जब दुनिया को मिला इंसानियत, मोहब्बत और रहमत का पैगाम ईद मिलादुन्नबी आज: दिलों को रोशन करने और इंसानियत को जगाने का पवित्र अवसर मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। कभी-कभी इतिहास के पन्नों पर ऐसी शख्सियत का आगमन होता है, जिसकी रोशनी किसी एक दौर, समाज या सरहद तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सदियों तक इंसानियत को राह दिखाती रहती है। पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ का जीवन भी ऐसी ही रोशनी का प्रतीक है। ईद मिलादुन्नबी उनके जन्म और उनकी महान शिक्षाओं को याद करने का अवसर है—वह शिक्षाएं, जिन्होंने इंसान को इंसान से मोहब्बत करना, कमजोर का सहारा बनना, गरीब की मदद करना, सच्चाई का साथ देना और अन्याय के खिलाफ खड़े होना सिखाया। आज जब ईद मिलादुन्नबी का पवित्र अवसर आया है, तो यह केवल खुशी मनाने का दिन नहीं, बल्कि अपने दिल और अपने आचरण में झांकने का दिन भी है। यह स्वयं से सवाल करने का अवसर है कि जिस नबी ने अपनी पूरी जिंदगी सच्चाई, अमानतदारी, रहमत, इंसाफ, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया, क्या हमारी जिंदगी में भी उनकी शिक्षाओं की वह झलक दिखाई देती है? *रहमत बनकर आई एक महान जिंदगी* पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की सीरत मानवता के लिए एक आदर्श मानी जाती है। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित लोगों को सम्मान दिलाने, अनाथों और गरीबों की मदद करने, महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने तथा पड़ोसियों के साथ अच्छा व्यवहार करने की शिक्षा दी। उन्होंने घमंड, अत्याचार, झूठ, धोखे और नफरत से दूर रहने का संदेश दिया। उनकी जिंदगी का सबसे मार्मिक संदेश रहमत और माफी है। जिन्होंने उन्हें तकलीफ दी, उनके प्रति भी उन्होंने बदले और नफरत की राह के बजाय क्षमा, धैर्य और सद्भाव का रास्ता अपनाया। यही कारण है कि उनकी सीरत आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। *आज के दौर में और बढ़ गई है जरूरत* आज समाज में छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते टूट जाते हैं। शब्दों के तीर दिलों को घायल कर देते हैं। सोशल मीडिया और आपसी मतभेदों के दौर में नफरत की भाषा कई बार मोहब्बत पर भारी पड़ती दिखाई देती है। ऐसे समय में पैगंबर मोहम्मद ﷺ की शिक्षाएं पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक नजर आती हैं। मिलादुन्नबी हमें याद दिलाता है कि किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी दुखी के आंसू पोंछना, किसी जरूरतमंद का हाथ थामना, किसी कमजोर के अधिकार के लिए आवाज उठाना और किसी के साथ भलाई करना, इंसानियत की सबसे बड़ी सेवा है। *सजावट से ज्यादा जरूरी है दिलों की रोशनी* मिलाद के अवसर पर मस्जिदों और घरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कुरआन की तिलावत, नात-ओ-सलाम और पैगंबर मोहम्मद ﷺ की सीरत पर चर्चा की जाती है। कई स्थानों पर जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है और समाज में भाईचारे, शांति तथा सद्भाव का संदेश दिया जाता है। हालांकि मिलादुन्नबी मनाने के तौर-तरीकों को लेकर मुस्लिम समाज में अलग-अलग धार्मिक मत और परंपराएं भी हैं, लेकिन पैगंबर ﷺ के जीवन, चरित्र और शिक्षाओं में निहित सच्चाई, दया, न्याय, क्षमा और इंसानियत के मूल्य व्यापक मानवीय प्रेरणा का स्रोत हैं। मिलाद का असली संदेश केवल रोशनी से सजी गलियों और सजावट तक सीमित नहीं है। असली मिलाद तब है, जब किसी गरीब के घर में चूल्हा जले, किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान आए, किसी अकेले को सहारा मिले और किसी टूटे हुए दिल को अपनापन मिले। *सबसे खूबसूरत सलाम,अच्छा इंसान बनना* पैगंबर मोहम्मद ﷺ की सीरत हमें यह सिखाती है कि इंसान की पहचान केवल उसके शब्दों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार से होती है। इसलिए ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर अगर हम अपने भीतर सच्चाई, ईमानदारी, संयम, दया, क्षमा और दूसरों के प्रति सम्मान को जगह दें, तो यही इस पवित्र अवसर के प्रति सबसे खूबसूरत सम्मान होगा। आज जरूरत है कि मिलाद का संदेश केवल एक दिन की महफिल तक सीमित न रहे, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बने। हमारे घरों से मोहब्बत निकले, हमारे व्यवहार में विनम्रता आए, हमारे हाथ जरूरतमंदों की मदद के लिए उठें और हमारी आवाज अन्याय के खिलाफ बुलंद हो। ईद मिलादुन्नबी का पैगाम बेहद साफ है, दिलों को जोड़ो, नफरत को मिटाओ, कमजोर का हाथ थामो, इंसाफ का साथ दो और इंसानियत को सबसे ऊपर रखो। सदियों पहले जगी वह रोशनी आज भी करोड़ों दिलों को राह दिखा रही है। यह रोशनी केवल आंखों से देखने के लिए नहीं, बल्कि दिल में उतारने के लिए है। यही ईद मिलादुन्नबी की खूबसूरत भावना है और यही पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की सीरत का वह संदेश है, जिसकी जरूरत आज पूरी इंसानियत को है।
