अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 20.06.26 को अवैध शराब की तस्करी में लिप्त दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने एक सफेद रंग की बुलेरो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की। यह कार्रवाई कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक राजेश कंवर और रीतेश सिंह की टीम ने की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लवकुश तिवारी (उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम बरगवां, थाना चचाई, जिला अनूपपुर) और रामप्रसाद रजक (उम्र 34 वर्ष, निवासी रमगढवा, थाना अतरेला, जिला रीवा) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट वाली बुलेरो SLX वाहन (एमपी 18 सी 3165) बरामद की। वाहन से गोवा व्हिस्की के 25 पाव (तीन पेटी), पावर 10000 सुपर स्ट्रांग बियर, और माऊंट 6000 की एक पेटी सहित कुल 30.3 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 9,771 रुपये है। इसके अतिरिक्त, अवैध शराब की तस्करी में प्रयुक्त बुलेरो वाहन को भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 3,00,000 रुपये बताई गई है। कोतवाली पुलिस ने आरोपीगणों के खिलाफ अपराध क्रमांक 373/26 के तहत आबकारी एक्ट की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा जब्तशुदा बुलेरो वाहन के वास्तविक मालिक और अवैध शराब की तस्करी में शामिल अन्य संभावित आरोपियों के संबंध में भी गहन विवेचना की जा रही है।
अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 20.06.26 को अवैध शराब की तस्करी में लिप्त दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने एक सफेद रंग की बुलेरो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की। यह कार्रवाई कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक राजेश कंवर और रीतेश सिंह की टीम ने की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लवकुश तिवारी (उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम बरगवां, थाना चचाई, जिला अनूपपुर) और रामप्रसाद रजक (उम्र 34 वर्ष, निवासी रमगढवा, थाना अतरेला, जिला रीवा) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट वाली बुलेरो SLX वाहन (एमपी 18 सी 3165) बरामद की। वाहन से गोवा व्हिस्की के 25 पाव (तीन पेटी), पावर 10000 सुपर स्ट्रांग बियर, और माऊंट 6000 की एक पेटी सहित कुल 30.3 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 9,771 रुपये है। इसके अतिरिक्त, अवैध शराब की तस्करी में प्रयुक्त बुलेरो वाहन को भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 3,00,000 रुपये बताई गई है। कोतवाली पुलिस ने आरोपीगणों के खिलाफ अपराध क्रमांक 373/26 के तहत आबकारी एक्ट की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा जब्तशुदा बुलेरो वाहन के वास्तविक मालिक और अवैध शराब की तस्करी में शामिल अन्य संभावित आरोपियों के संबंध में भी गहन विवेचना की जा रही है।
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सामने आए एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है।1
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।1
- अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।1
- भीषण गर्मी और लगातार घटते जलस्तर के कारण घुघरी क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि ग्रामीणों को अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए भी पानी की एक-एक बूंद जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर, कुओं का जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि लोगों को रस्सी और छोटे बर्तनों की मदद से थोड़ा-थोड़ा पानी निकालना पड़ रहा है। जनपद पंचायत घुघरी की चोवा ग्राम पंचायत में ग्रामीण एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, जो क्षेत्र में जल संकट की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।1
- कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने पूर्व में घोर नक्सल प्रभावित रहे छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा से लगे लाछा-मराडबरा-उमरझोला गांवों में रात्रि विश्राम किया। इसका उद्देश्य पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करना और दूरस्थ अंचलों की समस्याओं को समझना था। इस दौरान उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के भाई-बहनों और अन्य ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया, जहाँ उन्होंने मूलभूत समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सुरक्षा संबंधी मुद्दों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने भी पुलिस अधीक्षक के पहुंचने पर खुशी व्यक्त करते हुए अपनी परेशानियां साझा कीं। इसी क्रम में, श्री धर्मेंद्र सिंह ने थाना झलमला क्षेत्र के सोनवाही, बंदूकुंदा, सिलहरी और मध्यप्रदेश सीमा से लगे सोनवाही टोला व उमरझोला गांवों का भी दौरा किया। यहां उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव में भाग लेकर बच्चों व पालकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया, बंदूकुंदा के अस्थायी प्राथमिक कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया, और बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्षा ऋतु के मद्देनजर, पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और स्वच्छता अपनाने की सलाह दी, जिसमें कुओं, झिरियों और बोरिंग के पानी को ब्लीचिंग पाउडर से सुरक्षित रखने तथा केवल शुद्ध पेयजल का सेवन करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों को जहरीले सांप, बिच्छू या अन्य कीट-मकोड़ों के काटने पर झाड़-फूंक या अंधविश्वास से दूर रहने और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में उचित उपचार कराने की सलाह दी, क्योंकि समय पर चिकित्सा ही जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्षेत्र के आश्रम एवं छात्रावासों का निरीक्षण किया, स्कूली बच्चों को शैक्षणिक सामग्री बांटी और पालकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय तथा आश्रम-छात्रावासों में भेजने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रावास अधीक्षकों को परिसर की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और स्वास्थ्य व सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि कबीरधाम पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने और जनविश्वास को मजबूत करने के लिए भी संकल्पित है।1
- बैकुंठपुर के मानस भवन में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- भारत भूषण तिवारी का एक लाइव एनकाउंटर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कई गोलियां चलती दिख रही हैं। वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है कि कैसे एक अकेले इंसान पर कई गोलियां चलाई गईं और उसे "फील्डिंग लगाकर" घेरा गया। वायरल वीडियो के साथ यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को यह ज्ञात हो जाए कि उसे पागलखाने भेजकर सच में पागल करने की साजिश रची जा रही है, तो उसके पास केवल एक ही विकल्प बचता है। ऐसे में, उस व्यक्ति ने सचमुच पागल बनने की बजाय एक क्रांतिकारी बनकर सीने में गोली लेना बेहतर समझा। इस घटना के संदर्भ में, लोगों से अपनी राय मांगी गई है कि क्या यह कदम सही था।1
- कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत स्थित आदिमजाति सेवा सहकारी समिति (वार्ड नंबर 10) कार्यालय के सामने अव्यवस्था का अंबार लगा हुआ है, जहाँ किसानों को अपनी जान जोखिम में डालकर भारी-भरकम खाद की बोरियाँ ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। खेती-किसानी के चरम मौसम में किसान खाद-यूरिया के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अमला और ठेकेदार मिलकर उन्हें दोहरी मार दे रहे हैं। सहकारी कार्यालय के ठीक सामने नाली निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसे ठेकेदार की सुविधा के अनुसार किया जा रहा है, न कि किसानों की सुगमता को ध्यान में रखकर। ऐसा प्रतीत होता है कि इस रसूखदार ठेकेदार के आगे पूरा प्रशासनिक तंत्र बेबस हो चुका है। सिर पर 50 किलो का वजन लेकर किसानों को "मौत के गड्ढे" जैसी खतरनाक स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। प्रशासन पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि खेती का सीजन शुरू हो चुका है और इस दौरान सहकारी कार्यालय पर सबसे अधिक भीड़ होगी, और क्या इस हिस्से का निर्माण प्राथमिकता से पूरा नहीं किया जा सकता था ताकि किसानों को सुचारू रास्ता मिल सके।1