साध्वी मृत्यु प्रकरण। सवाल जो अब भी जवाब मांग रहे हैं… साध्वी की मृत्यु को लेकर पुलिस, मेडिकल रिपोर्ट और सिस्टम, तीनों के बीच कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि नर्स द्वारा शेड्यूल H ड्रग का इंजेक्शन बिना किसी चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन के लगाया गया, जो नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमिशन की रिपोर्ट के अनुसार गलत है। यह एक लापरवाही जरूर मानी जा सकती है… लेकिन क्या यही मौत का कारण है ? इसका जवाब किस पुलिस अधिकारी या मेडिकल एक्सपर्ट के पास नहीं ? पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में किसी भी स्तर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ कि डाइक्लोफेनेक या डेक्सामेथासोन इंजेक्शन से ही मृत्यु हुई। रिपोर्ट में सामने आया कि मौत पल्मनरी कार्डिक अरेस्ट के कारण हुई। यह पल्मनरी कार्डिक अरेस्ट हृदय तक वायु यानी आक्सीजन के न पहुंचने के कारण आता है ऐसी जानकारी मेडिकल एक्सपर्ट से मिली है। अब यहां सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा होता है, कार्डिक अरेस्ट आखिर आया किस कारण से? संभावनाएं तीन बताई जा रही हैं .... 1- अस्थमा अटैक से... 2- इंजेक्शन के रिएक्शन व अस्थमा अटैक के संयुक्तिकरण से... 3- या फिर अस्थमा अटैक के दौरान किसी बाहरी हस्तक्षेप से यानी मुंह पर हाथ रख देने से.. (जिससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है ) जब तीन-तीन संभावनाएं मौजूद हैं, तो फिर निष्कर्ष कहाँ है? कुछ सीधे सवाल हैं... क्या बिना प्रिस्क्रिप्शन इंजेक्शन लगाना ही मौत का आधार मान लिया गया? जब मेडिकल रिपोर्ट इंजेक्शन से मौत कन्फर्म नहीं करती, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? कार्डिक अरेस्ट का वास्तविक कारण अब तक स्पष्ट क्यों नहीं? जांच की दिशा मेडिकल है, क्रिमिनल है या सिर्फ औपचारिक? और सबसे बड़ा सवाल… प्रेम बाईसा के पैसों का क्या हुआ ? उसका कोई स्पष्ट ब्यौरा अब तक सामने क्यों नहीं आया? जबकि सूत्रों की माने तो उनके और उनके ट्रस्ट के अकाउंट में डेढ़ लाख रुपए भी नही थे तो इतनी बड़ी कमाई जो वे करती थी उसका संग्रहण कहा और कैसे होता था और अब वो पैसे कहा है ? जब मौत का कारण अस्पष्ट, जिम्मेदारी अनिश्चित और आर्थिक पहलू भी धुंधला है तो क्या इसे सामान्य प्रकरण माना जाए? सवाल सिस्टम से भी हैं… पुलिस से भी… और समाज से भी… आपकी नजर में सच क्या है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें....
साध्वी मृत्यु प्रकरण। सवाल जो अब भी जवाब मांग रहे हैं… साध्वी की मृत्यु को लेकर पुलिस, मेडिकल रिपोर्ट और सिस्टम, तीनों के बीच कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि नर्स द्वारा शेड्यूल H ड्रग का इंजेक्शन बिना किसी चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन के लगाया गया, जो नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमिशन की रिपोर्ट के अनुसार गलत है। यह एक लापरवाही जरूर मानी जा सकती है… लेकिन क्या यही मौत का कारण है ? इसका जवाब किस पुलिस अधिकारी या मेडिकल एक्सपर्ट के पास नहीं ? पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में किसी भी स्तर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ कि डाइक्लोफेनेक या डेक्सामेथासोन इंजेक्शन से ही मृत्यु हुई। रिपोर्ट में सामने आया कि मौत पल्मनरी कार्डिक अरेस्ट के कारण हुई। यह पल्मनरी कार्डिक अरेस्ट हृदय तक वायु यानी आक्सीजन के न पहुंचने के कारण आता है ऐसी जानकारी मेडिकल एक्सपर्ट से मिली है। अब यहां सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा होता है, कार्डिक अरेस्ट आखिर आया किस कारण से? संभावनाएं तीन बताई जा रही हैं .... 1- अस्थमा अटैक से... 2- इंजेक्शन के रिएक्शन व अस्थमा अटैक के संयुक्तिकरण से... 3- या फिर अस्थमा अटैक के दौरान किसी बाहरी हस्तक्षेप से यानी मुंह पर हाथ रख देने से.. (जिससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है ) जब तीन-तीन संभावनाएं मौजूद हैं, तो फिर निष्कर्ष कहाँ है? कुछ सीधे सवाल हैं... क्या बिना प्रिस्क्रिप्शन इंजेक्शन लगाना ही मौत का आधार मान लिया गया? जब मेडिकल रिपोर्ट इंजेक्शन से मौत कन्फर्म नहीं करती, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? कार्डिक अरेस्ट का वास्तविक कारण अब तक स्पष्ट क्यों नहीं? जांच की दिशा मेडिकल है, क्रिमिनल है या सिर्फ औपचारिक? और सबसे बड़ा सवाल… प्रेम बाईसा के पैसों का क्या हुआ ? उसका कोई स्पष्ट ब्यौरा अब तक सामने क्यों नहीं आया? जबकि सूत्रों की माने तो उनके और उनके ट्रस्ट के अकाउंट में डेढ़ लाख रुपए भी नही थे तो इतनी बड़ी कमाई जो वे करती थी उसका संग्रहण कहा और कैसे होता था और अब वो पैसे कहा है ? जब मौत का कारण अस्पष्ट, जिम्मेदारी अनिश्चित और आर्थिक पहलू भी धुंधला है तो क्या इसे सामान्य प्रकरण माना जाए? सवाल सिस्टम से भी हैं… पुलिस से भी… और समाज से भी… आपकी नजर में सच क्या है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें....
