दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में सक्रिय शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी की देखरेख में एसीपी विवेक त्यागी और इंस्पेक्टर सुनील के नेतृत्व वाली टीम ने इस पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, पहला मॉड्यूल दिल्ली में किसी पुलिस प्रतिष्ठान या महत्वपूर्ण सरकारी ठिकाने पर पेट्रोल बम से हमला करने की बड़ी साजिश रच रहा था। इस मॉड्यूल से जुड़े दो आरोपियों को विजय घाट से गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से तीन पेट्रोल बम, एक चोरी की बाइक और पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ हुई चैट बरामद की गई है। वहीं, दूसरे मॉड्यूल का संबंध पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की तस्करी से था। इस मॉड्यूल के चार आरोपियों को कलिंदी कुंज और अमृतसर से पकड़ा गया है। उनके पास से तीन अत्याधुनिक पिस्टल, पाँच जिंदा कारतूस, दो कारें और पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में सक्रिय शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी की देखरेख में एसीपी विवेक त्यागी और इंस्पेक्टर सुनील के नेतृत्व वाली टीम ने इस पूरे मॉड्यूल का
भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, पहला मॉड्यूल दिल्ली में किसी पुलिस प्रतिष्ठान या महत्वपूर्ण सरकारी ठिकाने पर पेट्रोल बम से हमला करने की बड़ी साजिश रच रहा था। इस मॉड्यूल से जुड़े दो आरोपियों को विजय घाट से गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से तीन पेट्रोल बम, एक चोरी की बाइक और पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ
हुई चैट बरामद की गई है। वहीं, दूसरे मॉड्यूल का संबंध पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की तस्करी से था। इस मॉड्यूल के चार आरोपियों को कलिंदी कुंज और अमृतसर से पकड़ा गया है। उनके पास से तीन अत्याधुनिक पिस्टल, पाँच जिंदा कारतूस, दो कारें और पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।
- क्राइम ब्रांच ने लगभग दस वर्षों से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी थी और वे जमानत पर रिहा होने के बाद से फरार थे। इन आरोपियों में से एक मुंबई के एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग मामले में भी घोषित भगोड़ा था। लगातार मानव स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के आधार पर, मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) तथा गोड्डा (झारखंड) में एक साथ की गई छापेमारी के दौरान दोनों फरार दोषियों को दबोच लिया गया।2
- दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में डेढ़ महीने पहले हुए एक ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि 34 वर्षीय चंदन सैनी की हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई थी, जिसके बाद उसका शव यमुना खादर के पास फेंक दिया गया था। नॉर्थ जिला के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि यमुना खादर के पास एक अज्ञात शव मिलने पर वजीराबाद थाने में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शव पर कई चोट के निशान थे, लेकिन शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने मृतक के शरीर पर बने टैटू और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर उसकी तस्वीरें विभिन्न माध्यमों से साझा कीं, जिसके बाद शव की पहचान तिमारपुर निवासी 34 वर्षीय चंदन सैनी के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी का गहन विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि चंदन का तरुण नाम के युवक से पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते तरुण ने अपने साथियों सनी और मिराज के साथ मिलकर चंदन की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी चंदन को बहाने से एक ऑटो में बैठाकर ले गए, जहां रास्ते में उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को यमुना खादर के पास फेंककर वे फरार हो गए। जांच के दौरान आरोपियों ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे पुलिस के सामने तकनीकी साक्ष्य जुटाना चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और मानवीय खुफिया सूचना के आधार पर लगातार जांच जारी रखी। दिल्ली के अलावा मुंबई, अमृतसर, जम्मू, पंजाब और उत्तराखंड सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई। एक अहम सुराग मिलने के बाद पुलिस ने सबसे पहले मिराज को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी तरुण और सनी को भी पकड़ लिया गया। डीसीपी राजा बांठिया ने जानकारी दी कि थाना वजीराबाद और नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एएटीएस टीम की संयुक्त कार्रवाई से इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
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- गाजियाबाद में भ्रूण जांच से जुड़े एक मामले में चार लड़कों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई भ्रूण की जांच करने के आरोप में की गई है।1
- दिल्ली पुलिस को यमुना खादर इलाके के पास एक लावारिस शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। शव की पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसके चेहरे पर गहरे घाव किए गए थे, लेकिन पुलिस ने शरीर पर बने एक टैटू की मदद से मृतक की पहचान स्थापित की। जांच के दौरान यह सामने आया कि मृतक की हत्या से कुछ दिन पहले उसकी किसी व्यक्ति से लड़ाई हुई थी। ख़ुफ़िया सूत्रों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दिल्ली पुलिस की टीम ने लगातार ठिकाने बदल रहे आरोपियों को आखिरकार पकड़ लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाक़ू और एक ऑटो रिक्शा भी बरामद किया है। इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे ब्लाइंड मर्डर की यह गुत्थी सुलझा ली गई है।1
- पहाड़गंज में एक बिल्डर के ऑफिस में रंगदारी के मकसद से गोलीबारी की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पवन पहलवान को बीती रात एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है।1