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शहडोल,,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, शहडोल जिला,, ब्यौहारी में अंग्रेजी शराब की दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेची जा रही है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की मिली भगत की भूमिका सामने आ रही है ठेकेदारों के द्वारा प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेचकर लूट मचाई जा रही है आखिर कार आबकारी विभाग कब ध्यान देकर कार्रवाई करेगी व स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए
Durgesh Kumar Gupta
शहडोल,,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, शहडोल जिला,, ब्यौहारी में अंग्रेजी शराब की दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेची जा रही है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की मिली भगत की भूमिका सामने आ रही है ठेकेदारों के द्वारा प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेचकर लूट मचाई जा रही है आखिर कार आबकारी विभाग कब ध्यान देकर कार्रवाई करेगी व स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए
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- Post by Bolti Divare1
- Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह1
- ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️ 📌 बड़ी खबर : रीवा में शिक्षा माफिया का तांडव: NCERT तो बस झांकी है, असली खेल तो 'कमीशन' वाली प्राइवेट किताबों का बाकी है! रीवा। मध्य प्रदेश सरकार के 'सस्ती शिक्षा' के दावे विंध्य की धरती पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। कागजों पर NCERT का आदेश चलता है, लेकिन हकीकत में बुक डिपो की रसीदें अभिभावकों का गला रेत रही हैं। रीवा के निजी स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं के बीच ऐसा 'अपवित्र गठबंधन' हुआ है, जिसने शिक्षा को ज्ञान का मंदिर नहीं, बल्कि लूट का अड्डा बना दिया है। 📌 बजट पर भारी 'बस्ता': रीवा के स्कूलों में पढ़ाई नहीं, अभिभावकों की जेब की 'सर्जरी' हो रही है! 📉 दावों की पोल खोलती 'लूट वाली रसीद' हाल ही में कक्षा नर्सरी से 12वीं के विद्यार्थियों की जो रसीदें सामने आई हैं, वे जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करती हैं: दिखावे की NCERT: रसीद में मात्र एक-दो किताबें NCERT की हैं, ताकि कागजी कार्रवाई पूरी रहे। निजी प्रकाशकों का बोलबाला: अंग्रेजी, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों के लिए निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपी गई हैं, जिनकी कीमत सरकारी किताबों से कई गुना अधिक है। हजारों का बिल: बिना कॉपी, रफ रजिस्टर और स्टेशनरी के ही बिल का आंकड़ा 3,000 से 5,000 रुपये के पार जा रहा है। 🤝 स्कूल और बुक डिपो का 'कमीशन वाला खेल' सरकारी नियमों को धता बताते हुए स्कूलों ने कुछ खास बुक डिपो को ही अधिकृत कर रखा है। अभिभावकों के पास कोई विकल्प नहीं बचता; या तो वे भारी भरकम बिल चुकाएं या अपने बच्चे का भविष्य दांव पर लगा दें। "नियम केवल भाषणों में हैं, हकीकत में तो शिक्षा एक महंगा सौदा बन चुकी है। शासन की चुप्पी इस मिलीभगत को और बल दे रही है।" अंधेर नगरी, चौपट राजा: रसीदें चिल्ला रही हैं लूट की कहानी, क्या रीवा का शिक्षा विभाग बेच चुका है अपनी नैतिकता? ❓ सुलगते सवाल: जब शासन का स्पष्ट निर्देश है कि स्कूल केवल NCERT की किताबें ही चलाएंगे, तो निजी प्रकाशकों की एंट्री कैसे हुई? क्या शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन रसीदों को देखने के बाद भी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए रहेंगे? क्या रीवा का जिला प्रशासन इन मनमाने पुस्तक विक्रेताओं पर बुलडोजर वाली कार्रवाई करेगा या अभिभावक यूं ही लुटते रहेंगे? विंध्य युग की चेतावनी: अगर वक्त रहते इस 'किताब माफिया' पर लगाम नहीं कसी गई, तो आम आदमी के लिए अपने बच्चों को पढ़ाना एक सपना बनकर रह जाएगा। नियम किताबों में बंद हैं और लूट खुले बाजार में जारी है। अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या लूट का यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा। सरकारी दावे 'हवा-हवाई': रीवा में बुक डिपो बने 'वसूली केंद्र', शिक्षा के नाम पर सरेआम डकैती!1
- Shahdol जिले के बुढ़ार से बिछिया पहुंच मार्ग पर बन रही करीब 4 करोड़ रुपये की लागत वाली सीसी सड़क अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट की जगह मिट्टी डालकर काम किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) अब तक गहरी नींद में दिखाई दे रहा है। जनता में आक्रोश: ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो सकती है। 👉 अब बड़ा सवाल ये है — क्या 4 करोड़ की सड़क सिर्फ कागजों में ही बन रही है?1
