दिल्ली में शिवसेना (UBT) के लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पार्टी के 6 सांसद दल बदलकर दूसरे दल में चले गए हैं, जिसके संबंध में वे और अनिल देसाई पिछले हफ्ते 18 जून को भी स्पीकर से मिलकर निवेदन कर चुके थे। उस निवेदन में उन्होंने स्पीकर से अपेक्षा की थी कि यदि कोई व्यक्ति या सांसद व्यक्तिगत रूप से उनके पास आता है और किसी अन्य दल में जाने की इच्छा व्यक्त करता है, तो संविधान की तरफ से ऐसे मामलों में रक्षा का काम स्पीकर द्वारा किया जाना चाहिए। सावंत ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने स्पीकर को दोबारा एक पत्र सौंपा है, जिसमें यह आग्रह किया गया है कि यदि इस मामले में कोई प्रगति होती है, तो निर्णय लेने से पहले उनकी सुनवाई की जाए। आज की मुलाकात के दौरान, उन्होंने स्पीकर से पूछा कि क्या कोई सांसद उनसे मिलने आया है या कोई निवेदन किया है, जिस पर स्पीकर बिरला ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। शिवसेना (UBT) के सांसद ने संविधान के प्रावधानों की रक्षा करने पर जोर दिया और मांग की कि किसी भी गुट को मंजूरी न मिले और उन्हें अलग-अलग बैठने की अनुमति न दी जाए।
दिल्ली में शिवसेना (UBT) के लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पार्टी के 6 सांसद दल बदलकर दूसरे दल में चले गए हैं, जिसके संबंध में वे और अनिल देसाई पिछले हफ्ते 18 जून को भी स्पीकर से मिलकर निवेदन कर चुके थे। उस निवेदन में उन्होंने स्पीकर से अपेक्षा की थी कि यदि कोई व्यक्ति या सांसद व्यक्तिगत रूप से उनके पास आता है और किसी अन्य दल में जाने की इच्छा व्यक्त करता है, तो संविधान की तरफ से ऐसे मामलों में रक्षा का काम स्पीकर द्वारा किया जाना चाहिए। सावंत ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने स्पीकर को दोबारा एक पत्र सौंपा है, जिसमें यह आग्रह किया गया है कि यदि इस मामले में कोई प्रगति होती है, तो निर्णय लेने से पहले उनकी सुनवाई की जाए। आज की मुलाकात के दौरान, उन्होंने स्पीकर से पूछा कि क्या कोई सांसद उनसे मिलने आया है या कोई निवेदन किया है, जिस पर स्पीकर बिरला ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। शिवसेना (UBT) के सांसद ने संविधान के प्रावधानों की रक्षा करने पर जोर दिया और मांग की कि किसी भी गुट को मंजूरी न मिले और उन्हें अलग-अलग बैठने की अनुमति न दी जाए।
- राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने पाली के सादड़ी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लेते हुए कई विवादास्पद बयान दिए। उन्होंने रिपोर्टर भीकाराम कंडारा की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि साधुओं की हत्या के बाद संत समाज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्राप दिया था। राज्यपाल के अनुसार, स्वामी करपात्री जी महाराज ने कहा था कि "साधुओं की जैसी हत्या हुई, ऐसे रास्ते से आप जाएंगी," और यह श्राप बाद में पूरा भी हुआ। उन्होंने 6 नवंबर 1966 के गौरक्षा आंदोलन का भी जिक्र किया, जो गौहत्या बंदी के वादे को पूरा न करने के विरोध में संसद के बाहर आयोजित देश का पहला बड़ा आंदोलन था। इस आंदोलन में फायरिंग हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की बात कही जाती है। इस दौरान, राज्यपाल ने बिना नाम लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने महाराणा प्रताप के राजतिलक का प्रसंग सुनाया, जिसमें महाराणा उदय सिंह के निधन के बाद जगमाल ने राजगद्दी नहीं छोड़ी थी, यह कहते हुए कि उदयसिंह महाराज ने उन्हें राजा घोषित किया था। राज्यपाल ने इस पर टिप्पणी की कि "पद नहीं छोड़ने की यह परंपरा अभी भी चालू है। मैं नहीं हटूंगी। मैं नहीं हारी। मैं मुख्यमंत्री से नहीं हटूंगी। शायद उन्होंने जगमाल को पढ़ा