डेरापुर तहसील के लेखपाल अविनाश मिश्रा बने जेल अधीक्षकः बोले- बचपन से बड़ा अधिकारी बनने का था सपना अंकित कुमार कानपुर देहात उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज कानपुर देहात के डेरापुर तहसील में तैनात लेखपाल अविनाश मिश्रा का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) परीक्षा में जेल अधीक्षक के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से तहसील स्टाफ और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जनपद के जलिहापुर गांव निवासी अविनाश मिश्रा का चयन वर्ष 2024 में लेखपाल पद पर हुआ था और वे वर्तमान में डेरापुर तहसील में कार्यरत थे। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर यह महत्वपूर्ण पद प्राप्त किया है। अविनाश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर पूरी की। उन्होंने हाईस्कूल झींझक से और इंटरमीडिएट सिठमरा से किया। इसके बाद गौरीशंकर महाविद्यालय, झींझक से स्नातक एवं डी.एल.एड. की डिग्री प्राप्त की तथा कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। उनके परिवार में पिता सरकारी शिक्षक हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। उनकी छोटी बहन बाल विकास विभाग, अकबरपुर (कानपुर देहात) में कार्यरत हैं। यह पारिवारिक पृष्ठभूमि उनकी शैक्षिक यात्रा में प्रेरणास्रोत रही है। अविनाश मिश्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनका सपना एक बड़ा अधिकारी बनने का था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत और समर्पण से साकार किया। तहसील डेरापुर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डेरापुर तहसील के लेखपाल अविनाश मिश्रा बने जेल अधीक्षकः बोले- बचपन से बड़ा अधिकारी बनने का था सपना अंकित कुमार कानपुर देहात उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज कानपुर देहात के डेरापुर तहसील में तैनात लेखपाल अविनाश मिश्रा का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) परीक्षा में जेल अधीक्षक के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से तहसील स्टाफ और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जनपद के जलिहापुर गांव निवासी अविनाश मिश्रा का चयन वर्ष 2024 में लेखपाल पद पर हुआ था और वे वर्तमान में डेरापुर तहसील में कार्यरत थे। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर यह महत्वपूर्ण पद प्राप्त किया है। अविनाश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर पूरी की। उन्होंने
हाईस्कूल झींझक से और इंटरमीडिएट सिठमरा से किया। इसके बाद गौरीशंकर महाविद्यालय, झींझक से स्नातक एवं डी.एल.एड. की डिग्री प्राप्त की तथा कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। उनके परिवार में पिता सरकारी शिक्षक हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। उनकी छोटी बहन बाल विकास विभाग, अकबरपुर (कानपुर देहात) में कार्यरत हैं। यह पारिवारिक पृष्ठभूमि उनकी शैक्षिक यात्रा में प्रेरणास्रोत रही है। अविनाश मिश्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनका सपना एक बड़ा अधिकारी बनने का था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत और समर्पण से साकार किया। तहसील डेरापुर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- जनपद स्तर पर 39 आंगनबाड़ी केन्द्रों व 05 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का हुआ लोकार्पण/शिलान्यास।* *मा0 जनप्रतिनिधियों व जिलाधिकारी द्वारा पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां को दिया गया नियुक्ति पत्र।* *लखनऊ में मा0 मुख्यमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम के सजीव प्रसारण को देखा गया।* कानपुर देहात, माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में लखनऊ में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों/मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन का वितरण, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का वितरण, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों/सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र, आंगनवाड़ी केंद्र भवनों, बाल विकास परियोजना कार्यालय भवनों का लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम के सजीव प्रसारण को जनपद स्तर पर माननीय विधायक रसूलाबाद श्रीमती पूनम शंखवार, मा0 भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में देखा एवं सुना गया। इसी अवसर पर जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में माननीय जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी द्वारा 39 आंगनवाड़ी केंद्रों का लोकार्पण तथा 05 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण/शिलान्यास किया गया। साथ ही 05 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित कर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे आंगनवाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा एवं लाभार्थियों तक योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, डीसी नरेगा अशोक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी आरबी सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण, कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आदि उपस्थित रहे।1
