राजस्थान विश्वविद्यालय में री-इवैल्यूएशन को लेकर हंगामा: महारानी कॉलेज की छात्राओं ने लगाया रिजल्ट में धांधली का आरोप जयपुर — राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) से संबद्ध महारानी कॉलेज में री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) और बैक पेपर के नाम पर हो रही कथित गड़बड़ी को लेकर माहौल गर्म हो गया है। छात्र नेताओं और महारानी कॉलेज की छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में छात्र प्रतिनिधि दर्जनों छात्राओं के साथ अधिकारी के कक्ष में बैठकर कॉपियों के मूल्यांकन में भारी लापरवाही का आरोप लगाते दिखे। प्रदर्शन और विरोध के मुख्य बिंदु टॉपर्स को मिलीं बैक: छात्र नेता ने बताया कि स्कूल में 95%, 99% और 100% अंक हासिल करने वाली मेधावी छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश के महज कुछ समय बाद ही 1 से 3 विषयों में 'बैक' (अनुत्तीर्ण) थमा दी गई है। पारिवारिक व मानसिक दबाव: दूर-दराज के गांवों, कस्बों और जिलों से टॉप करके आईं छात्राओं पर इस परिणाम के बाद मानसिक और सामाजिक दबाव बन रहा है। 'री-इवैल्यूएशन बैक स्कैम' के आरोप: छात्राओं और छात्र प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर अंक कम दिए जाते हैं या फेल किया जाता है, ताकि छात्र मजबूरी में भारी-भरकम फीस देकर री-इवैल्यूएशन का फॉर्म भरें। अधिकारी के सामने छात्र नेता का तीखा बयान प्रशासनिक अधिकारी से वार्ता के दौरान छात्र प्रतिनिधि ने कहा: "मैम, ये सभी छात्राएं अपने गांव, कस्बे और जिले की टॉपर रही हैं। किसी के 95% हैं, किसी के 99% तो किसी के 100%। इनके माता-पिता ने बड़े अरमानों से इन्हें महारानी कॉलेज भेजा था। लेकिन एक महीने बाद जब रिजल्ट आता है, तो 99% अंक लाने वाली छात्र 3 विषयों में बैक पा रही है। अब परिवार वाले इनके चरित्र और पढ़ाई पर सवाल उठा रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ। इसमें गलती किसकी है?" छात्राओं की मांगें राजस्थान विश्वविद्यालय की इस मूल्यांकन प्रक्रिया से असंतुष्ट छात्राओं ने मांग की है कि: उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा और पारदर्शी जांच की जाए। लापरवाही बरतने वाले परीक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। री-इवैल्यूएशन शुल्क में कटौती कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
राजस्थान विश्वविद्यालय में री-इवैल्यूएशन को लेकर हंगामा: महारानी कॉलेज की छात्राओं ने लगाया रिजल्ट में धांधली का आरोप जयपुर — राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) से संबद्ध महारानी कॉलेज में री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) और बैक पेपर के नाम पर हो रही कथित गड़बड़ी को लेकर माहौल गर्म हो गया है। छात्र नेताओं और महारानी कॉलेज की छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में छात्र प्रतिनिधि दर्जनों छात्राओं के साथ अधिकारी के कक्ष में बैठकर कॉपियों के मूल्यांकन में भारी लापरवाही का आरोप लगाते दिखे। प्रदर्शन और विरोध के मुख्य बिंदु टॉपर्स को मिलीं बैक: छात्र नेता ने बताया कि स्कूल में 95%, 99% और 100% अंक हासिल करने वाली मेधावी छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश के महज कुछ समय बाद ही 1 से 3 विषयों में 'बैक' (अनुत्तीर्ण) थमा दी गई है। पारिवारिक व मानसिक दबाव: दूर-दराज के गांवों, कस्बों और जिलों से टॉप करके आईं छात्राओं पर इस परिणाम के बाद मानसिक और सामाजिक दबाव बन रहा है। 