जब दुनिया को मिला इंसानियत, मोहब्बत और रहमत का पैगाम ईद मिलादुन्नबी आज: दिलों को रोशन करने और इंसानियत को जगाने का पवित्र अवसर मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। कभी-कभी इतिहास के पन्नों पर ऐसी शख्सियत का आगमन होता है, जिसकी रोशनी किसी एक दौर, समाज या सरहद तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सदियों तक इंसानियत को राह दिखाती रहती है। पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ का जीवन भी ऐसी ही रोशनी का प्रतीक है। ईद मिलादुन्नबी उनके जन्म और उनकी महान शिक्षाओं को याद करने का अवसर है—वह शिक्षाएं, जिन्होंने इंसान को इंसान से मोहब्बत करना, कमजोर का सहारा बनना, गरीब की मदद करना, सच्चाई का साथ देना और अन्याय के खिलाफ खड़े होना सिखाया। आज जब ईद मिलादुन्नबी का पवित्र अवसर आया है, तो यह केवल खुशी मनाने का दिन नहीं, बल्कि अपने दिल और अपने आचरण में झांकने का दिन भी है। यह स्वयं से सवाल करने का अवसर है कि जिस नबी ने अपनी पूरी जिंदगी सच्चाई, अमानतदारी, रहमत, इंसाफ, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया, क्या हमारी जिंदगी में भी उनकी शिक्षाओं की वह झलक दिखाई देती है? *रहमत बनकर आई एक महान जिंदगी* पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की सीरत मानवता के लिए एक आदर्श मानी जाती है। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित लोगों को सम्मान दिलाने, अनाथों और गरीबों की मदद करने, महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने तथा पड़ोसियों के साथ अच्छा व्यवहार करने की शिक्षा दी। उन्होंने घमंड, अत्याचार, झूठ, धोखे और नफरत से दूर रहने का संदेश दिया। उनकी जिंदगी का सबसे मार्मिक संदेश रहमत और माफी है। जिन्होंने उन्हें तकलीफ दी, उनके प्रति भी उन्होंने बदले और नफरत की राह के बजाय क्षमा, धैर्य और सद्भाव का रास्ता अपनाया। यही कारण है कि उनकी सीरत आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। *आज के दौर में और बढ़ गई है जरूरत* आज समाज में छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते टूट जाते हैं। शब्दों के तीर दिलों को घायल कर देते हैं। सोशल मीडिया और आपसी मतभेदों के दौर में नफरत की भाषा कई बार मोहब्बत पर भारी पड़ती दिखाई देती है। ऐसे समय में पैगंबर मोहम्मद ﷺ की शिक्षाएं पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक नजर आती हैं। मिलादुन्नबी हमें याद दिलाता है कि किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी दुखी के आंसू पोंछना, किसी जरूरतमंद का हाथ थामना, किसी कमजोर के अधिकार के लिए आवाज उठाना और किसी के साथ भलाई करना, इंसानियत की सबसे बड़ी सेवा है। *सजावट से ज्यादा जरूरी है दिलों की रोशनी* मिलाद के अवसर पर मस्जिदों और घरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कुरआन की तिलावत, नात-ओ-सलाम और पैगंबर मोहम्मद ﷺ की सीरत पर चर्चा की जाती है। कई स्थानों पर जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है और समाज में भाईचारे, शांति तथा सद्भाव का संदेश दिया जाता है। हालांकि मिलादुन्नबी मनाने के तौर-तरीकों को लेकर मुस्लिम समाज में अलग-अलग धार्मिक मत और परंपराएं भी हैं, लेकिन पैगंबर ﷺ के जीवन, चरित्र और शिक्षाओं में निहित सच्चाई, दया, न्याय, क्षमा और इंसानियत के मूल्य व्यापक मानवीय प्रेरणा का स्रोत हैं। मिलाद का असली संदेश केवल रोशनी से सजी गलियों और सजावट तक सीमित नहीं है। असली मिलाद तब है, जब किसी गरीब के घर में चूल्हा जले, किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान आए, किसी अकेले को सहारा मिले और किसी टूटे हुए दिल को अपनापन मिले। *सबसे खूबसूरत सलाम,अच्छा इंसान बनना* पैगंबर मोहम्मद ﷺ की सीरत हमें यह सिखाती है कि इंसान की पहचान केवल उसके शब्दों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार