शाहजहांपुर: नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित, DM के सख्त निर्देश शाहजहांपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी (DM) धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए अहम निर्णय कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा, परिवहन सुरक्षा और विद्यालय सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: ई-रिक्शा पर रोक: हाईवे पर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रहे ई-रिक्शा अब वहां नहीं चल सकेंगे। ब्लैकलिस्ट होंगे वाहन: ऐसे वाहन जिन पर 10 से अधिक चालान लंबित हैं, एआरटीओ उन्हें चिह्नित कर ब्लैकलिस्ट या सीज करने की कार्यवाही करेंगे। हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया वाहनों पर हेलमेट और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट न लगाने वालों के खिलाफ प्रभावी चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। अवैध कटों पर कार्रवाई: NHAI के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है कि NH-30 पर बने सभी अवैध कटों को तत्काल बंद किया जाए। सुरक्षा मानक: NH-730C पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) में रंबल स्ट्रिप, थर्मोप्लास्टिक पेंट और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति बैठक में सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: सौरभ दीक्षित (पुलिस अधीक्षक) रजनीश कुमार मिश्र (अपर जिलाधिकारी, प्रशासन) दीक्षा भंवरे (SPRA) देवेंद्र कुमार (SP सिटी) प्रशासन का संदेश: "सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना हमारी प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब नरमी नहीं बरती जाएगी।"
शाहजहांपुर: नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित, DM के सख्त निर्देश शाहजहांपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी (DM) धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए अहम निर्णय कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा, परिवहन सुरक्षा और विद्यालय सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: ई-रिक्शा पर रोक: हाईवे पर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रहे ई-रिक्शा अब वहां नहीं चल सकेंगे। ब्लैकलिस्ट होंगे वाहन: ऐसे वाहन जिन पर 10 से अधिक चालान लंबित हैं, एआरटीओ उन्हें चिह्नित कर ब्लैकलिस्ट या सीज करने की कार्यवाही करेंगे। हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया वाहनों पर हेलमेट और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट न लगाने वालों के खिलाफ प्रभावी चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। अवैध कटों पर कार्रवाई: NHAI के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है कि NH-30 पर बने सभी अवैध कटों को तत्काल बंद किया जाए। सुरक्षा मानक: NH-730C पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) में रंबल स्ट्रिप, थर्मोप्लास्टिक पेंट और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति बैठक में सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: सौरभ दीक्षित (पुलिस अधीक्षक) रजनीश कुमार मिश्र (अपर जिलाधिकारी, प्रशासन) दीक्षा भंवरे (SPRA) देवेंद्र कुमार (SP सिटी) प्रशासन का संदेश: "सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना हमारी प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब नरमी नहीं बरती जाएगी।"
- मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार, दो घायल अवैध तमंचे और बाइक बरामद #tilharnews #selfdiscovery #comedy #socialmedia #selfempowerment #romance #jealousy #emotionalhealing #tvshow #drama #artisticexpression1
- शाहजहांपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एसपी ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं और व्यापारियों पर लगातार फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह का उत्पीड़न नहीं रुका, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मामला: एसपी कार्यालय परिसर, शाहजहांपुर2
- Post by Journalist Amit Dixit1
- Post by User50284
- Post by विवेक मिश्र1
- शाहजहांपुर के जिलाधिकारी कार्यालय (कलेक्ट्रेट) में इन दिनों व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। गेट पर नए बोर्ड, अंदर पार्किंग की व्यवस्थित व्यवस्था, गमलों की संख्या में बढ़ोतरी और साफ-सुथरा परिसर—हर स्तर पर बदलाव देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह लगातार कलेक्ट्रेट को बेहतर बनाने के प्रयास में जुटे हैं, वहीं पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के आने के बाद पार्किंग समेत कई व्यवस्थाओं में बड़ा सुधार हुआ है। देखिए इस रिपोर्ट में कैसे बदल रही है शाहजहांपुर कलेक्ट्रेट की तस्वीर और क्या कहती है जनता।1
- Post by Ashish Awasthi Ljp R प्रदेश सच1
- Post by Journalist Amit Dixit1
