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दिल झकझोर देने वाला वायरल वीडियो AI जेनरेटेड वीडियो सच्चाई दिल झकझोर देना वाली वायरल वीडियो मानवता पे भरी पड़ी गौ माता की काबिलियत
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- नामांकन अभियान को लेकर छात्रों की जागरूकता रैली, अधिकाधिक नामांकन की अपील बैरिया। प्रखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मधुरबाना के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा सत्र 2026-27 के नामांकन अभियान को सफल बनाने के लिए गुरुवार के सुबह करीब 10 बजे जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से गांव-गांव जाकर अभिभावकों से अपने बच्चों का अधिक से अधिक संख्या में स्कूल में नामांकन कराने की अपील की गई। रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर आकर्षक स्लोगन लिखे और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। स्लोगनों में “नामांकन का संकल्प उठाएं, शत-प्रतिशत साक्षरता लाएं” जैसे संदेश प्रमुख रूप से शामिल रहे। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ गांव की गलियों में घूमकर शिक्षा के महत्व को बताया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शिक्षा के प्रसार और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का संकल्प लिया।1
- दो से अधिक संतान छुपाने पर वार्ड पार्षद पद से हटाए गए एनामुल हक निर्वाचन आयोग का सख्त फैसला, वार्ड 24 में फिर होगा चुनाव मझौलिया से जापान भाई की रिपोर्ट बेतिया। नगर निगम बेतिया के वार्ड संख्या 24 के पार्षद एनामुल हक को दो से अधिक संतान होने का तथ्य छुपाने के मामले में बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करते हुए यह सख्त निर्णय सुनाया। आदेश में कहा गया है कि एनामुल हक 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पार्षद पद हासिल किया। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) एवं 18(2) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है। साथ ही वार्ड 24 का पद रिक्त घोषित कर पुनः चुनाव कराने का निर्देश भी जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि एनामुल हक के खिलाफ गलत हलफनामा दाखिल करने और तथ्य छिपाने के मामले में अधिनियम की धारा 447 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग ने मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हुई देरी को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित जांच पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि एनामुल हक पर पूर्व में पद के दुरुपयोग और बैठकों में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप भी लगाए गए थे, जिनका जिक्र आयोग के फैसले में किया गया है।1
- जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में भारत - नेपाल सीमा पर सुरक्षा, तस्करी रोक थाम और नशा नियन्त्रण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। 16.04.2026.1
- बेतिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने सुनवाई पूरी करते हुए नामजद अभियुक्त साकीम अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 11 नवंबर 2024 का है, जब गांव की एक नाबालिग बच्ची अपने घर में सो रही थी। देर रात पानी पीने के लिए वह चापाकल के पास गई, तभी आरोपी ने उसे पकड़कर जबरदस्ती दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में मौखिक बयान नहीं दिया, लेकिन जांच और अनुसंधान में जुटी पुलिस की भूमिका तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पटना से आई डीएनए रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। डीएनए सैंपल मैच होने के बाद अदालत ने इसे ठोस आधार मानते हुए दोषसिद्ध किया और सजा सुनाई। फैसले में अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। इस पूरे मामले में विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया है। विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट इस केस में निर्णायक साबित हुई और उसी के आधार पर आरोपी को सजा मिली है।1
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1
- पडरौना, कुशीनगर से एक गर्व की खबर सामने आई है, जहां एसबीडी सीनियर सेकेंड्री स्कूल के विद्यार्थियों ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। उत्कृष्ट परिणाम के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा टॉपर छात्र-छात्राओं का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान छात्रों को मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया, वहीं उनके अभिभावकों का भी अभिनंदन कर मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस वर्ष श्रुति सिंह ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। वहीं अक्सा ने 91.4 प्रतिशत और आदित्य राज ने 91.2 प्रतिशत अंक लाकर क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सिफा परवीन, प्रियांशी गुप्ता, आयुष जायसवाल और सिम्मी कुमारी ने भी बेहतरीन अंक हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। विद्यालय के प्रबंध निदेशक एन.