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महराजगंज जनपद के कोल्हुई क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर एक युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। इस पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें अब पुलिस पर टिकी हुई हैं।
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महराजगंज जनपद के कोल्हुई क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर एक युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। इस पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें अब पुलिस पर टिकी हुई हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जनपद के निचलौल क्षेत्र में स्थित सिरौली और ठूठीबारी के पेट्रोल पंपों पर ओड़वलिया के पूर्व प्रधान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व प्रधान का कहना है कि स्थानीय क्षेत्र में तेल की कमी होने के बावजूद, इन पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल पड़ोसी देश नेपाल भेजा जा रहा है। उनके अनुसार, इस कथित गतिविधि के कारण स्थानीय लोगों और किसानों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।1
- महाराजगंज के निचलौल क्षेत्र के एक युवक ने अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन करते हुए लकड़ी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक बेहद आकर्षक प्रतिमा उकेरी है। युवक की इच्छा है कि वह स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर यह अनूठी कलाकृति उन्हें भेंट करे। उसकी इस विशिष्ट और कलात्मक पेशकश की पूरे क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है, जहाँ लोग उसकी अनोखी कला की सराहना कर रहे हैं।1
- महाराजगंज जिले के गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित फरेंदा बाईपास से एक ई-रिक्शा चालक द्वारा यातायात नियमों के स्पष्ट उल्लंघन का मामला सामने आया है। चालक ने अपने ई-रिक्शा को दो पहियों पर चलाया, जिससे सड़क सुरक्षा को जोखिम में डाला गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- महराजगंज जिले में डीजल और पेट्रोल की कथित कमी को लेकर किसान खासे परेशान हैं। खरीफ सीजन के बीच, कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि डीजल की इस कमी के कारण उनके खेती के काम पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर, प्रशासन ने दावा किया है कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।1
- स्कूल और कॉलेजों में एक विशिष्ट ड्रेस कोड होता है, जहाँ किसी विशेष धर्म या जाति के आधार पर कोई मूल्यांकन नहीं किया जाता। विद्यालयों को शिक्षा और नैतिक ज्ञान का सागर कहा जाता है, और इन संस्थानों में जाति या धर्म के आधार पर ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती। यदि किसी को पढ़ाई करनी है, तो उसे विद्यालय के मानकों के अनुसार ही करनी होगी। सवाल उठता है कि क्या धर्म के नाम पर अज्ञानी बनना ज़रूरी है? स्कूल और कॉलेजों में सभी बच्चे समान माने जाते हैं, किसी विशेष जाति के आधार पर नहीं।1
- गोरखपुर में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। यह कार्रवाई त्योहार से पहले क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने के उद्देश्य से की गई है।1
- महाराजगंज के निचलौल तहसील में खाद संकट को लेकर किसानों ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि टिकुलहिया गोदाम पर उन्हें खाद नहीं मिल रहा है, जिसके कारण उनकी खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस खाद संकट से नाराज़ किसानों ने तहसील पहुंचकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी समस्याओं को उजागर किया। खाद की अनुपलब्धता के खिलाफ किसानों ने सड़क पर उतरकर अपना गुस्सा व्यक्त किया और निचलौल तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया।1
- महराजगंज जिले में जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत स्व-गणना पूरी कर चुके लोगों को अब अपने दर्ज किए गए डेटा में सुधार करने का अवसर दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, प्रगणक घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन कर रहे हैं और साथ ही मकानों की गणना का कार्य भी कर रहे हैं। एनआईसी के अनुसार, डेटा सत्यापन और मकान गणना की यह पूरी प्रक्रिया आगामी 20 जून तक जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त, ऐसे परिवारों की भी अब घर-घर जाकर गणना की जाएगी, जिन्होंने पहले चरण में अपनी स्व-गणना नहीं की थी।1
- संत कबीर नगर जिले के एक बड़े निजी विद्यालय, ब्लूमिंग बर्ड में अभिभावकों को मनमानी तरीके से परेशान किया जा रहा है। विशेषकर गरीब बच्चों और उनके माता-पिता को स्कूल प्रशासन की ओर से अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे त्रस्त हैं। इस उत्पीड़न से परेशान होकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह घटना निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी और शिक्षा के नाम पर 'शिक्षा माफियाओं' के कायम वर्चस्व पर गंभीर सवाल उठाती है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि आखिर निजी विद्यालयों की यह मनमानी कब तक चलेगी।1