'री-इवैल्यूएशन बैक स्कैम' के आरोप: छात्राओं और छात्र प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर अंक कम दिए जाते हैं या फेल किया जाता है, ताकि छात्र मजबूरी में भारी-भरकम फीस देकर री-इवैल्यूएशन का फॉर्म भरें। अधिकारी के सामने छात्र नेता का तीखा बयान प्रशासनिक अधिकारी से वार्ता के दौरान छात्र प्रतिनिधि ने कहा: "मैम, ये सभी छात्राएं अपने गांव, कस्बे और जिले की टॉपर रही हैं। किसी के 95% हैं, किसी के 99% तो किसी के 100%। इनके माता-पिता ने बड़े अरमानों से इन्हें महारानी कॉलेज भेजा था। लेकिन एक महीने बाद जब रिजल्ट आता है, तो 99% अंक लाने वाली छात्र 3 विषयों में बैक पा रही है। अब परिवार वाले इनके चरित्र और पढ़ाई पर सवाल उठा रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ। इसमें गलती किसकी है?" छात्राओं की मांगें राजस्थान विश्वविद्यालय की इस मूल्यांकन प्रक्रिया से असंतुष्ट छात्राओं ने मांग की है कि: उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा और पारदर्शी जांच की जाए। लापरवाही बरतने वाले परीक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। री-इवैल्यूएशन शुल्क में कटौती कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
- इलाज में लापरवाही का आरोप, डॉक्टरों ने भी परिजनों पर मारपीट का लगाया आरोप; पुलिस पहुंची मौके पर बिग ब्रेकिंग | कोटा कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, परिजनों और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच विवाद कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए, जबकि रेजिडेंट डॉक्टरों ने मरीज के परिजनों पर डॉक्टर के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि वीआईपी विजिट का हवाला देकर मरीज का बेड बदल दिया गया, जिसके बाद उपचार में लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मरीज की सुनवाई नहीं हुई। विरोध करने पर अस्पताल स्टाफ द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस मृतक बुजुर्ग के बेटे को पूछताछ के लिए थाने ले गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। दूसरी ओर रेजिडेंट डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि मरीज के परिजनों ने एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट की। डॉक्टरों ने अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।4
- घर परिवार में वाणी की मधुरता से सुकून शांति रहती है -संत असंग देव राष्ट्रीय संत असंग देव साहेब से एक विशेष भेंट वार्ता - "जीवन में सत्संग से सद्बुद्धि और शांति आती है। " मधुर वाणी जीवन में सकारात्मक सोच को परिभाषित करती है।1
- रावतभाटा । ।खबर जो आंखें खोल दे। जलकुंभी की जद में राणा प्रताप सागर बांध, बढ़ता प्रकोप, फ्लोटर पंप और जलीय जीव जंतु की जिंदगी पर छाया मौत का संकट, पानी में ऑक्सीजन की कमी का गिरता स्तर , कम बारिश और बरसाती नाले बने जलकुंभी का बड़ा स्रोत, जिम्मेदारों की आंखें बंद, लापरवाही और अनदेखी का परिणाम शहर के लिए बनेगी मुसीबत, जुड़े रहिए इंडिया टीवी राजस्थान के साथ, संवाददाता मनीष सुखवाल की स्पेशल ग्राउंड रिपोर्ट । रावतभाटा । ।खबर जो आंखें खोल दे। जलकुंभी की जद में राणा प्रताप सागर बांध, बढ़ता प्रकोप, फ्लोटर पंप और जलीय जीव जंतु की जिंदगी पर छाया मौत का संकट, पानी में ऑक्सीजन की कमी का गिरता स्तर , कम बारिश और बरसाती नाले बने जलकुंभी का बड़ा स्रोत, जिम्मेदारों की आंखें बंद, लापरवाही और अनदेखी का परिणाम शहर के लिए बनेगी मुसीबत, जुड़े रहिए इंडिया टीवी राजस्थान के साथ, संवाददाता मनीष सुखवाल की स्पेशल ग्राउंड रिपोर्ट ।1
