पोलावरम डैम को लेकर बहुजन समाज पार्टी की दो टूक—विकास के नाम पर कोंटा के लोगों के अधिकारों से समझौता नहीं पोलावरम डैम को लेकर बहुजन समाज पार्टी की दो टूक—विकास के नाम पर कोंटा के लोगों के अधिकारों से समझौता नहीं सुकमा। बहुजन समाज पार्टी, जिला इकाई सुकमा ने पोलावरम डैम परियोजना को लेकर कोंटा ब्लॉक के संभावित प्रभावित ग्रामीणों के हितों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि यदि परियोजना के कारण कोंटा ब्लॉक के लगभग 17–18 गांवों के डूब या विस्थापन की आशंका है, तो सरकार की पहली जिम्मेदारी वहां के लोगों की जल-जंगल-जमीन, घर, खेती, आजीविका और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा करना है। बहुजन समाज पार्टी का मानना है कि किसी भी बड़ी परियोजना का विरोध केवल विरोध के लिए नहीं होना चाहिए, लेकिन विकास की कीमत स्थानीय आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों को अपना घर-जमीन खोकर नहीं चुकानी चाहिए। प्रभावित परिवारों की सहमति, पारदर्शी सर्वे और न्यायपूर्ण पुनर्वास के बिना कोई भी निर्णय उचित नहीं माना जा सकता। *प्रभावित परिवारों को क्या मिलना चाहिए*? यदि कोंटा क्षेत्र के गांव परियोजना से प्रभावित होते हैं, तो सरकार को प्रत्येक परिवार का पारदर्शी सर्वे कराकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि— प्रभावित परिवारों को भूमि के बदले उचित भूमि अथवा कानून के अनुसार पर्याप्त मुआवजा मिले। प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधा वाली पुनर्वास बस्ती दी जाए। जिन लोगों की खेती और आजीविका प्रभावित होगी, उनके लिए दीर्घकालीन आजीविका एवं रोजगार की व्यवस्था हो। स्थानीय युवाओं को परियोजना से जुड़े रोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जाए। किसानों, भूमिहीन मजदूरों, वनाधिकार धारकों और अन्य वास्तविक प्रभावित परिवारों की अलग-अलग पहचान कर उन्हें उनका उचित अधिकार मिले। आदिवासी परिवारों के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का संरक्षण किया जाए। विस्थापन के बाद परिवारों को केवल एकमुश्त राशि देकर छोड़ने के बजाय दीर्घकालीन पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पैकेज दिया जाए। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास व्यवस्था हो। पुनर्वास के बाद भी कई वर्षों तक सरकार द्वारा निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था कायम रखी जाए। *सरकार को क्या करना चाहिए*? बहुजन समाज पार्टी मांग करती है कि सरकार कोंटा ब्लॉक के संभावित प्रभावित सभी गांवों का स्वतंत्र एवं वैज्ञानिक सर्वे कराए और गांववार यह स्पष्ट करे कि कौन-सा क्षेत्र कितना प्रभावित होगा। साथ ही प्रभावित ग्रामीणों के बीच सार्वजनिक बैठकें आयोजित कर उन्हें परियोजना की डूब सीमा, पुनर्वास योजना, मुआवजा, रोजगार और भविष्य की स्थिति की पूरी जानकारी दी जाए। आदिवासी क्षेत्रों में लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों, ग्राम सभा और स्थानीय अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। बहुजन समाज पार्टी का स्पष्ट मत है—विकास जरूरी है, लेकिन विकास ऐसा हो जिसमें स्थानीय जनता उजड़े नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन के साथ आगे बढ़े। कोंटा के लोगों का सवाल केवल यह नहीं है कि “चुनाव कौन जीतेगा?” सवाल यह है कि “जिस जमीन पर पीढ़ियों से लोग रहते आए हैं, उस जमीन और उनके भविष्य की सरकार क्या गारंटी देगी?” बहुजन समाज पार्टी जिला इकाई सुकमा प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और इस विषय को जनहित, न्याय और अधिकारों की लड़ाई के रूप में मजबूती से उठाएगी। श्री सोलोमन गांडा जिला अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी (BSP) जिला सुकमा, छत्तीसगढ़ आज दिनांक 15/ 9/ 2026
पोलावरम डैम को लेकर बहुजन समाज पार्टी की दो टूक—विकास के नाम पर कोंटा के लोगों के अधिकारों से समझौता नहीं पोलावरम डैम को लेकर बहुजन समाज पार्टी की दो टूक—विकास के नाम पर कोंटा के लोगों के अधिकारों से समझौता नहीं सुकमा। बहुजन समाज पार्टी, जिला इकाई सुकमा ने पोलावरम डैम परियोजना को लेकर कोंटा ब्लॉक के संभावित प्रभावित ग्रामीणों के हितों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि यदि परियोजना के कारण कोंटा ब्लॉक के लगभग 17–18 गांवों के डूब या विस्थापन की आशंका है, तो सरकार की पहली जिम्मेदारी वहां के लोगों की जल-जंगल-जमीन, घर, खेती, आजीविका और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा करना है। बहुजन समाज पार्टी का मानना है कि किसी भी बड़ी परियोजना का विरोध केवल विरोध के लिए नहीं होना चाहिए, लेकिन विकास की कीमत स्थानीय आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों को अपना घर-जमीन खोकर नहीं चुकानी चाहिए। प्रभावित परिवारों की