पिछले एक वर्ष के दौरान भारतीय रुपये में पाकिस्तानी रुपये के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। विनिमय दर के आंकड़ों के अनुसार, पहले एक भारतीय रुपये के बदले अधिक पाकिस्तानी रुपये प्राप्त होते थे, लेकिन अब यह संख्या कम हो गई है। यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाता है कि पाकिस्तानी रुपये की तुलना में भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। अर्थशास्त्रियों ने बताया है कि मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, विदेशी निवेश के प्रवाह और अमेरिकी डॉलर की स्थिति जैसे कई कारक विनिमय दर को प्रभावित करते हैं। इन्हीं कारणों से दोनों देशों की मुद्राओं के मूल्य में यह परिवर्तन देखा गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल मुद्रा विनिमय दर के आधार पर किसी देश की संपूर्ण आर्थिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता, फिर भी हालिया आंकड़े भारतीय रुपये की कमजोरी को रेखांकित करते हैं।
पिछले एक वर्ष के दौरान भारतीय रुपये में पाकिस्तानी रुपये के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। विनिमय दर के आंकड़ों के अनुसार, पहले एक भारतीय रुपये के बदले अधिक पाकिस्तानी रुपये प्राप्त होते थे, लेकिन अब यह संख्या कम हो गई है। यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाता है कि पाकिस्तानी रुपये की तुलना में भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। अर्थशास्त्रियों ने बताया है कि मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, विदेशी निवेश के प्रवाह और अमेरिकी डॉलर की स्थिति जैसे कई कारक विनिमय दर को प्रभावित करते हैं। इन्हीं कारणों से दोनों देशों की मुद्राओं के मूल्य में यह परिवर्तन देखा गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल मुद्रा विनिमय दर के आधार पर किसी देश की संपूर्ण आर्थिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता, फिर भी हालिया आंकड़े भारतीय रुपये की कमजोरी को रेखांकित करते हैं।
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन में गरियाबंद पुलिस द्वारा 'मिशन जन मित्र' नामक एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में, ग्राम पंचायत हथबाय के अंतर्गत आने वाले छोटे से गाँव चिखली में एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिखली में लगभग 40-45 परिवार निवास करते हैं और यहाँ मुख्य रूप से विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग रहते हैं। इस गाँव में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पैरीघूमर भी है, जहाँ एक स्टाप डेम स्थित है। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत हथबाय की सरपंच, गाँव के गणमान्य नागरिक, और बड़ी संख्या में महिलाएँ व बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करना था। पुलिस अधिकारियों ने नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान पर प्रकाश डाला, यह भी बताया कि यह पूरे परिवार व समाज के लिए घातक है, अपराधों को जन्म देता है और पारिवारिक कलह व बच्चों के मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डालता है। ग्रामीणों से अवैध नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज बनाने में सहयोग की अपील की गई। साइबर अपराधों के संबंध में, उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए गए और लालच, फर्जी लिंक या संदिग्ध कॉल से सावधान रहने को कहा गया। किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। यातायात सुरक्षा पर हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन न चलाने की सलाह दी गई, ताकि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर, ग्रामीणों को गरियाबंद पुलिस के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया; जिन लोगों के पास सोशल मीडिया अकाउंट थे, उनसे मौके पर ही आधिकारिक पेज को फॉलो भी करवाया गया। पुलिस ने बताया कि इन माध्यमों से जनहितकारी और महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाती हैं, जो नागरिकों के लिए उपयोगी होती हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को पैरीघूमर स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा छोटे-छोटे व्यवसाय एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और युवतियों को जिला मुख्यालय में संचालित सिलाई, कढ़ाई व अन्य कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने की जानकारी दी गई। प्रतिभावान विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में उपलब्ध निःशुल्क कोचिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया। यह जनजागरूकता कार्यक्रम पुलिस और ग्रामीणों के बीच आत्मीय संवाद और सक्रिय सहभागिता का एक मंच बना, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।1
- राजनांदगांव की संस्कारधानी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 3 वर्षीय मासूम के साथ अमानवीय कृत्य किया गया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए, आरोपी को जेल भेज दिया गया है।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरुवाडीह में गुरुवार को एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया, जब जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे की कार सड़क पर डीजल खत्म होने के कारण बंद हो गई। आरोप है कि पास के एसएस पेट्रोल पंप से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़ी होने के बावजूद, चालक को डिब्बे में 4 लीटर डीजल देने से मना कर दिया गया। पेट्रोल पंप प्रबंधन की मदद न मिलने से नाराज होकर, ग्रामीणों ने बैलों की मदद से कार को रस्सी से बांधकर पेट्रोल पंप तक खींचा। बैलों से खिंचती कार को देखकर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और देखते ही देखते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। चालक के बार-बार निवेदन करने के बावजूद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने डिब्बे में डीजल देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम ग्रामीणों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास सीमित विकल्प होते हैं और ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंपों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उपसरपंच फागू सेन सहित कई ग्रामीणों ने भी पेट्रोल पंप के रवैये पर नाराजगी जताई और पहले भी ऐसी कठिनाइयों का सामना करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के पेट्रोल पंप पहुंचने के बाद वहां लगभग एक घंटे तक विवाद, बहस, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। आखिरकार, वाहन में डीजल डाला गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। रवि बंजारे ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से करने की बात कही है और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2
