खेतों की ब्लेड तार बनी मौत का फंदा, एक माह तक तड़पता रहा नंदी सरकार और गौसेवा के दावों पर बड़ा सवाल आंवला। एक ओर शासन-प्रशासन गोवंश संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करता है, तो दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। कस्बा बल्लिया में खेतों में लगे ब्लेडनुमा तार (कंटीले तार) की चपेट में आकर एक गोवंशीय नंदी का पैर बुरी तरह कट गया। दर्द से कराहता नंदी लगभग एक महीने तक इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन न तो जिम्मेदार तंत्र की नजर पड़ी और न ही क्षेत्र में गौसेवा का दम भरने वाले संगठनों ने कोई सुध ली। स्थानीय लोगों के अनुसार, छुट्टा गोवंश की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। खेतों में फसल बचाने के लिए लगाए जा रहे खतरनाक ब्लेड तार इन बेजुबान पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। घायल नंदी लंबे समय से लहूलुहान हालत में घूम रहा था, लेकिन सरकारी तंत्र की ओर से कोई पहल नहीं हुई। मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार संगठन ने मानवीय पहल करते हुए नंदी के उपचार की व्यवस्था कराई। अवनीश शर्मा ने तत्काल पशु चिकित्सालय भमोरा के प्रभारी डॉ. गौरव मोहन शर्मा को सूचना दी। सूचना मिलते ही डॉ. दिनेश यादव व डॉ. पवन कुमार मौके पर पहुंचे और घायल नंदी का उपचार किया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर उसके घाव की सफाई व दवाइयां दीं। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जब सरकार गोवंश संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, तो फिर सड़कों और खेतों में घूमते, घायल होते और तड़पते गोवंश की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्षेत्र में तमाम संगठन और स्वयंभू गौ रक्षक समाज सेवा का दावा करते हैं, लेकिन वास्तविक गौसेवा के ऐसे मामलों में उनकी सक्रियता क्यों नजर नहीं आती? गौसेवा केवल नारों और मंचों तक सीमित क्यों है? इस दौरान आदित्य भारद्वाज, सुखबीर यादव, जसवीर मौर्य सहित अन्य पत्रकार साथी मौजूद रहे।
खेतों की ब्लेड तार बनी मौत का फंदा, एक माह तक तड़पता रहा नंदी सरकार और गौसेवा के दावों पर बड़ा सवाल आंवला। एक ओर शासन-प्रशासन गोवंश संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करता है, तो दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। कस्बा बल्लिया में खेतों में लगे ब्लेडनुमा तार (कंटीले तार) की चपेट में आकर एक गोवंशीय नंदी का पैर बुरी तरह कट गया। दर्द से कराहता नंदी लगभग एक महीने तक इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन न तो जिम्मेदार तंत्र की नजर पड़ी और न ही क्षेत्र में गौसेवा का दम भरने वाले संगठनों ने कोई सुध ली। स्थानीय लोगों के अनुसार, छुट्टा गोवंश की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। खेतों में फसल बचाने के लिए लगाए जा रहे खतरनाक ब्लेड तार इन बेजुबान पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। घायल नंदी लंबे समय से लहूलुहान हालत में घूम रहा था, लेकिन सरकारी तंत्र की ओर से कोई पहल नहीं हुई। मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार संगठन ने मानवीय पहल करते हुए नंदी के उपचार की व्यवस्था कराई। अवनीश शर्मा ने तत्काल पशु चिकित्सालय भमोरा के प्रभारी डॉ. गौरव मोहन शर्मा को सूचना दी। सूचना मिलते ही डॉ. दिनेश यादव व डॉ. पवन कुमार मौके पर पहुंचे और घायल नंदी का उपचार किया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर उसके घाव की सफाई व दवाइयां दीं। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जब सरकार गोवंश संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, तो फिर सड़कों और खेतों में घूमते, घायल होते और तड़पते गोवंश की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्षेत्र में तमाम संगठन और स्वयंभू गौ रक्षक समाज सेवा का दावा करते हैं, लेकिन वास्तविक गौसेवा के ऐसे मामलों में उनकी सक्रियता क्यों नजर नहीं आती? गौसेवा केवल नारों और मंचों तक सीमित क्यों है? इस दौरान आदित्य भारद्वाज, सुखबीर यादव, जसवीर मौर्य सहित अन्य पत्रकार साथी मौजूद रहे।
- इक़बाल साहब गाँव के सरपंच हैं, लेकिन वो दोबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहते, फिर पूरा गाँव उनके घर पर इकठ्ठा हो गया, गाँव वाले उन्हें दोबारा सरपंच बनाना चाहते हैं, बाक़ी मैंने ऐसा कभी नहीं देखा…1
- आंवला के कस्बा देवचरा स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 23 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची भमोरा पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- vasiyat Mein Hera pheri aur Insaaf Ki guhar prarthi ki nyaay ke liye1
- स्वास्थ्य बीमा क्यों जरूरी है, आइए जानते हैं इस वीडियो के माध्यम से,1
- #पीड़िता ने लगाई एस एस पी ओफिस में न्याय की गुहार#1
- Post by Roshan Raza1
- Post by Firoz Idrisi1
- ये मामला सच में चिंताजनक है। शादी-ब्याह जैसे मौके पर किसी को गिराकर लाठी-डंडों से पीटना बिल्कुल बर्दाश्त लायक नहीं। अगर 20 दिन बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है ग्रेटर नोएडा (यूपी) में बारात के दौरान एक व्यक्ति को गिराकर लाठी-डंडों से पीटा गया पीड़ित परिवार के अनुसार केस दर्ज हो चुका है लेकिन मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं प्रशासन से मांग है कि निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और चाहें तो संबंधित पुलिस इकाई को टैग भी कर सकते हैं, जैसे Uttar Pradesh Police या स्थानीय कमिश्नरेट (जैसे Gautam Buddh Nagar Police) ताकि बात सीधे जिम्मेदार विभाग तक पहुँचे एक सलाह नाम लिखते समय सुनिश्चित कर लें कि वे आधिकारिक एफआईआर में दर्ज हैं। गलत नाम शेयर करना बाद में कानूनी परेशानी भी बना सकता है मुद्दा साफ है: हिंसा का जवाब कानून से ही होना1