logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कलम के तेज धार से परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण में घर-दुकान तोड़े जाने पर कांग्रेस ने जताया विरोध अयोध्या। अयोध्या नाका स्थित हनुमानगढ़ी के सामने परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर मकान-दुकान तोड़े जाने के मामले में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन दिया। जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि कार्रवाई से पहले समुचित पुनर्वास और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए था। प्रशासन ने देर रात कार्रवाई कर लोगों को सामान हटाने का अवसर तक नहीं दिया। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि विकास के नाम पर मानवीय संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए और प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा व पुनर्वास मिलना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में सेवादल महानगर अध्यक्ष बसंत मिश्रा, डॉ. विनोद गुप्ता, चंचल सोनकर, अवधेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह बबलू सहित अन्य मौजूद रहे।

1 hr ago
user_Dharmendra Chaurasia
Dharmendra Chaurasia
Varanasi, Uttar Pradesh•
1 hr ago
3886b53b-ec78-4437-8f5e-b5b775fcaaa6
fb6bf13d-8833-486c-8b47-0c5844431cdd
d67137e0-d806-4920-b8bf-16869e977f85

कलम के तेज धार से परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण में घर-दुकान तोड़े जाने पर कांग्रेस ने जताया विरोध अयोध्या। अयोध्या नाका स्थित हनुमानगढ़ी के सामने परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर मकान-दुकान तोड़े जाने के मामले में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन दिया। जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि कार्रवाई से पहले समुचित पुनर्वास और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए था। प्रशासन ने देर रात कार्रवाई कर लोगों को सामान हटाने का अवसर तक नहीं दिया। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि विकास के नाम पर मानवीय संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए और प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा व पुनर्वास मिलना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में सेवादल महानगर अध्यक्ष बसंत मिश्रा, डॉ. विनोद गुप्ता, चंचल सोनकर, अवधेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह बबलू सहित अन्य मौजूद रहे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • माँ तो माँ होती है! तीस्ता नदी में बहा 3 दिन का हाथी का बच्चा, वन विभाग ने बचाई जान,माँ से मिलते ही लिपट गया नन्हा जलपाईगुड़ी, वेस्ट बंगाल। जलपाईगुड़ी जिले के गजोल्डोबा इलाके से एक दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवता और ममता दोनों की मिसाल पेश की है। जानकारी के मुताबिक, तीस्ता नदी के तेज बहाव में एक हथिनी का 3 दिन का नवजात बच्चा बह गया। तेज धार में बच्चा कई किलोमीटर दूर तक बहता चला गया। वहीं नदी के किनारे उसकी माँ बेबस खड़ी, खोजती नजरों से अपने जिगर के टुकड़े का इंतजार करती रही। घटना की सूचना मिलते ही बैकुंठपुर फॉरेस्ट डिवीजन (Baikunthapur Forest Division) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय मछुआरों की मदद से जान जोखिम में डालकर नदी की उफनती लहरों के बीच से उस नवजात बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद तुरंत डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को मेडिकल केयर दी। जब उसकी हालत स्थिर हुई तो वन विभाग की टीम ने उसे वापस उसकी माँ के पास पहुंचाया। और फिर जो हुआ, उसने सबकी आंखें नम कर दीं।अपनी माँ को देखते ही नन्हा हाथी उसकी ओर दौड़ा और माँ भी तुरंत अपने बच्चे को सूंड से दुलारने-पुचकारने लगी और उसे दूध पिलाने लगी। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना पूरे इलाके में हो रही है।
    1
    माँ तो माँ होती है! तीस्ता नदी में बहा 3 दिन का हाथी का बच्चा, वन विभाग ने बचाई जान,माँ से मिलते ही लिपट गया नन्हा
जलपाईगुड़ी, वेस्ट बंगाल। जलपाईगुड़ी जिले के गजोल्डोबा इलाके से एक दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवता और ममता दोनों की मिसाल पेश की है।