से होती है। इसलिए ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर अगर हम अपने भीतर सच्चाई, ईमानदारी, संयम, दया, क्षमा और दूसरों के प्रति सम्मान को जगह दें, तो यही इस पवित्र अवसर के प्रति सबसे खूबसूरत सम्मान होगा। आज जरूरत है कि मिलाद का संदेश केवल एक दिन की महफिल तक सीमित न रहे, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बने। हमारे घरों से मोहब्बत निकले, हमारे व्यवहार में विनम्रता आए, हमारे हाथ जरूरतमंदों की मदद के लिए उठें और हमारी आवाज अन्याय के खिलाफ बुलंद हो। ईद मिलादुन्नबी का पैगाम बेहद साफ है, दिलों को जोड़ो, नफरत को मिटाओ, कमजोर का हाथ थामो, इंसाफ का साथ दो और इंसानियत को सबसे ऊपर रखो। सदियों पहले जगी वह रोशनी आज भी करोड़ों दिलों को राह दिखा रही है। यह रोशनी केवल आंखों से देखने के लिए नहीं, बल्कि दिल में उतारने के लिए है। यही ईद मिलादुन्नबी की खूबसूरत भावना है और यही पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की सीरत का वह संदेश है, जिसकी जरूरत आज पूरी इंसानियत को है।
- “हमें खाना दो, सुरक्षा दो” के नारों से गूंजा स्टेट हाईवे धूप में सड़क पर बैठीं आदिवासी छात्राएं, व्यवस्थाओं को लेकर लगाए गंभीर आरोप सूरजपुर/रामानुजनगर। ग्राम भूनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की व्यवस्थाओं के खिलाफ सोमवार को आदिवासी छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्राएं रामानुजनगर-कलुवा स्टेट हाईवे पर बैठ गईं और “हमें खाना दो, सुरक्षा दो” के नारे लगाए। तेज धूप में प्रदर्शन के दौरान कई छात्राएं अपनी समस्याएं बताते हुए रो पड़ीं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन और नाश्ता नहीं दिया जाता। उनके अनुसार खराब चावल, सब्जी और पतली दाल परोसी जाती है। छात्राओं ने साबुन, तेल और टूथपेस्ट जैसी जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने की भी शिकायत की। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि अधीक्षिका की अनुपस्थिति में उनके 23 वर्षीय पुत्र द्वारा छात्रावास की व्यवस्थाओं में कथित रूप से हस्तक्षेप किया जाता है। छात्राओं ने इसे सुरक्षा और निजता से जुड़ा मामला बताते हुए जांच की मांग की। इसके अलावा छात्राओं ने छात्रावास भवन की जर्जर स्थिति, बारिश के दौरान छत से पानी टपकने, खराब पंखों और पर्याप्त बिस्तर नहीं होने की शिकायत प्रशासन के सामने रखी। मामले की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण, छात्र नेता और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेता एवं जिला मीडिया प्रभारी अविनाश साहू ने भी छात्राओं की मांगों का समर्थन किया। मामला बढ़ने के बाद जिला स्तरीय प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्राओं की शिकायतें सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अविनाश साहू ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्राओं के साथ कलेक्टर कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अब सवाल यह है—छात्राओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कब होगी और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई कब होगी?1
- शराबी शिक्षकों के शराब पीकर स्कूल पहुंचने का सिलसिला जारी वीडियो हो रहा वायरल #LatestNews #trendingreelsvideo1
- 4.24 करोड़ के गांजा मामले में फरार आरोपी को जयननगर पुलिस ने किया गिरफ्तार सूरजपुर। जयनगर पुलिस ने 4.24 करोड़ रुपये कीमत के 848 किलो 650 ग्राम गांजा जप्ती मामले में फरार आरोपी जाजोन पारधी (39) को मध्यप्रदेश के कटनी जिले के बरही से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जून में नीलम बस से गांजा बरामद कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तकनीकी जांच के आधार पर फरार आरोपी का पता लगाकर पुलिस टीम ने दबिश दी और उसे ट्रांजिट रिमांड पर सूरजपुर लाया। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश और इण्ड-टू-इण्ड विवेचना जारी है।2