सहमति, पारदर्शी सर्वे और न्यायपूर्ण पुनर्वास के बिना कोई भी निर्णय उचित नहीं माना जा सकता। *प्रभावित परिवारों को क्या मिलना चाहिए*? यदि कोंटा क्षेत्र के गांव परियोजना से प्रभावित होते हैं, तो सरकार को प्रत्येक परिवार का पारदर्शी सर्वे कराकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि— प्रभावित परिवारों को भूमि के बदले उचित भूमि अथवा कानून के अनुसार पर्याप्त मुआवजा मिले। प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधा वाली पुनर्वास बस्ती दी जाए। जिन लोगों की खेती और आजीविका प्रभावित होगी, उनके लिए दीर्घकालीन आजीविका एवं रोजगार की व्यवस्था हो। स्थानीय युवाओं को परियोजना से जुड़े रोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जाए। किसानों, भूमिहीन मजदूरों, वनाधिकार धारकों और अन्य वास्तविक प्रभावित परिवारों की अलग-अलग पहचान कर उन्हें उनका उचित अधिकार मिले। आदिवासी परिवारों के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का संरक्षण किया जाए। विस्थापन के बाद परिवारों को केवल एकमुश्त राशि देकर छोड़ने के बजाय दीर्घकालीन पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पैकेज दिया जाए। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास व्यवस्था हो। पुनर्वास के बाद भी कई वर्षों तक सरकार द्वारा निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था कायम रखी जाए। *सरकार को क्या करना चाहिए*? बहुजन समाज पार्टी मांग करती है कि सरकार कोंटा ब्लॉक के संभावित प्रभावित सभी गांवों का स्वतंत्र एवं वैज्ञानिक सर्वे कराए और गांववार यह स्पष्ट करे कि कौन-सा क्षेत्र कितना प्रभावित होगा। साथ ही प्रभावित ग्रामीणों के बीच सार्वजनिक बैठकें आयोजित कर उन्हें परियोजना की डूब सीमा, पुनर्वास योजना, मुआवजा, रोजगार और भविष्य की स्थिति की पूरी जानकारी दी जाए। आदिवासी क्षेत्रों में लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों, ग्राम सभा और स्थानीय अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। बहुजन समाज पार्टी का स्पष्ट मत है—विकास जरूरी है, लेकिन विकास ऐसा हो जिसमें स्थानीय जनता उजड़े नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन के साथ आगे बढ़े। कोंटा के लोगों का सवाल केवल यह नहीं है कि “चुनाव कौन जीतेगा?” सवाल यह है कि “जिस जमीन पर पीढ़ियों से लोग रहते आए हैं, उस जमीन और उनके भविष्य की सरकार क्या गारंटी देगी?” बहुजन समाज पार्टी जिला इकाई सुकमा प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और इस विषय को जनहित, न्याय और अधिकारों की लड़ाई के रूप में मजबूती से उठाएगी। श्री सोलोमन गांडा जिला अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी (BSP) जिला सुकमा, छत्तीसगढ़ आज दिनांक 15/ 9/ 2026
- नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना.... दंतेवाड़ा में नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना। दंतेवाड़ा में तीज पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नदी के तट पर सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तीज माता की पूजा कर आशीर्वाद लिया। नदी किनारे तीज पर्व का उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। वहीं, तीज के अवसर पर नदी तट पर लोगों की चहल-पहल भी बढ़ गई।3
- कोंडागांव: दूरस्थ ग्राम खड़पड़ी में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश कोंडागांव के दूरस्थ ग्राम खड़पड़ी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ और प्रश्न मंच जैसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया और कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण आहार स्टॉल में स्थानीय खाद्य पदार्थों से पौष्टिक भोजन तैयार करने की जानकारी भी दी गई।1
- *✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel *✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel1
- लखनपुरी स्कूल से 290 किलो सरिया चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने पकड़ा 15 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के शासकीय प्राथमिक स्कूल से करीब, 300 किलो लोहे का सरिया चोरी करने वाले ईतवारी मण्डावी उम्र 38 वर्ष निवासी दल्लीराजहरा,हाल लखनपुरी, थाना चारामा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 290 किलो सरिया, पिकअप वाहन और कटर मशीन समेत 4 लाख 38 हजार रुपए की संपत्ति बरामद की। 6 सितंबर को रिपोर्ट के बाद पुलिस ने,100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी कबूल की। सरिया कटर मशीन से काटकर घर में छिपाया गया था। कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक हेमंत मार्गिया, आरक्षक तरुण सिन्हा, भागीरथी मण्डावी और सहायक आरक्षक शंकर खुंटे शामिल रहे।1
- गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और तीज गीतों से सजा अंचल गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर कांकेर। सोलह शृंगार में सजी महिलाएं, हाथों में रची मेहंदी, तीज के पारंपरिक गीत और शिव-पार्वती के जयकारे... हरितालिका तीज पर दुर्गूकोंदल अंचल का माहौल आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। पूजा-अर्चना और रातभर चले भजन-कीर्तन के बाद दूसरे दिन गौर-गौरी विसर्जन के साथ पर्व का पारंपरिक समापन हुआ। दुर्गूकोंदल सहित हाटकोंदल, कोदापाखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीज को लेकर कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने रेत और मिट्टी से शिवलिंग के साथ गौर-गौरी की प्रतीक प्रतिमाएं तैयार कीं। पूजा स्थलों को सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। फल और पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। कड़ू भात के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज को आम बोलचाल में ‘तीजा’ कहा जाता है। पर्व की शुरुआत व्रत से पहले कड़ू भात खाने की परंपरा से होती है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल त्यागकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन हो जाती हैं। दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खासकर नवविवाहित महिलाओं में तीज को लेकर खासा उत्साह रहा। सखी-सहेलियों के साथ महिलाओं ने मिलकर तैयारियां कीं। सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कई जगह रातभर भजन-कीर्तन और तीज के पारंपरिक गीतों का दौर चलता रहा। भोर होते ही शुरू हुआ विसर्जन तीजा के दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे से फुलेरा विसर्जन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। अनुष्ठान पूरा होने के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके बाद गौर-गौरी की प्रतिमाएं और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं नदी एवं तालाबों के किनारे पहुंचीं। विसर्जन के दौरान तीज गीतों और शिव-पार्वती के जयकारों से घाट गूंज उठे। नदी-तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया। नवविवाहित महिलाओं में अपने पहले तीज व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। धार्मिक मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं। सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन गौर-गौरी विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने नदी-तालाब क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हरितालिका तीज ने एक बार फिर अंचल में आस्था, लोकपरंपरा, पारिवारिक जुड़ाव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।1
- नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल1
- त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस-व्यापारी बैठक बाजारों में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग पर चर्चा, पुलिस ने किया पैदल पेट्रोलिंग धमतरी। आगामी त्योहारी सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित रखने पुलिस और व्यापारी संघ की बैठक हुई। एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर एएसपी डीसी पटेल एवं डीएसपी साइबर भानू प्रताप चंद्राकर ने व्यापारियों से यातायात व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए। बाजार क्षेत्रों में बढ़ने वाली भीड़, पार्किंग, प्रमुख चौक-चौराहों और आमजन की सुविधा पर चर्चा हुई। पुलिस एवं व्यापारियों ने आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाए रखने पर सहमति जताई। बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मकई चौक से सदर बाजार होते हुए इतवारी बाजार तक पैदल पेट्रोलिंग की। इस दौरान यातायात दबाव वाले स्थानों का जायजा लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने त्योहारी दिनों में बाजार क्षेत्रों में विशेष निगरानी, आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी करने की बात कही। व्यापारियों से दुकानों के सामने अनावश्यक वाहन खड़े नहीं करने और यातायात व्यवस्था में सहयोग की अपील की गई। बैठक में व्यापारी संघ के पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।1
- कोंडागांव: हड़ेली-बेचा मार्ग निर्माण में देरी पर AAP ने उठाए सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग कोंडागांव में हड़ेली-बेचा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। AAP विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के विधानसभा अध्यक्ष मानसिंग नेताम ने 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच की मांग की है। सड़क की स्वीकृत लागत 817.39 लाख रुपये बताई गई है। AAP ने अधूरे पुल-पुलियों का निर्माण जल्द पूरा कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1