जानकारी के मुताबिक, तीस्ता नदी के तेज बहाव में एक हथिनी का 3 दिन का नवजात बच्चा बह गया। तेज धार में बच्चा कई किलोमीटर दूर तक बहता चला गया। वहीं नदी के किनारे उसकी माँ बेबस खड़ी, खोजती नजरों से अपने जिगर के टुकड़े का इंतजार करती रही।
घटना की सूचना मिलते ही बैकुंठपुर फॉरेस्ट डिवीजन (Baikunthapur Forest Division) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय मछुआरों की मदद से जान जोखिम में डालकर नदी की उफनती लहरों के बीच से उस नवजात बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
बाहर निकालने के बाद तुरंत डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को मेडिकल केयर दी। जब उसकी हालत स्थिर हुई तो वन विभाग की टीम ने उसे वापस उसकी माँ के पास पहुंचाया।
और फिर जो हुआ, उसने सबकी आंखें नम कर दीं।अपनी माँ को देखते ही नन्हा हाथी उसकी ओर दौड़ा और माँ भी तुरंत अपने बच्चे को सूंड से दुलारने-पुचकारने लगी और उसे दूध पिलाने लगी।
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना पूरे इलाके में हो रही है।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • त्रिधारा अंतर्राष्ट्रीय कला कार्यशाला में कलाकार सम्मानित प्रयागराज सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ सुदेश शर्मा को मिला अन्नपूर्णा देवी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय कला सम्मान न्यूज टू इंडिया से संवाददाता प्रांजल त्रिपाठी की खास रिपोर्ट त्रिधारा अंतर्राष्ट्रीय कला कार्यशाला में सम्मानित हुए कलाकार, सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक डॉ सुदेश शर्मा को मिला स्वर्गीय अन्नपूर्णा देवी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय कला सम्मान प्रयागराज, ललिता ट्रस्ट गोरखपुर और राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिधारा अंतर्राष्ट्रीय कला कार्यशाला के तीसरे दिन राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार सम्मानित हुए इस आयोजन के मुख्य अभ्यागत उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्प दत्त जैन एवं संस्कृति कर्मी-समाजसेवी अचिंत्य लाहिरी थे, कार्यक्रम में पहली बार स्वर्गीया अन्नपूर्णा देवी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय कला सम्मान-2026 उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा को डॉ रोली बिंदल लाठ एवं ललिता ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ भारत भूषण द्वारा प्रदान किया गया सुदेश शर्मा की अनुपस्थिति में यह सम्मान, मोमेंटो और धनराशि का चेक और अंगवस्त्र उनके प्रतिनिधि नारायण आर्ट अकादमी के डायरेक्टर डॉ रवीन्द्र कुशवाहा को दिया गया कार्यशाला में प्रख्यात कवयित्री सुधा मोदी, डॉ वी.के.सिंह, डॉ रोली बिंदल लाठ, श्रीलंका के कलाकार कोपाला पिल्लई माथिसकुमार, सुथर्शन, जगदीश कुमार, अजीत वर्मा, मनोज पवार, डॉ एम.सी.बागोड़ी, डॉ रवीन्द्र कुशवाहा, डॉ सुदीप्ता बी.भूषण सहित कई कलाकारों को मोमेंटो एवं उत्तरीय देकर सम्मानित किया गया, साथ ही 4 वर्षीय सबसे कम उम्र के चित्रकार सारांश शिवानील को भी सम्मानित किया गया प्रख्यात चित्रकार डॉ. भारत भूषण को नारायण आर्ट अकादमी प्रयागराज के डायरेक्टर रवीन्द्र कुशवाहा द्वारा विश्व कला रत्न सम्मान प्रदान किया गया।
    1
    त्रिधारा अंतर्राष्ट्रीय कला कार्यशाला में कलाकार सम्मानित प्रयागराज सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ सुदेश शर्मा को मिला अन्नपूर्णा देवी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय कला सम्मान
न्यूज टू इंडिया से संवाददाता प्रांजल त्रिपाठी की खास रिपोर्ट 