- पीएम आवास निर्माण के रूके कार्यो की पूर्णता के प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करने सीईओ जिला पंचायत ने दिए निर्देश अनूपपुर - सीएम हेल्पलाइन शिकायतो के संतुष्टि से निराकरण के संबंध में जिला पंचायत सीईओ ने दिए निर्देश जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस एवं जनमन आवासों के रुके हुए निमार्ण की पूर्णता के संबंध में समीक्षा कर कार्यो में प्रगति लाकर आवास पूर्णता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला पंचायत सभागार में आवास निर्माण की पीसीओ कलस्टर वार समीक्षा करते हुए एक-एक कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। जिला पंचायत सीईओ ने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा करते हुए पंचायत समन्वयक अधिकारियों को प्रकरणों का संतुष्टि पूर्वक निराकरण करने तथा शिकायतों के कारणो में जाकर समस्याओं का निदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंचायत समन्वयक अधिकारियों को अपने कलस्टर की ग्राम पंचायतो के कार्यों का पर्यवेक्षण कर जन समस्याओं का निराकरण प्रभावी रूप से करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान- 2026 की मूल भावना के अनुसार कार्य कर बेहतर परिणाम परिलक्षित करें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत को नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण, प्रबंधन की जिम्मेदारी शासन द्वारा दी गई है इसके अनुरूप समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत क्षेत्र की सड़कों के रखरखाव के लिए आवश्यक कार्य करने के भी निर्देश दिए है।1
- जैतहरी में 15 दिनों से डटे दो हाथी, प्लांट की बाउंड्री तोड़कर अंदर घुसे अनूपपुर,। जैतहरी क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिनों से दो हाथियों की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार रात जंगल से निकलकर दोनों हाथी विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए मंगलवार सुबह गुवारी गांव के समीप स्थित मोजर बियर प्लांट के गेट नंबर-3 के पास पहुंचे और सीमेंट की बाउंड्री तोड़कर प्लांट परिसर के अंदर प्रवेश कर गए। जानकारी के अनुसार दोनों हाथी दिन के समय धनगवां बीट के झंडी डोंगरी जंगल में रुके हुए थे। शाम और रात होते ही वे जंगल से निकलकर कुसुमहाई, पटौरा, चांदपुर और टकहुली होते हुए चांदपुर-जैतहरी मुख्य मार्ग तक पहुंचे। कुछ देर सड़क पर विचरण करने के बाद सुबह गुवारी गांव के किनारे पहुंच गए और मोजर बियर प्लांट की बाउंड्री तोड़कर परिसर के अंदर ठहर गए। अब यह देखना है कि मंगलवार देर रात दोनों हाथी प्लांट परिसर से निकलकर किस दिशा में रुख करते हैं। हाथियों की लगातार आवाजाही को लेकर आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिनों के दौरान इन दोनों हाथियों ने क्षेत्र में 20 से अधिक मकानों को क्षतिग्रस्त किया है, जबकि 50 से अधिक किसानों के खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। लगातार हो रहे नुकसान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी हाथियों के आसपास नहीं जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।1
- सरकारी हैंड पंप में प्राइवेट बर लगाया गया है और यहां चारों तरफ रास्ता है आने जाने का मूवमेंट यहां पर जाली जीवन है इसको शासन प्रशासन शामिल करता हूं कि तत्काल कार्रवाईकिया जाए आप लोग देख सकते हैं चारों तरफ रास्ता है बीच में तो हेडफोन पर इसमें भी प्राइवेट स्टोर से बोर लगाया गया1
- The Economic Times World Leaders Forum: PM Modi ने गिनाईं भारत की विकास और सुधार की उपलब्धियां The Economic Times World Leaders Forum 2026 LIVE 🌍 दुनिया की नजर भारत पर है। The Economic Times World Leaders Forum में वैश्विक नेतृत्व, अर्थव्यवस्था, AI, तकनीक, निवेश और भारत की विकास यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है। भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक भूमिका के बीच यह मंच आने वाले समय की नई संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार का महत्वपूर्ण अवसर बन रहा है। #EconomicTimes #WorldLeadersForum #ETWLF2026 #India #Economy #AI #GlobalLeadership #PMModi1
- 🚨 आदिवासी छात्राओं ने सड़क पर बैठकर किया विरोध-प्रदर्शन खराब व मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं देने का लगाया आरोप। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर ब्लाक अंतर्गत प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास भुनेश्वरपुर की आदिवासी छात्राओं को अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें मेन्यू अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है। #Surajpur #Chhattisgarh #AdivasiGirls #TribalStudents #JusticeForStudents1