पी. कुशवाहा ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह परिणाम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण का प्रमाण है। वहीं प्रधानाचार्य प्रदीप चौबे ने इसे पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए छात्रों को आगे भी इसी मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक और स्टाफ ने भी सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- सनसरैया आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण पखवाड़ा, कुपोषण मिटाने का लिया संकल्प नौतन प्रखंड के सनसरैया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 39 पर शनिवार को सुबह करीब 10 बजे पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीपीओ संध्या कुमारी ने की। इस दौरान समुदाय में सही पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने और कुपोषण को समाप्त करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में महिला प्रवेक्षिका प्रियंका कुमारी सहित कई कर्मियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी रही। सेविका माला रानी ने पोषण पखवाड़ा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारियां दीं। उन्होंने कुपोषण से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। सीडीपीओ संध्या कुमारी और अन्य अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सही पोषण बेहद जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने हिस्सा लेकर इसे सफल बनाया।1
- ## जनगणना 2027 प्रशिक्षण का निरीक्षण, प्रगणकों को दिए जरूरी निर्देश **मझौलिया में 218 प्रगणक ले रहे प्रशिक्षण, मोबाइल स्विच ऑफ रखने की हिदायत** **बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट** **बेतिया।** मझौलिया प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय में गुरुवार को भारत की जनगणना 2027 के तहत चल रहे प्रगणकों के दूसरे चरण के प्रशिक्षण का निरीक्षण बीडीओ सह चार्ज अधिकारी डॉ. राजीव रंजन एवं नोडल पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रगणकों को प्रशिक्षण के समय मोबाइल फोन स्विच ऑफ रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणक पूरी तन्मयता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि आगामी जनगणना कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों ने प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों एवं सुपरवाइजर्स से जनगणना से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे और उन्हें इसके उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय जनगणना सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़ों का सबसे विश्वसनीय स्रोत है। जानकारी के अनुसार, मझौलिया में कुल 218 शिक्षकों को प्रगणक के रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें से सात शिक्षक एईडीओ परीक्षा में प्रतिनियुक्ति के कारण अनुपस्थित पाए गए। डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद पहले चरण में 2 मई से 31 मई तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। वहीं 17 अप्रैल से 1 मई तक स्व-गणना की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी, जिसके तहत लोग स्वयं अपने आंकड़े दर्ज करेंगे और बाद में प्रगणक घर-घर जाकर उनका सत्यापन करेंगे। निरीक्षण के दौरान प्रगणक प्रदीप कुमार पांडेय ने पेयजल की व्यवस्था की मांग उठाई, जिस पर बीडीओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रखंड नाजिर को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशिक्षण कार्य में प्रखंड स्तर के 10 प्रशिक्षक शामिल हैं, जिनमें शमसे आलम, अनिल कुमार सिंह, अक्षय कुमार और शशि रंजन चौबे प्रमुख हैं। वहीं प्रखंड आईटी मैनेजर अरविंद ठाकुर एवं कार्यपालक सहायक अजय कुमार पंडित ने स्व-गणना प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी दी। फिलहाल जनगणना 2027 को लेकर प्रखंड प्रशासन पूरी तरह सजग और सक्रिय नजर आ रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों के लिए खान-पान की भी समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे मझौलिया का कन्या मध्य विद्यालय परिसर गुलजार बना हुआ है।1
- पश्चिम चंपारण में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब लगाम लगने जा रही है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बेतिया के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने सख्त आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि अब स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। इस फैसले से जिले के करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। जिले में संचालित सैकड़ों निजी और सीबीएसई स्कूलों पर लंबे समय से मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने, अनावश्यक शुल्क वसूलने और अभिभावकों को तय दुकानों से किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करने के आरोप लग रहे थे। जांच में इन शिकायतों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। नए आदेश के तहत अब कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी एक दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। साथ ही सभी स्कूलों को अपनी फीस, किताबों की सूची और यूनिफॉर्म की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। बार-बार यूनिफॉर्म बदलने पर भी रोक लगा दी गई है। अब तय यूनिफॉर्म कम से कम तीन साल तक नहीं बदली जाएगी। वहीं छात्रों को पुराने किताबों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। आरटीई के तहत नामांकित बच्चों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा स्कूल वाहनों में सीसीटीवी और फर्स्ट एड जैसी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फीस में अवैध बढ़ोतरी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आदेश के पालन के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कुल मिलाकर प्रशासन के इस फैसले ने साफ संदेश दे दिया है—अब शिक्षा के नाम पर मनमानी नहीं, नियम से ही काम होगा।1