- खरवे गांव में इस समय खौफ पसरा हुआ है। शांति पूजा कराने वाले एक बैगा की जान जा चुकी है, और अब सबकी नजरें केवल फारेंसिक जांच पर टिकी हुई हैं।1
- 21 जून रविवार को मिली जानकारी के अनुसार, वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा के प्रतिष्ठित वरिष्ठ व्यापारी स्वर्गीय गोविंद लाल अग्रवाल की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पुत्र संदीप अग्रवाल और पौत्र आभास अग्रवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साल्हेवारा को दो ऑक्सीजन सिलेंडर भेंट किए हैं। इस योगदान को स्वर्गीय गोविंद लाल अग्रवाल की स्मृति को जनसेवा से जोड़ने का एक प्रेरणादायी उदाहरण माना जा रहा है। इस पहल पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रकाश वर्मा ने दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की ऐसी सक्रिय सहभागिता स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिला स्वास्थ्य समिति खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने भी इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की और परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, साथ ही भविष्य में भी जनहित एवं सामुदायिक विकास के लिए इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई।1
- गरियाबंद के देवभोग क्षेत्र को रेल लाइन से जोड़ने की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ने लगी है। यह मांग स्थानीय लोगों द्वारा सांसद रूपकुमारी चौधरी के समक्ष रखी गई, जो केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को गिनाने के लिए पहुंची थीं। स्थानीय निवासियों ने इस अवसर का उपयोग जवाबदार जनप्रतिनिधियों को 'आईना' दिखाने की कोशिश में किया है। दरअसल, ओडिशा के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने मई माह में रेल मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा था, जिसमें कालाहांडी और नुआपड़ा जिलों के साथ-साथ ओडिशा से राजिम रेल लाइन को जोड़ने की मांग की गई थी। इसी पृष्ठभूमि में स्थानीय लोग चाहते हैं कि ओडिशा के जनप्रतिनिधियों की तरह, उनके क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी रेल लाइन विस्तार की चिंता करें। इस मांग पत्र के मिलने के बाद, अब क्षेत्रीय सांसद भी रेल लाइन विस्तार की बात कहने लगे हैं।3
- राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन के लिए एक मार्ग प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों ने अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया, जिस पर डॉ. रमन सिंह ने प्रभावित होकर उन्हें 51 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजनांदगांव में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ योग से निरोग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- रायपुर जिला की ग्राम पंचायत बुंडेरा के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत बुंडेरा निवासी तोरण कुमार साहू, पिता शत्रुघ्न साहू ने खरोरा थाना, तहसील खरोरा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ में आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करते हुए उनके घर और एक ब्रिक्स कंपनी पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसके लिए उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है। तोरण कुमार साहू के अनुसार, पैसा न दिए जाने पर 14.06.2026 को सरपंच ने अपने भाई, पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके घर के चारों तरफ बनी सुरक्षा बाउंड्री को तोड़ दिया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक क्षति पहुंची है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उनकी ही जमीन पर श्रम दिवस मनाने और 'प्रधानमंत्री जी के 12 वर्ष पूर्ण होने का दिवस' मनाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के लगभग 200 लोगों को बुलाया। इस दौरान, सरपंच और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेरा छोड़ दिया, जबकि उन्हें सरपंच या तहसील कार्यालय से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। तोरण कुमार साहू का आरोप है कि सरपंच द्वारा उन्हें बार-बार गाली-गलौज और मानसिक-आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुद सरपंच कई जगहों पर बेजा कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब परिवारों का भी बहुत शोषण किया जा रहा है। इस मामले में तोरण कुमार साहू ने एसडीम कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।4
- सोशल मीडिया पर "ब्लास्टिंग पेन" को लेकर तेजी से फैल रहे वायरल दावों का सच सामने आया है, जिसके बाद रायपुर पुलिस ने इन अफवाहों को पूरी तरह से भ्रामक बताया है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही थीं, जिनमें दावा किया गया था कि बाजार में एक ऐसा पेन उपलब्ध है जो छूते ही फट जाता है। इन मनगढ़ंत दावों ने लोगों के बीच गहरी चिंता और भ्रम पैदा कर दिया था। रायपुर पुलिस ने इन दावों को निराधार करार देते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया गया है कि "ब्लास्टिंग पेन" से जुड़ी ऐसी किसी भी घटना की अब तक पुष्टि नहीं हुई है, और सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावे तथ्यात्मक रूप से गलत पाए गए हैं। पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन सूचनाओं पर पैनी नजर रख रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना सत्यापन के किसी भी खबर, वीडियो या तस्वीर को साझा करने से अफवाहों को बढ़ावा मिलता है, जिससे समाज में अनावश्यक भय और भ्रम का माहौल बनता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल संदेश या दावे पर तुरंत भरोसा न करें और यदि कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया है कि सोशल मीडिया पर हर जानकारी सही नहीं होती और किसी भी समाचार की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करना बेहद जरूरी है। रायपुर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और अफवाहें फैलाने से बचने का आग्रह किया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है, इसलिए नागरिकों को केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए।1