सोनभद्र में 01 जुलाई, 2026 को जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने बभनौली कला गांव पहुंचकर संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया। अपनी एक नई पहल के तहत, उन्होंने गांव की गलियों में पैदल भ्रमण किया और घर-घर जाकर ग्रामीणों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छता सबसे प्रभावी उपाय है, और सभी परिवारों को अपने घर व आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा शुद्ध एवं सुरक्षित खान-पान की आदत अपनाने को कहा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर विशेष उत्साह दिखाया और उनकी इस अनूठी पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उनका कहना था कि पहली बार किसी जिलाधिकारी को गांव की गलियों में पैदल घूमकर लोगों को स्वयं जागरूक करते देखा है, जिससे प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। इस दौरान जिलाधिकारी ने गांव की साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने खंण्ड विकास अधिकारी को गांव में नियमित साफ-सफाई, नालियों की सफाई और सड़कों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जनपद में ऐसे 40 से 50 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया जाए, जहां संचारी रोग फैलने की अधिक संभावना है, और वहां व्यापक जनजागरूकता, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएं ताकि बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। अभियान के तहत, जनपद के विद्यालयों में भी संचारी रोग नियंत्रण हेतु शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 श्री वागीश कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, एएनएम और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सोनभद्र में 01 जुलाई, 2026 को जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने बभनौली कला गांव पहुंचकर संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया। अपनी एक नई पहल के तहत, उन्होंने गांव की गलियों में पैदल भ्रमण किया और घर-घर जाकर ग्रामीणों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छता सबसे प्रभावी उपाय है, और सभी परिवारों को अपने घर व आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा शुद्ध एवं सुरक्षित खान-पान की आदत अपनाने को कहा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर विशेष उत्साह दिखाया और उनकी इस अनूठी पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उनका कहना था कि पहली बार किसी जिलाधिकारी को गांव की गलियों में पैदल घूमकर लोगों को स्वयं जागरूक करते देखा है, जिससे प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। इस दौरान जिलाधिकारी ने गांव की साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने खंण्ड विकास अधिकारी को गांव में नियमित साफ-सफाई, नालियों की सफाई और सड़कों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जनपद में ऐसे 40 से 50 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया जाए, जहां संचारी रोग फैलने की अधिक संभावना है, और वहां व्यापक जनजागरूकता, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएं ताकि बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। अभियान के तहत, जनपद के विद्यालयों में भी संचारी रोग नियंत्रण हेतु शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 श्री वागीश कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, एएनएम और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बिन्धयनगर में एक घटना सामने आई है, जहाँ एनटीपीसी के एक कर्मचारी ने सुपरवाइजर प्रेम मिश्रा का गेट पास फाड़ दिया है।1
- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय बैठक छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर (जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाना था। यह बैठक रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत और रीवा क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री हेमंत चौहान के निर्देशन में, तथा पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री षियाज़ के.एम. और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इसमें सिंगरौली से सीएसपी विंध्यनगर श्री उमेश प्रजापति, थाना प्रभारी बैढ़न श्री अशोक सिंह परिहार, और चौकी प्रभारी सासन श्री संदीप नामदेव सहित चारों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, और अवैध मादक पदार्थ, हथियार तथा शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इन मुद्दों पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक साझा रणनीति भी तैयार की गई। इसके अतिरिक्त, 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत साइबर अपराधों जैसे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी और बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त साइबर जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी। साइबर हेल्पलाइन 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया।2
- सोनभद्र के साइबर क्राइम पुलिस थाने ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ₹25.03 लाख की साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया। यह जानकारी एसपी सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा की ओर से दिए गए एक बयान के संबंध में सामने आई है।1
- चंदौली में परिवहन विभाग के नाम पर लोगों से ऑनलाइन धनराशि वसूलने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियुक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर "rtowale_bhaiyaji_up67" नाम से एक फर्जी आईडी बनाकर उसका दुरुपयोग कर रहा था। इस फर्जी आईडी के माध्यम से आरोपी ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य परिवहन संबंधी कार्य कराने के बहाने लोगों को ठग रहा था। इस गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर महोदय ने एक वक्तव्य जारी किया है।1
- चंद्रमा कुमार विश्वकर्मा ग्राहकों को रसोई और अलमारी बनवाने की सेवाएँ प्रदान करते हैं। यदि आप रसोई बनवाना चाहते हैं या अलमारी बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो उनसे उनके मोबाइल नंबर 8009963085 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने अपने किए गए रसोई के काम का एक वीडियो भी बनाया है, जिससे उनके कार्य की गुणवत्ता को समझा जा सकता है।1