- डीएसटी टीम व चंदेरिया थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया पर पशु बलि एवं वन्यजीव शिकार के वीडियो वायरल करने वाले दो आरोपी को किया गिरफ्तार चित्तौड़गढ़, 30 जुलाई 2026। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भैंस के बच्चे की बलि एवं संरक्षित वन्यजीव खरगोश का निर्ममतापूर्वक शिकार कर उसके वीडियो वायरल करने के मामले में डीएसटी एवं थाना चंदेरिया पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में प्रयुक्त धारदार तलवार भी बरामद कर ली है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे है विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा, वृत्ताधिकारी ग्रामीण दिनेश सुखवाल के निर्देशन में डी.एस.टी टीम एवं पुलिस थाना चंदेरिया ने संयुक्त कार्यवाही की। 28 जुलाई 2026 को डीएसटी के एएसआई सूरज कुमार को प्रकाश राजपुरोहित, अध्यक्ष सुरभि गौ सेवा संस्थान, पाली (ग्रामीण) द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो की सूचना दी गई। इंस्टाग्राम पर शंकरलाल बागरिया नामक व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम आईडी पर एक पाड़े (भैंस के बच्चे) को धारदार हथियार से काटकर उसकी निर्मम हत्या (बलि) का व एक जंगली खरगोश को जाल में फंसा कर अत्यंत बेरहमी से तड़पा-तड़पाकर उसकी निर्मम हत्या कर शिकार का वीडियो बनाया गया। सोशल मिडीया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम आईडी से उक्त दोनो विडियो वायरल किये गये। के बारे में थानाधिकारी मधु कंवर को सूचना दी गई उक्त दोनो विडीयों के आधार पर शोभा बागरिया द्वारा धारदार हथियार से जीवित पाडे (भैंस का बच्चा) की गर्दन काट कर मारना तथा शंकर बागरिया द्वारा जीवित खरगोश को जाल में फसा कर पकड कर निर्मम रूप से मारना संज्ञेय अपराध की परिधि में आने से शोभा बागरिया के विरूद्ध अपराध राज. पशु और पक्षी बलि (प्रतिषेध) अधिनियम 1975 व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 व आर्म्स एक्ट व धारा 325 बीएनएस 2023 एवं शंकर बागरिया के विरूद्ध अपराध वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 व धारा 325 बीएनएस 2023 का अपराध कारित करना पाया जाने से अभियुक्तगण शोभा लाल पिता हरिराम बागरिया निवासी आमोलिया थाना चंदेरिया 02 शंकर पिता हरजी बागरिया निवासी आमोलिया थाना चंदेरिया को डीएसटी चित्तौड़गढ़ एवं चंदेरिया पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई कर गिरफ्तार कर उक्त दोनों का पुलिस रिमांड प्राप्त कर पशु को मारने वाली धारदार तलवार बरामद की एवं प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान कर उक्त दोनों अभियुक्तों की क्राइम हिस्ट्री खंगाल कर इनके द्वारा कहां-कहां अपराध किए हैं के बारे में जानकारी की जाएगी जिससे प्रकरण में अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है। -:पुलिस टीम:- थाना चंदेरिया :- थानाधिकारी मधुकंवर राजपुरोहित, हैड कांस्टेबल शक्ति सिंह, विक्रम सिंह , कांस्टेबल शंकर लाल चालक, अर्जुन लाल डी.एस.टी. टीम :- एएसआई सूरज कुमार, कांस्टेबल अरविंद,कृष्ण कांत, अशोक,जगदीश, शिशपाल, सुरेश सुंडा, देवेंद्र, वीरेंद्र2
- देवरिया में सरकारी जमीन पर बाबा साहेब की प्रतिमा हटाने पहुंची पुलिस पर पथराव उत्तर प्रदेश के देवरिया में वबाल: पुलिस ग्रामीण आमने-सामने: जानकारी के अनुसार गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लवकनी गांव में सरकारी जमीन पर लगाई जा रही बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा हटाने पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया: विरोध इतना बढ़ा कि महिलाओं ने भी ईंट पत्थर फेंके, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस को पीछे हटना पड़ा...1