त्रिधारा अंतर्राष्ट्रीय कला कार्यशाला में सम्मानित हुए कलाकार, सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक डॉ सुदेश शर्मा को मिला स्वर्गीय अन्नपूर्णा देवी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय कला सम्मान प्रयागराज, ललिता ट्रस्ट गोरखपुर और राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिधारा अंतर्राष्ट्रीय कला कार्यशाला के तीसरे दिन राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार सम्मानित हुए इस आयोजन के मुख्य अभ्यागत उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्प दत्त जैन एवं संस्कृति कर्मी-समाजसेवी अचिंत्य लाहिरी थे, कार्यक्रम में पहली बार स्वर्गीया अन्नपूर्णा देवी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय कला सम्मान-2026 उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा को डॉ रोली बिंदल लाठ एवं ललिता ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ भारत भूषण द्वारा प्रदान किया गया सुदेश शर्मा की अनुपस्थिति में यह सम्मान, मोमेंटो और धनराशि का चेक और अंगवस्त्र उनके प्रतिनिधि नारायण आर्ट अकादमी के डायरेक्टर डॉ रवीन्द्र कुशवाहा को दिया गया कार्यशाला में प्रख्यात कवयित्री सुधा मोदी, डॉ वी.के.सिंह, डॉ रोली बिंदल लाठ, श्रीलंका के कलाकार कोपाला पिल्लई माथिसकुमार, सुथर्शन, जगदीश कुमार, अजीत वर्मा, मनोज पवार, डॉ एम.सी.बागोड़ी, डॉ रवीन्द्र कुशवाहा, डॉ सुदीप्ता बी.भूषण सहित कई कलाकारों को मोमेंटो एवं उत्तरीय देकर सम्मानित किया गया, साथ ही 4 वर्षीय सबसे कम उम्र के चित्रकार सारांश शिवानील को भी सम्मानित किया गया प्रख्यात चित्रकार डॉ. भारत भूषण को नारायण आर्ट अकादमी प्रयागराज के डायरेक्टर रवीन्द्र कुशवाहा द्वारा विश्व कला रत्न सम्मान प्रदान किया गया।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    38 min ago
  • कलम के तेज धार से 14 कोसी मार्ग पर घर-दुकान गिराए जाने पर सपा ने जताया आक्रोश, पीड़ितों की अखिलेश से कराई बात अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण में घर-दुकान गिराए जाने के मामले में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन और महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने महानगर कमेटी के साथ पीड़ितों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना। इस दौरान पूर्व सभासद मुरारी यादव की सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कराई गई। प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि पूर्व मंत्री पवन पांडे ने कहा कि 11 घर-दुकानों पर बुलडोजर चलना दुखद है। भाजपा के पूर्व सभासद मुरारी यादव के घर पर बिना नोटिस कार्रवाई की गई। एक परिवार में शादी थी, बिना बताए घर गिरा दिया गया और जेवरात मलबे में दब गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है, सपा आखिरी दम तक पीड़ितों के साथ खड़ी है। महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि मामला न्यायालय में होने के बावजूद कार्रवाई गैरकानूनी है। पूर्व सभासद को कस्टडी में लेकर घर गिराया गया, यह तानाशाही है। उन्होंने मांग की कि पीड़ितों को मकान दिया जाए और बुलडोजर कार्रवाई के बाद जनरेटर-एसी लूटने वाले अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हो।
    2
    कलम के तेज धार से
14 कोसी मार्ग पर घर-दुकान गिराए जाने पर सपा ने जताया आक्रोश, पीड़ितों की अखिलेश से कराई बात
अयोध्या।
14 कोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण में घर-दुकान गिराए जाने के मामले में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन और महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने महानगर कमेटी के साथ पीड़ितों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना। इस दौरान पूर्व सभासद मुरारी यादव की सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कराई गई।
प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि पूर्व मंत्री पवन पांडे ने कहा कि 11 घर-दुकानों पर बुलडोजर चलना दुखद है। भाजपा के पूर्व सभासद मुरारी यादव के घर पर बिना नोटिस कार्रवाई की गई। एक परिवार में शादी थी, बिना बताए घर गिरा दिया गया और जेवरात मलबे में दब गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है, सपा आखिरी दम तक पीड़ितों के साथ खड़ी है।
महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि मामला न्यायालय में होने के बावजूद कार्रवाई गैरकानूनी है। पूर्व सभासद को कस्टडी में लेकर घर गिराया गया, यह तानाशाही है। उन्होंने मांग की कि पीड़ितों को मकान दिया जाए और बुलडोजर कार्रवाई के बाद जनरेटर-एसी लूटने वाले अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हो।
    user_Dharmendra Chaurasia
    Dharmendra Chaurasia
