झुंझुनूं के जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) ने गुरुवार को चिड़ावा वृत के पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित प्रकरणों पर विस्तृत निर्देश दिए। इस बैठक में वृताधिकारी चिड़ावा, वृताधिकारी बुहाना और विभिन्न थाना प्रभारियों ने भाग लिया, जहाँ एसपी सागर ने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। एसपी सागर ने अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने, वांछित अपराधियों की धरपकड़ में तेजी लाने और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावी अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके साथ ही, बीट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीट कांस्टेबल को नियमित रूप से अपने क्षेत्र में भ्रमण कर आमजन से संवाद स्थापित करने और स्थानीय समस्याओं व संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधों की रोकथाम और पुलिस-जन सहयोग मजबूत हो सके। नियमित गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के आदेश के साथ, हरियाणा सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की नियमित जांच करने पर भी खास चौकसी बरतने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने महिला सुरक्षा को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया, क्योंकि उनकी सक्रियता आमजन में विश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। साइबर अपराधों में वृद्धि को देखते हुए, अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और साइबर ठगी के मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया गया। एसपी सागर ने आमजन की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया; उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस थानों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और निर्धारित समय सीमा में उसका समाधान किया जाए, जिससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो सके। बैठक के दौरान आगामी आयोजनों, त्योहारों तथा विशेष अभियानों को लेकर भी चर्चा हुई। एसपी सागर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने दोहराया कि अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही ही बेहतर कानून-व्यवस्था की आधारशिला है।
झुंझुनूं के जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) ने गुरुवार को चिड़ावा वृत के पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित प्रकरणों पर विस्तृत निर्देश दिए। इस बैठक में वृताधिकारी चिड़ावा, वृताधिकारी बुहाना और विभिन्न थाना प्रभारियों ने भाग लिया, जहाँ एसपी सागर ने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। एसपी सागर ने अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने, वांछित अपराधियों की धरपकड़ में तेजी लाने और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावी अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके साथ ही, बीट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीट कांस्टेबल को नियमित रूप से अपने क्षेत्र में भ्रमण कर आमजन से संवाद स्थापित करने और स्थानीय समस्याओं व संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधों की रोकथाम और पुलिस-जन सहयोग मजबूत हो सके। नियमित गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के आदेश के साथ, हरियाणा सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की नियमित जांच करने पर भी खास चौकसी बरतने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने महिला सुरक्षा को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया, क्योंकि उनकी सक्रियता आमजन में विश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। साइबर अपराधों में वृद्धि को देखते हुए, अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और साइबर ठगी के मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया गया। एसपी सागर ने आमजन की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया; उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस थानों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और निर्धारित समय सीमा में उसका समाधान किया जाए, जिससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो सके। बैठक के दौरान आगामी आयोजनों, त्योहारों तथा विशेष अभियानों को लेकर भी चर्चा हुई। एसपी सागर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने दोहराया कि अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही ही बेहतर कानून-व्यवस्था की आधारशिला है।
- झुंझुनूं शहर में यातायात पुलिस ने एक बार फिर अपनी मददगार और ईमानदार छवि का परिचय दिया है। मंडावा मोड़ ट्रैफिक पॉइंट के पास ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल महेंद्र और कांस्टेबल श्रवण को सड़क पर पड़े ₹38-38 हजार रुपये के दो बैंक चेक मिले, जिनकी कुल राशि ₹76 हजार रुपये थी। चेक मिलते ही पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी दिखाते हुए संबंधित बैंक से संपर्क साधा और चेक धारक की जानकारी जुटाना शुरू किया। बैंक के सहयोग से बिसाऊ निवासी करणीराम दिलोई की पहचान हुई, जिनके चेक बाइक से जाते समय रास्ते में गिर गए थे। यातायात पुलिस ने तत्काल करणीराम से संपर्क किया, उन्हें ट्रैफिक पॉइंट पर बुलाया और आवश्यक पुष्टि के बाद उनके दोनों चेक सुरक्षित लौटा दिए। अपने गुम हुए चेक वापस मिलने पर करणीराम दिलोई ने झुंझुनूं यातायात पुलिस का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और ईमानदारी के चलते उन्हें एक बड़ी परेशानी से राहत मिली है। इस सराहनीय कार्य के लिए शहरवासियों ने भी यातायात पुलिस की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की जमकर प्रशंसा की है।1