- चंदौली कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जहाँ उपस्थित सभी को शपथ भी दिलाई गई। इस अभियान का उद्घाटन चंदौली के जिलाध्यक्ष श्री काशीनाथ सिंह ने किया। सर्वप्रथम मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने माननीय जिलाध्यक्ष और मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया, जिसके बाद मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर और फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा ने अभियान के सफल संचालन हेतु सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों से सभी विभागों के सहयोग, सामंजस्य और जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में जनपद चंदौली ने इस अभियान में अपना प्रथम स्थान बनाए रखा है। जिलाध्यक्ष श्री काशीनाथ सिंह ने संचारी रोग नियंत्रण/दस्तक अभियान को माननीय मुख्यमंत्री का एक महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद यह कार्यक्रम पहले तीन मंडलों में शुरू किया गया था और अक्टूबर 2018 में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया। यह अभियान वर्ष में तीन बार — अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में चलाया जाता है। इसके तहत स्वास्थ्य, पंचायती राज, नगर विकास, पशुपालन, बाल विकास, कृषि, दिव्यांगजन, सिंचाई और जिला सूचना विभाग मिलकर संचारी रोगों से बचाव के लिए समन्वय स्थापित कर कार्य करते हैं। इस कार्यक्रम के व्यापक प्रभाव से जनमानस में जागरूकता आई है, बीमारियों के प्रसार में कमी आई है, लोग अपने घरों के आस-पास साफ-सफाई रखने लगे हैं, जल जमाव नहीं होने दे रहे हैं, मच्छरदानी में सोने की आदत डाल रहे हैं और खुले में शौच नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों से परस्पर समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने की अपील की। विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख श्री संजय सिंह ‘बबलू’ ने बताया कि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान में सभी विभाग अच्छा समन्वय कर रहे हैं। इस दौरान ओ.आर.एस. के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं और गंदे व जल जमाव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है, साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारियों का उपचार भी अच्छे से किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ने अवगत कराया कि संचारी रोग के अंतर्गत विगत वर्षों के आंकड़ों के आधार पर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की सूची, जहाँ मलेरिया, डेंगू, डायरिया जैसी बीमारियाँ फैली थीं, विशेष निगरानी के लिए सभी विभागों को उपलब्ध करा दी गई है। कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्री जय प्रकाश सिंह ने किया। गोष्ठी के समापन के बाद, संचारी रोग नियंत्रण अभियान में आए यथार्थ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं तथा संबंधित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को जिलाध्यक्ष श्री काशीनाथ सिंह, विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख श्री संजय सिंह ‘बबलू’, मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, पंचायती राज, नगर विकास, पशुपालन, बाल विकास, कृषि, दिव्यांगजन, सिंचाई और जिला सूचना विभाग के साथ-साथ जिला मलेरिया अधिकारी एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।1
- विंध्याचल के दीवान घाट पर बुधवार सुबह करीब 11 बजे स्नान करते समय तीन लोग गहरे पानी में डूबने लगे, जिसमें से दो को स्थानीय नाविकों और दुकानदारों ने साड़ी व बांस की मदद से सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, 18 वर्षीय अश्वनी उर्फ अक्कू पुत्र हिंछ लाल नामक एक युवक गहरे पानी में बहकर लापता हो गया, जिसकी तलाश में गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम लगातार जुटी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अश्वनी अपनी मां निहाला देवी और दो भाइयों के साथ मामा के परिवार सहित कुल 22 लोगों के साथ विंध्याचल दर्शन-पूजन के लिए आया था। अश्वनी अपने घर का बड़ा बेटा था और एक निजी कंपनी में काम करता था। सभी लोग वाहन स्टैंड में खड़ा कर दीवान घाट पर स्नान के लिए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अश्वनी बार-बार बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी में नहा रहा था। परिजनों और नाविकों के मना करने के बावजूद वह एक बार बाहर आया, लेकिन फिर दोबारा गहरे पानी में कूद गया, जहां वह तेज बहाव में बहकर डूबने लगा। उसे डूबता देख संगीता देवी अपने छह वर्षीय बेटे चंदन के साथ बचाने गईं, लेकिन वे दोनों भी डूबने लगे। इस पर नाविक फौजदार निषाद और दुकानदार सूरज साहनी ने तत्परता दिखाते हुए बांस और साड़ी उनकी ओर फेंकी, जिससे संगीता देवी साड़ी पकड़कर अपने बेटे समेत सुरक्षित बाहर आ गईं। लेकिन अश्वनी गहरे पानी में चला गया और उसे बचाया नहीं जा सका। घाट पर मौजूद नाविकों ने बताया कि बैरिकेडिंग एक घाट से दूसरे घाट तक लगी है और बीच में नाव खड़ी करने की जगह न होने से उस हिस्से पर नज़र रखना मुश्किल होता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एसडीआरएफ की ड्यूटी इसी घाट पर थी, लेकिन टीम घटना के काफी देर बाद पहुंची, जबकि दो लोगों की जान नाविकों ने ही बचाई थी। सूचना मिलने पर धाम चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्र पुलिस बल, गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ स्टीमर को तेज चलाकर लहरें उठा रही थी ताकि युवक पानी से बाहर आ जाए और गोताखोर गहरे पानी के अंदर तलाश कर रहे थे। खबर लिखे जाने तक लापता युवक का कोई पता नहीं चल सका था और तलाश जारी है।4
- सोनभद्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी "गुंडागर्दी की मिसाल" बन रहे हैं। पोस्ट के अनुसार, पुलिस खास तौर पर गरीबों को निशाना बनाती है, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों के पास जाने से कतराती है। इसमें यह भी कहा गया है कि जमीनों से संबंधित कार्य SDM का होता है, लेकिन पुलिसकर्मी खुद ही SDM बनकर मनमानी कर रहे हैं। इन आरोपों के मद्देनजर, वीडियो की जांच कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।1