Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखनऊ में विधानसभा के बाहर सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी शामिल हैं। सपाइयों के इस हंगामे के बाद एहतियात के तौर पर विधानसभा, लोक भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है।
ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
लखनऊ में विधानसभा के बाहर सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी शामिल हैं। सपाइयों के इस हंगामे के बाद एहतियात के तौर पर विधानसभा, लोक भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- दिल्ली में शुरू हुए छात्र आंदोलन की आंच अब प्रयागराज तक पहुंच गई है, जहां छात्र भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की बस एक ही प्रमुख मांग है कि शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें। इस आंदोलन का असर कोलकाता में भी देखने को मिल रहा है, जहां लोग विरोध में सड़कों पर निकल पड़े हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए शर्मनाक लाठीचार्ज ने छात्रों के भीतर भारी गुस्सा भर दिया है, जिससे यह आक्रोश अलग-अलग शहरों में फैल रहा है।1
- संसद परिसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सुरक्षाकर्मियों (मार्शलों व बॉडीगार्ड्स) के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है। लोकसभा में प्रवेश और आवाजाही के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर सांसद संजय सिंह बेहद नाराज हो गए और उन्होंने मौके पर ही अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। यह घटना उस समय हुई जब संजय सिंह संसद परिसर के भीतर जा रहे थे और सुरक्षाकर्मियों ने प्रक्रिया या जांच के नाम पर उन्हें रोक दिया। इस बात पर आप सांसद का पारा चढ़ गया और उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ काफी देर तक तीखी बहस हुई। संजय सिंह ने इसे गलत परंपरा बताते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को संसद के भीतर जाने और अपनी बात रखने से इस तरह रोकना अनुचित है। उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा रवैया समझ से परे है और संसद में उनकी आवाजाही को बेवजह नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के बाद विपक्षी खेमे में भी सुरक्षा के नाम पर सांसदों को रोके जाने को लेकर गहरा असंतोष देखा गया है, जिसने एक बार फिर सुरक्षाकर्मियों और सांसदों के बीच समन्वय के मुद्दे को गरमा दिया है।1
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जन भवन का घेराव किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद जन भवन के बाहर प्रदर्शन काफी बढ़ गया। इस प्रदर्शन के मद्देनजर जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया।1
- दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद लखनऊ में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लखनऊ में जन भवन पहुंच रहे हैं, जिसे देखते हुए जन भवन के बाहर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है और वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात है। अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के भी थोड़ी ही देर में वहां पहुंचने की सूचना है।1
- जंतर-मंतर पर अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर पहुँची एक माँ बिलख-बिलखकर रो पड़ी और अपना आक्रोश व्यक्त किया। महिला ने रोते हुए कहा, "मेरे दोनों बच्चे लाई हूँ, इनको भी मार दो। कल कितने सारे बच्चों के सर फोड़े हैं आपने।" जंतर-मंतर पर माँ का यह दर्द और उसका गुस्सा साफ़ नज़र आया, जहाँ उसने बच्चों पर हुए अत्याचार को लेकर यह तीखा बयान दिया।1
- NEET आंदोलन को लेकर पहली आधिकारिक बातचीत के तहत जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा ने आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।1
- दिल्ली में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वायरल वीडियो के साथ महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग किए जाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो और उनमें किए जा रहे दावों की अब तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामले में आधिकारिक पक्ष का अभी इंतजार किया जा रहा है।1