*सारण जिले के माँझी प्रखण्ड के कोरू-धोरू पंचायत के मझनपुरा गाँव में कृषक किस्म के संरक्षण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मांझी। केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ एवं बिहार राज्य जैव विविधता परिषद पटना द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन आज दिनांक 20 अप्रैल, 2026 को मांझी प्रखण्ड के मँझनपुरा गाँव में किया गया। इस प्रोग्राम की रूप रेखा की चर्चा केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा की जिस किसान के पास बीजू आम, अमरूद, जामुन, बेल, आंवला, करोंदा, कटहल, कैथा केला आदि की अनूठी किस्म हो, जिसे आगे बढाने की आवश्यकता है उसके बारे में संस्थान को अवश्य सूचित करें, इन किस्मों को पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली के माध्यम से कृषक किस्म के रूप मे निवंधित किया जाएगा। डॉ सिंह ने संस्थान के दो शोध परियोजनाओ की चर्चा की जिसकी क्रियावन पूरे बिहार मे जैव विविधता संरक्षण हेतु की जा रही है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र माँझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय ने कृषक किस्म की महत्वता पर जानकारी दी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि अनूठी किस्म की विविधता के बारे में बताएं एवं निबंधन कराएं। उन्होंने गोरौल ( वैशाली) में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के अंतर्गत केला के शोध की विस्तृत में जानकारी दी। बिहार राज्य जैव विविधता परिषद, पटना के संयुक्त निदेशक डॉ. हेमकांत राय ने विरासत वृक्ष की महत्ता, प्रखंड स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समिति के कार्य कलापों के बारे में बताया। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने दीघा आम के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में सफल बनाने में कृषि विज्ञान केन्द्र माँझी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र चंदोला ने विशेष योगदान दिया। बैठक में घोरहट पंचायत के मुखिया श्री शैलेंद्र मिश्रा, बरेजा पंचायत के मुखिया श्री राजेश पांडेय जी, मझनपूरा की मुखिया श्रीमती बीना देवी जी, श्री उदय शंकर सिंह एवं श्री नरेंद्र सिंह उपस्थित थे।प्रोग्राम में सारण जिले के विभिन्न प्रखंड के लगभग 60 से 65 किसानों ने भाग लिया। जिसमें अफौर (नगरा) के श्री नर्मदेश्वर गिरी, धमसर (जनता बाजार) के शैलेश पांडे, नगौली,बसंतपुर (सिवान) के अशोक सिंह ने भी भाग लिया। प्रोग्राम में इसुमापुर के कृषि समानयवक श्री नीरज गुप्ता ने अपने लाल केला की किस्म माधुरी गोल्ड के विशेषता के बारे में बताया । केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के वरिष्ठ शोध सहायक डॉ कुलदीप ने भी किसानों से विचार विमर्श किया।
*सारण जिले के माँझी प्रखण्ड के कोरू-धोरू पंचायत के मझनपुरा गाँव में कृषक किस्म के संरक्षण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मांझी। केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ एवं बिहार राज्य जैव विविधता परिषद पटना द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन आज दिनांक 20 अप्रैल, 2026 को मांझी प्रखण्ड के मँझनपुरा गाँव में किया गया। इस प्रोग्राम की रूप रेखा की चर्चा केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा की जिस किसान के पास बीजू आम, अमरूद, जामुन, बेल, आंवला, करोंदा, कटहल, कैथा केला आदि की अनूठी किस्म हो, जिसे आगे बढाने की आवश्यकता है उसके बारे में संस्थान को अवश्य सूचित करें, इन किस्मों को पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली के माध्यम से कृषक किस्म के रूप मे निवंधित किया जाएगा। डॉ सिंह ने संस्थान के दो शोध परियोजनाओ की चर्चा की जिसकी क्रियावन पूरे बिहार मे जैव विविधता संरक्षण हेतु की जा रही है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र माँझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय ने कृषक किस्म की महत्वता पर जानकारी दी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि अनूठी किस्म की विविधता के बारे में बताएं
एवं निबंधन कराएं। उन्होंने गोरौल ( वैशाली) में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के अंतर्गत केला के शोध की विस्तृत में जानकारी दी। बिहार राज्य जैव विविधता परिषद, पटना के संयुक्त निदेशक डॉ. हेमकांत राय ने विरासत वृक्ष की महत्ता, प्रखंड स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समिति के कार्य कलापों के बारे में बताया। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने दीघा आम के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में सफल बनाने में कृषि विज्ञान केन्द्र माँझी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र चंदोला ने विशेष योगदान दिया। बैठक में घोरहट पंचायत के मुखिया श्री शैलेंद्र मिश्रा, बरेजा पंचायत के मुखिया श्री राजेश पांडेय जी, मझनपूरा की मुखिया श्रीमती बीना देवी जी, श्री उदय शंकर सिंह एवं श्री नरेंद्र सिंह उपस्थित थे।प्रोग्राम में सारण जिले के विभिन्न प्रखंड के लगभग 60 से 65 किसानों ने भाग लिया। जिसमें अफौर (नगरा) के श्री नर्मदेश्वर गिरी, धमसर (जनता बाजार) के शैलेश पांडे, नगौली,बसंतपुर (सिवान) के अशोक सिंह ने भी भाग लिया। प्रोग्राम में इसुमापुर के कृषि समानयवक श्री नीरज गुप्ता ने अपने लाल केला की किस्म माधुरी गोल्ड के विशेषता के बारे में बताया । केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के वरिष्ठ शोध सहायक डॉ कुलदीप ने भी किसानों से विचार विमर्श किया।
- छपरा शहर के प्रेक्षा गृह में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 'सोलर लोन मेला-2026' का हुआ आयोजन1
- Post by एनामुल हक1
- सिवान जिले के सिसवन प्रखंड में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. जनगणना कार्य को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण युद्धस्तर पर चल रहा है.सोमवार को हरे राम ब्रह्मचारी स्कूल में दूसरे बैच के प्रशिक्षण का दूसरा दिन पूरा हुआ. मास्टर ट्रेनर ने प्रतिभागियों को जनगणना के मोबाइल ऐप की बारीकियां, प्रश्नावली के हर कॉलम को भरने का तरीका और फील्ड में आंकड़े जुटाते समय आने वाली चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए. प्रशिक्षण में डेटा की शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने पर खास जोर दिया गया.सिसवन के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की भविष्य की योजनाओं की बुनियाद है. उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें ताकि घर घर जाकर सर्वे के दौरान कोई गलती न हो.बीडीओ ने कहा कि सभी चिन्हित कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रगणक अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर जनगणना का काम शुरू करेंगे.1
- अरवल की बैठक में लोहार आरक्षण किसी भी हाल में लेने का संकल्प चाहे जान भी देना पड़े जनतंत्र वास पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष राज किशोर शर्मा 19-4-261
- Post by Dhananjay Kumar Kushwaha7
- Post by Dhirendra Kumar1
- बोल बम 🙏1
- Post by Dhananjay Kumar Kushwaha4