होगा।" इसके अतिरिक्त, राज्यपाल ने महाराणा प्रताप की सौतेली मां धीर कंवर को "कैकेयी" बताया, जिन्होंने अपने बेटे को गद्दी पर बैठाने का वचन लिया था और लोगों ने उन्हें हाथ पकड़कर उठाया था, जैसी अयोध्या में कैकेयी ने किया था। कार्यक्रम के विवरण के अनुसार, राज्यपाल सुबह करीब 11 बजे बस स्टैंड स्थित आजाद मैदान शिवनगरी पहुंचे, जहां उन्होंने व्यासपीठ पूजन किया। उन्होंने मंदिर निर्माण में विशेष योगदान देने वाली दानदाता लाड़ कंवर को सम्मानित भी किया। बाद में, वे मंदिर स्थल जाटों के डोरण गए, जहाँ उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया, गाय का पूजन किया और भगवान शिव की आराधना की। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अचलाराम मेघवाल, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी, एसपी मोनिका सेन, डीएसपी चैनसिंह महेचा, एडीएम शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम दिनेश बिश्नोई सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।1
- भारत में जहाँ एक ओर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए लगातार धरने प्रदर्शन हो रहे हैं और साधु-संत भी बड़ी संख्या में यह आवाज़ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रोहिणी में उनकी हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। रोहिणी के विजय विहार स्थित लाल फ्लैट के पास मस्जिद के सामने बने कूड़ादान के इर्द-गिर्द भारी गंदगी फैली रहती है, जिससे मुख्य सड़क तक पूरा कूड़ा-करकट, पानी और कीचड़ जमा रहता है। इसी गंदगी के बीच सुबह-शाम कई गायें बैठी रहती हैं, जो कूड़ा, गंदगी और प्लास्टिक की पॉलिथीन खाने को मजबूर हैं, जिसके कारण उनकी मौत भी हो जाती है। यह मुख्य सड़क होने के कारण यहाँ लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। रात के अंधेरे में गौ माताएँ राहगीरों को नजर नहीं आतीं, जिससे कई बार सड़क दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं और लोगों को भी काफी चोटें आई हैं। स्थानीय निवासी इन सब समस्याओं से परेशान होकर कई बार निगम पार्षद और विधायक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि ये हालत पिछले करीब 10 साल से बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूध की डेयरी चलाने वाले सुबह-शाम गायों का दूध निकालने के बाद उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं, जिससे वे दुर्घटनाओं का शिकार होती हैं। इन गायों का न तो ध्यान रखा जाता है, न खाना दिया जाता है और न ही किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। इसलिए लोगों ने मांग की है कि ऐसे डेयरी संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि गौ माता की इस दयनीय हालत के जिम्मेदार कहीं न कहीं ये डेयरी वाले ही हैं। अब यह देखना बाकी है कि क्या इस इलाके की सफाई हो पाएगी और दुर्घटनाओं का शिकार होने वाली तथा दुर्घटनाओं का कारण बनने वाली इन गायों को किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाएगा।1
- दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शाहबाद डेयरी में हुए एक ब्लाइंड मर्डर केस को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- एक उपयोगकर्ता ने 'केपी टेक्नोलॉजी HD वॉलपेपर' के संबंध में जानकारी का अनुरोध किया है। विशेष रूप से, इस जानकारी को 'शुद्ध देसी' हिंदी भाषा में बताने पर जोर दिया गया है।1
- कुशवाहा जी1
- गुजरात के सूरत स्थित गंगाधरा चौकड़ी पर एक घटना सामने आई है, जहाँ एक बाइक सवार ने अपनी बाइक गड्ढे में उतार दी। जानकारी के अनुसार, यह बाइक सवार शराब के नशे में चूर था।1
- बिहार के पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, इस आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।1