- अभय महाजन के मुख्य आतिथ्य में खंधो धाम को मिलेगी विकास कार्यों की सौगात गोविंदगढ़ 10 अप्रैल को भव्य लोकार्पण, विधायक नागेंद्र सिंह करेंगे अध्यक्षता गोविंदगढ़। दीनदयाल शोध संस्थान के माननीय संगठन सचिव एवं वरिष्ठ प्रचारक श्री अभय महाजन के मुख्य आतिथ्य में आगामी 10 अप्रैल को माँ खंधो देवी धाम में भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर धाम के कुंड को वर्षभर जल से लबालब रखने के लिए गोविंदगढ़ तालाब से बिछाई गई पाइपलाइन का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम की आयोजक एवं जिला पंचायत वन समिति की सभापति श्रीमती निर्मला संजीव द्विवेदी ने बताया कि यह गरिमामय आयोजन गुरुवार सुबह 8:00 बजे संपन्न होगा। समारोह की अध्यक्षता गुढ़ विधायक श्री नागेंद्र सिंह करेंगे। इन सुविधाओं का होगा लोकार्पण मुख्य अतिथि श्री अभय महाजन एवं अन्य अतिथियों द्वारा धाम परिसर में नवनिर्मित सत्संग सदन, भव्य कथा मंच और नवग्रह वाटिका में स्थापित फव्वारे का लोकार्पण किया जाएगा। इन विकास कार्यों से धाम आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रीवा कमिश्नर श्री बी.एस. जामोद (IAS), आईजी श्री गौरव राजपूत (IPS), मुख्य वन संरक्षक रीवा श्री राजेश राय तथा जनपद अध्यक्ष श्रीमती संगीता राजेश यादव की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। आयोजक निर्मला संजीव द्विवेदी ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने की अपील की है।1
- रीवा में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है पत्नी ने पति की चाकू से गोद कर की हत्या आरोपी हुआ फरार1
- विंध्य की इस तपती धरती पर जब गेहूं की फसल कट जाती है और चारों ओर केवल धूल और सूखापन नजर आने लगता है, तब किसान के पास दो रास्ते होते हैं— या तो वह खेतों को बीरान छोड़ दे या फिर अपनी मेहनत से उस बंजर दिख रहे मंजर को हरियाली के स्वर्ग में बदल दे। विंध्य बलराम आज उन जुझारू किसानों की कहानी लेकर आया है जिन्होंने कड़ी धूप और गरम हवाओं के बीच अपने खेतों में सब्जी उगाने का साहसिक फैसला लिया है। अक्सर देखा जाता है कि रबी की फसल के बाद खेत खाली होने पर जमीन में दरारें पड़ने लगती हैं और वातावरण में एक अजीब सी वीरानी छा जाती है, लेकिन यदि इसी समय में सब्जियों की बुवाई कर दी जाए, तो न केवल आंखों को सुकून देने वाली हरियाली चारों तरफ फैलती है, बल्कि हर घर की रसोई तक ताजी, शुद्ध और रसायनों से मुक्त सब्जियां भी पहुँचती हैं। जब चारों ओर का क्षेत्र रेगिस्तान जैसा बीरान दिखने लगे, तब आपके खेतों में लहलहाती भिंडी, लौकी, तोरई और करेले की बेलें एक अलग ही जीवंतता पैदा करती हैं। यह सिर्फ खेती नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाने का एक अनोखा तरीका है जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलती है और बाजार की महंगी व बासी सब्जियों पर निर्भरता खत्म हो जाती है। तपती दोपहरी में जब लू चलती है, तब ये हरे-भरे पौधे मिट्टी की नमी को बचाए रखते हैं और पर्यावरण को शीतलता प्रदान करते हैं। यह समय मायूस होकर बैठने का नहीं, बल्कि सूखी मेड़ों पर हरियाली का परचम लहराने का है। यदि हम ठान लें, तो गेहूं की कटाई के बाद का यह सन्नाटा हमारे परिश्रम से एक ऐसी सब्जी क्रांति में बदल सकता है जिसे देखकर हर गुजरने वाले की नजर ठहर जाए और हर किसान गर्व से कह सके कि उसने अपनी माटी को कभी प्यासा और बीरान नहीं छोड़ा। आइए, इस बीरान मौसम में हरियाली का संकल्प लें और विंध्य की इस पावन भूमि को ताजी सब्जियों की सुगंध से महका दें, क्योंकि जागरूक किसान ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान है।3
- Post by Bolti Divare1
- ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️ रीवा मध्यप्रदेश - मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था सरकारी शिक्षा की हालत दयनीय होती जा रही है त्यौंथर क्षेत्र के पनासी स्कूल में छात्र से पंखा चलवाती दिखीं प्रधानाध्यापिका, वीडियो वायरल रीवा जिले के त्यौंथर क्षेत्र अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला पनासी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्कूल की प्रधानाध्यापिका वर्षा मांझी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कान में ईयरफोन लगाकर गाने सुनती नजर आ रही हैं। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि एक छात्र उनके पास खड़ा होकर हाथ से पंखा चला रहा है। भीषण गर्मी के बीच छात्र से इस तरह का व्यक्तिगत कार्य कराना शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक की जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि स्कूल शिक्षा का मंदिर होता है, जहां बच्चों को संस्कार और अनुशासन सिखाया जाता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित प्रधानाध्यापिका के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। वहीं सहायक संचालक रीवा राजेश मिश्रा ने कहा कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है जिसकी जांच कराकर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।1