- स्वास्थ्य सेवाओं में CHC से लेकर PHC स्तर तक बड़े पैमाने पर लूट मची हुई है। इस गंभीर आर्थिक भ्रष्टाचार से स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पूरी तरह बेख़बर हैं।1
- नारनौल में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर राहगीरों को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के उद्देश्य से ठंडाई की छबील लगाई गई। समाजसेवी गोकुल दायमा, जो हैफेड के पूर्व मैनेजर भी हैं, ने विभिन्न संस्थाओं और युवाओं के सहयोग से इस सेवा कार्य का आयोजन किया। भीषण गर्मी में ठंडाई मिलने से राहगीरों ने काफी राहत महसूस की और उन्होंने आयोजकों के इस नेक कार्य की भरपूर सराहना की। इस अवसर पर गोकुल दायमा ने बताया कि यह जेठ माह की तपती गर्मी के दौरान तीसरी बार था जब मीठे पानी और ठंडाई की छबील लगाकर राहगीरों को जल सेवा प्रदान की गई। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपनी क्षमता के अनुसार जनहित के कार्यों में आगे आने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, दायमा ने लोगों से यह भी अपील की कि वे गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों के लिए भी दाना-पानी की व्यवस्था अवश्य करें, ताकि बेजुबान जीवों को भी राहत मिल सके। इस सेवा कार्य को सफल बनाने में लालाराम सैनी, विशाल दायमा, कुणाल सैनी, कार्तिक सैनी सहित अन्य युवाओं ने सक्रिय रूप से सहयोग किया।1
- डीसी अनुपमा अंजली ने महेंद्रगढ़ के ऐतिहासिक किले में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का दौरा कर उसका निरीक्षण किया।1
- बगड़ एक्सप्रेस द्वारा सुबह की प्रमुख खबरें प्रस्तुत की जा रही हैं, जिसमें राजस्थान से जुड़ी ताज़ा और ब्रेकिंग न्यूज़ शामिल हैं। यह पेशकश आज की महत्वपूर्ण खबरों पर केंद्रित है।1
- जयपुर में खाकी का एक ऐसा अमानवीय चेहरा सामने आया है, जिसने लोगों की रूह कंपा दी है। मुख्यमंत्री के काफिले के नाम पर पुलिस ने एक गरीब लड़की का ठेला पलट दिया, जिसके कारण खौलते पानी से झुलसकर एक मासूम बच्ची को चोटें आई हैं। इस घटना को खाकी को शर्मसार करने वाला बताया जा रहा है, और यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या किसी मुख्यमंत्री का काफिला किसी गरीब की जिंदगी से भी ज्यादा कीमती है।1
- महेंद्रगढ़, 25 जून को उपायुक्त अनुपमा अंजली ने महेंद्रगढ़ के ऐतिहासिक किले के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ज़िले में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर बल देते हुए कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से किले के जीर्णोद्धार कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उपायुक्त अंजली ने महेंद्रगढ़ किले को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए कहा कि इसका जीर्णोद्धार कार्य चार चरणों में पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किले के खाली पड़े हिस्से में एक स्टेज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि वहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेलों का आयोजन किया जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किले के आस-पास कचरा डालने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने और किले की चारदीवारी के पास पड़े कचरे को साफ़ करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने माधोगढ़ किला, जल महल और छत्ता राय बालमुकुंद दास जैसी अन्य ऐतिहासिक धरोहरों का भी ज़िक्र किया, जो नेशनल तथा स्टेट हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण ज़िले में पर्यटन की अपार संभावनाएँ पैदा करती हैं। उपायुक्त ने एचएसआरडीसी के अधिकारियों को मरम्मत कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कहा। एचएसआरडीसी के डीजी एम आदित्य देशवाल ने बताया कि दीवारों पर प्लास्टर के लिए चूने का प्रयोग किया जा रहा है ताकि उन्हें असली स्वरूप दिया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पहले चरण में किले के मुख्य द्वार और चारदीवारी का जीर्णोद्धार लगभग ₹8.5 करोड़ की लागत से किया जाएगा, जिसकी अवधि 18 महीने निर्धारित है। किले के निरीक्षण के बाद, उपायुक्त ने सार्वजनिक शौचालय का भी मुआयना किया और वहाँ मौजूद महिलाओं से बात की। उन्होंने नगर पालिका सचिव को शौचालयों की सफ़ाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने एक निर्माणाधीन भवन के बारे में जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन निर्माण में गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।1
- वेनेजुएला में आए 7.5 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें दुखद रूप से करीब 1 लाख लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस शक्तिशाली भूकंप के चलते कई ऊंची इमारतें जमींदोज हो गई हैं। राजधानी काराकास में सबसे अधिक नुकसान की खबर है, क्योंकि भूकंप का केंद्र इससे महज 16 किलोमीटर दूर था। यह दुखद घटना समाचार सूत्रों से सामने आई है।1