- जोधपुर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई हैं। इस बार राजस्थान के 1300 स्कूलों से करीब 1.72 लाख विद्यार्थी हैं। इनमें 10वीं के 90 हजार व 12वीं के करीब 82 हजार विद्यार्थी शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों में सुबह 10 बजे के बाद विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र के साथ ही स्कूल का पहचान पत्र देखकर एंट्री दी गई। वही आज फिजिकल एजुकेशन का एग्जाम है 12th का CBSC बोर्ड का एग्जाम है l इसके साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर हाइटेक नकल के मामलों को रोकने के तीन स्तर पर उड़नदस्तों के गठन के साथ ही संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों के लिए आब्जर्र नियुत्त किए गए हैं । दसर्वीं की परीक्षाएं 11 मार्च और 12वीं की 10 अप्रैल तक चलेगी । परीक्षा दोपहर डेढ बजे तक चलेगी l2
- रायपुर (ब्यावर) चने के आकार के गिरे ओले, तूफ़ानी बारिश से मौसम मे आई ठंडक ब्यावर मे चने के आकार के गिरे ओले, तूफ़ानी बारिश से मौसम मे आई ठंडक, बादलो की गरज से दहला ब्यावर । ओलावृष्टिः चने के आकार के ओलों की बरसात तापमान में गिरावटः इस अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में भारी गिरावट आई है। जिससे फरवरी के महीने में फिर से कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है। गर्जना और दहशतः बादलों की तेज गड़गड़ाहट ने शहरवासियों को चौंका दिया।1
- पाली : सरस डेयरी परिसर में आया कोबरा 🐍 सांप 💃🏻दिव्या जैन पाली ने किया रेस्क्यू 📞 73 57 57 07 071
- Post by District.reporter.babulaljogawat1
- राजस्थान के पूरे पश्चिमी मानसून एक बार पुनः सक्रिय होने की वजह से किसानों के चेहरे पर आज फिर एक बार चिंता की लकीरें उबर आई है क्योंकि किसानों के खेतों में पक्की लगभग फैसले अब कटाई के कगार पर है और आने वाले समय के अंदर अगर बारिश होती है तो किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर देखी जा सकती है इस समय राजस्थान का किसान दुखी है परेशान है क्योंकि उनकी जो लगभग लगभग फैसले पक चुकी है अब वह कटी हुई फसले लता में पड़ी हुई है और अब किसानों के चेहरे पर चिंता के अलावा कुछ भी नहीं बचाए अगर बारिश होती है तो उनकी तीन या चार महीने की जो मेहनत है पसीना करके जो फसले वही उनको फसले चौपट होने की कगार पर है1
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- बालोतरा। आदर्श प्राथमिक विद्यालय का वार्षिक उत्सव न्यू तेरापंथ भवन मे प्रधान रणछोड़ राम ने बताया कि कक्षा पांच के छात्रों को विदाई देते हुए उज्जवल भविष्य की शुभ कामनाएं दी। समारोह मे स्कूली छात्र छात्राओं ने संस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतिया दी। कार्यक्रम मे संस्कार भारती के पदाधिकारियो अभिभावक, विद्यालय के शिक्षक व् छात्र मौजूद रहे।1
- सेन्दडा ब्यावर ब्यावर के सोमानी नगर मे घर के वाश बेसिन मे 18 घंटे तक बैठा रहा सांप* परिवार परेशान.... सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पंहुचकर बिना तोड़फोड़ के मात्र कुछ सेकेंड मे निकाला बाहर *स्नैक कैचर ब्यावर* *सुरेंद्रसिंह 9660616447* *अधिकृत वन विभाग राज. सरकार*1