    Varanasi, Uttar Pradesh•
    55 min ago
  • जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली
    1
    जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली
    user_जनता न्यूज टीवी
    जनता न्यूज टीवी
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • यूपीआई (UPI - Unified Payments Interface) की कहानी भारत के एक साधारण विचार से दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनने की एक बेमिसाल दास्तान है. इसने न सिर्फ भारत में कैश के चलन को कम किया, बल्कि अमेरिका के वीज़ा (Visa) और मास्टरकार्ड (Mastercard) जैसे दिग्गजों के दबदबे को भी कड़ी टक्कर दी है.इसकी शुरुआत से लेकर मौजूदा बदलावों तक की पूरी कहानी नीचे दी गई है:1. शुरुआत और विचार (2012 - 2016)आइडिया की शुरुआत: साल 2012 के आसपास भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कुछ बैंकिंग एक्सपर्ट्स ने एक ऐसे सिस्टम की कल्पना की, जिससे बिना किसी वॉलेट (जैसे Paytm वॉलेट) के सीधे एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में तुरंत पैसे भेजे जा सकें. इस विज़न को आगे बढ़ाने में नंदन नीलेकणी और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अहम भूमिका रही.लॉन्च: अप्रैल 2016 में तत्कालीन आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने यूपीआई को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया. शुरुआत में इसके पायलट प्रोजेक्ट में सिर्फ 21 बैंक शामिल थे.2. गेम-चेंजर मोड़: नोटबंदी और महामारी2016 की नोटबंदी: नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी ने यूपीआई के लिए बूस्टर का काम किया. जब नकदी की कमी हुई, तो लोगों ने तेजी से डिजिटल पेमेंट को अपनाया.कोविड-19 महामारी: 2020 में कोरोना महामारी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के कारण 'कॉन्टैक्टलेस पेमेंट' की जरूरत पड़ी. ठेले-पटरी वाले से लेकर बड़े शोरूम तक, हर जगह QR कोड नजर आने लगे.फ्री मॉडल का जादू: भारत सरकार और NPCI ने डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए साल 2020 में MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को जीरो कर दिया. यानी ग्राहकों और दुकानदारों दोनों के लिए यूपीआई पूरी तरह मुफ्त हो गया, जिससे इसका प्रसार अभूतपूर्व गति से हुआ.3. सफलता के बेमिसाल आंकड़ेग्लोबल लीडर: यूपीआई आज दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है. अगस्त 2026 में यूपीआई पर 24.51 अरब (2450 करोड़) से ज्यादा के लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये थी.बैंकों का ग्रिड: 2016 में 21 बैंकों से शुरू हुआ यह सफर आज 750 से ज्यादा लाइव बैंकों तक पहुंच चुका है.अंतरराष्ट्रीय उड़ान: भारत की यह तकनीक अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. सिंगापुर, यूएई (UAE), नेपाल, भूटान, और फ्रांस जैसे कई देश भी Britannica और अन्य माध्यमों के अनुसार यूपीआई पेमेंट्स को स्वीकार करने लगे हैं.4. वर्तमान स्थिति और चार्ज का नया मोड़ (2026)हाल के दिनों में यूपीआई इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से टिकाऊ (Sustainable) बनाने के लिए एक नया बदलाव देखा गया है:P2P और छोटे व्यापारी पूरी तरह मुफ्त: आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि पर्सन-टू-पर्सन (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति) किए जाने वाले ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त हैं. साथ ही, छोटे व्यापारियों के लिए भी ₹2000 तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं है.बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर मामूली चार्ज: फिनटेक कंपनियों और बैंकों के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को संभालने के लिए सरकार ने बड़े मर्चेंट (व्यापारी) ट्रांजैक्शंस पर 0.4% का मामूली मर्चेंट चार्ज (MDR) लागू किया है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों (जैसे पेट्रोल पंप और बड़े व्यापारी) में इसे लेकर बहस और चिंताएं भी देखने को मिल रही हैं.क्या आप यूपीआई की तकनीक (यह काम कैसे करता है) के बारे में जानना चाहते हैं, या इसके नए नियमों और चार्ज से जुड़ी कोई खास जानकारी चाहते हैं?
