमे, पारिवारिक विवाद, जमीन संबंधी मामले, मकानों पर कब्जे, अवैध अतिक्रमण, चोरी और मारपीट सहित विभिन्न प्रकार की शिकायतों पर सुनवाई की गई। कुछ मामलों का समाधान तो मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि आमजन को शीघ्र न्याय और राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही थाना स्तर पर नियमित जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर विशेष पुलिस आयुक्त (ऑपरेशंस) ओमप्रकाश, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह और पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जयपुर पुलिस आयुक्त इससे पहले भी शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों और पुलिस कार्यालयों में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याओं का समाधान कर चुके हैं। पुलिस विभाग का उद्देश्य पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाते हुए लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना है।1
- CJP आंदोलन के तहत युवाओं ने सरकार के खिलाफ थाली-चम्मच बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली, पेपर लीक की घटनाओं और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।1
- जो लोग या उनके परिवार के सदस्य शराब, तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट या अफ़ीम, गांजा, चरस, स्मैक, चिट्टा जैसे नशे के साथ-साथ मेडिकल नशा, इंजेक्शन और जीभ पर रखने वाली गोलियों जैसी आदतों से परेशान हैं, उनके लिए 'जी उमंग' एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है। यह पहल सभी को इन नशे की लतों से छुटकारा पाने का आह्वान करती है, क्योंकि नशा धीरे-धीरे शरीर, परिवार और व्यक्ति के भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। 'जी उमंग' इस बात पर ज़ोर देता है कि सही मार्गदर्शन, एक मजबूत इच्छाशक्ति और उचित सहायता के ज़रिए नशे की आदत को सफलतापूर्वक छोड़ा जा सकता है। नशे से मुक्ति पाने के कई संभावित लाभ हैं, जिनमें आत्मविश्वास में बढ़ोतरी, परिवार में खुशियां, स्वास्थ्य में सुधार, पैसों की बचत और एक बेहतर भविष्य शामिल हैं। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे आज ही नशा छोड़ने का संकल्प लें और 'जी उमंग' के साथ एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर कदम बढ़ाएं। अधिक जानकारी और सहायता के लिए 075686 28143 पर संपर्क किया जा सकता है या इनबॉक्स के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस संदेश का मूल ध्येय है: "नशा छोड़ो, जीवन बचाओ – खुशहाल परिवार बनाओ!"1
- आईआईटी बॉम्बे परिसर में स्थित स्टाफ हॉस्टल में एक तेंदुआ घुस गया, जिसने वहां एक कुत्ते पर बुरी तरह से हमला किया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस बीच, यह भी उल्लेख किया गया है कि कुत्ते इंसानों की शारीरिक भाषा, आवाज़ और तनाव के दौरान निकलने वाले हार्मोन जैसी गंध को सूंघकर किसी भी संकट को भाँप लेते हैं।1
- जयपुर में हाल ही में घटी दो घटनाओं ने समाज के सामने न्याय के दोहरे मापदंडों को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक ओर, मालवीय नगर स्थित नूरानी मस्जिद से जुड़े विरोध प्रदर्शनों को व्यापक समर्थन मिला, जहाँ विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी एकजुटता दिखाई। वहीं दूसरी ओर, रामगंज में नग्गा मियां की मस्जिद से जुड़े एक कथित बेदखली मामले में प्रभावित लगभग 70 परिवारों का आरोप है कि उन्हें वैसा समर्थन नहीं मिला। इन परिवारों का कहना है कि वे पीढ़ियों से उसी स्थान पर रह रहे थे और कार्रवाई के बाद भी कई परिवार स्थायी आश्रय की तलाश में भटक रहे हैं। यह स्थिति अब गंभीर प्रश्न उठा रही है कि यदि धार्मिक स्थलों के लिए न्याय की मांग इतनी मजबूती से उठाई जाती है, तो बेघर हुए इन परिवारों के पुनर्वास और अधिकारों के लिए भी उतनी ही प्रबल आवाज क्यों नहीं उठती। 'देश का दर्पण न्यूज़' किसी भी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करता, लेकिन यह आवश्यक सवाल जरूर पूछता है कि क्या न्याय का पैमाना सभी के लिए समान होना चाहिए।1
- एक वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि चोरी के आरोप में पकड़े गए युवकों को पुलिस जबरन एक मोबाइल फोन थमाकर फोटो खिंचवाने की कोशिश कर रही थी, जिसका मकसद बरामदगी दिखाकर अपनी कार्रवाई को मजबूत करना था। हालांकि, कैमरों के सामने एक युवक ने मोबाइल पकड़ने से साफ इनकार कर दिया और कथित तौर पर कहा कि यह मोबाइल उसका नहीं है। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके चलते लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और पुलिस की कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें किए जा रहे दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। फिलहाल, इस संबंध में संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1