मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के जमुनामता गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी योगेश और लाल सिंह के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। रविवार शाम करीब 5 बजे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद कथित तौर पर लाल सिंह और उसके साथियों ने योगेश तथा उसके भाई कमल के साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परिक्रमा मार्ग के निकट हुई इस घटना में एक युवक को लाठी-डंडों से पीटा गया, और घायल का भाई लगातार मदद की गुहार लगाता रहा। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, तथा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। घटना के समय वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने मारपीट का वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, और दोनों पक्षों से तहरीर मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है।
मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के जमुनामता गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी योगेश और लाल सिंह के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। रविवार शाम करीब 5 बजे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद कथित तौर पर लाल सिंह और उसके साथियों ने योगेश तथा उसके भाई कमल के साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परिक्रमा
मार्ग के निकट हुई इस घटना में एक युवक को लाठी-डंडों से पीटा गया, और घायल का भाई लगातार मदद की गुहार लगाता रहा। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, तथा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। घटना के समय वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने मारपीट का वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, और दोनों पक्षों से तहरीर मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है।
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कामर गाँव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस की मौजूदगी में आत्मदाह का प्रयास किया। यह मामला छाता तहसील के कामर गाँव का बताया जा रहा है, और इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना एक जमीनी विवाद से जुड़ी है, जिसमें रेडिमेड बाउंड्री वॉल लगाने को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे। गुंडागर्दी से परेशान पीड़ित ने इस विवाद के चलते पुलिस के सामने ही आत्मदाह का भयावह कदम उठाने की कोशिश की।1
- अलीगढ़ जनपद की यातायात पुलिस पर भ्रष्टाचार के चरम पर होने का गंभीर आरोप सामने आया है। एक मामले में, एक व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों को गंगा स्नान कराने के लिए अपनी निजी गाड़ी से ले जा रहा था, तभी यातायात पुलिस के एक कर्मचारी ने गाड़ी में एक अतिरिक्त सवारी होने का हवाला देते हुए दस हजार रुपये का चालान काटने की धमकी दी। गाड़ी चालक ने पुलिसकर्मी के सामने गिड़गिड़ाना शुरू किया, जिसके बाद पुलिसकर्मी ने ₹500 की रिश्वत लेकर उसे छोड़ने का फैसला किया। यह राशि सीधे पुलिसकर्मी को न देकर, उसे पास के एक दुकानदार को सौंपने और तुरंत वहाँ से चले जाने के लिए कहा गया। इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी बनाए गए हैं, जिससे पुलिस के भ्रष्टाचार का यह चेहरा सामने आया है। अब देखना यह है कि इन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या और कितनी कार्रवाई की जाती है।4
- मथुरा के थाना जैत क्षेत्र में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को अवैध वसूली, अवैध पार्किंग संचालन और बाहरी व्यक्तियों के जरिए उगाही कराने के आरोपों की जांच में पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने इस पूरे मामले पर बयान दिया है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने को रेखांकित करता है।1
- मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के ग्राम कमई स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अस्पताल वर्षों से ज्यादातर समय बंद रहता है और यहां न तो नियमित डॉक्टर दिखते हैं, न नर्स और न ही अन्य कर्मचारी। परिसर में गंदगी, झाड़ियां और मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल भवन बने हुए लगभग एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाई हैं। इसके चलते मरीजों को उपचार के लिए गोवर्धन, मथुरा या अन्य दूर के स्थानों पर जाना पड़ता है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण लाखों रुपये की लागत से बना यह स्वास्थ्य केंद्र जनता के लिए किसी काम का नहीं है। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस अस्पताल की वास्तविक स्थिति की जांच करने और तत्काल नियमित चिकित्सा सेवाएं शुरू कराने की मांग की है। यह घटना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी की उस व्यापक समस्या को भी दर्शाती है, जो अन्य क्षेत्रों में भी अक्सर सामने आती रहती है और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाती है। कमई के ग्रामीणों की सबसे बड़ी शिकायत यही है कि "अस्पताल है, लेकिन इलाज नहीं; भवन है, लेकिन सुविधा नहीं"।4
- मथुरा जिला कारागार में महिला बंदियों द्वारा बनाए जाने वाले श्री कृष्ण माला निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया। इस पहल का शुभारंभ जिला जज विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार जी ने संयुक्त रूप से किया।1
- बच्चों को मन का सच्चा बताते हुए, यह कामना की गई है कि उन्हें किसी की बुरी नज़र न लगे। उनकी मासूमियत को ध्यान में रखते हुए, बुरी नज़र को उतार दिया गया है। यह संदेश एक हल्के-फुल्के और चंचल अंदाज़ में बच्चों के भोलेपन पर खुशी और सुरक्षा का भाव व्यक्त करता है।1
- अलीगढ़ जनपद में यातायात पुलिस के भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ निजी गाड़ी से गंगा स्नान के लिए जा रहा था, जिसकी गाड़ी में एक अतिरिक्त सवारी थी। इसी बात पर एक यातायात पुलिसकर्मी ने वाहन चालक को दस हजार रुपये का चालान काटने की धमकी दी। जब गाड़ी चालक पुलिसकर्मी के सामने गिड़गिड़ाने लगा, तो पुलिसकर्मी ने उससे पास के एक दुकानदार को पाँच सौ रुपये देकर भाग जाने को कहा, और इस तरह मामले का निपटारा कर लिया। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो बना ली गई हैं। अब देखना यह है कि इन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- गाजियाबाद के थाना लोनी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में मुठभेड़ के बाद एक इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किया गया यह अपराधी 50,000 रुपये के इनाम का हकदार था।1