    1
    यूपीआई (UPI - Unified Payments Interface) की कहानी भारत के एक साधारण विचार से दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनने की एक बेमिसाल दास्तान है. इसने न सिर्फ भारत में कैश के चलन को कम किया, बल्कि अमेरिका के वीज़ा (Visa) और मास्टरकार्ड (Mastercard) जैसे दिग्गजों के दबदबे को भी कड़ी टक्कर दी है.इसकी शुरुआत से लेकर मौजूदा बदलावों तक की पूरी कहानी नीचे दी गई है:1. शुरुआत और विचार (2012 - 2016)आइडिया की शुरुआत: साल 2012 के आसपास भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कुछ बैंकिंग एक्सपर्ट्स ने एक ऐसे सिस्टम की कल्पना की, जिससे बिना किसी वॉलेट (जैसे Paytm वॉलेट) के सीधे एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में तुरंत पैसे भेजे जा सकें. इस विज़न को आगे बढ़ाने में नंदन नीलेकणी और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अहम भूमिका रही.लॉन्च: अप्रैल 2016 में तत्कालीन आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने यूपीआई को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया. शुरुआत में इसके पायलट प्रोजेक्ट में सिर्फ 21 बैंक शामिल थे.2. गेम-चेंजर मोड़: नोटबंदी और महामारी2016 की नोटबंदी: नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी ने यूपीआई के लिए बूस्टर का काम किया. जब नकदी की कमी हुई, तो लोगों ने तेजी से डिजिटल पेमेंट को अपनाया.कोविड-19 महामारी: 2020 में कोरोना महामारी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के कारण 'कॉन्टैक्टलेस पेमेंट' की जरूरत पड़ी. ठेले-पटरी वाले से लेकर बड़े शोरूम तक, हर जगह QR कोड नजर आने लगे.फ्री मॉडल का जादू: भारत सरकार और NPCI ने डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए साल 2020 में MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को जीरो कर दिया. यानी ग्राहकों और दुकानदारों दोनों के लिए यूपीआई पूरी तरह मुफ्त हो गया, जिससे इसका प्रसार अभूतपूर्व गति से हुआ.3. सफलता के बेमिसाल आंकड़ेग्लोबल लीडर: यूपीआई आज दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है. अगस्त 2026 में यूपीआई पर 24.51 अरब (2450 करोड़) से ज्यादा के लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये थी.बैंकों का ग्रिड: 2016 में 21 बैंकों से शुरू हुआ यह सफर आज 750 से ज्यादा लाइव बैंकों तक पहुंच चुका है.अंतरराष्ट्रीय उड़ान: भारत की यह तकनीक अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. सिंगापुर, यूएई (UAE), नेपाल, भूटान, और फ्रांस जैसे कई देश भी Britannica और अन्य माध्यमों के अनुसार यूपीआई पेमेंट्स को स्वीकार करने लगे हैं.4. वर्तमान स्थिति और चार्ज का नया मोड़ (2026)हाल के दिनों में यूपीआई इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से टिकाऊ (Sustainable) बनाने के लिए एक नया बदलाव देखा गया है:P2P और छोटे व्यापारी पूरी तरह मुफ्त: आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि पर्सन-टू-पर्सन (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति) किए जाने वाले ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त हैं. साथ ही, छोटे व्यापारियों के लिए भी ₹2000 तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं है.बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर मामूली चार्ज: फिनटेक कंपनियों और बैंकों के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को संभालने के लिए सरकार ने बड़े मर्चेंट (व्यापारी) ट्रांजैक्शंस पर 0.4% का मामूली मर्चेंट चार्ज (MDR) लागू किया है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों (जैसे पेट्रोल पंप और बड़े व्यापारी) में इसे लेकर बहस और चिंताएं भी देखने को मिल रही हैं.क्या आप यूपीआई की तकनीक (यह काम कैसे करता है) के बारे में जानना चाहते हैं, या इसके नए नियमों और चार्ज से जुड़ी कोई खास जानकारी चाहते हैं?