- सरस्वती शिशु मंदिर का परीक्षा परिणाम घोषित , मेधावी छात्र किए गए सम्मानित1
- औरैया जिले इस वक्त की एक ऐसी खबर आ रही है जिससे सभी के आंखों पर यकीन नहीं है। अकेलेपन से टूटा 65 वर्षीय बुजुर्ग जीते जी अपनी ही तेरहवीं करने का लिया फैसला लक्ष्मणपुर गांव के राकेश यादव ने कराया तेरहवीं भोज का ऐलान,करीब 1900 लोगों को भेजे निमंत्रण पत्रदो भाइयों की हो चुकी मौत, कोई नहीं बचा सहारा,परिवार में शादी भी नहीं हुई, जीवन में गहरा अकेलापन अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं, इसलिए लिया फैसला,आज को तेरहवीं संस्कार के रूप में कराया जाएगा भंडारा1
- कानपुर देहात डेरापुर तहसील क्षेत्र में आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला, जब अन्तःपुरी इंटर कॉलेज सबलपुर के पास स्थित कलिका मंदिर सबलपुर पर दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन हुआ। सोमवार को मेले का दूसरा दिन रहा, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा और भक्तों ने माँ के दरबार में झंडा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। यह मेला वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जो हर एकादशी के शुभ अवसर पर शुरू होता है। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचते हैं और माँ कलिका के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इन पावन दिनों में सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत माँ अवश्य पूरी करती हैं, यही विश्वास लोगों को हर साल यहां खींच लाता है। मेले में श्रद्धा के साथ-साथ उत्सव का रंग भी देखने को मिला। दुकानों की कतारें, बच्चों की खिलखिलाहट और भक्तों की उमंग से पूरा क्षेत्र मेले में तब्दील हो गया। आयोजकों ने सोमवार शाम करीब 6 बजे बताया कि मेले के समापन के बाद रात में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को और भी रंगीन बनाएंगे।1
- अन्तः पुरी इंटर कालेज के पास कलिका मंदिर मेले में उमड़ा जनसैलाब, रात को होगा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम डेरापुर तहसील क्षेत्र में आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला, जब अन्तःपुरी इंटर कॉलेज सबलपुर के पास स्थित कलिका मंदिर सबलपुर पर दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन हुआ। सोमवार को मेले का दूसरा दिन रहा, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा और भक्तों ने माँ के दरबार में झंडा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। यह मेला वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जो हर एकादशी के शुभ अवसर पर शुरू होता है। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचते हैं और माँ कलिका के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इन पावन दिनों में सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत माँ अवश्य पूरी करती हैं, यही विश्वास लोगों को हर साल यहां खींच लाता है। मेले में श्रद्धा के साथ-साथ उत्सव का रंग भी देखने को मिला। दुकानों की कतारें, बच्चों की खिलखिलाहट और भक्तों की उमंग से पूरा क्षेत्र मेले में तब्दील हो गया। आयोजकों ने सोमवार शाम करीब 6 बजे बताया कि मेले के समापन के बाद रात में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को और भी रंगीन बनाएंगे।1
- औरैया। दिबियापुर रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर से सोमवार शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का पद संचलन उत्साह और अनुशासन के साथ प्रारंभ हुआ। यह संचलन शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक सड़कों के किनारे एकत्रित हुए। पूरे आयोजन के दौरान स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में अनुशासित ढंग से कदम से कदम मिलाकर चलते नजर आए, जिससे वातावरण में संगठन की एकता और व्यवस्था का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद दिखाई दिया। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे संचलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। पद संचलन के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों द्वारा स्वयंसेवकों का स्वागत भी किया गया। कई जगह पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया, जिससे आयोजन का उत्साह और बढ़ गया। स्थानीय नागरिकों ने इस आयोजन को अनुशासन, संगठन और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बताया। यह पद संचलन न केवल संगठन की गतिविधियों का प्रदर्शन था, बल्कि समाज में जागरूकता और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने का भी एक प्रयास माना जा रहा है। कुल मिलाकर कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सफल रहा, जिसने शहरवासियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।1
- औरैया शहर में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित किया गया । पथ संचलन में दंड लेकर पूर्ण गड़वेश के स्वयंसेवक एकत्रित हुए। यहां से पथ संचलन शुरू हुआ, जहां जगह-जगह लोगों ने फूल वर्षा कर स्वागत किया।2
- मंगलपुर में वाइको की भिड़ंत में युवक गम्भीत झींझक सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर1