दौसा के मेहंदीपुर बालाजी धाम में शनिवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत एक भव्य महाआरती और जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बालाजी महाराज मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया, और सभी नागरिकों से जल बचाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी आवश्यक है, जिसके माध्यम से वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रैला, जिला संयोजक महेंद्र पीलोडी, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश मीणा, महवा उपखंड अधिकारी मनीषा मीणा, विकास अधिकारी सिकराय देशवीर सिंह चौधरी, तहसीलदार सिकराय हेमेंद्र मीणा, थाना प्रभारी मेहंदीपुर बालाजी गौरव प्रधान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने गंगा एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरण को आवश्यक बताते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए इस अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का प्रण किया। महाआरती के समापन पर बालाजी महाराज के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नागरिकों की उपस्थिति ने अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। उल्लेखनीय है कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले भर में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।
दौसा के मेहंदीपुर बालाजी धाम में शनिवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत एक भव्य महाआरती और जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बालाजी महाराज मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया, और सभी नागरिकों से जल बचाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी आवश्यक है, जिसके माध्यम से वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर
हो गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रैला, जिला संयोजक महेंद्र पीलोडी, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश मीणा, महवा उपखंड अधिकारी मनीषा मीणा, विकास अधिकारी सिकराय देशवीर सिंह चौधरी, तहसीलदार सिकराय हेमेंद्र मीणा, थाना प्रभारी मेहंदीपुर बालाजी गौरव प्रधान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने गंगा एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरण को आवश्यक बताते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए इस अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का प्रण किया। महाआरती के समापन पर बालाजी महाराज के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नागरिकों की उपस्थिति ने अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। उल्लेखनीय है कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले भर में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।
- दौसा जिले के भांवता गांव में एक सोते हुए व्यक्ति के पैर काटे जाने की भयावह घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद पूरे दौसा में हड़कंप मच गया है। घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीण लोग धरने पर बैठ गए हैं।1
- आज देर शाम दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र और आसपास के सभी गांवों में मौसम अचानक खराब हो गया। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और आसमान में काले-पीले बादल छा गए, साथ ही बिजली कड़कने की तेज़ आवाज़ें भी सुनाई दीं। सैंथल उपखंड क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदलने से धूल भरी आंधी भी चली, जिससे ग्रामीण जबरदस्त बारिश होने का अनुमान लगा रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश होने की भी चेतावनी दी गई है। इसे देखते हुए सभी ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के कारण अपने-अपने घरों में रहें, क्योंकि मौसम खराब होने से कभी भी कोई भी घटना घट सकती है। इसलिए, सभी को इस खराब मौसम में सतर्क रहने की आवश्यकता बताई गई है।2
- राजस्थान के मेड़ता रोड़ में एक तूफान ने भारी तबाही मचाई है। जानकारी के अनुसार, मुखमली रेत की आंधी चलने के बाद तेज हवाओं के साथ ज़बरदस्त ओलावृष्टि भी हुई, जिससे क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ।1
- दौसा के बांदीकुई में लोडिंग टैम्पू चालक गोपाल सैनी का अपहरण कर लूट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है, जिसे देर रात की घटना बताया जा रहा है। इस घटना को लेकर शहरवासियों में गहरा रोष व्याप्त है और वे थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आभानेरी खेड़ा निवासी गोपाल सैनी बांदीकुई से एक सेठ का सामान लेकर ठिकरिया के एक व्यापारी के पास देने गए थे। वापस लौटते समय, झाझ्या का बास सरकारी स्कूल के पास चार बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोक ली। ये बदमाश कार में सवार होकर आए थे। उन्होंने चालक गोपाल सैनी को बंधक बना लिया और उनके पास से दो लाख रुपये की नकदी और टैम्पू सहित सभी सामान लूट लिया। वारदात के दौरान चालक के साथ मारपीट करने की बात भी सामने आ रही है। बदमाश रात करीब 11 बजे पीड़ित गोपाल सैनी को बाण गंगा नदी पूंदरपाडा के पास छोड़कर फरार हो गए। एक राह चलते व्यक्ति ने पीड़ित की मदद की और मोबाइल से उनके परिजनों को घटना की सूचना दी।1
- किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में संगठन द्वारा "जल यात्रा" निकाली जा रही है, जिसका केंद्रीय नारा है: "घर-घर अलग जगायेंगे -नहर का पानी लायेंगे"। यह यात्रा निवाई उपखंड के गांवों में चौथे दिन भी जारी रही, जिसने भांवता, भावती, चैनपुरा, मूंडिया, गुन्सी, सजीया, चनानी, गोपालपुरा, हनूतिया, सुरिया, राहोली, सुनारा, सुनारी, प्रतापपुरा, और आकोडिया जैसे कई गांवों को कवर किया। दिन के अंत में चतुर्भुजपुरा में रात्रि सभा और रंगारंग तेजाजी गायन का आयोजन किया जाएगा। रामपाल जाट ने बताया कि बिसलपुर बांध का निर्माण सिंचाई के उद्देश्य से किया गया था और इसमें निवाई के लिए सिंचाई तंत्र विकसित किया जाना था। हालांकि, सिंचाई परियोजना विकसित करने के लिए आवाज नहीं उठाई गई, जिसके परिणामस्वरूप बिसलपुर बांध से पानी जयपुर को पेयजल के नाम पर उपलब्ध कराया गया। इससे रामगढ़ बांध के साथ-साथ हजारों तालाब, तलाई और कुएं खत्म हो गए, जिससे टोंक जिले के किसानों को नुकसान हुआ। इसी प्रकार, वर्ष 2015 में आरंभ हुए ईसरदा बांध के निर्माण के समय, लालसोट और सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा को 3.57 टीएमसी पेयजल दिया जाना तय था। लेकिन, वर्ष 2025 के बजट घोषणा के माध्यम से जयपुर को पेयजल के लिए 4 टीएमसी पानी दिए जाने का निर्णय हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि 193 किलोमीटर दूर भरतपुर में एक सिंचाई परियोजना बनाई जा रही है। जाट ने कहावत का उल्लेख करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि "घर का पूत कंवारा डोल पाडो़ंसी का फैरा", क्योंकि निवाई के दोनों तरफ से पानी निकाला जा रहा है, और मोरेल बांध तक बहड़ की ओर से पानी लिया जा रहा है, जबकि रामगढ़ बांध से जोधपुरिया बांध के ऊपर से नहरें निकाली जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि "गांव हमारे उठेंगे - ज़मीन हमारी खत्म होगीं, बेरोजगार हम होंगे-बे-घर टोंक निवासी होंगे", फिर भी उन्हें खेतों और पीने के लिए नहर का पानी नहीं मिलेगा। निवाई उपखंड में कोई सिंचाई परियोजना नहीं होने के कारण, जल संसाधन विभाग का एईएन कार्यालय भी नहीं है। वर्ष 2025 में पंचायत राज संस्थाओं से जल संसाधन विभाग को मिले 14 तालाबों की दयनीय स्थिति में भी सुधार नहीं हो सकेगा। किसान महापंचायत की इस जल यात्रा को गांव-गांव में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, और लोग तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प ले रहे हैं। किसान महापंचायत ने मतदाताओं से अपील की कि सांसद, विधायक और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में मतदान करते समय वे मटकी खरीदने से पहले उसे दस बार बजाकर देखने की तरह, नेताओं के 15 वर्षों के कार्यों, चरित्र, किसानों के लिए संघर्ष, और उनकी पीड़ाओं में योगदान को भली-भांति जांच-परखकर ही वोट करें। किसानों ने कहा कि "वोट किसान बनकर देंगे तों फिर 5 वर्षों तक पछताने की जरूरत नहीं रहेंगी", और इससे किसानों के खिलाफ कार्य करने की हिम्मत भी किसी में नहीं होगी। इस यात्रा में प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, गोपीराम डबास, जिला अध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाडी सहित कई पदाधिकारी और ग्रामीण शामिल हैं, जिनका माला पहनाकर स्वागत भी किया जा रहा है। दशरथ सिंह चौहान जल यात्रा के संयोजक और किसान महापंचायत निवाई के तहसील अध्यक्ष हैं।4
- लालसोट में राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड और अनुराग सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निशुल्क समर कैंप में एक तंबाकू निषेध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 'तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो' विषय पर एक पोस्टर प्रतियोगिता हुई, जिसमें सृष्टि योगी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि निधि शर्मा द्वितीय रहीं। इस अवसर पर स्काउट सचिव श्रीकांत शर्मा, महेंद्र साहू और यूनिट लीडर अशोक पारीक ने विजेताओं को सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। समर कैंप में 'जिंदगी चुनें, तंबाकू नहीं' का संकल्प लेते हुए स्वस्थ जीवन अपनाने पर जोर दिया गया।3
- सैंथल उपखंड क्षेत्र में देर रात आए तेज अंधड़ ने जमकर तबाही मचाई। इस भयंकर अंधड़ के कारण सैकड़ों पेड़-पौधे गिर गए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ।4
- राजस्थान के अलवर जिले में शनिवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहाँ राजस्थान रोडवेज की एक स्लीपर बस नटनी का बारा के समीप ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में उतर गई। यह बस अलवर से जोधपुर जा रही थी, और इस दुर्घटना में लगभग 10 से 12 यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, बस चालक एक वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था तभी संतुलन बिगड़ गया और बस खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद बस में यात्रियों की चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि कई यात्री सीटों के बीच फंस गए थे। आसपास के ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए सबसे पहले मौके पर पहुँचकर बस के शीशे और दरवाजे खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही अकबरपुर पुलिस, एंबुलेंस और चिकित्सा दल घटनास्थल पर पहुँच गए। सभी घायल यात्रियों को तत्काल अकबरपुर और अलवर के अस्पतालों में पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।2