- संकल्प से सिद्धि का ऐतिहासिक संकल्प नारी शक्ति वंदन अधिनियम दशकों का इन्तज़ार अब समाप्त हुआ, कल तक जो अधिकार सपना था आधी आबादी का, अब वह हकीकत बन चुका है। लोकसभा, विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण जल्दी ही लागू होगा। महिलाओं की सीधी भागीदारी बढ़ने से नीतियों और फैसलों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी, जिससे भारतीय लोकतंत्र को और मजबूती मिलेगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जहां नारियों की पूजा होती है, अर्थात सम्मान दिया जाता है। वहाँ देवता निवास करते हैं शाहजहांपुर 17 अप्रैल। महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव सहित अन्य महिलाओं की उपस्थिति में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि आज नारी शक्ति को जो कुछ भी मिल रहा है वो उसका हक था, जो कि रूका हुआ था। भारत देश की लम्बी लोकतांत्रिक यात्रा में ये निर्णय ऐतिहासिक है हम आधी आबादी इसका स्वागत करते हैं और हृदय की गहराईया से माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का धन्यवाद करते हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश ने महिला सशक्तीकरण के एक नए युग में प्रवेश किया। मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की। लोकसभा और राज्यसभा की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षा के प्रति इच्छाशक्ति का अंदाजा इस बात से लगाइये कि 19 सितम्बर 2023 को नए संसद भवन की कार्यवाही में इस बिल को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से पेश किया गया। लोकसभा में ये बिल 454 बनाम 2 के भारी बहुमत से पास हुआ और राज्यसभा में तो इतिहास ही रच गया। जहाँ राज्य सभा सदस्यों ने सर्व सम्मति से इसके पक्ष में वोट किया और विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। ये कानून हमारे देश की नियति को बदलने वालो कानून है। ये कानून उन करोड़ों महिलाओं के सपने को पंख देगा जो देश की सेवा करना चाहती हैं। जिला और ग्राम पंचायतों में लाखों से अधिक मातृशक्ति देश का गौरव बढ़ा रही हैं। हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने डॉ० बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी के सपने को सच कर दिखाया है। बाबा साहब जी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा थाकि किसी समाज की प्रगति का अनुमान हम इस बात से लगा सकते हैं कि उस समाज की महिलाओं की तरक्की कितनी है। नारी तू नारायणी के संकल्प के साथ 2014 से ही महिला सशक्तीकरण पर अनेक प्रयास किए। समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान की चिन्ता की 11 करोड़ शौचालय जिन्हे इज्जत घर का नाम दिया गया। महिला की कठिनाईओं को समझकर उनके हितों का ध्यान रखते हुए एक अच्छी पहल थी। घर-घर जल पहुँचाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत में महिलाओं के नाम पर घर, तीन तलाक से मुक्ति के कानून में मुस्लिम समाज की महिलाओं में विश्वास बढ़ाने का कार्य किया। हर गांव में चूल्हा फूंकती महिलाओं के आँखों में आँसू देख उज्ज्वला योजना लाकर फ्री गैस कनेक्शन दिए, कहते महिलायें हैं दो कुलों का नाम रोशन करती हैं लेकिन सच पूछा जाये तो उनका कोई घर नहीं होता। माननीय मोदी जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को मालिकाना हक देकर उनके नाम की रजिस्ट्री कर उन्हें घर का मालिक बना दिया। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन उत्तर प्रदेश में दिनांक 13 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' का सीधा प्रसारण इंदिरा भवन, लखनऊ स्थित महिला कल्याण विभाग के सभागार में किया गया। इस अवसर पर सभागार में माननीय कैबिनेट मंत्री, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, राज्य मंत्री महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, अपर मुख्य सचिव, निदेशक महिला कल्याण, निदेशक आईसीडीएस सहित विभागीय अधिकारी, मुख्य सेविकाएं एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों उपस्थित रहीं। प्रदेश के समस्त जनपदों में लाखों की संख्या में मुख्यसेविकाओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं व विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने माननीय प्रधानमंत्री जी का संबोधन सुना गया। माननीय कैबिनेट मंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं को राजनीतिक एवं नेतृत्व क्षमता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के माध्यम से इसकी जानकारी जन-जन तक पहुँचाएं तथा 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर बिल के समर्थन में सहभागिता सुनिश्चित कराएं। अपर मुख्य सचिव द्वारा भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महिलाओं की शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित नीतिगत निर्णयों में उनकी आगीदारी सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में माननीय प्रधानमंत्री जी ने अपने उदबोधन में कहा कि इस बिल से महिलाओं के लिए पंचायत से आगे बढ़कर संसद तक पहुंचने का उनका सफर आसान होता जा रहा है। विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की भूमिका और भी अहम हो गई है। भारत 21वी सदी के सबसे बढ़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है, यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक पहुंचने की दशकों की प्रतिक्षा के अंत का समय 16, 17 व 18 अप्रैल है। उन्होंने इस विधेयक के समर्थन में व्यापक जनजागरुकता हेतु विशेष अभियान चलाने का आह्वान किया तथा महिलाओं से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।4