    user_Keshav Choudhary
    Keshav Choudhary
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सेवा संकल्प अभियान-2026: 18 सितंबर से 15 अक्टूबर तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
    1
    सेवा संकल्प अभियान-2026: 18 सितंबर से 15 अक्टूबर तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
    user_Laik AFTAB
    Laik AFTAB
    Local News Reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लहरतारा वाराणसी मे दस दिन से पीने का पानी बरबाद हो रहा वाराणसी मे गेल की तरफ से पूरे शहर में खुदाई का काम चल रहा पर हर जगह खुदाई के बाद पीने के पानी की लाइन को काट कर छोड़ दिया है। जिस वजह से जल की बरबादी हो रहा है और नगर निगम वाराणसी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
    1
    लहरतारा वाराणसी मे दस दिन से पीने का पानी बरबाद हो रहा 
वाराणसी मे गेल की तरफ से पूरे शहर में खुदाई का काम चल रहा पर हर जगह खुदाई के बाद पीने के पानी की लाइन को काट कर छोड़ दिया है।
जिस वजह से जल की बरबादी हो रहा है और नगर निगम वाराणसी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
    user_आवाज News
    आवाज News
    Nurse सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • एशियाड 2026: भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, पोडियम पर गूंजा राष्ट्रगान, कप्तान हरमनप्रीत की टीम ने जीता गोल्ड पहली बार एशियाड में बजी राष्ट्रगान की धुन, तिरंगा शान से लहराया, पूरे देश में जश्न एशियाड 2026 से पूरे देश के लिए गर्व की खबर आई है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया है। इस जीत का सबसे सुनहरा पल वो था जब विजयी पोडियम पर देश की बेटियां खड़ी हुईं, सभी के गले में गोल्ड मेडल था और पहली बार एशियाड में भारतीय राष्ट्रगान की धुन बजी। हौले-हौले तिरंगा ऊपर गया और पूरे स्टेडियम में "भारत माता की जय" गूंज उठी। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि पूरे देश का "हर मन" जीत लिया। पोडियम पर गर्व से मुस्कुराती हरमनप्रीत कौर की तस्वीर आज हर भारतीय के दिल में बस गई है। प्रधानमंत्री सहित तमाम नेताओं ने टीम को बधाई दी है। यह जीत महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी मिसाल है।
    1
    एशियाड 2026: भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, पोडियम पर गूंजा राष्ट्रगान, कप्तान हरमनप्रीत की टीम ने जीता गोल्ड
पहली बार एशियाड में बजी राष्ट्रगान की धुन, तिरंगा शान से लहराया, पूरे देश में जश्न
एशियाड 2026 से पूरे देश के लिए गर्व की खबर आई है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया है।
इस जीत का सबसे सुनहरा पल वो था जब विजयी पोडियम पर देश की बेटियां खड़ी हुईं, सभी के गले में गोल्ड मेडल था और पहली बार एशियाड में भारतीय राष्ट्रगान की धुन बजी। हौले-हौले तिरंगा ऊपर गया और पूरे स्टेडियम में "भारत माता की जय" गूंज उठी।
कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि पूरे देश का "हर मन" जीत लिया। पोडियम पर गर्व से मुस्कुराती हरमनप्रीत कौर की तस्वीर आज हर भारतीय के दिल में बस गई है।
प्रधानमंत्री सहित तमाम नेताओं ने टीम को बधाई दी है। यह जीत महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी मिसाल है।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    38 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.